Skip to main content

School Education Uttarakhand: वरिष्ठतम शिक्षक के बजाय कनिष्ठ शिक्षक को विद्यालय का प्रभार सौंपने पर संबंधित संस्थाध्यक्ष पर होगा उत्तरदायित्व का निर्धारण, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) विनोद कुमार ढौंडियाल ने दिए निर्देश

विनोद कुमार ढौंडियाल
जिला शिक्षा अधिकारी प्रा. शि. टिहरी गढ़वाल 
Himwant Educational News: जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा विनोद कुमार ढौंडियाल ने ने जनपद के अंतर्गत संचालित राजकीय विद्यालयों में विद्यालय संचालन की कार्यवाही कराये जाने हेतु प्रधानाध्यापक / प्रभारी प्रधानाध्यापक का उत्तरदायित्व निर्धारित करने और प्रधानाध्यापक प्रभारी प्रधानाध्यापक के विद्यालय से बाहर रहने के दौरान वरिष्ठ अध्यापक को ही विद्यालय संचालन हेतु अधिकृत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि किसी विद्यालय में वरिष्ठतम शिक्षक को छोड़कर कनिष्ठ शिक्षक को विद्यालय संचालन के लिए अधिकृत किया जाता है तो इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित विद्यालय के संस्थाध्यक्ष का होगा। 
राजकीय विद्यालय में अनेक बार जानकारी के अभाव में या यूं कहे की जानकारी होने के बाद भी कई प्रधानाध्यापक अथवा प्रभारी प्रधानाध्यापक अवकाश उपभोग अथवा अन्य प्रयोजन हेतु विद्यालय से बाहर रहने के दौरान विभागीय नियमों के विरुद्ध विद्यालय में वरिष्ठतम शिक्षक के होते हुए भी कनिष्ठ शिक्षक को विद्यालय संचालन का दायित्व सौंप देते हैं। ऐसे में जहां विद्यालय में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है वहीं अनेक अवसरों पर उच्च संदर्भ से पूछने पर विभागीय अधिकारियों को भी असहज होना पड़ता है। विभागीय निर्देशन और पूर्व में जारी शासना देश के अनुसार संस्था अध्यक्ष केवल अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर ही वरिष्ठ शिक्षकों की बजाय कनिष्ठ शिक्षकों को विद्यालय संचालन के लिए अधिकृत कर सकते हैं।
     जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा विनोद कुमार ढौंडियाल ने जिले के समस्त उप शिक्षा अधिकारियों को जारी अपने निर्देशों में कहा है कि निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखण्ड ननूरखेड़ा देहरादून के पत्रांकःप्रा०शि०-दो (2)/विविध-2022/14833-35/2022-23 दिनाँक 21 दिसम्बर 2023 के द्वारा अवगत कराया गया है कि सी.एम. हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक GE (C) 11479/XXXV-2(1) दिनाँक 09 नवम्बर 2023 के द्वारा संदर्भित शिकयत में राजकीय विद्यालयों में वरिष्ठ के स्थान पर कनिष्ठ अध्यापकों द्वारा विद्यालय संचालन किये जाने के सम्बन्ध में शिकायत करते हुए सकारात्मक कार्यवाही कराये जाने का अनुरोध किया गया है। अतः उक्त शिकायती प्रकरण के सम्बन्ध में आपको निर्देशित किया जाता है कि विद्यालय संचालन की कार्यवाही कराये जाने हेतु प्रधानाध्यापक / प्रभारी प्रधानाध्यापक को अधिकृत किया जाएं। विकासखण्ड अन्तर्गत वरिष्ठ अध्यापक को छोड़कर कनिष्ठ अध्यापक को विद्यालय संचालन हेतु अधिकृत किया जाता है तो इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व आपका स्वयं का होगा।
यह हैं प्रभार सौंपने के नियम।
  • राजकीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के किसी भी प्रकार के अवकाश अथवा अन्य प्रयोजन हेतु विद्यालय से बाहर रहने के दौरान विद्यालय के वरिष्ठतम शिक्षक को ही प्रभार सौंपने का नियम है।
  • प्रभार सौंपने के लिए वरिष्ठता का निर्धारण संबंधित पद पर कार्यभार ग्रहण करने की प्रथम तिथि से होता है।
  • नियमानुसार वरिष्ठतम शिक्षक अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर कार्यभार ग्रहण करने से इनकार नहीं कर सकता। ऐसा करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है।
  • संस्थाध्यक्ष यदि बिना युक्तिसंगत कारणों के विद्यालय में वरिष्ठतम शिक्षकों के होते हुए भी कनिष्ठ शिक्षक को विद्यालय संचालन के लिए अधिकृत करता है तो ऐसी दशा में संस्थाध्यक्ष पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है।
  • वरिष्ठतम शिक्षक यदि प्रभार ग्रहण न करने का मंतव्य रखते हुए इस हेतु प्रत्यावेदन सौंपता है तो ऐसी दशा में संबंधित शिक्षक भविष्य में वरिष्ठता के लिए दावा नही कर सकता। यही नहीं, ऐसे वरिष्ठतम शिक्षक को सौंपे गए प्रत्यावेदन के आधार पर भविष्य में पदोन्नति के लिए भी अयोग्य घोषित किया जा सकता है और विभागाध्यक्ष द्वारा आवश्यकतानुसार अनिवार्य सेवा निवृत्ति भी दी जा सकती है।
Conduct rules for Uttarakhand government employees: उत्तराखंड राजकीय कर्मचारियों के लिए यह है आचरण नियमावली.

Leave rules for Uttarakhand Government Servants: उत्तराखंड राजकीय सेवकों के लिए अवकाश नियम




Comments

Popular posts from this blog

School prayer: स्कूल के लिए 20 प्रसिद्ध प्रार्थना, जो बना देंगी विद्यार्थियों का जीवन सफल

भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है।    इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।

PPC 2026: स्कूल प्रमुख 31 दिसंबर तक सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पर चर्चा के लिए करवा लें रजिस्ट्रेशन, वरना होगी यह कार्यवाही, SCERT ने जारी किए निर्देश

  PPC 2026 Certificate will be available here from 12th January 2026 . Photographs of various PPC 2026: यहां करें रजिस्ट्रेशन Pariksha Pe Charcha 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के लोकप्रिय कार्यक्रम  Pariksha Pe Charcha 2026  परीक्षा पर चर्चा 2026 के लिए अधिकारियों द्वारा बार बार निर्देशित करने के बाद भी छात्रों का पंजीकरण न किए जाने पर SCERT उत्तराखंड द्वारा सख्त नाराजगी व्यक्त की गई है। निदेशक अकादमी शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल ने शीतकालीन अवकाशों को ध्यान में रखते हुए 31 दिसंबर तक निर्धारक लक्ष्य के अनुसार छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों का पंजीकरण करने  के निर्देश देते हुए राष्ट्रीय महत्व के इस कार्यक्रम में उदासीनता बरतने वाले विद्यालय प्रमुखों पर कार्यवाही की चेतावनी दी है।  Participate Here PPC 2026 Certificate will be available here from 12th January 2026 . Photographs of various activities   सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए  निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल ने कहा है कि परीक्षा पे चर्चा ...

Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के लिए तुरंत कर ले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, इस बार टूट जाएगा पिछला रिकॉर्ड, अब तक हो चुके हैं लाखों रजिस्ट्रेशन

Pariksha Pe Charcha 2026 Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्टूडेंट्स के संवाद के लिए परीक्षा पे चर्चा 2026 PPC 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अगर आप स्टूडेंट, पैरेंट या टीचर है और आपने अभी तक इसके लिए आवेदन नहीं किया है तो आप 11 जनवरी तक ऑफिशियल वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. यह परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण है और भारत सरकार ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू कर दी है। इसबार दो सप्ताह में ही रजिस्ट्रेशन के पिछली बार के सारे रिकॉर्ड टूट चुके है।  PPC 2026: स्कूल प्रमुख 31 दिसंबर तक सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पर चर्चा के लिए करवा लें रजिस्ट्रेशन, वरना होगी यह कार्यवाही, SCERT Uttarakhand ने जारी किए निर्देश- Pariksha Pe Charcha 2026 के लिए कैसे करवाएं रजिस्ट्रेशन? ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान से स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं-  ऑफिशियल वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाएं।  होम पेज पर उपलब्ध 'परीक्षा पे चर्चा 2026' के रजिस्ट्...