NEP 2020: डायट नई टिहरी में भीमल के रेशों से तैयार विभिन्न उत्पादों के कौशल प्रशिक्षण पर संपन्न हुई कार्यशाला।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत कौशल आधारित व्यावहारिक एवं स्थानीय संसाधनों से जुड़ी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में प्राकृतिक रेशों पर आधारित हस्तशिल्प कार्यशाला जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी में संपन्न हुई, जिसमें जनपद टिहरी को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत भीमल के रेशों से विभिन्न प्रकार की सामग्री विकसित करना प्रशिक्षुओं को सिखाया गया।
   कार्यशाला का उद्देश्य प्रशिक्षुओं में स्थानीय प्राकृतिक रेशों से हस्तशिल्प निर्माण की दक्षता विकसित करना, स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा वोकल फॉर लोकल की अवधारणा को सशक्त बनाना है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को भीमल,जूट  एवं अन्य प्राकृतिक रेशों से उपयोगी एवं सजावटी वस्तुएं  जैसे टोकरी, फ्लावर पोट,वॉल हैंगिंग, टी कोस्टर, डोंगा मैट,ट्रे, रस्सियां, डेली यूज के बैग और स्लीपर बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया ।यह कार्यशला विद्यार्थियों में कौशल का विकास का कार्य करेगी।
   कार्यशाला में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों में बीना पुंडीर तथा विमला चौहान भारतीय ग्रामोथान संस्था डालवाला ऋषिकेश द्वारा मार्गदर्शन किया गया। प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला कार्यशाला समापन अवसर पर संस्थान के प्रभारी प्राचार्य देवेंद्र सिंह भंडारी ने दोनों संदर्भदाताओं का धन्यवाद दिया और प्रतिभागियों को इन सब सामग्रियों को बनाने का अभ्यास करते रहने  का सुझाव दिया ।कार्यशाला में कार्यक्रम समन्वयक सीमा शर्मा, डॉ वीर सिंह रावत, डॉ सुमन नेगी, डॉ राजकिशोर, निर्मला सिंह, राजेंद्र बडोनी, विनोद पेटवाल, सुधीर नौटियाल आदि कार्यशाला में उपस्थित रहे।

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