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Showing posts from July, 2024

School Education Uttarakhand: अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेजों से ट्रांसफर हुए शक्षकों को अग्रिम आदेशों तक कार्यभारमुक्त न करने के यहां जारी हुए निर्देश

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अल्मोड़ा के मुख्य शिक्षा अधिकारी अंबादत बलोदी ने अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेजों से स्थानांतरित हुए शिक्षकों को अग्रिम आदेशों तक कार्यभार मुक्त न करने के निर्देश जारी किए हैं। ट्रांसफर सत्र में पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित अटल उत्कष्ट राजकीय इंटर कॉलेजो से बड़ी संख्या में शिक्षकों के ट्रांसफर होने से शिक्षण कार्य प्रभावित होने की संभावना से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। सीईओ अल्मोड़ा का यह निर्णय अब अन्य जनपदों के लिए भी नजीर बन सकता है।    सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश पत्र में सीईओ अल्मोड़ा ने कहा है कि उपरोक्त करम में विज्ञ है कि वर्तमान सत्र में स्थानान्तरण अधिनियम के अन्र्तगत (स०अ० एल०टी०/ प्रवक्ताओं) के स्थानान्तरण हो रहे हैं। शासनादेशानुसार में अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में स्थानान्तरण के फलस्वरुप शिक्षकों की तैनाती की व्यवस्था नहीं है, अपितु शिक्षक अनुरोध के आधार पर अन्यत्र स्थानान्तरित हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में अनुरोध के आधार पर स्थानान्तरण के फलस्वरुप शिक्षण कार्य अत्यधिक प्रभावित होने की सम्भावना है। जिला अधिकारी महोदय, अल्मोड़ा द्

Tehri Kitab Kauthig: टिहरी किताब कौथिग का अनेक शख्सियतों की मजूदगी में हुआ समापन, विधायक किशोर उपाध्याय और टिहरी के सीईओ एसपी सेमवाल ने किया आभार व्यक्त

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क्रिएटिव उत्तराखंड, भारत ज्ञान विज्ञान समिति और विद्यालयी शिक्षा विभाग की सयुक्त पहल पर आयोजित दो दिवसीय टिहरी किताब कौथिग रविवार को संपन्न हो गया। इस अनोखे कार्यक्रम में देशभर के करीब 60 प्रकाशकों की 70 हजार से अधिक किताबों के साथ ही विज्ञान की गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम मे जहां पद्मश्री बसंती बिष्ट, पद्मश्री माधुरी बर्थवाल और पद्मश्री लबराज सिंह धर्मसत्तू ने अपने अनुभव साझा किए वही गढरत्न नरेंद्र सिंह नेगी सहित अनेक शख्शियतों ने कार्यक्रम हो शानदार बना दिया। कार्यक्रम के संयोजक और टिहरी के मुख्य शिक्षा अधिकारी और क्रिएटिव उत्तराखंड के संथापक हेम पंत ने कार्यक्रम में सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया है।   कार्यक्रम में उत्तराखंड के लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों में सामाजिक मुद्दे, मातृभाषा शिक्षण परिचर्चा आकर्षण का केंद्र रही। मातृभाषा को लेकर आयोजित संवाद परिचर्चा में डॉ. नंद किशोर हटवाल, डॉ. कमला पंत, मुख्य शिक्षा अधिकारी शिव प्रसाद सेमवाल, खजान सिंह ने व्याख्यान दिए। इस मौके पर बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता विजय जड़धारी की पुस्तक उत्तराखंड में पौष्टिक खा

Uttrakhand principal direct recruitment: भारतीय शिक्षा पद्धति से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

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हिमवंत ई-पत्रिका को यहां Follow करें। प्रिय पाठकों, प्राचीन काल से ही भारत में सभी वर्गों को शिक्षा प्राप्ति का अधिकार रहा है। प्राचीन समय में भारत में गुरुकुल पद्धति से शिक्षा दी जाती थी। यह पद्धति अत्यंत कठिन थी परंतु इससे प्राप्त ज्ञान जीवन को बदलने वाला था। आज से लगभग 2700 वर्ष पूर्व भारत के तक्षशिला में विश्व का पहला विश्वविद्यालय स्थापित किया गया था। इसके बाद लगभग 2300 वर्ष पूर्व नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। यह दोनों ही विश्वविद्यालय वेद वेदांग के अतिरिक्त ज्ञान-विज्ञान, तकनीकी, गणित खगोल, भौतिकी, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, नीति शास्त्र, व्याकरण आदि अनेक विषयों के लिए प्रसिद्ध थे। भारत में शिक्षा के स्‍वरूप में बदलाव विदेशी आक्रमणों के साथ ही शुरू हो गया था, कई बार भारत के शिक्षा प्रणाली में बदलाव किया गया। इसमें सबसे ज्‍यादा बदलाव ब्रिटिश हुकूमत के समय आया। स्वतंत्रता के बाद भारत में गठित शिक्षा आयोगों ने भारतीय शिक्षा प्रणाली में अनेक उल्लेखनीय सुधार किए हैं। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां भारतीय शिक्षा प्रणाली और विभिन्न आयोगों पर आधारित लघुउत्त

Tehri Kitab Kauthig: टिहरी किताब कौथिग के पहले दिन पद्मश्री बसंती बिष्ट, पद्मश्री माधुरी बर्थवाल और टिहरी के विधायक किशोर उपाध्याय सहित कई हस्तियों ने किया प्रतिभाग, पहले दिन दर्जनों प्रकाशकों की सैकड़ो किताबों की बिक्री ने बढ़ाया उत्साह।

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नई टिहरी के नगर पालिका सभागार में दो दिवसीय किताब कौथिग आरंभ हुआ है। कार्यक्रम के संयोजक हेम पन्त और दयाल पांडे ने बताया कि नौ सफल आयोजनों के बाद पहली बार किताब कौथिग गढ़वाल मंडल में हो रहा है जिसमें लगभग 60 प्रकाशकों की 50 हजार से अधिक किताबें देखने और खरीदने के लिए उपलब्ध हैं। पहले दिन विभिन्न प्रकाशकों की सैकड़ो किताबों की बिक्री हुई। कार्यक्रम के पहले दिन पद्मश्री माधुरी बर्थवाल और बसंती बिष्ट सहित अनेक विशिष्ट लोगों के कार्यक्रम हुए।  कार्यक्रम में “खतरे में हिमालय” विषय पर विधायक किशोर उपाध्याय, डॉ. एस.पी. सती और सुरेश नौटियाल ने अपने विचार रखे। इस दौरान तीनों वक्ताओं ने पर्यावरणीय संकट को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। कार्यक्रम नागरिक मंच, व्यापार संघ, मैती मिलन परिवार की समस्त टीम और सभी स्कूलों के विद्यार्थियों ने आम जनता के साथ बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। विज्ञान, विश्व साहित्य, धर्म और आध्यात्म, लोकप्रिय साहित्य सहित विभिन्न विधाओं की उपलब्ध किताबों में लोगों ने बहुत रुचि दिखाई। किताबों के अलावा विज्ञान कोना और उत्तराखंड के कलाकारों के हस्तशिल्प स्टॉल भी आकर्षण का केंद्

Tehri Kitab Kauthig: बाल लेखन कार्यशाला में 64 बच्चों ने बनाई हस्तलिखित पुस्तकें, हस्तलिखित पत्रिका टिहरी दर्पण व दीवार पत्रिकाओं का हुआ लोकापर्ण

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Hemlata Bhatt, Principal DIET New Tehri  टिहरी किताब कौतिक के पहले चरण में राजकीय बालिका इंटर कालेज बौराड़ी में अल्मोड़ा से प्रकाशित बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी,भारत ज्ञान विज्ञान समिति, क्रिएटिव उत्तराखंड तथा शिक्षा विभाग टिहरी के संयुक्त तत्वावधान में 15 जुलाई से आयोजित बाल लेखन कार्यशाला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि  जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान टिहरी की प्राचार्य हेमलता भट्ट ने कहा कि मोबाइल संस्कृति के आज के दौर में बच्चे हम बड़ों से अधिक जानते हैं। मोबाइल, कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी के मामले में आज के बच्चे बड़ों से आगे हैं। उनकी प्रतिभा को अवसर दिया जाना समय की जरूरत है।    समारोह की अध्यक्षता करते हुए जिला शिक्षा विनोद कुमार ढौढियाल ने कहा कि गैर शैक्षणिक गतिविधियां बच्चों को मंच प्रदान करती है। उन्होंने  कहा कि बच्चे पुस्तकें नहीं पढ़ रहे हैं, बच्चे मोबाइल से चिपके रहते हैं ऐसा कहकर हम बच्चों को दोष नहीं दे सकते हैं। इसके लिए हम बड़े लोग जिम्मेदार हैं। वक्ताओं ने कहा कि एक साहित्यकार, शिक्षक व साहित्यकार बतौर हम बड़े लोग पुस्तकें पढेंगे, पुस्तकें खरीदकर घर पर ले जाएंगे तो बच्चे जरू

Tehri Kitab Kauthig: मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी सेमवाल ने की 'टिहरी किताब कौथिग' में सहयोग की अपील, देश भर के कई साहित्यकार और प्रकाशक पहुंच रहे हैं टिहरी के इस अनोखे उत्सव में, स्कूली बच्चों को जरूर करवाएं प्रतिभाग

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SP Semwal, CEO Tehri Garhwal  टिहरी के मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी सेमवाल ने आगामी 20 और 21 जुलाई को आयोजित होने वाले 'टिहरी किताब कौथिग' के आयोजन के लिए नगर के शैक्षिक संस्थानों, अभिभावकों, शिक्षकों और आमलोगों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा है कि इस अनोखे कार्यक्रम में जहां स्कूली बच्चों को करियर काउंसलिंग के साथ अपनी प्रतिभाओं को निखारने का मौका मिलेगा वहीं उभरते लेखको और साहित्यकारों को भी एक बेहतर मंच मिल पाएगा।     साहित्य, शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति के उत्सव 'टिहरी किताब कौथिग' में प्रतिभाग करने के लिए देश के कई प्रसिद्ध प्रकाशक और साहित्यकार टिहरी में जुटने शुरू हो गए हैं। इस अनोखे पुस्तक मेले में देशभर के सौ से अधिक साहित्यकार, लेखक, इतिहासकार, कवि, रंगकर्मी और गीतकार टिहरी पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम में जहां 60 से अधिक प्रसिद्ध प्रकाशकों की हजारों पुस्तक पाठकों और आमलोगों के लिए उपलब्ध रहेगी वहीं साहित्यिक परिचर्चा, नेचर वॉक और स्कूली बच्चों के लिए करियर काउंसलिंग के साथ ही काव्य गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम वे आयोजित होंगे।    मुख्य शिक्षा अधिकारी शिवप्रसा

Tehri Kitab Kauthig: स्कूली बच्चों ने सीखी लेखन की बारीकियां, 'बाल-दर्पण' और 'बाल-संसार' का भी हुआ विमोचन, 'किताब कौथिग' के आयोजन को लेकर विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों की यहां संपन्न हुई बैठक

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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बौराड़ी में आयोजित पांच दिवसीय बाल लेखन कार्यशाला के तीसरे दिन बुधवार को दर्जनों स्कूली बच्चों ने अनेक गतिविधियों में प्रतिभाग किया। इस दौरान बाल प्रभारी के संपादक और साहित्यकार उदय किरोला ने जहां बच्चों को रचनात्मक लेखन की अनेक बारीकियों की जानकारी दी वहीं बच्चों ने भी अपनी प्रतिभाओं का बेहतरीन परिचय दिया। इस मौके पर 20 व 21 जुलाई को टिहरी में 'किताब कौथिग' के आयोजन को लेकर विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम के सफल संचालन पर विचार विमर्श कर कार्ययोजना तय की है।  नवाचारी शिक्षकों के  Whatsapp Group  'हिमवंत' पर जुड़ने के लिए यहां टच करें    साहित्य, शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति का उत्सव ‘किताब कौथिग’ का दसवां चरण 20 व 21 जुलाई को नई टिहरी में आयोजित होगा। इस दौरान 'आओ दोस्ती करें किताबों से' विचार के साथ देशभर के 60 प्रकाशकों की करीब 70 हजार पुस्तकें साहित्य प्रेमियों के अवलोकन और खरीद के लिए उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा साहित्यिक विमर्श, कवि सम्मेलन, नेचर वॉक, पुस्तक लोकार्पण और सांस्कृतिक संध्या सहित कई रोचक कार्यक्रम भी होंगे।  क्र

Nanda Gaura Yojna: नंदा गौरा योजना 2023-24 के लिए आवेदन की प्रक्रिया हुई आरंभ, कन्या के जन्म पर 11 हजार और 12वीं पास बालिकाओं को मिलेगी 51 हजार ₹ की धनराशि। पूरी जानकारी और ऑनलाइन आवेदन के लिए इस लिंक पर करें क्लिक

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Nanda Gaura Yojna, Uttarakhand    उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी नंदा गौरा योजना  के लिए पात्र लाभार्थियों के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस योजना के तहत कन्या के जन्म पर जहां 11 हजार की धनराशि दी जाती है तो वहीं बिटिया के 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण कर स्नातक अथवा डिप्लोमा में प्रवेश लेने पर 51 हजार की धनराशि प्रदान की जाती है।       Nanda Gaura Yojna, Uttarakhand  का लाभ लेने के लिए वित्तीय वर्ष-2023-24 से पात्र बालिकाओं को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। कन्या शिशु के जन्म पर आवेदन के लाभ हेतु कन्या के जन्म के 06 माह के अन्दर आवेदन की व्यवस्था है, जिसके तहत पोर्टल पर लगातार आवेदन किये जा रहे हैं। शैक्षिक वर्ष 2023-24 में 12वीं उत्तीर्ण पात्र एवं उच्चशिक्षा में दाखिला लेने वाली पात्र बालिकाओं से वर्तमान वित्तीय वर्ष-2024-25 हेतु आवेदन की ऑनलाइन प्रकिया प्रारम्भ की जा रही है। 12वीं पास बालिकाएं यहां करें आवेदन इस वर्ष जन्म लेने वाली बालिकाओं के अभिभावक यहां करें आवेदन नवाचारी शिक्षकों के  Whatsapp Group  'हिमवंत' पर जुड़ने के लिए यहां टच करें वित्तीय वर्ष-2024-25 में

School Education Uttarakhand: हरिद्वार में खंड शिक्षा अधिकारी को विजिलेंस टीम ने 10 हजार की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार, शिक्षक को जांच में क्लीन चिट देने के नाम पर ली जा रही थी रिश्वत

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काल्पनिक चित्र हरिद्वार में खानपुर के खंड शिक्षा अधिकारी को विजिलेंस ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। एसपी विजिलेंस देहरादून सेक्टर रेणु लोहानी ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी अयजुद्दीन सीएम पोर्टल पर एक शिक्षक की शिकायत की जांच कर रहा था।    आरोपी अधिकारी ने शिक्षक को क्लीन चिट देने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। जिसके बाद शिक्षक ने विजिलेंस से इसकी शिकायत की। शिकायत के बाद टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को रंगेहाथ दबोच लिया। हिंदी दैनिक अमर उजाला से साभार।

Uttrakhand school education: शिक्षा विभाग में शैक्षणिक संवर्ग का होगा त्रिस्तरीय ढांचा, अतिथि शिक्षकों का बढ़ेगा मानदेय और गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को मिलेगी अनिवार्य सेवानिवृत्ति

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विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत शैक्षणिक संवर्ग का नया त्रि-स्तरीय ढांचा बनाया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का भी निर्णय लिया गया है। साथ ही एससीईआरटी का नया ढांचा बनाने व अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ाने पर भी सहमति बनी है।   विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज विद्यालयी शिक्षा निदेशालय स्थित राज्य परियोजना कार्यलय समग्र शिक्षा के सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को शिक्षक संगठनों के साथ वार्ता कर विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक शैक्षणिक संवर्ग का त्रि-स्तरीय ढांचा तैयार करने के निर्देश दिये हैं। जिसके अंतर्गत अब शैक्षणिक संवर्ग में शिक्षकों की तीन श्रेणियां पीआरटी, टीईटी व पीजीटी ही होंगी। 8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों को बजट 2024 में मिलेगा बड़ा तोहफा, NPS के तहत 50% पेंशन गारंटी पर लग सकती है मुहर, बजट में हो सकता है 8वें वेतन आयोग का भी ऐलान डा.

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों को बजट 2024 में मिलेगा बड़ा तोहफा, NPS के तहत 50% पेंशन गारंटी पर लग सकती है मुहर, बजट में हो सकता है 8वें वेतन आयोग का भी ऐलान

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देश में साल 2024 के लिए पूर्ण केंद्रीय बजट 23 जुलाई को लोकसभा में पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश में बनी गठबंधन की सरकार के लिए पहली बार बजट पेश करेंगी. इस बजट में जहां रोजगार, महिला, कृषि और ग्रामीण विकास को फोकस करने की उम्मीद है वहीं केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को लेकर भी बड़ा ऐलान कर सकती है. सरकार से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए NPS पेंशन पर 50 फीसदी गारंटी की घोषणा कर सकती है। इसके साथ ही बजट में 8वें वेतन आयोग का ऐलान भी हो सकता है  NPS पर बनाई गई थी यह कमेटी बता दें कि पिछले साल 2023 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा के बाद वित्त सचिव टीवी सोमनाथन के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया था. इस कमेटी का मकसद नॉन कंट्रीब्यूटरी ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) पर वापस लौटे बिना नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत पेंशन लाभों में सुधार के तरीकों का पता लगाना था. बता दें कि पिछले साल कुछ राज्यों की ओर से पुरानी पेंशन योजना पर वापस लौटने के ऐलान के बाद किया गया था, हालांकि केंद्र सरकार ने वापस लौटने से इनकार कर दिया है. हर महीने मिलेगी इतनी पेंशन केंद्र के लिए 40-

Cyber Security & Awareness: साइबर सुरक्षा और जागरुकता पर DIET नई टिहरी ने तैयार की है यह शोध प्रश्नावली, माध्यमिक शिक्षकों के साथ करें शेयर

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Report by- Sushil Dobhal: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टहरी द्वारा साइबर सुरक्षा और जागरूकता Cyber Security & Awareness पर लघु शोध कार्य के लिए प्रश्नावली तैयार की है जिसमें जिले में कार्यरत राजकीय माध्यमिक शिक्षकों को साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता पर प्रश्न पूछे गए हैं।      जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान टिहरी गढ़वाल की प्राचार्य हेमलता भट्ट ने कहा है कि  DIET की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2024-25 में स्वीकृत कार्यक्रमों में जनपद टिहरी गढ़वाल के सरकारी माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के मध्य Cyber Security & Awareness की जानकारी पर एक लघु शोध अध्ययन किया जा रहा है, इसके लिए संस्थान द्वारा जिले में कार्यरत माध्यमिक शिक्षकों के लिए गूगल फॉर्म पर प्रश्नावली तैयार की गई है। संस्थान की ओर से प्रश्नावली के लिए गूगल फॉर्म का लिंक और क्याूआर कोड भी जारी किया गया है। प्रश्नावली के लिए जारी किए गए लिंक को जनपद के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालय की शिक्षकों में प्रसारित किया जा रहा है। Coding and Artificial intelligence: डायट नई टिहरी में 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्ष

School Education Uttrakhand: गंभीर बीमार इन शिक्षकों को मिल सकती है अनिवार्य सेवानिवृत्ति,

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उत्तराखंड में 111 शिक्षक और शिक्षिकाएं गंभीर बीमारियों से पीड़ित पाए गए हैं। यदि बीमारियों के आधार पर तबादले में छूट मांगने वाले प्रवक्ता कैडर के 229 शिक्षकों को भी इसमें जोड़ लिया जाए तो यह संख्या 340 हो रही है।  निदेशक महावीर सिंह बिष्ट ने बताया कि गढ़वाल और कुमाऊं मंडल से एलटी कैडर के 53 शिक्षकों की लिस्ट मिली है। जबकि प्रवक्ता कैडर में इनकी संख्या 58 है। इन सभी शिक्षकों को राज्य मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। विभाग की योजना है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति (सीआरएस) का लाभ दे दिया जाए। सूत्रों के अनुसार आज समग्र शिक्षा अभियान मुख्यालय में विभागीय समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने इसके निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बीमार शिक्षकों को उपचार की सुविधा मिलनी ही चाहिए। सीआरएस की कार्यवाही में उन्हें वित्तीय हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।