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Showing posts from February, 2020

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डीएलएड शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण और विद्यालयी सौंदर्यीकरण का दिया अनूठा सन्देश।

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राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान की ओर से संचालित D.El.Ed प्रशिक्षण केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार के प्रशिक्षु शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण व विद्यालय सौंदर्यीकरण का बेहतरीन संदेश देते हुए इंटर कॉलेज  को विभिन्न प्रकार के सजावटी पौधे व गमले भेंट किए हैं। विद्यालय के समस्त शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने डीएलएड आवेदकों का आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 से 2019 तकराष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान द्वारा देशभर में प्राइवेट स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए 2 वर्षीय पत्राचार डीएलएड पाठ्यक्रम संचालित किया था और संस्थान की तरफ से राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार को डीएलएड अध्ययन केंद्र बनाया गया था।  इस अध्ययन केंद्र से विभिन्न प्राइवेट व सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं देने वाले 65 अप्रशिक्षित शिक्षकों ने डीएलएड पाठ्यक्रम में शामिल हुए। अध्ययन केंद्र के सह संयोजक व प्रवक्ता सुशील डोभाल ने कहा है कि कि नए नियमों के अनुसार शासकीय और निजी सभी विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है और इसी के चलते देशभर में य

इंटर कॉलेज जाखणीधार से 12वीं के विद्यार्थियों की विदाई की खबर News 18 पर

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         राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार टिहरी गढ़वाल में बारहवीं के बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए किया गया शानदार विदाई समारोह का आयोजन। ग्यारहवीं के बच्चों ने अपने सीनियर्स को जहां भावभीनी विदाई दी वही विदाई लेने वाले विद्यार्थियों ने अपने जूनियर्स को कठोर परिश्रम और अनुशासन के मार्ग पर चलकर निरंतर प्रगति का  दिया संदेश। वीडियो देखने के लिए यहां करें क्लिक।

इंटर कॉलेज जाखणीधार में 12वीं के विद्यार्थियों की हुई शानदार विदाई। शिक्षकों ने दूर किया परीक्षा का भय।

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विदाई समारोह में शामिल 12वीं की छात्राएं    राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार टिहरी गढ़वाल में शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा बारहवीं के बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए शानदार विदाई समारोह का आयोजन किया  इस मौके पर जहां ग्यारहवीं के बच्चों ने अपने सीनियर्स को भावभीनी विदाई दी वही 12 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले बच्चों ने विद्यालय के अपने जूनियर्स को कठोर परिश्रम और अनुशासन के मार्ग पर चलकर निरंतर प्रगति का संदेश दिया। प्रधानाचार्य- दिनेश प्रसाद डंगवाल टिहरी जिले के राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार में आज का दिन स्कूली बच्चों के लिए कुछ खास दिन था। विद्यालय परिवार ने परंपरा के अनुसार कक्षा बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र छात्राओं के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती बन्दना एवं पूजा अर्चना के साथ सभी परीक्षार्थियों को तिलक लगाकर किया गया। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों से आशीर्वाद प्राप्त किया। विदाई समारोह के लिए विद्यालय को शानदार ढंग से सजाया गया था। इस मौके पर ग्यारहवीं के बच्चों द्वारा अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्

लगातार घटती छात्र संख्या के चलते 1400 स्कूलों का होगा जल्दी विलय, शिक्षा मंत्री ने दिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश।

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अरविंद पांडे, विद्यालयी शिक्षा मंत्री उत्तराखंड 10 से काम छात्र संख्या वाले 600 प्राथमिक और एक ही कैंपस में संचालित 830 स्कूलों का विलय किया जाएगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने एक अप्रैल से पहले पहले हर हाल में विलय की कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए हैँ। राज्य में घटती छात्र संख्या के चलते अनेक स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच चुके है। इससे पूर्व करीब 300 स्कूलों को छात्र संख्या के अभाव में बंद किया जा चुका है।      नए शैक्षिक सत्र में नई व्यवस्था से ही पढ़ाई होगी। मंगलबार को सचिवालय में शिक्षा मंत्री ने विभागीय समीक्षा करते हुए कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव के चलते कई स्थानों पर ऐसे स्कूल खुल गए हैं जिनमे छात्र संख्या की कमी के कारण स्कूल संचालक सम्भव नही हो पा रहा है। इन स्कूलों में छात्र संख्या कम होने से शिक्षकों का सदुपयोग नहीं हो रहा। विलय करने पर जहां स्कूलों में छात्र संख्या बढेगी वहीं विलय होने वाले स्कूलों को शिक्षकों को यहां तैनात किया जा सकेगा। मालूम हो कि इससे पहले शिक्षा विभाग करीब 300 स्कूलों का विलय कर चुका है। एक ही कैंपस में अलग अलग च

कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र के विद्यार्थी मांग का अर्थ, नियम एवं आवश्यक तत्व यहां पढ़ें।

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अर्थशास्त्र कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए यहां उपलव्ध है- मांग का अर्थ माँग के आवश्यक तत्व  माँग तालिका  व्यक्तिगत माँग तालिका बाजार माँग तालिका व्यक्तिगत तथा बाजार माँग तालिका में अंतर  माँग वक्र माँग को प्रभावित करने वाले तत्व माँग में परिवर्तन बनाम माँगी गयी मात्रा मेंं  अथवा माँग का विस्तार या संकुचन बनाम माँग में वृद्धि या कमी  माँग नियम के अपवादअथवा  क्या माँग -वक्र ऊपर भी उठ सकता है  माँग का नियम        माँग का अर्थ किसी वस्तु को प्राप्त करने से है। कितुं अर्थशास्त्र में वस्तु को प्राप्तकरने की इच्छा मात्र को माँग नहीं कहते बल्कि अर्थशास्त्र का संबध एक निश्चित मूल्य वनिश्चित समय से होता है। माँग के, साथ निश्चित मूल्य व निश्चित समय होता है। प्रो. मेयर्स – “किसी वस्तु की माँग उन मात्राओं की तालिका होती है। जिन्हें क्रेतागत एक निश्चित समय पर उसकी सभी संभावित मूल्यों पर खरीदने के लिये तैयार होते है। “ माँग के आवश्यक तत्व  माँग कहलाने के लिए निम्न तत्वों का होना आवश्यक है- इच्छा –माँग कहलाने के लिये उपभोक्ता की इच्छा का होना आवश्यक है। अन्यइच्छा की उप

9 वीं में अध्ययनरत बच्चों को इसरो जाने का सुनहरा मौका, युविका 20 प्रोग्राम के तहत यंग साइंटिस्ट बनने के लिए यहां करें आवेदन।

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सुशील डोभाल, संपादक "हिमवंत"       प्रिय विद्यार्थियों व ''हिमवंत'' पाठकों, इस पोस्ट के माध्यम से आपको भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के महत्वकांक्षी कार्यक्रम ''युविका 2020'' के बारे में बताने जा रहा हूँ. यदि आप विज्ञान और विशेषरूप से अन्तरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में रुचि रखते हैं तो यह कार्यक्रम आपके सपनो को साकार कर  सकता है. इसरो ने कक्षा 9 में अध्ययनरत ऐसे बच्चों से यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम के लिए आवेदन मांगे हैं जो विज्ञान में रुचि रखने के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में जिले, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं.      जी हाँ, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने स्कूली छात्रों को अंतरिक्ष की जानकारी और उसकी टेकनोलॉजी समझने के लिए यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम का दूसरा संस्करण शुरू कर दिया है।  इसरो के युवा विज्ञानी कार्यक्रम (युविका) 2020 के लिए 24 फरवरी, 2020 तक www.isro.gov.in पर आवेदन किए जा सकते हैं। यह कार्यक्रम गर्मियों के छुट्टियों के दौरान दो सप्ताह 11 मई से 22 मई 2020 तक चलेगा। आपको बतान

क्या 'नो डिटेंशन पॉलिसी' खत्म करने से सुधर पायेगा शिक्षा का स्तर??

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राकेश पोखरियाल, शिक्षक। शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अनुच्छेद 16 में वर्णित No Detention policy को शिक्षा के स्तर को गिराने वाली व्यवस्था माना जाता रहा है। इसी कारण 22  राज्यों ने शिक्षा का स्तर गिरने की बात कहते हुए इसे समाप्त करने की मांग केंद्र सरकार से की थी। उत्तराखंड में निशुल्क और अनिवार्य  शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत पांचवीं और आठवीं में पास होने की अनिवार्यता अब खत्म हो गई है और इसके साथ ही फेल न करने की नीति को लेकर एकबार फिर बहस शुरू हो गयी है। इस मुद्दे पर पौड़ी गढ़वाल से शिक्षक राकेश पोखरियाल "हिमवंत" के माध्यम से अपने विचार पाठकों तक यहां पहुचाने का प्रयास कर रहे हैं।      संविधान की धारा 21 A के तहत 14 वर्ष तक के बच्चों को प्रदत्त शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अनुच्छेद 16 में उल्लिखित NDP (No Detention Policy) अर्थात कक्षा 8 तक फेल न करने की नीति आजकल चर्चा में है। लोकसभा व राज्यसभा दोनो में इस नीति में संशोधन विधेयक हाल ही में पारित किया गया है। संशोधन के अनुसार राज्य सरकारें इस नीति को दोनों ही रूप में लागू करने हेतु स्वतंत्र हैं। इसके प्रभ

25 फरवरी तक बढ़ाई गयी प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप आवेदन की तिथि। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर ऑनलाइन करना होगा आवेदन।

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उत्तराखंड सरकार प्रदेश के स्थायी निवासी छात्रों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का संचालन करती आ रही है। प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप के अंतर्गत दसवी तक था तथा पोस्ट मैट्रिक योजना में कक्षा 10 से आगे के छात्र आवेदन कर सकते है।  पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं विकलांग छात्र/छात्रा ही ले सकते हैं.  समाज के वंचित तबके को पढ़ाई में मदद करने के लिए राज्य सरकार की इस योजना का लाभ जिला समाज कल्याण अधिकारी के माध्यम से लिया जा सकता है. इन योजनाओं के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 10 फरवरी निर्धारित थी किन्तु बड़ी संख्या में आवेदकों के आवेदन न कर पाने के कारण समाज कल्याण विभाग ने छूटे हुए लाभार्थियों को अंतिम मौका देने के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 25 फरवरी तक बढ़ा  ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जानने के लिए यहां करे क्लिक।  Click Here

उत्तराखंड में कक्षा 5 और 8 में पास होने की गारंटी हुई खत्म, अब पढ़ने वाले बच्चे ही हो सकेंगे पास।

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उत्तराखंड में निशुल्क और अनिवार्य  शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत पांचवीं और आठवीं में पास होने की अनिवार्यता अब खत्म हो गई है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने नियमावली में संशोधन कर पांचवीं और आठवीं की परीक्षा में दक्षता प्राप्त न कर सकने वाले छात्रों को फेल करने की व्यवस्था कर दी है।        उत्तराखण्ड राज्य अब कक्षा 8 तक अनिवार्य रूप से पास करने की व्यवस्था अब खत्म हो चुकी है। पढ़ाई को तवज्जो न देने वाले छात्र छात्रा अब पांचवी और आठवी की परीक्षाओं में पास नही हो पौएँगे। हालांकि फेल होने पर  उनको एक मौका और दिया जाएगा और दो माह में उनकी दोबारा परीक्षा होगी, अगर छात्र उसमें पास नहीं हुआ तो उसे उसी कक्षा में एक वर्ष और पढ़ना होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 13 प्रस्तावों में से 10 को मंजूरी मिली।       शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि प्रदेश मंत्रिमंडल ने केंद्र की तर्ज पर उत्तराखंड निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) नियमावली में बदलाव को मंजूरी दी है। अधिनियम में यह प्रावधान है कि किसी भी स्क

"हिमवंत" में प्रकाशन हेतु अपने मौलिक लेख व रचनाये फोटोग्राफ सहित यहा भेजें।

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विद्यालयों में समय समय पर आयोजित विभागीय कार्यक्रम, विद्यार्थियों व शिक्षकों के नवाचार, मौलिक लेख और रचनाएं आदि "हिमवंत में प्रकाशित करने के लिए 9412920543 पर Whatsapp करें। ई-पत्रिका "हिमवंत" के Whatsapp Group में जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।  "हिमवंत" Whatsapp Group.

टिहरी की शालासिद्धि टीम को मुख्य शिक्षा अधिकारी शिव प्रसाद सेमवाल ने किया सम्मानित। ई-पत्रिका "हिमवंत" की भी जमकर की सराहना।

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शालासिद्धि कार्यक्रम में गत वर्ष शतप्रतिशत विद्यालयों से स्वमूल्यांकन का लक्ष्य प्राप्त करने और राज्य में जनपद टिहरी गढ़वाल को इस कार्यक्रम में प्रथम स्थान पर लाने पर कार्यक्रम के सयोजकों को कृषि मंत्री के प्रतिनिधि पालिकाध्यक्ष नरेंद्रनगर तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने  ई-पत्रिका "हिमवंत" के लिए शिक्षक सुशील डोभाल के प्रयासों सहित बेहतर कार्य करने वाले कई शिक्षकों की सराहना की है। शाला सिद्धि बाह्य मूल्यांकन की प्रक्रिया जानने के लिए यहां करें क्लिक। जनपद स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता के समापन के अवसर पर कृषि मंत्री के प्रतिनिधि व पालिकाध्यक्ष नरेंद्रनगर राजेन्द्र विक्रम सिंह तथा  मुख्य शिक्षा अधिकारी शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर संचालित शालासिद्धि स्वमूल्यांकन कार्यक्रम में टिहरी की टीम द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने पर टिहरी जिले को राष्ट्रिय स्तर पर पहचान मिली है और इसके लिए सीमेंट को राष्ट्रीय स्तर का अवार्ड भी मिल पाया है। उन्होंने शालासिद्धि के जिला प्रभारी मुकेश डोभाल की सराहना करते हुए आशा व्य

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