Father's day 2023: आज विश्व पिता दिवस है। किसी मित्र ने इस पर कुछ लिखने के लिए कहा है। 'पिता' के लिए क्या लिखूं, 'पिता' की ही लिखावट हूं मैं। पिता का हाथ अगर सर पर रहे तो जीवन की हर मुश्किल से पार पा सकता हूं मैं। अपनी हर परेशानियों को मुस्कराहत में छुपाकर हमें जीवन की हर खुशी के साथ आगे बढ़ने का हौसला देते हैं पिता। पिता के लिए सिर्फ एक ही दिन क्यों, हर दिन उनका है। इनसे ही तो हमारा जीवन है। इनसे ही तो हमारी खुशियां हैं। इनके इस प्यार को शब्दों में पिरोना बहुत मुश्किल है। पिता से मिले संस्कार व उनकी सीख ही हर मुसीबत से निपटने का साहस देती है। उनके बिना जीवन अधूरा है, अस्तित्व अधूरा है। पिता हर बच्चे के जीवन में अनमोल है। 🙏🏻
भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है। इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।

Nice
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