बागेश्वर जिले के कमस्यार घाटी के नरगोली गांव निवासी 94 वर्षीय वयोवृद्ध पूर्व सैनिक लाल सिंह रौतेला का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को बागेश्वर में सरयू घाट पर पारंपरिक धार्मिक रीति से संपन्न हुआ। मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र बिशन सिंह रौतेला और मंझले पुत्र दीपक सिंह रौतेला ने दी।
दिवंगत लाल सिंह रौतेला भारतीय सेना के सिग्नल कोर से से सेवानिवृत हुए थे। वे पिछले कुछ दिनों से उम्र संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे और एक सप्ताह से उनकी हालत बिगड़ गई थी। मंझले बेटे दीपक ने उन्हें नरगोली से बेरीनाग अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें हल्द्वानी रेफर किया। हल्द्वानी ले जाने से पहले ही उन्हें हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया। पूर्व सैनिक लाल सिंह का जन्म 25 दिसंबर 1933 को नरगोली गांव में गांवली देवी और रतन सिंह रौतेला के वहां हुआ था।
उन्होंने 1953 में काण्डा हायर सेकेंडरी स्कूल से हाई स्कूल और उत्तीर्ण की। इसके बाद 1956-57 में उन्होंने सेना के सिग्नल कोर में भर्ती होकर देश सेवा का पथ अपनाया। उन्होंने 1962 (भारत-चीन युद्ध) तथा 1965 और 1971 (भारत-पाक युद्ध) में भाग लेकर देश के प्रति अपनी वीरता का परिचय दिया। वे 1977 में सेना से सेवानिवृत्त हुए। लाल सिंह रौतेला अपने पीछे पत्नी कौशल्या रौतेला, पुत्र बिशन सिंह रौतेला, दीपक रौतेला, गणेश रौतेला और दो बेटियों सहित परिवार को छोड़ गए। उनके बड़े दो बेटे बिशन और दीपक शिक्षक हैं, जबकि छोटे बेटे गणेश रौतेला आईटीबीपी में डिप्टी कमांडेंट के पद पर सेवारत हैं और वर्तमान में भारतीय शांति सेना में अफगानिस्तान में तैनात हैं। उनके निधन पर कपकोट के विधायक सुरेश सिंह गड़िया, पूर्व विधायक ललित सिंह फर्खाण, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरोज आर्या, वरिष्ठ पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, जिला पत्रकार जगमोहन रौतेला, ग्राम प्रधान चन्द्रशेखर सिंह रौतेला, पूर्व खंड शिक्षाधिकारी भगवत सिंह रौतेला, पूर्व प्रधानाचार्य मनोहर सिंह रौतेला, वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश रौतेला, क्षेत्र पंचायत सदस्य कविता बोरा, खड़क सिंह खाती सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

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