Sunday, June 28, 2020

कोविड-19 के दौरान और उपरांत स्कूली शिक्षा" पर मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी सेमवाल ने शिक्षकों के साथ कि ऑनलाइन परिचर्चा, दिए अनेक उपयोगी सुझाव।

टिहरी के मुख्य शिक्षा अधिकारी शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा है कि मौजूदा दौर में कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी ने जहां मानवीय गतिविधियों को ठहरा दिया है वहीं इसने इंशानो  को बहुत कुछ सीखा भी दिया है। इसका सबसे बड़ा बुरा प्रभाव स्कूली बच्चों के सीखने के क्रम पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि स्कूल बंद रहने के कारण इन दिनों अधिकतर शिक्षक ऑनलाइन शिक्षण के माध्यम को अपना रहे हैं किंतु समझना होगा कि सोशल मीडिया पर वीडियो, फोटोग्राफ अथवा कुछ लिखभेज देना ही ऑनलाइन शिक्षण नही है।
     टाटा ट्रस्ट और हिमोत्थान एडुकेशनल ऐंड स्पोर्ट्स संस्था के द्वारा आयोजित "कोविड-19 के दौरान और उपरांत" विषय पर ऑनलाइन परिचर्चा के दौरान बतौर मुख्य वक्ता सीईओ टिहरी गढ़वाल शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि दिसम्बर 2019 में चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना के कहर ने देखते ही देखते दुनिया के 195 देशों को पूरी तरह अपने प्रभाव में ले लिया। आज कोरोना हमारे सामने एक गम्भीर समस्या है और इसके परिणाम भयावह है। कोरोना पर हम निश्चित ही आने वाले समय मे विजय प्राप्त कर लेंगे किन्तु इसकी भरपाई अगले कई वर्षों तक नही हो पाएगी। उन्होंने मनुष्य और प्रकृति के बीच की अन्तःक्रिया को समझाते हुए कहा कि यह सोचनीय विषय है कि प्रकृति ने कोरोना के माध्यम से केवल मनुष्यों को ही उनकी तमाम गतिविधियों को रोकने को विवश किया हैं जैवमण्डल के अन्य जीवजंतुओं पशु पक्षियों व पेड़पौधों पर इसका कोई भी बुरा प्रभाव नही पड़ा है। 
     उन्होंने कहा कि कोरोना का सबसे बुरा प्रभाव स्कूली बच्चों की शिक्षा दीक्षा पर पड़ रहा है हालांकि अनेक शिक्षक इस दौर में बेहतरीन भूमिका निभा रहे हैं जबकि बड़ी मात्रा में शिक्षक ऑनलाइन टीचिंग के जरिये बच्चों को विषयलाभः दे रहे हैं किन्तु इन दिनों ऑनलाइन शिक्षण का स्वरूप बदल गया है। महज फेसबुक और व्हाट्सएप्प पर पाठ से सम्बंधित वीडियो, फोटो या टेक्स्ट पैराग्राफ लिख भेजना ही ऑनलाइन शिक्षण नही है, लेकिन अधिकतर शिक्षक यही कर रहे हैं। जबकि यह केवल एकतरफा संवाद है और बच्चों का फीडबैक इससे नही मिल पा रहा है। ऑनलाइन शिक्षण तभी सार्थक होगा जब उससे बच्चे की शैक्षिक अभिवृद्धि में कुछ सुधार हो सके।  शैक्षिक वीडियोज बड़ी मात्रा में यूट्यूब सहित स्वयं प्रभा चैनल, दूरदर्शन और दीक्षा चैनल पर भी उपलव्ध हैं। शिक्षकों को मौजूदा हालातों को ध्यान में रखते हुए कुछ अभिनव नवाचारों को शिक्षण में शामिल करना होगा। जूम ऐप पर आयोजित इस ऑनलाइन परिचर्चा में टाटा ट्रस्ट और हिमोत्थान एडुकेशनल एंड स्पोटर्स संस्था से मनीष कुमार झा तथा दुर्गा प्रसाद कंसवाल सहित कई शिक्षक व शिक्षिकाएं शामिल रही।

Friday, June 26, 2020

वैश्विक महामारी के दौर में शिक्षकों, विद्यार्थियों और आमलोगों को हौसला दे रहे हैं अपर निदेशक माध्यमिक, महाबीर सिंह बिष्ट।

वैश्विक महामारी covid-19 के प्रभाव ने जहां आमलोगों को घरों में कैद कर दिया है वही विद्यलयी शिक्षा विभाग के एक अधिकारी सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमो से न केवल शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नौजवानों से संवाद कायम कर बदले हालातों के साथ तालमेल बनाते हुए निरन्तर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहे है। हम बात कर रहे विद्यालयी शिक्षा विभाग में बतौर मंडलीय अपर निदेशक महावीर सिंह बिष्ट की, जो कोरोनाकाल में न सिर्फ शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षण में आधुनिक सूचना तकनीकी का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करते रहे हैं बल्कि स्कूली बच्चों के साथ भी सोशल मीडिया के माध्यम से रूबरू होते हैं। रविबार 28 जून को अपर निदेशक बिष्ट चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी के सैकड़ो शिक्षकों के साथ माइक्रोसॉफ्ट टीम्स ऐप के माध्यम से संवाद कायम करेंगे।
    अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा, गढ़वाल मंडल महावीर सिंह बिष्ट कोरोना वायरस के कारण देशभर में लगाये गए लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर न केवल शिक्षकों को विभिन्न नवाचारों के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षण के लिए प्रेरित करते रहे बल्कि स्कूल कॉलेज बन्द रहने पर चिंतित बच्चों और अभिभावकों को बदले हालातों के साथ तालमेल बनाने की प्रेरणा देते रहे हैं। हाल में  भारत-चीन सीमा पर चीन की करतूत पर उन्होंने सोशल मीडिया पर चीन निर्मित सामान के बहिष्कार की मुहिम शुरू की है जिसको हजारों लोगों का समर्थन मिला है।
     सोशल मीडिया पर शिक्षकों को जारी सन्देश में अपर निदेशक श्री बिष्ट ने कहा है कि कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को बुरी तरह प्रभावित किया है और इसके प्रभाव से हमारा न केवल मिलना जुलना बन्द हुआ है बल्कि आपसी बार्तालाप भी सीमित हो गया है। उन्होंने कहा है कि आपस मे संवाद बनाकर हम मौजूदा हालातों से निपटने के लिए नए और बेहतर तरीके निकाल सकते है। उन्होंने माध्यमिक संवर्ग के शिक्षक शिक्षिकाओं को रविवार 28 जून को 4:30 बजे सांय माइक्रोसॉफ्ट टीम्स ऐप के जरिये आपस मे जुड़कर संवाद बनाने का आवाह्न किया है। रविबार को टिहरी, पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के शिक्षक इस ऐप के जरिये उनके साथ जुड़ेंगे। श्री बिष्ट ने न केवल डाउनलोड करने के लिए ऐप का लिंक भी शेयर किया है बल्कि तकनीकी सहायता के लिए इन चारों जनपदों के तकनीकी विशेषज्ञों के मोबाइल नम्बर भी सार्वजनिक किए है। 
 माइक्रोसॉफ्ट टीम्स ऐप डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें।  Click Here

Sunday, June 21, 2020

योग दिवस पर योगाभ्यास प्रतिभागियों को "हिमवंत" की ओर से दिए जाएंगे ऑनलाइन प्रमाणपत्र।

अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस के अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। योगाभ्यास की फोटो भेजने वाले चयनित प्रतिभागियों को योगा दिवस पर प्रतिभाग के लिए "himwant" webpage की ओर से Online Award/Certificate दिये जा रहे हैं। फोटोग्राफ आज सांय 8:00 बजे तक  व्हाट्सएप्प 9412920543 पर भेजें। कृपया एक से अधिक फोटोग्राफ न भेजें और फोटोग्राफ के साथ अपना परिचय भी अवश्य दें। धन्यवाद। 

Thursday, June 18, 2020

विधायक टिहरी ने दो डिग्री कॉलेज सहित 16 इंटर कॉलेज को दी सेनिटाइजर स्प्रे मशीन और 15-15 लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइड, प्रधानाचार्यो ने व्यक्त किया आभार।

टिहरी विधायक डॉ धनसिंह नेगी ने विकासखण्ड जाखणीधार के अंतर्गत दो डिग्री कॉलेज और 16 इंटर कॉलेजों को सेनिटाइजर मशीन और 15-15 लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइड वितरित किया है। उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार में प्रधानाचार्यों की बैठक लेते हुए उनसे विद्यालयों की प्रमुख समस्याओं की भी जानकारी ली है।
नवल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर टिहरी विधायक अपनी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम सभाओं सहित नई टिहरी और चम्बा नगर पालिकाओं के सभी वार्डो के बाद अब सभी इंटर कॉलेजों को सेनिटाइजर स्प्रे मशीन व छिड़काव के लिए दवा वितरित कर रहे है। इसी क्रम में गतदिवस उन्होंने विकासखण्ड चम्बा के कुल 56 इंटर कॉलेजों व हाईस्कूल को सेनिटाइजर स्प्रे मशीन व 15-15 लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइड वितरित किया। आज प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार और राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश प्रसाद डंगवाल के आग्रह पर विधायक ने विकासखण्ड जाखणीधार के अंतर्गत आने वाले डिग्री कॉलेज नैख़री और पौखाल सहित 16 इंटर कॉलेज व हाईस्कूल के प्रधानाचार्यों को एक एक स्प्रे मशीन व 15-15 लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइड वितरित किया। इस मौके पर विधायक डॉ नेगी ने प्रधानाचार्यो और खण्ड शिक्षा अधिकारी जाखणीधार की बैठक लेते हुए उनसे विद्यालयों की समस्याओं की जानकारी लेते हुए कोविड 19 से पैदा हुए हालातो को ध्यान मे रखते हुए आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार सहित  कई विद्यलयो द्वारा कक्षा कक्षों और फर्नीचर की कमी से विद्यायक को अवगत करवाया गया।  
    इस मौके पर विधायक ने कहा है की कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टनसिंग के साथ ही मास्क का प्रयोग तथा जागरूकता का माहौल बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके संक्रमण को फैलने से रोकने का सबसे सरल उपाय यही है कि हम सार्वजनिक स्थानों पर आवागमन से पूर्व अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर लें। इस दौरान उन्होंने 22 जून से आयोजित होने वाले अवशेष बोर्ड परीक्षाओं की पूर्व तैयारी को लेकर भी खण्ड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाचार्यो से चर्चा करते हुए परीक्षा केंद्र पर स्वच्छता के साथ थर्मल स्कैनिंग, सेनिटाइजर आदि की उचित व्यवस्था के निर्देश दिए है। खण्ड शिक्षा अधिकारी धनबीर सिंह बिष्ट ने बताया कि विकासखण्ड के अंतर्गत सभी परिक्षाकेन्द्रों पर 22 जून से 25 जून तक आयोजित होने वाली अवशेष परीक्षाओं को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। परीक्षा के दौरान सभी शिक्षको व परीक्षार्थियों के लिए मास्क प्रयोग करना अनिवार्य होगा तथा परिक्षाकेन्द्रों पर थर्मल स्कैनर व सेनिटाइजर आदि की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
 विधानसभा क्षेत्र के सभी इंटर कॉलेजों को सेनिटाइजर मशीन व सोडियम हाइपोक्लोराइड उपलव्ध करवाने पर विधायक के इस प्रयास के लिए राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष व इंटर कॉलेज जाखणीधार के प्रधानाचार्य डीपी डंगवाल, प्रवक्ता चंदन सिंह असवाल, सुशील डोभाल, दिनेश रावत, पंकज डंगवाल, शीशराम पालीवाल, डॉ सुनील विष्ट, संजीव नेगी, विजय श्रीवान, दीवान सिंह नेगी, धीरेंद्र मोहन डोभाल, यशपाल राणा, मोहन सिंह पंवार, अरविंद बहुगुणा, रंजीत पंवार आदि  ने विधयक डॉ धनसिंह नेगी का आभार व्यक्त किया है। बैठक में जाखणीधार की पूर्व प्रमुख बेबी असवाल, भाजपा के जिला सचिव उदय सिंह रावत और सामाजिक कार्यकर्ता विनायक उनियाल भी मौजूद थे।

Friday, June 5, 2020

पर्यावरण दिवस पर जिला विज्ञान क्लब व सृजनात्मक शिक्षक समूह द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में स्कूली बच्चों ने चित्रों के माध्यम से व्यक्त की अपनी भावनाएं।

 
 विश्व पर्यावरण दिवस  के अवसर पर जिला विज्ञान क्लब टिहरी गढ़वाल एवं सृजनात्मक शिक्षक समूह द्वारा स्कूली बच्चों के लिए आनलाइन पेंटिंग और ई-क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गयी। COVID-19 एवं इसके बचाव, लाकडाउन का पर्यावरण पर प्रभाव, एवं पर्यावरण संरक्षण पर लगभग 300 छात्र/छात्राओं ने रोचक पेंटिंग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं।
   
    टिहरी जिले में प्रतिवर्ष जिला विज्ञान क्लब और सृजनात्मक शिक्षक समूह द्वारा 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्कूली बच्चों के लिये पर्यावरण संरक्षण पर चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिता आयोजित करवाई जाती है। इस वर्ष कोरोना वायरस के संभावित जोखिम के कारण शिक्षको व छात्र छात्राएं ऑनलाइन शिक्षण के लिए निरन्तर इंटरनेट व सोशल मीडिया में समूहों के माध्यम से आपस मे जुड़े हुए हैं जिसकारण इस बार की प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। खास बात यह रही कि इस बार दूसरे जनपदों के बच्चों ने भी इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में शिरकत की। प्रतियोगिता के संयोजक अलख नारायण दूवे ने बताया कि प्राथमिक, जूनियर, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक से ई-क्विज प्रतियोगिता में 738 और चित्रकला प्रतियोगिता में 300 विद्यार्थियों ने भाग लिया है।  जनपद टिहरी के साथ ही इसमे पौड़ी, देहरादून, हरिद्वार एवं अल्मोड़ा के बच्चों ने काफी उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के लिए बनाए गए whatsapp group में कई शिक्षको के माध्यम से देर सांय तक प्रतिभागी छात्र छात्राओं की प्रविष्टियां भेजी जाती रही। कार्यक्रम के आयोजन पर मुख्य शिक्षा अधिकारी शिव प्रसाद सेमवाल ने आयोजकों की सराहना की है। उन्होंने प्रतिभागी बच्चों को कहा है कि विश्व पर्यावरण दिवस को तब ही सफल बनाया जा सकता है जब हम पर्यावरण का ध्यान रखेंगे. हर व्यक्ति को ये समझना होगा कि जब पर्यावरण स्वच्छ रहेगा तब ही इस धरती पर जीवन संभव है.
       इस प्रतियोगिता में मुख्य रूप से  विनोद कुमार राठौड़, सूर्य कान्त तिवारी, उस्मान अहमद, साजिद खान, कमलेश कुमार जोशी, सुशील डोभाल, पूनम शर्मा (प्रधानाचार्य,हरिश्चन्द्र बालिका विद्यालय ऋषिकेश) डा. मीनाक्षी मिश्रा देहरादून, कमलेश सकलानी, मनोज बहुगुणा, डा. विजय मोहन गैरोला, कुमार गौरव नौटियाल,  संजय लखेड़ा,डॉ अशोक कुमार बडोनी, विनोद कुमार ममगाई, बॉबी प्रकाश श्रीवाल, ताजबर नेगी, गजेंद्र सिंह, आशुतोष सकलानी, विनोद बड़ोनी, मंजू बहुगुणा, शशि जोशी, श्याम सिंह सरियाल (अध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ), लक्ष्मण सिंह रावत (मंत्री राजकीय शिक्षक संघ टिहरी गढ़वाल), अमित शर्मा, डॉ0 रामगोपाल गंगवार, रामाश्रय सिंह, जयराम कुशवाहा, डॉक्टर यू एस रावत, आलोक गौतम, शांति प्रकाश पांडे, देवराज बिष्ट, राजेश चमोली और महावीर प्रजापति सहित कई शिक्षकों ने कार्यक्रम में योगदान देते हुए छात्र छात्राओं को प्रतिभाग के लिए प्रेरित किया।

Thursday, May 21, 2020

मंगेश घिल्डियाल होंगे टिहरी के डीएम। मंगेश को कमान सौपने पर टिहरी के युवाओं ने व्यक्त की प्रसन्नता। कई आईएएस अधिकारियों के हुए तबादले।

आईएएस मंगेश घिल्डियाल, अपनी पत्नी के साथ।
    शासन ने बड़े स्तर पर आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। टिहरी के जिलाधिकारी अब मंगेश घिल्डियाल होंगे। जबकि उनके स्थान पर रुद्रप्रयाग की जिलाधकारी अब आईएएस वंदना होंगी। जानकारी के मुताविक कुल 16 आईएएस अधिकारियों के तबादले किये गए हैं।
      टिहरी के डीएम की कमान शासन ने अभी तक रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी रहे मंगेश घिल्डियाल को सौंपी है, उनके पास टिहरी बांध परियोजना अधिकारी का दायित्व भी रहेगा। मंगेश घिल्डियाल अपनी अनूठी कार्यशैली के लिए जनप्रिय अधिकारियों में शुमार हैं। खासकर उत्तराखंड के युवा उन्हें अपना रोलमॉडल मानते हैं। रुद्रप्रयाग के कार्यरत रहते हुए उन्होंने अनेक सराहनीय कार्यो से अपनी अनूठी कार्यशैली की मिशाल कायम की है। टिहरी की कमान उन्हें सोंपने पर अनेक लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
   आईएएस अधिकारियों के तबादलों और अतिरिक्त कार्यों की इस लिस्ट में आईएएस ओम प्रकाश, आईएएस आनंद वर्धन, आईएएस रमेश कुमार सुधांशु, आईएएस अमित सिंह नेगी, आई ए एस आर मीनाक्षी सुंदरम, आईएएस शैलेश बगौली, आईएएस नितेश कुमार, आईएएस हरवंश सिंह, आईएएस अरविंद सिंह ,आईएएस बृजेश कुमार, आईएएस वी षणमुगम, आईएएस नीरज खैरवाल, आईएएस दीपेंद्र चौधरी, आईएएस वंदना और आईएएस सौरव गहरवार के नाम भी शामिल हैं।

Wednesday, May 20, 2020

टिहरी में कोरोना की दस्तक, जनपद से दूसरा सैम्पल मिला पोजिटिब।

आखिर टिहरी में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। कल जहां जनपद के बडियारगढ़ क्षेत्र में एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया वही आज मुंबई से लौटे एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही राज्य में अभीतक संक्रमित लोगो की संख्या 122 हो गयी है।
आज सामने आया नए केस के साथ ही टिहरी में अभी तक दो लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। गत दिवस बड़ियारगढ़ में लौटे एक प्रवासी व्यक्ति ने संदेह होने पर स्वयं अपनी जांच करवाई तो उसकी रिपोर्ट पोजिटिब आयी, जिसके बाद से उसे श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में आइसोलेटेड कर दिया गया, वहीं दूसरी ओर मुंबई से लौटे एक 25 वर्षीय युवक का ट्रेवल हिस्ट्री के आधार पर   स्वास्थ्य टीम ने सैंपल लेने के बाद एम्स ऋषिकेश भेजा गया था जिसकी रिपोर्ट भी आज पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही टिहरी में कोरोना वायरस की चपेट में आये लोगों की संख्या 2 हो गई है। राज्य में आज कुल 11 नए मामले आए हैं और इनके साथ ही संख्या अब 122 हो गई है। हालांकि अभी तक 68 लोग उपचार के बाद ठीक हो चुके है जबकि 53 लोगों का उपचार चल रहा है। विगत कुछ दिनों में बड़ी मात्रा में देश के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों के लौटने पर अगले कुछ दिन मैं मामलों के बढ़ने की संभावना से इनकार नही किया जा सकता।

Friday, May 15, 2020

कक्षा 7, अंग्रेजी का पाठ "Three Questions" यहाँ पढ़े ऑनलाइन, शिक्षक पंकज डंगवाल के साथ.


Pankaj Kumar Dangwal TGT English
     प्यारे विद्यार्थियों, आशा है की आप सब घरों में रहते हुए लॉकडाउन का पालन कर रहें होंगे और स्कूल के whatsapp समूह में सभी विषयाध्यापकों द्वारा भेजे जा रहे शैक्षिक सामग्री का अध्ययन और दिए जा रहे गृहकार्य को संपन्न कर रहे होंगे. कुछ विद्यार्थी बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं जबकि कुछ बिलकुल उदासीन बने हुए हैं.  यह उदासीनता उचित नही है. लॉकडाउन में आपको काफी समय मिल रहा है और आप इस समय का अपनी पढ़ाई में सदपयोग कर सकते है. आइये, कक्षा 7 की अंग्रेजी की किताब के पाठ-1, "THREE QUESTIONS" को यहाँ पढ़ते हैं और समझते हैं.


Class VII, English
Chapter-1  Three Queestions, (By Leo Tolstoy)
THREE QUESTIONS (तीन प्रश्न ) Part-2
The king turned round and saw a bearded man running towards them. राजा पीछे मुडा और उसने एक दाढ़ी वाले आदमी को अपनी ओर दौडकर आते देखा। His hands were pressed against his stomach, from which blood was flowing. उसने अपने पेट को अपने दोनों हाथों से दबा रखा था और उसके पेट से खून निकल रहा था। When he reached the king he fainted and fell to the ground. जब वह राजा के पास पहुुंचा तो वह मूर्छित होकर जमीन पर गिर गया। The king and the hermit removed the man’s clothing and found a large wound in his stomach. राजा और सन्यासी ने उस व्यक्ति के कपडे उतार कर देखा कि उसके पेट पर एक बड़ा घाव था। The king washed and covered it with his handkerchief, राजा ने उसके घाव को धोया और अपने रुमाल से उसे ढक दिया। but the blood would not stop flowing. परुंतु उसके घाव से खून का लगातार बहना नह़ी रुक रहा था। The king re-dressed the wound until at last the bleeding stopped. राजा ने उसके घाव पर दोबारा पट्ट़ी की जब तक कि खून बहना रुक नह़ीुं गया। The man felt better and asked for something to drink. अब उस आदमी को कुछ आराम महसूस हुआ और उसने पीने के लिए कुछ मांगा। The king brought fresh water and gave it to him. राजा उसके लिए ताजा पानी लेकर आया और उसे पीने को दिया । By this time the sun had set and the air was cool. उस समय तक सूर्य अस्त होने लिए था और हवा ठंडी थी। The king with the hermit’s help carried the wounded man into the hut and laid him on the bed. राजा ने सन्यासी की सहायता से घायल व्यक्ति को सन्यासी की झोपडी के अंदर ले गया और बिस्तर के ऊपर लिटा दिया । The man closed his eyes and lay quiet. उस घायल व्यक्ति ने अपनी आंखें बंद कर ल़ी और चुपचाप लेटा रहा। The king, tired by his walk and the work he had done, राजा जो कि अपने काम और पैदल चलने से थक गया था lay down on the floor and slept through the night. फर्श पर लेट गया और पूऱी रात भर सोया When he awoke, it was several minutes before he could remember where he was or who the strange bearded man lying on the bed was. जब राजा जागा तो कुछ समय तक उसे यह याद नह़ी आया कि वह कहां है और दाढ़ी वाला अजनबी व्यक्ति कौन है जो बिस्तर पर लेटा था
    “Forgive me!” said the bearded man in a weak voice, when he saw that the king was awake. दाढ़ी वाले व्यक्ति ने जब यह देखा कि राजा जाग गया है तो उसने धीमी आवाज में कहा “मुझे क्षमा करें”!
“I do not know you and have nothing to forgive you for,” said the king. राजा ने कहा मैं न तो तुम्हें जानता हूं और ना ह़ी कोई ऐसा कारण है कि जिससे मैं तुम्हें क्षमा करुं।  “You do not know me, but I know you. आप मुझे नह़ी जानते किंतु मैं आपको जानता हूुं । I am that enemy of yours who swore revenge on you, मैं आपका वह़ी शत्रु हूँ जिसने आप से बदला लेने की कसम खाई थी because you put my brother to death and seized my property. क्योंकि आपने मेरे छोटे भाई को मारा था और मेरी संपत्ति जब्त कर ल़ी थी।
I knew you had gone alone to see that hermit, and I made up my mind to kill you on your way home. मैं जानता था कि आप अकेले ह़ी उस सन्यासी को मिलने जा रहे हैं मैंने अपने मन में यह निश्चय किया कि मैं आपको घर वापसी के रास्ते में मार डालूंगा। But the day passed and you did not return. पूरा दिन बीत गया और आप नह़ीं आए । So I left my hiding-place, and I came upon your bodyguard, इसलिए जैसे ह़ी मैं अपने छुपने का स्थान छोडकर बाहर निकला आपके अंगरक्षक ने मुझे देख लिया who recognised me and wounded me. उसने मुझे पहचान लिया और मुझे घायल कर दिया I escaped from him but I should have died if you had not dressed my wounds. मैं उससे बच तो गया परंतु शायद मर ह़ी जाता यदि आप मेरे घाव पर मरहम पट्ट़ी ना करते। I wished to kill you, and you have saved my life. मैं आपको मारना चाहता था किंतु आपने मुझे बचा लिया Now, if I live, I will serve you as your most faithful servant and will order  my sons to do the same. अब यदि मैं जीवित रहा तो मैं आपका सबसे विश्वसनीय सेवक बनकर रहूंगा और अपने पुत्रों को भी ऐसा ह़ी करने का आदेश दूंगा Forgive me!” मुझे क्षमा करें
       The king was very happy to have made peace with his enemy so easily, राजा प्रसन्न था कि उसने अपने शत्रु के साथ इतनी आसानी से दोस्ती कर ल़ी। and to have won him over as a friend. और उसको हमेशा के लिये दोस्त बना लिया He not only forgave him but said he would send his servants and his own doctor to look after him,राजा ने न केवल उसको क्षमा ह़ी किया परंतु कहा कि वह अपने सेवक और चिकित्सक को उसका ध्यान रखने के लिए भेजेगा। and he promised to give back the man his property. साथ ह़ी राजा ने उसे यह वचन भी दिया कि वह उस व्यक्ति की साऱी संपत्ति भी लौटा देगा। Leaving the wounded man, the king went out of the hut and looked round for the hermit. घायल व्यक्ति को झोपड़ी में छोडकर राजा झोपड़ी से बाहर आया और चारों ओर सन्यासी को ढूंढने लगा। Before going away he wished once more to get answers to his questions. वहां से बाहर जाने से पहले वह अपने उन तीनों प्रश्नों का उत्तर जानना चाहता था। The hermit was on his knees sowing seeds in the beds that had been dug the day before. सन्यासी कल की खोद़ी गयी क्यरियों में घुटने के बल बैठकर बीज बो रहा था The king went up to the hermit and said, “For the last time I beg you to answer my questions, wise man.” राजा सन्यासी के पास गया और उसने कहा कि हे बुद्धिमान व्यक्ति मैं आपसे अपने प्रश्नों के उत्तर देने की प्रार्थना करता हूं “You have already been answered!” said the hermit still bending down to the ground and looking up at the king as he stood before him. संन्यासी जो कि अभी तक जमीन पर झुका हुआ था सामने खडे राजा को देख कर कहा, तुम्हें अपने प्रश्नों के उत्तर मिल चुके हैं।
      “How have I been answered? What do you mean?” आपका क्या तात्पर्य है मुझे किस प्रकार उत्तर मिल गए हैं “Do you not see?” replied the hermit. सन्यासी ने उत्तर दिया क्या तुमने नह़ी देखा “If you had not pitied my weakness yesterday and had not dug these beds for me, यदि तुमने मेऱी कमजोऱी पर दया दिखाकर मेरे लिए ये क्यरियां नह़ी खोद़ी होती। you would have gone away. तो तुम चले गए होते। Then that man would have attacked you and you would have wished you had stayed with me. तब यह आदमी तुम पर आक्रमण कर देता और तुम यह सोचते कि यदि मैं आपके पास ह़ी रुक जाता तो अच्छा था। So the most important time was when you were digging the beds. सबसे महत्वपूणि समय वह था जब तुम क्यारियां खोद रहे थे। And I was the most important man, सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति में था। and to do me good was your most important business. और मेरे लिए अच्छा कार्य करना तुम्हारा सबसे महत्वपूर्ण कार्य था Afterwards, when the man ran to us, बाद में जब आदमी हमाऱी ओर दौडता हुआ आया the most important time was when you were caring for him, सबसे महत्वपूर्ण समय वह था जब तुम उसका ध्यान रख रहे थे because if you had not dressed his wounds he would have died without having made peace with youक्योंकि यदि तुम उसके घावों पर मरहम पट्ट़ी न करते तो वह तुमसे मित्रता किये बिना ह़ी मर जाता। So he was the most important man, इसलिए वह महत्वपूर्ण व्यक्ति था and what you did for him was your most important business. और जो तुमने किया वह सबसे महत्वपूर्ण कार्य था।
      “Remember then, there is only one time that is important and that time is ‘Now’. It is the most important time because it is the only time we have any power to act. इसलिए हमेशा याद रखना की सबसे महत्वपूर्ण समय अभी है यह सबसे महत्वपूर्ण समय इसलिए क्योंकि यह़ी केवल वह समय जिसमें हमें कोई भी कार्य करने की शक्ति  होती है। “The most necessary person is the person you are with at a particular moment, for no one knows what will happen in the future and whether we will meet anyone else. सबसे आवश्यक या महत्वपूर्ण व्यक्ति वह है जिसके साथ आप उस क्षण हैं क्योंकि कि कोई नह़ीं जानता कि भविष्य में क्या होगा और हम किससे मिलेंगे । The most important business is to do that person good, because we were sent into this world for that purpose alone.” सबसे अधिक महत्वपूर्ण कार्य है सबके साथ अच्छा व्यवहार करना क्योंकि हमें दुनियां में इसी कार्य के लिए भेजा गया है।
 

Featured post

मिशन कोशिश के अंतर्गत अर्थशास्त्र विषय में पूर्व संबोधों की यहां करें तैयारी

मिशन कोशिश के अंतर्गत अर्थशास्त्र विषय में पूर्व संबोधों की यहां करें तैयारी    PM SHRI Atal Utkarsh Govt. Inter College Jakhnidhar T.G. Sus...