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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 फरवरी को करेंगे परीक्षा पे चर्चा, PPC 2026 में लाइव जुड़ेंगे देश भर के लाखों विद्यार्थी, स्कूलों को करनी होगी यह व्यवस्थाएं


Pariksha Pe Charcha 2026 Date: परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण 6 फरवरी को सुबह 10 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों, टिचर्स और पेरेंट्स से सीधा बातचीत करेंगे। इस बार कार्यक्रम नए अंदाज में देशभर के छात्रों से जुड़ते हुए आयोजित किया जा रहा है। साथ ही, कार्यक्रम को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर लाइव दिखाया जाएगा। इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने राज्य के समस्त विद्यालयों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
  अपर निदेशक एससीईआरटी पद्मेंद्र सकलानी ने कहा है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की 'परीक्षा पे चर्चा' एक अनोखी पहल है, जिसका उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास और सकारात्मकता को बढ़ाना, एवं परीक्षा के तनाव को कम करने के साथ-साथ उनके परीक्षा के अनुभव को बेहतर बनाना और परीक्षा के समय को एक उत्सव के रूप में मनाना है। यह कार्यक्रम, पिछले कुछ वर्षों से एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन बन गया है, जिसमें देश भर के छात्रों, माता-पिता और शिक्षकों ने अभूतपूर्व रूप से भाग लिया है। इसी क्रम में सचिव, स्कूली शिक्षा साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के पत्र संख्याः D.O. No. 2-6/2025-PPC दिनांक 01 फरवरी, 2026 एवं संयुक्त सचिव स्कूली शिक्षा साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार पत्र संख्याः D.O. No. 2-6/2025-PPC दिनांक 03 फरवरी, 2026 के माध्यम से निर्देशित किया गया है कि-
1. मा० प्रधानमंत्री जी की बातचीत कक्षा 6 से ऊपर के विद्यार्थियों के साथ होगी। परीक्षा पे चर्चा (PPC 2026) के 9वें संस्करण का मुख्य कार्यक्रम 06 फरवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे प्रसारित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का प्रसारण विभिन्न सोशल मीडिया (YouTube, Facebook Live आदि), दूरदर्शन, PM e-Vidya TV, रेडियो चैनलों और Netflix, Jio Hotstar, Amazon Prime Video जैसे विभिन्न OTT प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। कार्यक्रम देखने का लिंक शीघ्र ही ई-मेल के माध्यम से साझा किया जाएगा।

2. उक्त प्रसारण दिनांक 06 फरवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे से किया जाएगा। परीक्षा पे चर्चा 2026 के प्रसारण का लिंक शीघ्र ही पृथक से उपलब्ध कराया जाएगा।

3. उक्तानुसार प्रसारण को सभी विद्यालयों में कक्षा 6 से आगे के सभी विद्यार्थी लाइव प्रसारण देख सकें एवं सुन सकें, इसके लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

4. यद्यपि अधिकांश विद्यालय टीवी आदि से सुसज्जित हैं और इनमें बिजली कनेक्शन है, यदि इनमें से कोई भी सुविधा किसी स्कूल में उपलब्ध नहीं है, तो यह सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जायेगी ताकि समस्त विद्यार्थी उस दिन मा० प्रधान मंत्री जी के संवाद को देख एवं सुन सकें।

5. आप से अपेक्षा है कि कि प्रत्येक जिले में एक प्रमुख स्थान पर और राजधानी देहरादून में 5-6 स्थानों पर एक बड़ी स्क्रीन लगाई जा सके तो इसकी भी सराहना की जाएगी। अतः तद्नुसार व्यवस्था की जाय। चुने गए स्थान ऐसे हों जो छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों एवं जन समुदाय को आकर्षित करें।

6. कार्यकम टीवी प्रसारण के अलावा, एजुसैट के माध्यम से और इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल इत्यादि) पर भी देखने की सुविधा की व्यवस्था की जा सकती है। बहुत दूर-दराज के क्षेत्रों में जहां टीवी देखने की सुविधा की व्यवस्था संभव नहीं है, वहां रेडियो, ट्रांजिस्टर की व्यवस्था की जा सकती है। जिसके माध्यम से स्कूली बच्चे मा० प्रधानमंत्री की बातचीत सुन सकें।

7. उक्त व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है कि समग्र शिक्षा के तहत उपलब्ध धनराशि का उपयोग सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में टीवी० आदि किराए पर लेने और अन्य व्यवस्थाओं के लिए किया जा सकता है।
8- कार्यक्रम के व्यापक प्रचार प्रसार हेतु भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय के स्तर से निम्नयत प्रमोशनल वीडियो नीचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध है:

https://drive.google.com/file/d/1E13MIB307Ng9-3Cvezo kfDUfFVuU7Ye/view?usp=share link II ध्यातव्य है कि परीक्षा पे चर्चा 2026 एक नए अवतार में आ रहा है। पहली बार, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी कई जगहों पर छात्रों से जुड़ रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ उनकी आम बातचीत एक नए आत्मविश्वास, विचारों की स्पष्टता और परस्पर जुड़ाव के एक राष्ट्रव्यापी पल में बदल रही है। जब छात्रों की बात हर जगह सुनी जाती है और उनकी चिंताओं और परेशानियों को खुद माननीय प्रधानमंत्री संबोधित करते हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ जाता है तथा परीक्षाएँ जीवन का एक सामान्य हिस्सा लगने लगती हैं और सपने सच और करीब लगने लगते हैं।

9. विभिन्न माध्यमों से प्रसारण को देखने / सुनने वाले विद्यार्थियों, विद्यालयों एवं संस्थानों की संख्या का संकलन प्रारूप शीघ्र ही पृथक से प्रेषित किया जाएगा

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