10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के मानक तय करने के लिए कल देहरादून में आयोजित होगी उच्चस्तरीय बैठक, विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव।


 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन के मानक तय करने के लिए राज्य स्तर पर गठित की गई समिति कि कल देहरादून में उच्च स्तरीय बैठक होगी जिसमें बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए अंतिम रूप से मानक तय किए जाएंगे। इस आशय की जानकारी अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने  मंडल स्तरीय ऑनलाइन बैठक में अनुभवी प्रधानाचार्यो, शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों से म्यूल्यांकन हेतु सुझाव लेने के दौरान दी है। बैठक में उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद के अपर सचिव बृजमोहन सिंह रावत ने मूल्यांकन को लेकर बोर्ड की अभी तक की तैयारियों को संक्षेप में बैठक में प्रस्तुत किया।

अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा एमएस बिष्ट ने विगत शनिवार को मंडल के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और अनुभवी अधिकारियों के साथ बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन पर मंथन करने और सुझाव लेने के लिए ऑनलाइन बैठक आयोजित की थी। आज एक बार फिर बैठक आयोजित करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण देश भर के शिक्षा परिषदों के साथ ही उत्तराखंड में भी बोर्ड परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी और अब विद्यार्थियों का विभिन्न मानकों पर आधारित मूल्यांकन किया जाना है। उन्होंने कहा है कि मूल्यांकन के लिए सीबीएसई सहित अन्य बोर्डो के मानकों का भी अध्ययन किया जा रहा है और बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए गठित की गई उच्चस्तरीय समिति कि कल देहरादून मैं बैठक आयोजित की जा रही है जिसमें बोर्ड द्वारा भी अपना प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। काफी संभावना है कि मूल्यांकन के लिए कल होने वाली बैठक में अंतिम रूप से मानक तय कर लिए जाएंगे। 

      इससे पहले बैठक में विद्यालय शिक्षा परिषद रामनगर के अपर सचिव बृजमोहन सिंह रावत ने कहा की बोर्ड द्वारा सीबीएसई सहित अन्य शिक्षा परिषदो के मानकों की समीक्षा की गई है और इसके आधार पर 10वीं और 12वीं के मूल्यांकन के लिए कार्य योजना लगभग तैयार कर दी है जिसे कल होने वाली राज्यस्तरीय बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा और अनुमोदन मिलने के बाद से लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के लिए प्रत्येक परीक्षाकेंद्रों में मूल्यांकन समिति का गठन किया जाना है जिसमें प्रधानाचार्य अध्यक्ष, परीक्षा प्रभारी सचिव और समस्त विषय अध्यापक सदस्य नामित होंगे। साथ ही परीक्षा केंद्र पर बोर्ड द्वारा एक पर्यवेक्षक भी तैनात किया जाएगा। कक्षा 10 के लिए मूल्यांकन का आधार कक्षा 9 और कक्षा 10 की विद्यार्थियों की परफॉर्मेंस होगी जबकि कक्षा 12 के बोर्ड मूल्यांकन के लिए कक्षा 10, 11 और 12 की परफॉर्मेंस को आधार बनाया जाएगा। उन्होंने कहा है कि कक्षा 9 और 11 का परीक्षा रिकॉर्ड सभी विद्यालयों में सुव्यवस्थित है और बोर्ड परीक्षाओं के लिए जो मूल्यांकन किया जायेगा वह पूरी तरह से अभिलेखों पर आधारित होगा। अनुमोदन के बाद बोर्ड द्वारा निर्धारित फॉर्मेट परिक्षाकेन्द्रों को भेज दिए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि कक्षा 9 व 11 में विषयाध्यापक इसलिए मूल्यांकन में कठिन मानक अपनाते है ताकि विद्यार्थी बोर्ड कक्षा को अधिक गंभीरता से ले सके, इसका भी बोर्ड मूल्यांकन में ध्यान रखा जाएगा। 

     बैठक में उत्तरकाशी के मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद प्रसाद सिमल्टी ने मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शिता बनाये रखने के लिए अनेक सुझाव दिए है। इस अवसर पर शिक्षक सुशील डोभाल व भगत कंडवाल ने भाषा सहित सभी विषयों में परियोजना कार्य व आंतरिक मूल्यांकन का सुझाव दिया जिसके अपर निदेशक एमएस बिष्ट व उत्तरकाशी के सीईओ विनोद सिमल्टी द्वारा समर्थन किया गया। बैठक में राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी, मंडल अध्यक्ष रविन्द्र राणा, मंत्री हेमंत पैन्यूली, प्रधानाचार्य हरेंद्र सिंह रावत, राम शंकर सिंह, मनमोहन सिंह चौहान, जयदीप रावत, विक्रम चंद्र जोशी, पूनम शर्मा, पूनम राणा आदि ने मूल्यांकन पर अपने सुझाव दिए हैं।

मूल्यांकन हेतु अपने सुझाव नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करें।

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