APF Summer Camp: अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा आयोजित समर कैंप में शिक्षकों ने सीखी 'कला और नाटक' के जरिए शिक्षण को प्रभावी बनाने की विधा

 अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा हरिद्वार में आयोजित पांच दिवसीय राज्य स्तरीय समर कैंप के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को विभिन्न जिलों से आए करीब 150 शिक्षकों ने 'शिक्षा में कला'  और 'शिक्षा में नाटक' विषयों के अंतर्गत शिक्षण विधाओं के बारे में जानकारियां ली। इस दौरान शिक्षकों ने अनेक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण के विभिन्न आयामों को समझा।

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा हरिद्वार में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान राज्य स्तरीय समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। दिवसीय समर कैंप में उत्तराखंड के लगभग सभी जनपदों के करीब 150 शिक्षक शिक्षिकाएं प्रतिभाग कर रही हैं। समर कैंप के तीसरे दिन आज प्रतिभागी शिक्षकों ने अनेक गतिविधियों के माध्यम से शैक्षिक विधाओं को अधिक प्रभावी बनाने का कौशल सीख। के पहले सत्र में कला की समझ को बनाने का प्रयास किया गया। दूसरे सत्र में प्रकृति से प्राप्त चीजों से शिक्षकों ने थीम आधारित सृजन का प्रयास किया।  इस दौरान में निर्धारित थीम पर कहानी निर्माण भी किया गया। कर्यक्रम में भाषा के सत्र में बाल साहित्य पर आधारित शिक्षण प्रक्रिया और गतिविधियां क्या हुई इस पर तीन मुद्दों पर बातचीत की गई और अंग्रेजी शिक्षण  में कविता की उपयोगिता पर भी विचार विमर्श हुआ। इसके साथ ही गणित और विज्ञान विषयों पर भी प्रभावी ढंग से शिक्षण की विधाओं पी चर्चा हुई। Touch Here to join 'Himwant Live (Educational News)' Community group.

कार्यक्रम में टिहरी जिले से सरोज बाला सेमवाल, कंचन बाला उनियाल, सरोजनी रावत, तेजोमही बधानी, पद्मलता सेमवाल, पिंकी कर्णवाल ,ह्र्दयराम अंथवाल, हेमंत चौकियाल, उमादत्त नौटियाल, रुद्रप्रयाग से रजनी गोसाई, रजनी सजवाण, हरिद्वार से अरूणा, रुद्रप्रयाग से विनीता बिष्ट, दिगंबर राणा, उत्तरकाशी से जगदीश रावत, सिद्धार्ध बधानी, उर्मिला, पौड़ी से दिनेश कुमार आदि उपस्थित रहे। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संदर्भदाताओं में बागेश्वर से विजय नौटियाल, चमोली से जगमोहन चोपता, टिहरी से प्रमोद पैन्यूली, अवनीश, आजम मयंक, प्रतिभा, अल्मोड़ा से गोकुल फुलेरा पौड़ी से गणेश बलोनी ,रुद्रप्रयाग से रजनीश बहुगुणा ,कल्पना बिष्ट उत्तरकाशी से दीपक रावत, और लता आदि उपस्थित रहे। 

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