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जाखणीधार ब्लॉक में वेलनेश एम्बेस्डर्स के प्रशिक्षण के पहले दिन शिक्षक दिनेश रावत ने प्रस्तुत की आख्या


 स्कूल हेल्थ प्रोग्राम अंडर आयुष्मान भारत के अंतर्गत वैलनेस एम्बेसडर प्रशिक्षण के प्रथम दिवस दिनांक 26/12/ 2020 को ऑनलाइन प्रशिक्षण गूगल मीट के माध्यम से प्रातः 11:00 बजे आरंभ किया गया, कार्यक्रम के संचालन श्री सुशील डोभाल जी ने किया तथा उनके साथ संदर्भदाता श्री मनमोहन कठैत जी एवं श्री प्रवेश जोशी जी तथा राकेश शाह जी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर डोभाल जी द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण हेतु गूगल मीट लिंक समय पूर्व ही संबंधित प्रशिक्षण ग्रुप में प्रेषित कर दिया था जिससे सभी शिक्षक/ शिक्षिकाएं बिना किसी परेशानी के ऑनलाइन प्रशिक्षण में शामिल हो गए,और सभी शिक्षक साथियों द्वारा ससमय ऑनलाइन प्रशिक्षण को ज्वाइन कर लिया गया, किसी को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई इसके लिए श्री डोभाल जी एवं समस्त प्रशिक्षणदाता टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

*संदर्भदाता श्री मनमोहन कठैतजी* 

कठैत जी द्वारा सभी के ऑनलाइन होने के पश्चात निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया जिस के मुख्य बिंदु निम्न वत रहे  

(1) स्वास्थ्य क्या है 

(2)दिए गए प्रशिक्षण की पृष्ठभूमि का विस्तृत विवरण (3)किशोरावस्था का आशय, उस में होने वाले परिवर्तनो के महत्व इत्यादि पर चर्चा 

(4)किशोरावस्था परिवर्तन को कैसे जन समुदाय विकास में प्रयोग में किया जाए (5)किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तनों/बदलावो का बच्चों के मानसिक शारीरिक विकास पर क्या प्रभाव पड़ता है 

(6)परिवर्तनों के कारण बच्चों के व्यवहार परिवर्तन एवं उसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता है तथा बच्चों को कैसे तैयार किया जाए (7)साथ ही साथ उन्होंने अनेक उदाहरण दिए जिससे संपूर्ण विन्दुओ का स्पष्टीकरण हो गया      

श्री मनमोहन कठैत जी द्वारा बहुत ही प्रभाव पूर्ण एवं साफ शब्दों में प्रशिक्षण दिया गया जिसे सभी प्रशिक्षणार्थियों द्वारा सुना गयाप्रथम सत्र की समाप्ति करते हुए लंच टाइम की घोषणा कर दी गई  

*प्रशिक्षण सत्र -द्वितीय* 

*संदर्भदाता श्री प्रवेश जोशी जी* 

दोपहर बाद एक प्री टेस्ट क्विज का लिंक दिया गया, जिसमें कई बहुविकल्पीय  प्रश्न पूछे गए उसके पश्चात द्वितीय सत्र आरंभ हुआ।

      द्वितीय सत्र श्री जोशी जी द्वारा आरंभ किया गया जिसमें कई एक्टिविटीज के बारे में बताया गया जो निम्नबत है 

(1) किशोरों की किसी क्रिया में उनके भावों को कैसे पहचान की जाए 

(जैसे डर,तनाव,गुस्सा, दया, खुशी, गर्व,इत्यादि )

(2)कई उदाहरणों द्वारा बच्चों की कई क्रियाओं पर चर्चा की गई 

(जैसे सहमत/असहमत, सही/ गलत, उचित/अनुचित इत्यादि) (3) SWOT पर चर्चा नंबर 

(4) विभिन्न उदाहरण द्वारा यह ज्ञात करना की यह किशोरों के यह व्यवहार किस श्रेणी में आता है 

(जैसे संकट,बीमारी या कल्याण) 


*प्रशिक्षण उपसंहार* 

आज के प्रशिक्षण में बहुत ही ज्ञानवर्धक जानकारियां प्राप्त हुई कि किस प्रकार किशोरावस्था में बच्चों के होने वाले मानसिक, शारीरिक,सामाजिक परिवर्तनों को पहचान कर उन्हें जन समुदाय के उपयोग में लगाया जा सके, और उन्हें बुरी आदतों से किस प्रकार दूर रखा जा सके एवं उनके साथ मित्रता पूर्वक व्यवहार कर उनकी समस्याओं को जानकर उन से सामंजस्य स्थापित कर उन्हें प्रगति के पथ पर अग्रसर किया जा सके, ताकि वह देश का भविष्य बन सके अपने परिवार, विद्यालय और अपने क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें 

हमारे सभी प्रशिक्षण दाता मार्गदर्शको द्वारा बहुत ही सरल शब्दों में बहुत ही अच्छा व्याख्यान दिया गया जो कि काबिले तारीफ रहा और साथ ही साथ हमारे सभी प्रशिक्षणार्थियों द्वारा बढ़-चढ़कर दिए गए प्रश्नों का उत्तर दिया गया यदि कोई कार्यवृत्त छूट गया है इसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं 

आप सभी का बहुत अच्छे ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं धन्यवाद 


दिनेश रावत 

राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार 

(ब्लॉक खेल समन्वयक) 

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