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Showing posts from July, 2020

उत्तराखंड राज्य कर्मचारी और पेंशनर्स ऐसे करें अटल आयुष्मान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन,

सुशील डोभाल  राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कर्मचारियों और पेंशनरों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए डाटा तैयार कर लिया है। योजना में कर्मचारी व पेंशनर के माता-पिता , 25  वर्ष की आयु के बेटा-बेटी ,  विधवा या    तलाकशुदा पुत्री को भी योजना का लाभ मिलेगा। राज्य कर्मचारी और पेंशनर्स अटल आयुष्मान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है. आवेदन के प्रक्रिया को विभिन्न चरणों में यहाँ समझाने का प्रयास कर रहा हूँ. आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपके लिए उपयोगी सावित होगा.     राजकीय कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन आवेदन के प्रक्रिया- कर्मचारी सबसे पहले    Intigrated Financial Management System   पर जाएँ और नीचे बायीं और   Login CTS   पर क्लिक करें ,  आपकी स्क्रीन पर की नयी विंडो खुलेगी जिस पर निर्धारित स्थान पर आपको अपने कर्मचारी कोड और पासवर्ड और कैप्चा कोड लिखना होगा जिससे आप पोर्टल पर लॉग इन होकर अपने  Dashboard  पर पहुँच जायेंगे. अब बायीं और  My Claim  पर क्लिक करें और अंतिम विकल्प    State Government H...

उत्तराखंड में राजकीय कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के शीघ्र बनेंगे 15 लाख गोल्डन कार्ड, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने तैयार किया डाटा.

उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के 15 लाख गोल्डन कार्ड शीघ्र  बनाए जाएंगे। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कर्मचारियों और उनके आश्रितों का डाटा तैयार कर लिया है। सेवारत कर्मचारियों के कार्ड विभागीय डीडीओ (आहरण वितरण अधिकारी) और पेंशनरों के कार्ड कोषाधिकारी कार्यालय से बनेंगे।        राज्य सरकार ने प्रदेश के तीन लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत असीमित खर्च तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी है। इसमें आईपीडी और ओपीडी इलाज दोनों ही शामिल हैं। वहीं, कर्मचारियों और पेंशनरों को इलाज कराने के लिए सरकारी अस्पताल से रेफर करने की शर्त नहीं रहेगी। योजना में इलाज के लिए कर्मचारियों और पेंशनरों को प्रति माह के हिसाब से अंशदान की भी कटौती की जनि है.  राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कर्मचारियों और पेंशनरों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए डाटा तैयार कर लिया है। सभी को मिला कर करीब 15 लाख कार्ड बनाए जाएंगे। योजना में कर्मचारी व पेंशनर के माता-पिता, 25 वर्ष की आयु के बेटा-बेटी, विधवा, तलाकशुदा पुत्री को भी योजना का ल...

शिक्षकों को 31 जुलाई तक स्कूल बुलाने के बजाय घरों से ऑनलाइन पढ़ाने के लिए मानव संशाधन विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों को भेजा पत्र।

मानव संसाधन और विकास मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के शिक्षा सचिवों को पत्र लिखकर 31 जुलाई तक स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को बंद रखने और शिक्षकों को स्कूल बुलाने के बजाय घर से काम करने के लिए कहा है। पत्र में सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों से 50% तक शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को "तत्काल प्रशासनिक कार्य" के लिए स्कूल बुलाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार के लिए भी कहा गया है।   स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की सचिव अनीता करवाल  द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि "गृह मंत्रालय ने अनलॉक 2 पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत यह निर्देश दिया गया है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान 31 जुलाई, 2020 तक बंद रहेंगे और ऑनलाइन / दूरस्थ शिक्षा की अनुमति जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों से घरों से ही ऑनलाइन शिक्षण जारी रखा जाय तथा उन्हें स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षिक संस्थानों में नहीं बुलाया जाय।       पत्र में करवाल ने सभी राज्यों  के  शिक्षा विभाग से अनुरोध किया...

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