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PARAKH Rashtriya Sarvekshan 2024: उत्तराखंड में 4 दिसंबर को आयोजित होगी परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण परीक्षा NAS - 2024, कक्षा 3, 6 और 9 के विद्यार्थियों की इन तीन विषयों में ली जाएगी परीक्षा

Report by- Sushil Dobhal उत्तराखंड के सरकारी और निजी विद्यालयों के नौनिहालों के शैक्षिक स्तर की जांच करने के लिए परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण यानी NAS 2024 परीक्षा का आयोजन 4 दिसंबर को किया जाएगा। परीक्षा के दौरान कक्षा 3, 6 व 9 के विद्यार्थियों की तीन विषयों की परीक्षा ली जाएगी।    कक्षा तीन व छह के विद्यार्थियों की हिन्दी, गणित व पर्यावरण विषय की डेढ़ घंटे व नवीं की हिन्दी, गणित, विज्ञान व सामाजिक में से तीन विषयों की 2 घंटे की परीक्षा होगी। कक्षा तीन व छह में हर विषय के 15 सहित कुल 45 व कक्षा 9 में प्रत्येक विषय के 20 अंक सहित कुल 60 अंकों के प्रश्न-पत्र होंगे। परख सर्वेक्षण ओएमआर आधारित होगा। योजना के तहत परख में जिले की सरकारी व निजी स्कूल शामिल होंगी। स्कूल का चयन परीक्षा से एक-दो दिन पहले एनसीईआरटी डाइस के आधार पर करेगी। विद्यार्थियों का शैक्षिक स्तर पिछली कक्षा के स्तर के प्रश्नों से जांचा जाएगा। जाने, क्या है परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024  PARAKH Rashtriya Sarvekshan 2024  NAS के अंतर्गत पहले कक्षा 3,5,8 का सर्वे किया जाता था और अब  PARAKH Rashtriya Sarveksha...

APAAR ID: आधार के बाद अब स्कूली बच्चों के लिए बनवा लीजिए अपार आईडी, वन नेशन-वन स्टूडेंट आईडी योजना के तहत सरकार जुटाएगी देश भर के छात्रों का डाटा,

रिपोर्ट- सुशील डोभाल, प्रवक्ता अर्थशास्त्र विद्यालयी शिक्षा उतराखंड Himwant Educational News:   लोगों की पहचान का हिस्सा बन चुके आधार कार्ड की तरह ही अब केंद्र सरकार देशभर के सभी छात्रों की पहचान के लिए  APAAR ID लेकर आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री यानी APAAR ID बनाने की योजना तैयार की है. मंत्रालय ने सभी राज्यों को अपार नामांकन प्रक्रिया शुरू करने के लिए छात्रों के अभिभावकों की सहमति लेने के निर्देश दिए है. प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक के सभी छात्रों के लिए अपार आईडी बनाई जा रही है।      जी हां, अब कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों का शैक्षणिक ब्योरा एक क्लिक में देखा जा सकेगा। इसके लिए 12वीं कक्षा तक के बच्चों की अपार आईडी के माध्यम से एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है जिससे छात्रा की पहचान हो सकेगी और उसका पूरा शैक्षिक विवरण एक ही स्थान पर मिल पाएगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए देश के अधिकतर रज्यों  में 30 नवंबर तक वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी योजना के तहत सभी छात्रों की APAAR ID तैयार करने का...

School prayer: स्कूल के लिए 20 प्रसिद्ध प्रार्थना, जो बना देंगी विद्यार्थियों का जीवन सफल

भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है।    इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।

हमारी राष्ट्रीय प्रतिज्ञा – National Pledge In Hindi And English 2022

राष्ट्रीय प्रतिज्ञा (National Pledge In Hindi) राष्ट्र  के प्रति निष्ठा की एक शपथ है। इसे देशभर के विद्यालयों में प्राथना सभा मे बोला जाता है और प्रत्येक विद्यार्थी की पुस्तक के अंतिम या शुरुआती पृष्ठ पर इसे पढा जा सकता है। विशेष रूप से भारत के राष्ट्रीय दिवस यानी गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इसका उच्चारण अवश्य किया जाता है। यह प्रतिज्ञा देश के नागरिकों में छात्रों में राष्ट्रवाद की भावना और एकता बनाए रखने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान एवं भूमिका निभाती है। राष्ट्रीय प्रतिज्ञा किसने लिखी? राष्ट्रीय प्रतिज्ञा  को असल रूप से 1962 में, लेखक  प्यिदीमर्री वेंकट सुब्बाराव द्वारा, तेलुगू भाषा  में रचा गया था और इसका पहला सार्वजनिक पठन 1963 में विशाखापट्टणम के एक विद्यालय में हुआ था, बाद में इसका अनुवाद कर के भारत की सभी अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में इसका प्रसार किया गया। भारत की राष्ट्रीय प्रतिज्ञा हिंदी में

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