विद्यालयी शिक्षा विभाग में 52 प्रशासनिक अधिकारियों को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पदों पर मिली पदोन्नति, 15 दिन के भीतर करना होगा कार्यभार ग्रहण
विद्यालयी शिक्षा विभाग उत्तराखंड ने विभागीय चयन समिति की संस्तुति पर 52 प्रशासनिक अधिकारियों को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पदों पर पदोन्नति दी है। अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा पदमेंद्र सकलानी ने उक्त आशय के निर्देश जारी किए हैं। पदोन्नति पाने वाली सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की पदस्थापना काउंसलिंग के माध्यम से की गई है।
अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा पदमेंद्र सकलानी ने जारी निर्देश में कहा है कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शिक्षा लिपिक वर्ग सेवा नियमावली, 1985 एवं उत्तराखण्ड शासन कार्मिक अनुभाग-2 की अधिसूचना संख्या-153/XXX (2)/2015-3(2) 2010 दिनांक 09 अप्रैल 2015 यथासंशोधित 2016 द्वारा प्रख्यापित उत्तराखण्ड राज्याधीन सेवाओं के अन्तर्गत लिपिक वर्गीय संवर्ग के पदों पर पदोन्नति हेतु पात्रता अवधि का निर्धारण नियमावली, 2015 यथा संशोधित 2016 एवं 2023 में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत गठित विभागीय चयन समिति की संस्तुति पर निम्नांकित प्रशासनिक अधिकारी (वेतनमान ₹ 44900-142400, लेवल-7) को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (राजपत्रित) (वेतनमान ₹ 47600-151100, लेवल-8) के पद पर उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-4 में अंकित कार्यालय/विद्यालय में अस्थायी रूप से पदोन्नति प्रदान करते हुए एतद्वारा पदस्थापित किया जाता है।
1. उक्त पदोन्नति पर पदस्थापना उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम-2017 एवं शासनादेश सं0-124/XXIV-2/21-13(01)/2021 दिनांक 09-07-2021 में दी गयी व्यवस्थानुसार काउंसिलिंग के माध्यम से की गयी है।
2. यह पदोन्नति नितान्त अस्थाई है, जो बिना पूर्व सूचना के किसी भी समय निरस्त की जा सकती है। इस संबंध में यदि कोई न्यायालयी वाद विचाराधीन हो तो यह पदोन्नतियां मा० न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी।
3. पदोन्नति का परित्याग करने वाले कार्मिकों पर उत्तराखण्ड राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति का परित्याग (Forgo) नियमावली, 2024 के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।
4. पदोन्नत कार्मिकों को 15 दिनों के भीतर अपने नवीन पदोन्नत स्थल में कार्यभार ग्रहण करना होगा। यदि संबंधित कार्मिक द्वारा निर्धारित अवधि के अन्तर्गत अपने पदोन्नत स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया जाता है तो पदोन्नति स्वतः निरस्त / समाप्त समझी जायेगी।
5. उक्त पदोन्नति सूची में से यदि कोई कार्मिक निर्धारित अवधि के भीतर कार्यभार मुक्त/कार्यभार ग्रहण नही करता है तो ऐसे कार्मिक के विरूद्ध उत्तराखण्ड राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति का परित्याग (Forgo) नियमावली, 2024 के नियम 4 (2) एवं (3) के प्राविधानानुसार संबंधित कार्यालयाध्यक्ष द्वारा इस आशय का विधिवत् शपथ पत्र प्राप्त कर लिया जाए कि उसे दी गयी पदोन्नति स्वीकार नहीं करना चाहता है और वह भविष्य में पुनः कभी अपनी पदोन्नति की मांग नहीं करेगा। उक्त शपथ पत्र मूल में निदेशालय को उपलब्ध कराया जाए।
6. पदोन्नत कार्मिकों के कार्यभार मुक्त / ग्रहण की अंकना उनके व्यक्तिगत एजूकेशन पोर्टल पर उसी तिथि को अनिवार्य रूप से करते हुए पोर्टल अद्यतन किया जाए।

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