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डायट नई टिहरी में एसएमसी सदस्यों के लिए तीन दिवसीय सन्दर्भदाता प्रशिक्षण मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा और डायट प्राचार्य की मौजूदगी में आज से हुआ आरम्भ।

चेतन प्रसाद नौटियाल, प्राचार्य डायट नई टिहरी 
जनपद टिहरी गढ़वाल में समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों के प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में आज विकासखंड जाखणीधार, भिलंगना और कीर्तिनगर के कुल 72 मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण में प्रतिभाग किया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा तथा डाइट प्राचार्य भी मौजूद रहे।

एसपी सेमवाल, सीईओ टिहरी 
   जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी के सभागार में आयोजित एसएमसी और एसएमङीसी सदस्यों की प्रशिक्षण के लिए तीन दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन विकासखंड जाखणीधार, भिलंगना और कीर्तिनगर के संकुल समन्वयक व प्रत्येक संकुल से एक-एक माध्यमिक शिक्षक ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उल्लेखनीय है कि समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण देकर उन्हें समग्र शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं की जानकारी दी जाती है ताकि विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों का सामुदायिक सहयोग विद्यालय और विद्यार्थियों को मिल सके। इसी उद्देश्य के साथ जनपद टिहरी गढ़वाल में सभी विकासखंडों एवं संकुल स्तर पर 15 नवम्बर से 30 नवम्बर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन तीनों विकासखंडों से आए 72 प्रतिभागियों का डाइट नई टिहरी की टीम द्वारा जोरदार ढंग से स्वागत किया गया।

डायट सभागार में प्रशिक्षणार्थी 
   इस दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी के प्राचार्य चेतन प्रसाद नौटियाल ने कहा है कि प्रत्येक बच्चा परिवार एवं माता-पिता का ही नहीं बल्कि राष्ट्र की भी एक अमूल्य धरोहर होता है बच्चे को अच्छी शिक्षा देना केवल माता-पिता एवं शिक्षकों का ही नही बल्कि समुदाय का भी दायित्व है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उचित मार्गदर्शन के अभाव में आज अनेक बच्चे अपने कदम मादक पदार्थों के सेवन की ओर बढ़ा रहे हैं जो समाज के लिए एक चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे अपने उद्देश्य से ही भटक कर दिशाहीन हो जाए तो निश्चित ही यह विद्यालय और समुदाय की असफलता होगी।

सुदर्शन सिंह बिष्ट, डीईओ (प्रारंभिक शिक्षा)
    इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी सेमवाल ने शिक्षकों के अनेक नवाचारी प्रयोगों के उदाहरण प्रस्तुत कर मास्टर ट्रेनर्स को समुदाय का सहयोग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपने सेवित क्षेत्र के लोगों के प्रति संवेदनशील एवं व्यवहार कुशल होने की आवश्यकता है और जब तक शिक्षकों का जुड़ाव और लगाव विद्यार्थियों, अभिभावकों और समुदाय से नहीं होगा तब तक विद्यालय परिवार को समुदाय का सहयोग अपेक्षित रूप से नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि केवल भौतिक संसाधनों से ही विद्यालय का विकास नहीं हो सकता बल्कि समुदाय से अमूल्य सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम में पारदर्शिता बरतने का के भी निर्देश दिए हैं।

राजेन्द्र प्रसाद बडोनी, प्रवक्ता डायट नई टिहरी 
    इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा सुदर्शन सिंह बिष्ट ने कहा है की एसएमडीसी और एसएमसी सदस्यों को प्रशिक्षण के दौरान समग्र शिक्षा अभियान से संबंधित सभी योजनाओं की विस्तृत जानकारी के साथ ही उनके दायित्वों की भी जानकारी दी जाय, ताकि वह विद्यालय विकास में अपना उचित योगदान दे सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डायट प्रवक्ता राजेंद्र प्रसाद बडोनी ने विद्यालयों के लिए समुदाय की उपयोगिता मॉड्यूल पर रोचक ढंग से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने विद्यालय के विकास के लिए सहभागिता, विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया है। इस दौरान समग्र शिक्षा योजना के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर डॉ ज्ञान प्रकाश सिलस्वाल ने समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी दी। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर और डाइट के प्रवक्ता दीपक रतूड़ी द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम एवं नई शिक्षा नीति पर आधारित मॉड्यूल को पीपीटी के माध्यम से रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन डायट  प्रवक्ता डॉ वीर सिंह रावत, नरेश चंद्र कुमाई, देवेंद्र राणा आदि ने विभिन्न  मॉड्यूलस पर प्रशिक्षण दिया।

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