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Kaushalam Curriculum: कौशलम पाठ्यचर्या पर दो दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यशाला राइका बड़कोट में हुई आरंभ, जाखणीधार के हाई स्कूल और इंटर कॉलेज संस्थाध्यक्षों और शिक्षकों ने समझी कौशलम् पाठ्यचर्या की बारीकियां

राजकीय इंटर कॉलेज बड़कोट में विकासखंड जाखणीधार के माध्यमिक विद्यालयों के संस्थाध्यक्षों और शिक्षकों की दो दिवसीय कौशलम पाठ्यचर्या अभिमुखीकरण कार्यशाला आरंभ हुई है। विकासखंड जाखणीधार के सभी 21 हाई स्कूल और इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्यों के लिए आयोजित एक दिवसीय और प्रत्येक विद्यालय से चार शिक्षकों के लिए दो दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यशाला में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए शिक्षक कौशलम पाठ्यचर्या की बारीकियों को समझेंगे।
   राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के निर्देशों पर राज्यभर में इन दिनों राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के तहत कौशलम पाठ्यचर्या पर प्रधानाचार्य और शिक्षकों की अभिमुखीकरण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही है। इन कार्यशालाओं के माध्यम से सभी विद्यालय प्रमुखों और कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं के लिए प्रत्येक विद्यालय से चार शिक्षकों को पाठ्यचर्या पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड जाखणीधार में 28 अगस्त से 31 मार्च तक दो फेरों में कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के प्रथम दिवस आज विभिन्न विद्यालयों के 32 संस्थाप्रमुखों और शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। 
     इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर मनमोहन सिंह कठैत, सुशील डोभाल और बिजेंद्र सिंह ने संस्थाध्यक्षों और शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए उद्यमिता मानसिकता तथा 21वीं सदी  के कौशलों पर विभिन्न गतिविधियों की माध्यम से प्रशिक्षण दिया। मास्टर ट्रेनर्स ने कहा है कि व्यवसायिक शिक्षा को धरातल पर लागू करने के लिए ये आवश्यक है कि बच्चों में उद्यमशील मानसिकता का विकास हो इसके लिए शिक्षकों को बच्चों कि रुचि को पहचान कर उन्हें अपनी रुचि से संबंधित उद्यम के लिए तैयार करना है। वर्तमान में बदलती हुई परस्थितियों में बच्चों में इक्कीसवीं सदी के कौशलों का विकास किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
   कार्यशाला में विभिन्न हाई स्कूल और इंटर कॉलेज संस्थाध्यक्षों के साथ अभिभूखीकरण कार्यशाला के नोडल अधिकारी जय प्रकाश डबराल, बीआरसी बृजपाल सिंह रावत, राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष रजनीश नौटियाल आदि कई शिक्षक मौजूद रहे।

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