Skip to main content

Uttarakhand CM Balashray Yojana‌: मुख्यमंत्री बालश्रय योजना बनेगी आपदा में अनाथ हुए बच्चों का सहारा, आपदा और दुर्घटना में माता-पिता खोने वाले बच्चों को ऐसे मिलेगा योजना का लाभ, आपदा पीड़ित बच्चों की मदद के लिए आप भी आए आगे

     भारत का हर बच्चा शिक्षित हो और उसकी शिक्षा दीक्षा बिना किसी बाधा की निरंतर चलती रहे, इसके लिए केंद्र सरकार एवं सभी राज्य सरकारें मिलकर पूरी दृढ़ता के साथ बेहद गंभीरता से कार्य कर रही हैं, किंतु दुर्भाग्य से देशभर में विभिन्न प्रकार की आपदाओं में जहां हजारों बच्चे अपना जीवन खो देते है वहीं बड़ी संख्या में बच्चे अनाथ होकर स्कूली शिक्षा की मुख्यधारा से भटकने को मजबूर हो जाते है और न केवल उनकी शिक्षा बाधित हो जाती है बल्कि बाल अधिकारों सहित उनका जीवन तमाम तरह मुसीबतों और कठिनाइयों से घिर जाता है। बच्चे ही हमारे देश का भविष्य हैं इसलिए बच्चों को आपदाओं से बचाए रखना हम सभी का दायित्व है। 
Sushil Dobhal, Editor 'Himwant'
  हाल ही में उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में संपन्न हुई चाइल्ड सेंट्रिक डिजास्टर रिस्क रिडक्शन CCDRR विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण और कार्यशाला से लौटते समय मेरे मन में यह विचार आया कि आपदा पीड़ित ऐसे बच्चों के लिए उत्तराखंड मुख्यमंत्री बालश्रय योजना की जानकारी आप सभी के साथ शेयर करूं, ताकि आपदा में अनाथ हुए बच्चों की स्कूली शिक्षा को इस योजना के माध्यम से निरंतर जारी रखने के लिए हम सब मिलकर प्रयास कर सकें। सभी स्टॉकहोल्डर के आपसी सामंजस्य से उत्तराखंड मुख्यमंत्री बालश्रय योजना Child Centric Disaster Risk Reduction की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।  कृपया पोस्ट के अंत में अपने सुझाव और विचार अवश्य कमेंट करें।
   क्या है उत्तराखंड मुख्यमंत्री बालश्रय योजना (Uttarakhand Mukhyamantri Balashray Yojana‌)
 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने विभिन्न प्रकार की आपदाओं में अपने माता पिता खोने वाले बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए उत्तराखंड मुख्यमंत्री बालश्रय योजना शुरू की है। Uttarakhand Mukhyamantri Balashray Yojana‌ के माध्यम से किसी भी प्रकार की आपदा, महामारी एवं दुर्घटना के कारण अनाथ हुए बच्चों को पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई राज्य सरकार द्वारा निशुल्क करवाई जाएगी। यदि आप Mukhyamantri Balashray Yojana‌ से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करना चाहते हैं तो मेरा यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। मै आपको अपने इस लेख के माध्यम से इस योजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे-इसको शुरू करने का उद्देश्य, लाभ एवं विशेषताएं, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया आदि के बारे में विस्तार से बताने का प्रयास कर रहा हूं। कृपया इस लेख के लिंक को सभी जरूरतमंद बच्चों और उनके अभिभावको तक पहुंचाने का प्रयास करें। 
   Uttarakhand Mukhyamantri Balashray Yojana‌ 
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी सिंह ने मुख्यमंत्री आवास में 5 सितंबर 2022 शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड मुख्यमंत्री बालश्रय योजना को शुरू करने की घोषणा की। इस योजना के माध्यम से राज्य के उन सभी बच्चों की स्कूली शिक्षा (कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक ) की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा करवाई जाएगी जो किसी भी प्रकार की, महामारी, आपदा एवं दुर्घटना के कारण अनाथ हुए हैं। स्कूली शिक्षा की व्यवस्था के साथ-साथ इन बच्चों को किताबें, वर्दी, जूते, मौजें, लिखने पढ़ने की सभी सामग्री और बीमार होने की दशा में दवाइयां आदि भी निशुल्क दी जाएगी। अब Uttarakhand Mukhyamantri Balashray Yojana के माध्यम से किसी आपदा, माहमारी एवं दुर्घटना की वजह से अनाथ हुए बच्चे अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त करने से वंचित नहीं रहेंगे। यह योजना राज्य में पात्र अनाथ बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देगी और उन्हें शिक्षित करने में उत्तराखंड सरकार को सहयोग करेगी। इस प्रकार यह योजना Child Centric Disaster Risk Reduction की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
उत्तराखंड मुख्यमंत्री बालश्रय योजना 2023 का उद्देश्य
Uttarakhand Mukhyamantri Balashray Yojana‌ का मुख्य उद्देश्य उन अनाथ बच्चों को स्कूली शिक्षा प्रदान करना है जो किसी भी प्रकार की महामारी, आपदा एवं दुर्घटना की वजह से अनाथ हुए हैं। इस योजना के माध्यम से इन बच्चों को पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक की स्कूल शिक्षा की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा करवाई जाएगी। इस योजना का यही लक्ष्य है कि उत्तराखंड के अनाथ बच्चे अपने माता-पिता के बिना स्कूल जाने से वंचित न रहे और बिना फीस की चिंता किए बिना निरंतर स्कूल जाकर अपनी शिक्षा को हासिल कर सकें। क्योंकि कई बार देखा गया है कि जब बच्चे अनाथ हो जाते हैं तो वह फीस के कारण निरंतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। लेकिन अब मुख्यमंत्री बालश्रय योजना उत्तराखंड 2023 के माध्यम से आपदा, दुर्घटना एवं महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चे राज्य सरकार की मदद से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे।
Mukhyamantri Balashray Yojana Uttarakhand के लाभ एवं विशेषताएं
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी सिंह द्वारा 5 सितंबर 2022 शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तराखंड मुख्यमंत्री बालश्रय योजना को आरंभ करने की घोषणा की है। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की आपदा, महामारी एवं दुर्घटना के कारण अनाथ हुए बच्चों की स्कूली शिक्षा की व्यवस्था करवाई जाएगी। यानी राज्य सरकार ऐसे सभी बच्चों को कक्षा  एक से लेकर 12वीं कक्षा तक की शिक्षा निशुल्क प्रदान करवाईगी। साथ ही उन्हें किताबें, वर्दी, जूते, मौजें और लिखने पढ़ने की सभी सामग्री भी निशुल्क प्रदान करेगी। यह योजना राज्य में आपदा, महामारी और दुर्घटना के कारण अनाथ हुए बच्चों की स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देगी और उनके भविष्य को उज्जवल बनाएगी।
आपदा पीड़ित बच्चे अब पूरी कर सकेंगे अपनी स्कूली शिक्षा
Uttarakhand Mukhyamantri Balashray Yojana के तहत पात्र अनाथ बच्चे बिना फीस की चिंता किए बिना अपनी स्कूली शिक्षा कर सकेंगे। उत्तराखंड सरकार ऐसे बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास कर रही हैं। यह योजना भी शिक्षा के क्षेत्र में उनका एक सकारात्मक प्रयास ही है।
उत्तराखंड मुख्यमंत्री बालश्रय योजना की आवश्यक शर्तें
  • आवेदक को उत्तराखंड का मूल निवासी होना जरूरी है।
  • केवल किसी आपदा, महामारी एवं दुर्घटना के कारण अनाथ हुए बच्चे ही उत्तराखंड मुख्यमंत्री बालश्रय योजना के तहत आवेदन करने के पात्र हैं।
उत्तराखंड मुख्यमंत्री बालश्रय योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आयु प्रमाण पत्र
  • माता पिता की मृत्यु का प्रमाण पत्र (जिस, आपदा, महामारी, दुर्घटना के कारण मृत्यु हुई हो)
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
 अधिक जानकारी के लिए यहां संपर्क करें
  • Child Helpline- 1098
  • उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग टोल फ्री नंबर - 18001804094
  • राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र: 0135-2710334, 1070 (टोल फ्री)
  • जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र: 1077
  • उत्तराखंड राज्यपाल कल्याण परिषद (0135)2789846

Comments

Post a Comment

पोस्ट पर अपने उपयोगी विचार और सुझाव यहाँ कमेंट करें।

Popular posts from this blog

School prayer: स्कूल के लिए 20 प्रसिद्ध प्रार्थना, जो बना देंगी विद्यार्थियों का जीवन सफल

भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है।    इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।

PPC 2026: स्कूल प्रमुख 31 दिसंबर तक सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पर चर्चा के लिए करवा लें रजिस्ट्रेशन, वरना होगी यह कार्यवाही, SCERT ने जारी किए निर्देश

  PPC 2026 Certificate will be available here from 12th January 2026 . Photographs of various PPC 2026: यहां करें रजिस्ट्रेशन Pariksha Pe Charcha 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के लोकप्रिय कार्यक्रम  Pariksha Pe Charcha 2026  परीक्षा पर चर्चा 2026 के लिए अधिकारियों द्वारा बार बार निर्देशित करने के बाद भी छात्रों का पंजीकरण न किए जाने पर SCERT उत्तराखंड द्वारा सख्त नाराजगी व्यक्त की गई है। निदेशक अकादमी शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल ने शीतकालीन अवकाशों को ध्यान में रखते हुए 31 दिसंबर तक निर्धारक लक्ष्य के अनुसार छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों का पंजीकरण करने  के निर्देश देते हुए राष्ट्रीय महत्व के इस कार्यक्रम में उदासीनता बरतने वाले विद्यालय प्रमुखों पर कार्यवाही की चेतावनी दी है।  Participate Here PPC 2026 Certificate will be available here from 12th January 2026 . Photographs of various activities   सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए  निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल ने कहा है कि परीक्षा पे चर्चा ...

Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के लिए तुरंत कर ले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, इस बार टूट जाएगा पिछला रिकॉर्ड, अब तक हो चुके हैं लाखों रजिस्ट्रेशन

Pariksha Pe Charcha 2026 Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्टूडेंट्स के संवाद के लिए परीक्षा पे चर्चा 2026 PPC 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अगर आप स्टूडेंट, पैरेंट या टीचर है और आपने अभी तक इसके लिए आवेदन नहीं किया है तो आप 11 जनवरी तक ऑफिशियल वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. यह परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण है और भारत सरकार ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू कर दी है। इसबार दो सप्ताह में ही रजिस्ट्रेशन के पिछली बार के सारे रिकॉर्ड टूट चुके है।  PPC 2026: स्कूल प्रमुख 31 दिसंबर तक सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पर चर्चा के लिए करवा लें रजिस्ट्रेशन, वरना होगी यह कार्यवाही, SCERT Uttarakhand ने जारी किए निर्देश- Pariksha Pe Charcha 2026 के लिए कैसे करवाएं रजिस्ट्रेशन? ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान से स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं-  ऑफिशियल वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाएं।  होम पेज पर उपलब्ध 'परीक्षा पे चर्चा 2026' के रजिस्ट्...