Uttarakhand School Education: अतिथि शिक्षकों के जनवरी और जून की छुट्टियों के मानदेय पर फिर मंडराए संकट के बादल
राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों के जनवरी और जून की छुट्टियों के मानदेय पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा गए हैं। निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने निर्देश जारी कर दीर्घकालीन अवकाश के दौरान अध्यापन कार्य को औचित्यहीन बताते हुए शासनादेश के अनुसार केवल कार्य के दौरान का मानदेय देने के निर्देश जारी किए हैं।
निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ मुकुल कुमार सती ने के दीर्घकालीन अवकाश के दौरान अतिथि शिक्षकों द्वारा अध्यापन कार्य करने का कोई औचित्य न होने और वर्तमान में माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या अधिक और निरंतर घट रही छात्र संख्या को ध्यान में रखते हुए मानदेय भुगतान को औचित्यहीन बताया है। सोशल मीडिया में यह निर्देश पत्र खूब प्रसारित हो रहा है। जहां अनेक अतिथि शिक्षक इन निर्देशों को लेकर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं वहीं कुछ अतिथि शिक्षक इस पत्र के ही फर्जी होने की संभावना भी व्यक्त कर रहे हैं। विभाग की ओर से जारी निर्देशों को लेकर अनेक शिक्षक भी इस पर मिली जुली प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।
निदेशक डॉ मुकुल कुमार सती के डिजिटल सिग्नेचर से जारी इस पत्र में कहा गया है कि शासन के पत्र संख्या-364271/XXIV/B-1/26-32(01)2024 माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-1 दिनांक 22 जनवरी 2026 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसमें शासन द्वारा अतिथि शिक्षकों को दीर्घकालीन अवकाश अवधि के मानदेय का भुगतान निर्गत शासनादेश दिनांक 22 नवम्बर 2018 में केवल कार्य किये जाने की अवधि का ही वेतन अनुमन्य होने, दीर्घकालीन अवकाश में अध्यापन कार्य कराने का कोई औचित्य न होने तथा वर्तमान में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या अधिक व छात्र संख्या निरन्तर न्यूनतम होने के दृष्टिगत अतिथि शिक्षकों को दीर्घकालीन अवकाश अवधि के मानदेय का भुगतान किये जाने का कोई औचित्य नहीं है के सम्बन्ध में निर्देश दिये गये है।



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