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Story of MH370: 239 यात्रियों सहित हवा में गायब हुए विमान MH370 को लाखों डॉलर खर्च करने के बाद भी नही ढूंढ पाए कई देश। वर्षों बाद अब ऐसे लगाए जा रहे हैं कयास।

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        किसी विमान को खोजने का यह इतिहास में अब तक का सबसे लंबा अभियान था. इसमें लाखों डॉलर खर्च हुए. इस देश में अन्य देशों, खासकर ऑस्ट्रेलिया ने भी मदद की. इसके बाद भी फ्लाइट MH370 को ढूंढ़ा नहीं जा सका. मलेशियन एयरलाइंस का एक जहाज MH370 8 मार्च, 2014 को हवा में ही गायब हो गया था. महीनों चली इसकी खोज का भी कोई हल नहीं निकला था. मलेशिया के कुआलालंपुर से बीजिंग जा रहा यह विमान जब गायब हुआ, तब इसपर 239 यात्री भी सवार थे.       किसी विमान को खोजने का यह इतिहास में अब तक का सबसे लंबा अभियान था. इसमें लाखों डॉलर खर्च हुए. इस देश में अन्य देशों, खासकर ऑस्ट्रेलिया ने भी मदद की. इसके बाद भी फ्लाइट MH370 को ढूंढ़ा नहीं जा सका अंतत: जून, 2014 में विमान की खोज में लगी सीबेड एक्सप्लोरेशन फर्म ओशियन इनफिनिटी को मलेशिया की सरकार ने वापस बुला लिया था. अपने ऑपरेशन में फेल रहने के चलते मलेशिया सरकार ने कंपनी को पेमेंट भी नहीं दिया था. लेकिन आज भी MH370 का गायब होना किसी रहस्य से कम नहीं है. भारत में पाए जाने वाले 20 हाथियों या 2 ब्लू व्हेल मछलियों के बराबर इस प्लेन का ऐसा गायब होना कि कोई सुराग न मिलना

DIET New Tehri: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी में पीएम श्री स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षकों की तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला हुई संपन्न, मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी सेमवाल और डायट प्राचार्य हेमलता भट्ट ने की इन स्कूलों को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने की अपील

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Orientation program for PM SHRI School's Head & Teachers: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी में पीएम श्री स्कूलों के प्रधानाचार्य और अध्यापकों की तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला संपन्न हुई है। इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी शिवप्रसाद सेमवाल और डायट प्राचार्य हेमलता भट्ट ने जिले के सभी पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाचार्य और शिक्षकों को पीएम श्री योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।     जिले में संचालित प्रत्येक PM SHRI Schhols के प्रधानाचार्य और दो-दो शिक्षकों का जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी DIET New Tehri में तीन दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को विभिन्न प्रशिक्षण मॉडल्स के माध्यम से पीएम श्री योजना का परिचय और उद्देश्य, पीएम श्री विद्यालयों की कार्य योजना, मानसिक स्वास्थ्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और पीएम श्री विद्यालय, डिजिटल शिक्षा, विद्यालय नेतृत्व एवं विकास, आत्मरक्षा कौशल, व्यावसायिक शिक्षा, पीएम श्री विद्यालयों के लिए भौतिक और शैक्षिक गतिविधियों, वित्तीय प्रबंध तथा विद्यालयों के लिए कार्य य

School Innovation Council क्या है?

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SCHOOL INNOVATION COUNCIL (SIC)  शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और AICTE ने देश भर के स्कूलों के लिए स्कूल इनोवेशन काउंसिल कार्यक्रम शुरू किया है। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूलों में नवाचार, विचार, रचनात्मकता, डिजाइन सोच और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है। एसआईसी स्कूली शिक्षा में आउट ऑफ बॉक्स सोच को बढ़ावा देगा जैसा कि राष्ट्रीय नवाचार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कल्पना की गई है।    स्कूलों को SIC वार्षिक कैलेंडर योजना के तहत छात्रों और शिक्षकों के लिए विभिन्न गतिविधियों का संचालन करना होगा। ये गतिविधियाँ स्कूल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नवाचार, विचार और प्रोटोटाइप विकास प्रतियोगिताओं के लिए जमीन तैयार करेंगी। एसआईसी स्कूली छात्रों को और अधिक एक्सपोजर प्रदान करने के लिए उच्च शिक्षा स्तर पर शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल द्वारा स्थापित इनोवेशन काउंसिल के साथ स्कूलों को जोड़ेगा। USER MANUAL FOR ESTABLISHMENT OF SCHOOL INNOVATION COUNCIL Click Here Stepwise instructions for School Innovation Council Registration Click Here UNDERTAKING FORMAT Click Here C.B.S.E CIRCULAR Click

DIET New Tehri: डायट नई टिहरी में पीएम श्री स्कूलों के क्षमता संवर्धन विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला हुई आरंभ

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सीईओ टिहरी, एसपी सेमवाल, पीएम श्री स्कूलों के प्रधानाचार्यों को संबोधित करते हुए DIET New Tehri: डायट नई टिहरी में पीएम श्री स्कूलों के क्षमता संवर्धन विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला हुई आरंभ... Uploading....

SCERT Uttarakhand: कौशलम पाठ्यचर्या पर डायट रुड़की में मास्टर ट्रेनर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने की छात्रों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने की अपील

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निदेशक माध्यमिक शक्षा महावीर सिंह बिष्ट, कौशल पशिक्षण की समीक्षा बैठक लेते हुए। Himwant Educational News: जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान रुड़की में सोमवार के राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कौशलम पाठ्यचर्या पर दो दवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में हरिद्वार जनपद के सभी विकासखंडों से चार-चार मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण लिया है। इस अवसर पर निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने कहा है कि कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों में कौशलम कार्यक्रम के माध्यम से 21वीं सदी के कौशल विकसित किए जाएंगे। उत्तराखंड के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इस सत्र से कौशलम पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल विकसित किए जाएंगे। एससीईआरटी उत्तराखंड के निर्देश पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण सस्थान  रुड़की में मास्टर ट्रेनर्स के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के मौके पर उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट ने सभी मास्टर ट्रेनर्स को अपने-अपने विकासखंड

SCERT Uttarakhand: कौशलम पाठ्यचर्या पर डायट नई टिहरी में मास्टर ट्रेनर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, प्राचार्य हेमलता भट्ट ने की छात्रों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने की अपील

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Himwant Educational News: जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी में मंगलवार के राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कौशलम पाठ्यचर्या पर दो दवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी नौ विकासखंडों से मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण लिया है। यहां से प्रशिक्षण लेने के बाद सभी मास्टर ट्रेनर अपने-अपने विकासखंडों में प्रत्येक विद्यालय से शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। उत्तराखंड के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इस सत्र से कौशलम पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल विकसित किए जाएंगे। एससीईआरटी उत्तराखंड के निर्देश पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण सस्थान नई टिहरी में मास्टर ट्रेनर्स के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के मौके पर डायट प्राचार्य हेमलता भट्ट ने सभी मास्टर ट्रेनर्स को अपने-अपने विकासखंडों में निर्धारित समय पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित करवाने और विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के लिए अपना यथोचित योगदान देने की अपील की है। प्रशिक्षण

NEP 2020 पर डाइट नई टिहरी में आयोजित परिचर्चा में पहुंचे एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. डीपी सकलानी, शिक्षण में स्थानीय शिल्पकारों कलाकारों और विभिन्न पेशेवरों से सहयोग लेने पर दिया जोर

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सीईओ टिहरी एसपी सेमवाल और डायट प्राचार्य हेमलता भट्ट,  एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. डीपी सकलानी का स्वागत करते हुए एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. डीपी सकलानी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विश्व में भारत को अग्रणी स्थान दिलाने के साथ ही भारत के विश्वगुरु बनने का रास्ता भी अग्रसर करेगी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी में NEP 2020 पर आयोजित एक परिचर्चा में उन्होंने विद्यालय स्तर पर शिक्षण को अधिक सार्थक और प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों सहित विभिन्न पेशेवरों का सहयोग लेने की अपील की है।     यहां DIET के सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आयोजित आयोजित चर्चा-परिचर्चा में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. डीपी सकलानी ने कहा कि आज जहां पूरे विश्व में नई शिक्षा नीति आरंभ होने से शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहे है, वहीं अब सभी राज्यों के स्कूलों, महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों का कर्तव्य है कि इस शिक्षा नीति का अध्ययन कर इसके अनुरूप पाठ्यक्रमों को तैयार कर पाठ्य पुस्तकें बच्चों के लिए उपलब्ध करायें। उन्होंने नई शिक्ष

School Education Uttarakhand: चालीस वर्षों की सेवा के बाद शिक्षक लखपत सिंह रावत हुए सेवानिवृत्त, 55 से अधिक आदमखोर गुलदारों को कर चुके है ढेर

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खंड शिक्षा अधिकारी गैरसैंण द्वारा आयोजित विद्यालयों की मासिक बैठक में पूर्व बी०आर०सी० लखपत सिंह रावत द्वारा शिक्षा विभाग में लगभग 40 साल की सेवा के उपरान्त सेवानिवृति के अवसर पर एवं अपने पिता स्व० त्रिलोक सिंह रावत की याद में विकासखंड के माध्यमिक व प्रारम्भिक विद्यालयों को लगभग रूपये 175000 मूल्य की प्रतियोगी परीक्षाओं, इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स, सामान्य ज्ञान, अग्निवीर, इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स, एन०एम०एम०एस०, तर्कशक्ति की पुस्तकें भेंट करके अपनी विदाई को यादगार बनाया है।  लखपत सिंह रावत एक विख्यात शिकारी हैं। जो अब तक 55 नरभक्षी गुलदारों का विधिवत शिकार कर चुके हैं। जो कि प्रख्यात शिकारी जिम कार्बेट के 33 नरभक्षी गुलदारों का विधिवत शिकारों से कहीं अधिक है। लखपत रावत के इस शिक्षाप्रद कार्य हेतु माननीय विधायक अनिल नौटियाल, ब्लाक प्रमुख  शशि सौरियाल, बी०ई०ओ० विनोद सिंह, शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों, शिक्षकों, कार्यालय कार्मिकों ने धन्यवाद ज्ञापित किया और उनके भावी जीवन हेतु शुभकामनायें व्यक्त की हैं।

Inspire Award MANAK: इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम पर 15 मई को आयोजित होगी राज्य स्तरीय ऑनलाइन मीटिंग, अपर निदेशक एनसीईआरटी उत्तराखंड ने दिए प्रतिभाग के निर्देश

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Inspire Award MANAK: इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के अंतर्गत 15 मई को एक राज्य स्तरीय ऑनलाइन मीटिंग का आयोजन किया जाएगा । इसके लिए अपर निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य और खंड शिक्षा अधिकारियों सहित विद्यालयों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। अपने स्कूल के लिए Idea box slip यहां से प्राप्त करें।    इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के अन्तर्गत विद्यालयों में आइडिया बॉक्स लगवाने की प्रगति की समीक्षा तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करने के लिए NIF नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन की टीम के साथ एक राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक के लिए निर्देश जारी करते हुए अपन निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड ने कहा है कि समस्त जूनियर हाई स्कूल / इण्टर कॉलेज में इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम के अन्तर्गत कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों के नवोन्मेषी विचार एकत्र करने तथा तत्पश्चात विद्यालय में आईडिया प्रतियोगिता करवाने के लिये एक आइडिया बाक्स लगवाने हेतू निर्देशित किया गया था। पूर्व में जारी निर्देशों के क

Education System of India MCQ: भारत में शिक्षा प्रणाली और शिक्षा आयोगों से सम्बंधित प्रश्न-उत्तर

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Education System of India, Education Commissions and National Education Policies in India. Education System of India MCQ: प्राचीन काल में भारत में सभी वर्गों को शिक्षा प्राप्ति का अधिकार रहा है। प्राचीन समय में भारत में गुरुकुल पद्धति से शिक्षा दी जाती थी। यह पद्धति अत्यंत कठिन थी परंतु इससे प्राप्त ज्ञान जीवन को बदलने वाला था। आज से लगभग 2700 वर्ष पूर्व भारत के तक्षशिला में विश्व का पहला विश्वविद्यालय स्थापित किया गया था। इसके बाद लगभग 2300 वर्ष पूर्व नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। यह दोनों ही विश्वविद्यालय वेद वेदांग के अतिरिक्त ज्ञान-विज्ञान, तकनीकी, गणित खगोल, भौतिकी, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, नीति शास्त्र, व्याकरण आदि अनेक विषयों के लिए प्रसिद्ध थे। भारत में शिक्षा के स्‍वरूप में बदलाव विदेशी आक्रमणों के साथ ही शुरू हो गया था, कई बार भारत के शिक्षा प्रणाली में बदलाव किया गया। इसमें सबसे ज्‍यादा बदलाव ब्रिटिश हुकूमत के समय आया। स्वतंत्रता के बाद भारत में गठित शिक्षा आयोगों ने भारतीय शिक्षा प्रणाली में अनेक उल्लेखनीय सुधार किए हैं। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयार