Saturday, July 31, 2021

NISHTHA Secondary Training, SCERT का registration form भरने के लिए यहां करें क्लिक।

NISHTHA Secondary Training 2021-22,  दीक्षा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद SCERT registration के लिए यहां करें क्लिक। Click Here


Friday, July 30, 2021

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाफल यहां देखें 'हिमवंत' पर।

 

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाफल 2020-21

हाईस्कूल बोर्ड परीक्षाफल  Click Here
इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाफल Click Here

Thursday, July 29, 2021

पुरानी पेंशन बहाली सयुक्त मोर्चा ने अवधेश सेमवाल को सौंपी आईटी सेल की जिम्मेदारी। संगठन के पदाधिकारियों ने दी शुभकामनाएं।

 पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के सँघर्ष को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली सँयुक्त मोर्चा उत्तराखण्ड ने जनपद चमोली से अवधेश सेमवाल को राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) के प्रान्तीय आई टी सेल का दायित्व दिया है। यह जिम्मेदारी मिलने पर जिस प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल व मोर्चे  के पदाधिकारियों ने नवनियुक्त पदाधिकारी को शुभकामनाएँ दी की हैं। सेमवाल जनपद चमोली में शिक्षा विभाग के समर्पित व कर्मठ कर्मचारी हैं।

      प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल कहा कि संयुक्त मोर्चा पुरानी पेंशन बहाली की इस लड़ाई में प्रत्येक अधिकारी कर्मचारी संघ का आह्वाहन कर रहा है। पुरानी पेंशन की आवाज़ को मजबूती से उठाने के लिए  आज सशक्त कार्मिकों की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की है  कि अवधेश सेमवाल  के दायित्व निर्वहन से  यह लड़ाई अधिक मजबूत होगी। 

      प्रदेश अध्यक्ष अनिल बडोनी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए लगातार युवा कार्मिक भी जुड़ रहे हैं जिससे पुरानी पेंशन बहाली के सँघर्ष को मजबूती प्राप्त होगी। उन्होंने अवधेश सेमवाल को प्रान्तीय आईटी सेल प्रमुख पद पर मनोनित होने पर बधाई दी। इन अवसर पर नवनियुक्त पदाधिकारी अवधेश सेमवाल ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रान्तीय नेतृत्व द्वारा उन  भरोसा जताया जाना उनके लिए  गौरव की बात है। पुरानी पेंशन की मांग कर्मचारियों की एक वाजिब माँग  है जिसके लिए जिम्मेदारी लेना मेरा सौभाग्य है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी पी सिंह रावत ही एकमात्र ऐसे पेंशन बहाली के नेता है  जिनका कोई राजनीतिक उद्देश्य नही है उनके नेतृत्व में सन्युक्त मोर्चा मजबूती से कार्य करते हुए प्रत्येक कर्मचारी को जागरूक कर रहा है। लगातार कई कार्यक्रमो के माध्यम से लाखों पेंशन आच्छादित कर्मचारियों को जागरूक  करते हुए राज्य में आज पुरानी पेंशन बहाली की मांग को मजबूती से उठा रहा है ।मैं सभी को विश्वास दिलाता हूं कि मोर्चे द्वारा दिए गए दायित्व पर मैं पूरी ईमानदारी से खरा उतरने का प्रयास करूंगा। हम सब मिलकर संयुक्त मोर्चे के माध्यम से इस लड़ाई को अवश्य निर्णायक बनाएंगे। 

(पौड़ी से सीताराम पोखरियाल की रिपोर्ट)

Tuesday, July 27, 2021

Class-XII, Economics 1st. Unit Test 2021-22


 कक्षा 12 अर्थशास्त्र विषय के समस्त छात्र-छात्राओं का प्रथम मासिक परीक्षा में स्वागत है। ऑनलाइन माध्यम से किये जा रहे शिक्षण के आधार पर आपके लिए प्रथम मासिक परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। यह ऑनलाइन मासिक परीक्षा आपके लिए महत्वपूर्ण है इसलिए परीक्षा गम्भीरतापूर्वक दें और अपने सभी सहपाठियों को इस परीक्षा में प्रतिभाग करने के लिए अवश्य कहें। यह परीक्षा दिनांक 29 व 30 जुलाई को प्रातः 10 बजे आयोजित की जाएगी। शिक्षक अपने विद्यार्थियों को इस Online Test में प्रतिभाग करवाने के लिए अपना व अपने विद्यालय का नाम नीचे दिए कमेंट बॉक्स में पोस्ट करें।

Monday, July 26, 2021

माध्यमिक शिक्षक 'निष्ठा प्रशिक्षण' के लिए यहां से डाउनलोड करें Diksha app

  उत्तराखंड में माध्यमिक विद्यालयों के सभी प्रवक्ता और सहायक अध्यापको के लिए निष्ठा कार्यक्रम के अंतर्गत 1 अगस्त से ऑनलाइन प्रशिक्षण आरम्भ किया जा रहा है। 'निष्ठा प्रशिक्षण' प्राप्त करने के लिए शिक्षक व संस्थाध्यक्ष यहां दिए गए लिंक पर क्लिक करते हुए अपने स्मार्टफोन पर Diksha App Install कर लें। यह प्रशिक्षण 1 अगस्त 2021 से ऑनलाइन माध्यम में दीक्षा प्लेटफार्म पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमे समस्त प्रवक्ता व सहायक अध्यापक एलटी सहित संस्थाध्यक्षो को भी अनिवार्यतः प्रशिक्षण प्राप्त करना है।

जिन शिक्षकों के मोबाइल फोन पर Diksha app पहले से ही इंस्टॉल है वह इसे अपडेट कर लें और इसकी जांच कर लें की आपके मोबाइल पर यह सही ढंग से संचालित हो रहा है या नहीं। अन्यथा पहले से इंस्टॉल एप को हटाकर इसके स्थान पर ऊपर दिए गए लिंक पर क्लिक कर दीक्षा एप का लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल कर लें। स्मार्ट फोन पर दीक्षा एप को इंस्टॉल करने के बाद उस पर अपना यूजर अकाउंट बना लें। यूजर अकाउंट बनाते समय दीक्षा एप पर अपना स्थाई मोबाइल नंबर और मेल अकाउंट पंजीकृत करें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पंजीकरण के समय दर्ज किया जाने वाला ईमेल अकाउंट सक्रिय होना चाहिए, क्योंकि भविष्य में इस ईमेल पर ही ओटीपी और अन्य सूचनाएं प्राप्त होनी है।  प्रयोगकर्ता के रूप में अपना विवरण दर्ज करते समय अपना नाम, पदनाम व विषय आदि अंकित करते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत प्रमाण पत्रों पर यही विवरण मुद्रित होता है। अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं।

Saturday, July 24, 2021

उत्तराखंड में माध्यमिक विद्यालयों के सभी प्रवक्ता व एलटी शिक्षक एक अगस्त से लेंगे 'निष्ठा का प्रशिक्षण', 31 जुलाई तक 'दीक्षा प्लेटफॉर्म' पर करना होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन।


 उत्तराखंड में 1 अगस्त से माध्यमिक विद्यालयों के सभी प्रवक्ता और सहायक अध्यापक निष्ठा कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इससे पहले इन सभी शिक्षकों को  31 जुलाई 2021 तक निष्ठा प्रशिक्षण के लिए दीक्षा प्लेटफॉर्म पर अपना पंजीकरण करना होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यापक सफलता के लिए राज्य, जनपद और ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की मॉनिटरिंग कमेटियां गठित की गई हैं। 


निष्ठा प्रशिक्षण के प्रथम चरण में गत वर्ष प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। अब द्वितीय चरण में देशभर में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड में 22453 प्रवक्ता एवं एलटी शिक्षकों के प्रशिक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।एससीईआरटी उत्तराखंड द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इसके अंतर्गत आज एससीआरटी द्वारा राज्य स्तरीय वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य और खंड शिक्षा अधिकारियों सहित आईसीटी का अच्छा अनुभव रखने वाले प्रत्येक विकासखंडों के दो-दो शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।  कार्यशाला में अपर निदेशक एससीईआरटी अजय नौडियाल ने माध्यमिक स्तर के लिए निष्ठा प्रशिक्षण की रूपरेखा सामने रखते हुए कहा कि भारत सरकार के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के अंतर्गत 1 अगस्त से फरवरी 2022 तक विभिन्न चरणों मे राज्य के सभी प्रवक्ता व सहायक अध्यापको को अनिवार्यतः ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करना है। यह प्रशिक्षण भारत सरकार के दीक्षा प्लेटफॉर्म पर संचालित होना है। शिक्षक दीक्षा ऐप अथवा वेबसाइट पर लॉगिन और रजिस्ट्रेशन के बाद प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।


 इस अवसर पर निदेशक आर्ट श्रीमती शशी चौधरी ने कहा है कि निष्ठा के तहत समस्त माध्यमिक शिक्षक 13 विभिन्न मॉड्यूल पर चरणबद्ध ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह प्रशिक्षण 1 अगस्त से आरंभ होगा और प्रशिक्षण से पूर्व दिनांक 26 जुलाई से 31 जुलाई इस प्रशिक्षण के लिए सभी शिक्षक दीक्षा ऐप या दीक्षा वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करेंगे। कार्यशाला में निदेशक माध्यमिक, श्रीमती सीमा जौनसारी ने कहा है कि राज्य में इस कार्यक्रम की व्यापक सफलता के लिए राज्य स्तरीय अधिकारियों की टीमें गंभीरता से मॉनिटरिंग करेंगी। इसके लिए जनपद एवं विकास खंड स्तर पर भी उत्तरदायित्व निर्धारित किये गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न मॉडल्स के लिए   भी दीक्षा प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करना होगा। प्रशिक्षण के दौरान इन मॉडल्स के अंत में शिक्षकों द्वारा प्राप्त प्रशिक्षण का मूल्यांकन भी किया जाएगा, इसलिए समस्त शिक्षक इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लें। उन्होंने माध्यमिक शिक्षकों के साथ ही प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य को भी प्रशिक्षण प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।


 इस अवसर पर उपनिदेशक श्रीमती कंचन देवरानी ने कहा कि कि प्रत्येक विकासखंड में प्रतिभागी शिक्षकों को तकनीकी सहयोग देने के लिए आईसीटी के क्षेत्र में अच्छा अनुभव रखने वाले दो-दो शिक्षकों को नामित किया गया है जो अपने विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सभी शिक्षकों को सहयोग देंगे। इसके साथ ही जनपद एवं राज्य स्तरीय टीमों से भी प्रतिभागी शिक्षक सहयोग ले सकेंगे। उन्होंने कहा की यह प्रशिक्षण ऑनलाइन मोड में लिया जाना है इसलिए प्रत्येक शिक्षक के लिए इंटरनेट व डेटा आदि की व्यवस्था के लिए एक-एक हजार रुपये का मानदेय भी देय होगा। कार्यशाला में उपनिदेशक श्रीमती हिमानी बिष्ट, सहायक निदेशक कृष्णानंद बिजल्वाण, डॉ सुनीता भट्ट व डॉ रमेश पंत सहित कई अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद थे। 

अपने मोबाइल पर दीक्षा ऐप इंस्टॉल करने के लिए यहां क्लिक करें।

NISHTHA Secondary Training 2021-22,  दीक्षा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद SCERT registration के लिए यहां करें क्लिक- Click Here

Tuesday, July 20, 2021

कक्षा 11, अर्थशास्त्र के प्रमुख स्मरणीय बिंदु।


सुशील डोभाल, प्रवक्ता अर्थशास्त्र
    प्रिय विद्यार्थियों, आप सभी जानते हैं कि भारत में कोरोना वायरस की तीसरी लहर के बेहद भयावह रूप लेने की संभावना है. दुनिया में इस समय भारत भी सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित देशों की सूची में शामिल है.एक्सपर्ट्स का मानना है कि तीसरी लहर देश में ही विकसित हुए कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन्स यानी वैरिएंट की वजह से बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक होने की संभावना है. इसके जोखिम को देखते हुए एक बार फिर से स्कूल कॉलेज बंद हैं और ऐसी परिस्थितियों में आपकी शैक्षिक प्रगति भी बाधित होनी स्वाभाविक है। आप सभी को इस भयानक वायरस से सुरक्षा के तमाम उपायों को अपनाते हुए एक बार पुनः ऑनलाइन अध्ययन के माध्यम से अपने पाठ्यक्रम पर ध्यान देना होगा। तो आइए शुरू करते हैं "कक्षा 11, अर्थशास्त्र के प्रमुख स्मरणीय बिंदु।" (इन बिंदुओं का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें और अपनी पुस्तिकाओं में नोट करें।)

 स्मरणीय बिन्दु-

  • अर्थशास्त्रः इसका अध्ययन है कि कोई व्यक्ति या समाज अपने वैकल्पिक प्रयोग वाले दुर्लभ ससांधनों का प्रयोग अपनी आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए तथा उनका वितरण समाज में विभिन्न व्यक्तियों और समूहों के बीच उपभोग के लिए केसे करें।
  • उपभोक्ता- एक उपभोक्ता वह होता है जो अपनी आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए मुद्रा व्यय करके वस्तुओं और सेवाओं का उपभोग करता है।
  • उत्पादक- वह है जो आय के सृजन के लिए वस्तुओं व सेवाओं का उत्पादन करता है।
  • सेवाप्रदाता- वह है जो किसी को भुगतान के बदले में किसी किस्म की सेवा प्रदान करता है।
  • सेवाधारक- वह है जो किसी अन्य व्यक्ति के लिए कार्य करता है और इसके लिए मजदूरी या वेतन के रुप में भुगतान प्राप्त करता है।
  • आर्थिक गतिविधियाँ- वे सभी गतिविधियाँ जो जीविका अर्जित करते हेतु की जाती है। उदाहरण एक कारखाने में कार्यरत श्रमिक।
  • गैर आर्थिक गतिविधियाँ- वे गतिविधियाँ जो धन के सृजन से सम्बंधित नहीं है। एक अध्यापक द्वारा अपने स्वयं के पुत्र को पढ़ाना।
  • मुख्य आर्थिक गतिविधियें।
  1. उपभोग
  2. उत्पादन
  3. वितरण
  • दुर्लभता- माँग की अपेक्षा पूर्ति की सीमितता से होता है।
  • सांख्यिकी- संख्यात्मक विवरणों के सुव्यवस्थित विवेचन को सांख्यिकी कहते हैं।
    1. एक वचन के अर्थ में, सांख्यिकी का सरोकार परिमाणात्मक सूचना के संग्रहण, प्रस्तुतीकरण, विश्लेषण व निर्वचन से होता है।
    2. बहुवचन के अर्थ में, संख्यात्मक तथ्यों के संग्रहण से होता है।
  • सांख्यिकी आँकड़ें
    1. परिमाणात्मक आँकड़े
      • छात्रों के अंक
      • व्यक्तियों की ऊँचाई
    2. गुणात्मक आँकड़े
      • सुंदरता
      • ईमानदारी
  • सांख्यिकी को कार्य
    1. जटिल तथ्यों को सरल करना।
    2. तथ्यों को निश्चित स्वरुप में प्रस्तुत करना।
    3. नीति निर्माण में सहायता करना।
    4. पूर्वानुमान में सहायता करना।
    5. तथ्यों की तुलना करना।
    6. व्यक्तिगत ज्ञान और अनुभव को बढ़ाना।
  • अर्थशास्त्र में सांख्यिकी का महत्व
    1. अर्थशास्त्र की प्रत्येक शाखा इसके विभिन्न आर्थिक सिद्धांतों को सिद्ध करने के लिए सांख्यिकी से सहायता लेती है।
    2. आर्थिक समस्या को समझने और हल करने में सहायता करता है।
    3. बाजार संरचनाओं का अध्ययन।
    4. गणितीय संबंध स्थापित करने में सहायता करती है।
    5. विभिन्न आर्थिक अवधारणाओं के व्यवहार के अध्ययन में सहायक।
  • सांख्यिकी का क्षेत्र
    आज के युग में सांख्यिकी का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है। ऐसा कोई क्षेत्र प्रतीत नहीं होता जहाँ सांख्यिकी का प्रयोग न होता है। विभिन्न क्षेत्रों में सांख्यिकी का प्रयोग होता है।
    1. सरकार
    2. व्यवसाय
    3. प्राकृतिक विज्ञान
    4. अनुसंधान आदि।
      अतः प्रत्येक शास्त्र सांख्यिकी से थोड़ा व अधिक जुड़ा है।
  • सांख्यिकी की सीमाएँ
    • गुणात्मक घटनाओं का अध्ययन नहीं करती।
    • व्यक्तिगत इकाईयों से सरोकार नहीं रखती।
    • निष्कर्ष केवल औसत रुप में सत्य है।
    • केवल विशेषज्ञ की इसका सर्वोत्तम प्रयोग कर सकते हैं।
    • सांख्यिकी ऑकड़े एक समान और समरुप होने चाहिए।
    • सांख्यिकी का दुरुपयोग हो सकता है।

यूनाइटेड नेशंस एनवायरमेंट प्रोग्राम के प्लास्टिक टाइड टर्नर्स चैलेंज के अंतर्गत नेशनल यूथ समिट में उत्तरकाशी के शिक्षक धर्मेंद्र चौहान बने चैंपियन।


 उत्तरकाशी जिले के राजकीय इंटर कॉलेज टिकोची मोरी में तैनात शिक्षक धर्मेंद्र सिंह चौहान  ने टाइड टर्नर्स चैलैंज में  प्रथम चैंपियन बनकर जनपद व प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलव्धि पर विभागीय अधिकारियों सहित कई संगठनों से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई दी है।

       पर्यावरण पर्व हरेला की पूर्व संध्या पर यूनाइटेड नेशंस एनवायरमेंट प्रोग्राम के प्लास्टिक टाइड टर्नर्स चैलेंज के अंतर्गत नेशनल यूथ समिट का आयोजन किया गया। सेंटर फॉर एनवायरमेंट एजुकेशन(CEE) एवं डब्ल्यू डब्ल्यू एफ (WFF)तथा भारत सरकार के  सहयोग से आयोजित इस ऑनलाइन कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों के चैंपियंस द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तरकाशी के इंटर कॉलेज टिकोची से शिक्षक धर्मेंद्र सिंह चौहान सहित उत्तराखंड से 48 प्रतिभागियों ने चैंपियन बनने में सफलता हासिल की। नेशनल यूथ समिट के दौरान भारत सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा देश भर की उत्कृष्ट 20 टीमों को भी सम्मानित किया गया। टाइड टर्नर्स चैलैंज में चैम्पियन के रूप में चयनित होने पर स्काउट मास्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान को  प्रदेश स्काउट सचिव आर एम काला, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद समल्टी जी, उत्तरकाशी के जिला.स्काउट सचिव एस.एस. मेहरा , कोषाध्यक्ष मंगल सिंह पंवार जिला नोडल अधिकारी कोविड 19, सहित विभिन्न अधिकारियों, पर्यावरण प्रेमियों तथा भारत स्काउट और ई-पत्रिका 'हिमवंत' की टीम से जुड़े शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी चैम्पियन्स को बधाई दी है।

Saturday, July 17, 2021

प्राचार्य डायट नई टिहरी ने माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को दिए ऑनलाइन शिक्षण के लिए बच्चों को प्रेरित करने के निर्देश।

 


जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी के प्राचार्य चेतन प्रसाद नौटियाल ने जनपद टिहरी गढ़वाल के समस्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यो से कोविड 19 के जोखिम को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन शिक्षण और आईसीटी के विभिन्न साधनों जैसे डीटीएच, फ्री टू एयर, टेलीविजन और इंटरनेटयुक्त स्मार्टफोन आदि के माध्यम से शिक्षण के लिए स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को प्रेरित करते हुए उन्हें यथासंभव सहयोग देने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि प्रधानाचार्यो के साथ सभी विषयाध्यापकों का दायित्व है कि वे कोविड 19 के दौरान स्कूल बंद रहने के दौरान विद्यार्थियों की विषयगत समस्याओं के निराकरण का हर संभव प्रयास करें।

          जनपद के समस्त माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक संस्थाध्यक्षो को जारी निर्देश में डायट प्राचार्य ने कहा है कि प्रधानाचार्य व शिक्षकों का अभिभावकों व विद्यार्थियों के बीच अच्छा प्रभाव होता है जिसका उपयोग स्कूली बच्चों व अभिभावकों को इन माध्यमो से शिक्षण के लिए प्रेरित करते हुए भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि विगत 1 वर्ष से कोविड-19 के प्रभाव से स्कूली बच्चों की शिक्षा दीक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ा है जिस कारण बच्चे और उनके अभिभावक इस अनिश्चितता को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों की शिक्षा दीक्षा के साथ ही उनके उचित स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है क्योंकि बच्चों के सेहत के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है लिहाजा महामारी के इस दौर में स्कूल कॉलेजों के बंद रहने के कारण शिक्षण के लिए आईसीटी (सूचना एवं संचार तकनीकी) के साधनों का उपयोग करते हुए बच्चों की शिक्षा दीक्षा में निरंतरता रखी जा सकती है, किंतु जानकारी के अभाव में बहुत कम विद्यार्थी ही शिक्षण में इन साधनों का उपयोग कर पा रहे हैं।


 प्राचार्य ने कोविड-19 के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा दीक्षा पर पढ़ रहे बुरे प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि विद्यार्थियों को इस समय आईसीटी के विभिन्न साधनों के उपयोग के द्वारा सीखने के लिए प्रेरित किया जाय।  उन्होंने पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के बारे में अवगत करा करते हुए बताया कि भारत सरकार के द्वारा विद्यालय शिक्षा की निरंतरता को सुनिश्चित करने और विशेष रूप से मौजूदा परिस्थितियों में बच्चों की शिक्षा दीक्षा सुचारू रखने के लिए 17 मई 2020 को पीएम ई-विद्या नामक महत्वकांक्षी कार्यक्रम आरंभ किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत देश भर में लगभग 25 करोड़ छात्र छात्राओं को लाभान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है। ई-विद्या भारत सरकार का एक पोर्टल है जिसमें  विद्यालयी शिक्षा के साथ ही उच्च शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि e-vidya कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली बच्चों को घरों में रहने के दौरान पठन-पाठन से संबंधित अनेक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिसमें टेलीविजन पर स्वयंप्रभा के 34 शैक्षिक चैनलों का समूह बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। इन चैनलों को डीटीएच, केबल टीवी, इंटरनेट, यूट्यूब, स्काई, डिश टीवी जैसे प्लेटफार्म पर निशुल्क देखा जा सकता है। स्वयंप्रभा के अंतर्गत विभिन्न आयु वर्ग और कक्षाओं को ध्यान में रखते हुए कुल 34 शैक्षिक चैनल डीटीएच के माध्यम से निशुल्क प्रसारित होते हैं, किंतु जानकारी के अभाव में अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर बच्चे और अभिभावक इन चैनलों का उपयोग सीखने के लिए नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन चैनलों के माध्यम से स्कूली बच्चों को बेहद रोचक ढंग से आईसीटी के आधुनिक साधनों के माध्यम से प्रशिक्षित शिक्षकों के द्वारा टेलीविजन के माध्यम से अध्ययन करवाया जाता है।

Friday, July 16, 2021

रोटरी क्लब के सहयोग से बालिका इंटर कॉलेज किलकिलेश्वर में वृहद वृक्षारोपण का हुआ आयोजन।

 

 रोटरी क्लब अलकनंदा वैली एवं राजकीय बालिका इंटर कॉलेज किलकिलेश्वर के संयुक्त तत्वाधान में हरेला पर्व के उपलक्ष में  वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी कीर्तिनगर अजयवीर सिंह ने कहा कि किसी भी विद्यालय के शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए उसके पर्यावरण का शुद्ध होना अति आवश्यक है और वृक्षारोपण इसमें महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है । 

इस अवसर पर बतौर विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर ए आर डंगवाल पूर्व संकाय अध्यक्ष एसीएल हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय ने कहा की बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें बार-बार प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है । उन्होंने बालिकाओं के कौशल विकास हेतु विद्यालय को 10 सिलाई मशीन देने की घोषणा की। रोटरी क्लब अलकनंदा वैली के सचिव रोटेरियन वेदव्रत शर्मा ने रोटरी क्लब के उद्देश्यों से परिचित कराते हुए शैक्षिक उन्नयन में योगदान की बात कही । रोटरी क्लब निरंतर पर्यावरण संरक्षण में कार्य करता है इसी के अंतर्गत आज इस विद्यालय को ग्रीन केंपस के रूप में विकसित करने के लिए  वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया है। इस अवसर पर वेदव्रत शर्मा ने कहा की रोटरी क्लब अलकनंदा वैली समय समय पर विद्यालय में कैरियर काउंसलिंग का आयोजन करेगा जिससे छात्राएं अपने कैरियर के प्रति जागरूक हो सकें। साथ ही उन्होंने विद्यालय को 40 सेट फर्नीचर देने की घोषणा भी की।


  इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ मीना सेमवाल  ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे विद्यालय का मिशन है कि छात्राओं में ज्ञान और कौशल का विकास कर उन्हें शैक्षिक व सामाजिक रूप से सशक्त  बनाना जिससे कि वे समाज को उन्नत बनाने में अपना योगदान दे सकें। कार्यक्रम में रोटरी क्लब के श्री प्रदीप  मल्ल,राहुल बहुगुणा, नवल जोशी ,धनेश उनियाल वरुण बड़थ्वाल आदि एवं  विद्यालय की अध्यापिकाएं मंजू रावत ,ज्योति प्रभाकर ,सीमा रावत , आरती पंवार ,प्रियंका भट्ट, रेखा चौहान ,सुमन गैरोला , संगीता   परमेश्वरी आदि उपस्थित थे। इस मौके पर विद्यालय में 100 विभिन्न प्रजातियों के फलदार,चारापत्ती के पौधों  का रोपण किया गया। जिनमें पीपल, बांस, बांज ,आंवला ,जामुन ,अनार, अशोका आदि शामिल हैं।

(श्रीनगर से डॉ. मीना सेमवाल प्रधानाचार्य, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज किलेश्वर चौरास की रिपोर्ट)

Wednesday, July 14, 2021

उत्तराखंड के सभी विद्यालय क्यों न हो जांय 'उत्कृष्ट'


उत्तराखंड में पिछले साढ़े चार वर्षों में विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में जो उल्लेखनीय कार्य हुए उनमें 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का चयन प्रमुख है। यह ऐसे विद्यालय है जिन्हें सीबीएसई से सम्बद्ध किया गया है। यानी अब राज्य में दो तरह के इंटर कॉलेज बन गए हैं, पहले 'उत्कृष्ट'और दूसरे....?

      क्या यह अपने राज्य के बोर्ड को कमतर आंकना जैसा नही है? अटल उत्कृष्ट विद्यलयो के सीबीएसई ऐफिलेशन से अजीबोगरीब स्थितियां पैदा हो रही हैं, जैसे कक्षा 9th में जो बालिकाएं गणित के बजाय गृहविज्ञान पढ़ना चाहती हो उन्हें या तो मुख्य विषय के रूप में गणित का चयन करना होगा या दूसरे विद्यालय में दाखिला लेना होगा। मानक पूरे नही करने वाले विद्यलयो को भी आननफानन में औपबंधिक संबद्धता दे दी गयी, भविष्य में उनकी संबद्धता का क्या होगा कुछ पता नही। बेहतर होता कि सीबीएसई संबद्धिकरण के बजाय विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर की कमियों को दूर कर खासकर उसके मूल्यांकन पैटर्न को सीबीएसई के समान कर देते। बेहतर होता कि पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों पर पदोन्नति या सीधी भर्ती के प्रयास किये जाते, और बेहतर होता कि कोविड-19 के जोखिम के कारण प्रभावित हो रहे शिक्षण की भरपाई के लिए विद्यार्थियों और विशेषकर बोर्ड के विद्यार्थियों को टेबलेट जैसे बुनियादी शैक्षिक उपकरण उपलव्ध करवाये जाते, और बेहतर होता कि अटल से पहले किसी समय मॉडल हुए इंटर कॉलेजों की सुध ले लेते। विद्यालयों के नाम बदलने के बजाय पूर्णकालिक प्रधानाचार्यो और विषयाध्यापकों की नियुक्ति कर देते तो राज्य के सभी विद्यालय और विद्यार्थी 'उत्कृष्ट' हो जाते। Touch Here to join 'Himwant Live (Educational News)' Community group.


Friday, July 2, 2021

अनुपस्थित रहे डीएलएड अभ्यर्थियों को मिल रहा है काउंसिलिंग में शामिल होने का अंतिम अवसर। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 5 से 9 जुलाई तक करें राज्य स्तरीय काउंसिलिंग में प्रतिभाग।


 डीएलएड प्रवेश परीक्षा में सफल होने के बाद किन्हीं कारणों से राज्य स्तरीय  काउंसलिंग में अनुपस्थित रहे अभ्यर्थियों को  काउंसलिंग में शामिल होने का अंतिम अवसर दिया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी देते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी के प्राचार्य चेतन प्रसाद नौटियाल ने कहा है की पहली काउंसलिंग में किन्ही कारणों से शामिल न हो पाने वाले अभ्यर्थी अपने समस्त मूल दस्तावेजों के साथ 5 जुलाई से 9 जुलाई तक निर्धारित कार्यक्रम के तहत काउंसिलग में शामिल हो सकते हैं।

  उल्लेखनीय है कि एससीईआरटी द्वारा वर्ष 2019-20 की डीएलएड प्रवेश परीक्षा में सफल आवेदकों के लिए पूर्व में 5 अप्रैल से 23 अप्रैल 2021 तक देहरादून में राज्य स्तरीय काउंसिलिंग आयोजित करवाई गई थी किंतु कोरोना महामारी सहित विभिन्न कारणों से कुछ आवेदक काउंसिलिंग में शामिल नही हो पाए थे। एससीईआरटी द्वारा अप्रैल में आयोजित काउंसिलिंग में अनुपस्थित रहे आवेदकों को काउंसिलिंग में शामिल होने का एक अंतिम अवसर दिया जा रहा है। इस आशय की जानकारी देते हुए डायट नई टिहरी के प्राचार्य चेतन प्रसाद नौटियाल ने कहा है कि पूर्व में अनुपस्थित रहे अभ्यर्थी 5 जुलाई से 9 जुलाई 2021 तक एससीईआरटी, विद्यालयी शिक्षा विभाग और विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर की वेबसाइट पर अपलोड किए गए कार्यक्रमानुसार राजीव गांधी नवोदय विद्यालय परिसर देहरादून में प्रतिभाग कर सकते हैं। उन्होंने आवेदकों को काउंसिलिंग में अपने साथ अपने समस्त मूल दस्तावेज जैसे शैक्षिक व आरक्षण सम्बन्धित प्रमाणपत्र, मूल निवास या स्थायी निवास प्रमाण पत्र, विकल्प पत्र आदि ले जाने के लिए कहा है। इस सम्बंध में अपर निदेशक एससीईआरटी द्वारा समाचार पत्रों में अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में अंतिम अवसर देने के लिए विज्ञप्ति भी जारी की है।

Tuesday, June 29, 2021

प्राथमिक शिक्षकों ने 2004 की विज्ञप्ति की शर्तों के अनुसार की पुरानी पेंशन योजना के लाभ देने की मांग। विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन।


प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2004 की विज्ञप्ति द्वारा नियोजित शिक्षकों ने पुरानी पेंशन की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा है। शिक्षकों ने नई पेंशन योजना को कर्मचारियों के साथ धोखा बताते हुए विज्ञप्ति की शर्तों के अनुसार पुरानी पेंशन योजना के लाभ की मांग की है।

वर्ष 2004 में उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए बीएड प्रशिक्षितों को विशिष्ट बीटीसी के तहत प्राथमिक शिक्षकों के रूप में भर्ती के लिए समाचार पत्रों के माध्यम से विज्ञप्ति जारी की थी। विज्ञप्ति के अनुसार इन शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना था किंतु भर्ती प्रक्रिया में विलंब के कारण शिक्षकों को नियुक्ति के दौरान नई पेंशन योजना से आच्छादित कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि नई पेंशन योजना को लेकर देशभर के कर्मचारियों में नाराजगी है और कर्मचारी इसे उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करार देते आ रहे हैं। वर्ष 2004 की विज्ञप्ति में पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित के जाने की शर्त होने के बावजूद शिक्षकों को पेंशन का लाभ ना मिलने से शिक्षक अपनी नियुक्ति के दौरान से ही नई पेंशन योजना का विरोध करते हुए उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में आज प्राथमिक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल से ऋषिकेश में मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा है। उक्त आशय की जानकारी देते हुए प्रतिनिधिमंडल में शामिल शिक्षिका कंचन उनियाल ने बताया है कि एक ही विज्ञप्ति के द्वारा नियुक्त कुमाऊं मंडल के कुछ जनपदों ये शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना से लाभान्वित किया जा रहा है, जबकि राज्य भर में करीब 2300  शिक्षकों को इस लाभ से वंचित कर उनपर उनकी इच्छा के विरुद्ध नई पेंशन योजना थोंप दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने भविष्य को लेकर चिंता एवं तनाव में है।
    विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शिक्षकों को नियमानुसार कार्यवाही का आश्वासन दिया है। ज्ञापन देने वालों वाले शिक्षकों में देवेंद्र नेगी, पूर्णानंद बहुगुणा, मंजू रावत, प्रमोद रावत, रोशनी नेगी, राहुल सेमवाल, महेश पालीवाल, बीना कुकरेती, अजय डोभाल, आशा बिष्ट, प्रकाश ड्यूढ़ी, दुर्गा प्रसाद लखेड़ा, गिरीश उनियाल, गोविंद बंगारी, शैलेश सयाना, लता बडोनी, दिनेश रतूड़ी, और मनोहर चमोली सहित कई शिक्षकों के हस्ताक्षर अंकित है।

कृपया नई पेंशन योजना पर अपने सुझाव नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करें।

Sunday, June 20, 2021

सरकार कर्मचारियों के सब्र का ओर इम्तिहान न ले, पुरानी पेंशन अविलम्ब लागू करे: डॉ0 डी0 सी0 पसबोला


 राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड की एक ऑनलाइन वेबीनार संपन्न हुई जिसमें की वक्ताओं ने नई पेंशन योजना पर रोष व्यक्त करते हुए कहा की नई पेंशन योजना कर्मचारियों के साथ धोखा है।

       वेबिनार में सम्मिलित मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष अनिल बडोनी ने कहा की राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा पूरे देश में पुरानी पेंशन बहाली के लिए लगातार संघर्षरत है देश के साथ-साथ उत्तराखंड राज्य में भी मोर्चा पुरानी पेंशन बहाली की आवाज को पुरजोर तरीके से उठा रहा है उन्होंने कहा 30 से 35 साल सरकारी सेवा के पश्चात नई पेंशन योजना में कर्मचारी को न्यूनतम पेंशन की गारंटी नहीं मिल रही है देखा जा रहा है नई पेंशन योजना से जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहा है वह मात्र एक हजार से  ₹2000 तक पेंशन पा रहा है जोकि कर्मचारी के साथ अन्याय है।

      वेबिनार में मौजूद मोर्चे के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ० डी० सी० पसबोला ने कहा की नई पेंशन योजना, जो कि एक काला कानून हैं, के परिणाम स्वरूप देश में अनेक कर्मचारी आत्महत्या तक जैसा कदम उठा चुके हैं राज्य सरकारों एवं केंद्र सरकार को इस दिशा में ठोस रणनीति बनानी होगी कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी का भविष्य सुरक्षित रहे सुरक्षित भविष्य के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना अत्यंत आवश्यक है।  पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है। सरकार कर्मचारियों के सब्र का ओर इम्तहान न ले। एन पी एस एक जुआ है, धोखा है और एन पी एस के नाम पर कर्मचारियों का उत्पीड़न एवं उनके भविष्य से खिलवाड़ बन्द हो।  डॉ० पसबोला ने आगे कहा कि यदि कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग पर सरकार शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो कर्मचारियों को तो न केवल प्रदेश स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आन्दोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसके लिए राज्य एवं केन्द्र सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार होगी और यदि सरकार समय रहते पुरानी पेंशन बहाली नही करती तो ऐसा आन्दोलन उत्तराखंड की सड़कों में होगा कि इतिहास गवाह होगा और यदि इस आन्दोलन में कुर्बानी देनी होगी तो दूंगा।

       वेबीनार में सम्मिलित जिला उपाध्यक्ष(महिला) पौड़ी श्रीमती अवंतिका पोखरियाल ने कहा नई पेंशन योजना कर्मचारियों को अवसाद एवं मानसिक तनाव की ओर ले जा रही है नई पेंशन योजना से सेवानिवृत्त कार्मिक पुरानी पेंशन में मौजूद विभिन्न लाभों से वंचित है यदि नई पेंशन योजना इतनी ही अच्छी है तो हमारे माननीय विधायक एव सांसद गण सर्वप्रथम इसे खुद पर क्यों नहीं लागू करते किंतु नेता अच्छी तरह से जानते हैं कि नई पेंशन योजना में कहीं भी कोई हित नहीं है अतः सरकार को शीघ्र ही कर्मचारियों के हित में कदम उठाते हुए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना चाहिए।वेबिनार में मौजूद जिला उपाध्यक्ष(महिला) उधम सिंह नगर डॉ मंजू पाल ने कहा भारतीय संविधान मैं लोक कल्याणकारी नीति का वर्णन किया गया है किंतु नई  पेंशन योजना सर्वथा लोक कल्याण में विफल है अतः सरकार को पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना चाहिए जिससे संविधान की लोक कल्याण की बात की गरिमा बनी रहे। (पौड़ी से सीताराम पोखरियाल की रिपोर्ट)

Tuesday, June 15, 2021

अंतराष्ट्रीय योग सप्ताह के मौके पर यह विद्यालय आयोजित कर रहा है Online program 'To Integrate and Encourage Yoga Through life’. प्रतिभागियों को मिलेंगे आकर्षक प्रमाण-पत्र।


 योग को लेकर आमलोगों और विशेषकर स्कूली बच्चों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से विद्यालयी शिक्षा विभाग टिहरी गढ़वाल की ओर से अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार द्वारा Online program 'To Integrate and Encourage Yoga Through life’ (जीवन मे योग अपनाने और योग को प्रोत्साहित करने के लिए)  कार्यक्रम  का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल पौड़ी, मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी गढ़वाल और खंड शिक्षा अधिकारी जाखणीधार टिहरी गढ़वाल के हस्ताक्षरयुक्त ई-प्रमाण पत्र ईमेल द्वारा भेजे जाएंगे। यह कार्यक्रम दिनांक 15 जून से 21 जून 2021तक संचालित होगा।
  उक्त आशय की जानकारी देते हुए अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार के प्रधानाचार्य दिनेश प्रसाद डंगवाल ने कहा है कि विद्यालय के प्रवक्ता सुशील डोभाल के संयोजन में अंतरराष्ट्रीय योग सप्ताह के दौरान 15 जून से 21 जून तक Online program 'To Integrate and Encourage Yoga Through life’ कार्यक्रम संचालित होगा। इस कार्यक्रम में सभी विद्यलयो के विद्यार्थो, अभिभावक, शिक्षक तथा आमलोग शामिल हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल श्री एमएस बिष्ट, मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी श्री एसपी सेमवाल तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी जाखणीधार श्री धनबीर सिंह बिष्ट के नमूना हस्ताक्षरित शपथ पत्र ईमेल के माध्यम से भेजे जाएंगे। कार्यक्रम के आयोजक मंडल में विद्यालय के शिक्षक संजीव नेगी, पंकज डंगवाल, सीएस असवाल और व्यायाम शिक्षक दिनेश रावत शामिल हैं। कार्यक्रम में नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर प्रतिभाग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विद्यालय द्वारा पूर्व में भी प्रवक्ता अर्थशास्त्र सुशील डोभाल के संयोजन में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी जिसमे 1400 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए गए हैं। उन्होंने प्रतियोगिता संयोजक प्रवक्ता सुशील डोभाल के प्रयासों की सराहना की है।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यहां क्लिक करें। Click Here

प्रमाण पत्र के लिए अपना नाम, विद्यालय या संस्था का नाम, मोबाइल नम्बर, ईमेल और प्रतिभाग करने का दिनांक व सही समय नीचे दिए कमेंट बॉक्स में कमेंट करें। 


Monday, June 14, 2021

10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के मानक तय करने के लिए कल देहरादून में आयोजित होगी उच्चस्तरीय बैठक, विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव।


 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन के मानक तय करने के लिए राज्य स्तर पर गठित की गई समिति कि कल देहरादून में उच्च स्तरीय बैठक होगी जिसमें बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए अंतिम रूप से मानक तय किए जाएंगे। इस आशय की जानकारी अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने  मंडल स्तरीय ऑनलाइन बैठक में अनुभवी प्रधानाचार्यो, शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों से म्यूल्यांकन हेतु सुझाव लेने के दौरान दी है। बैठक में उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद के अपर सचिव बृजमोहन सिंह रावत ने मूल्यांकन को लेकर बोर्ड की अभी तक की तैयारियों को संक्षेप में बैठक में प्रस्तुत किया।

अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा एमएस बिष्ट ने विगत शनिवार को मंडल के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और अनुभवी अधिकारियों के साथ बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन पर मंथन करने और सुझाव लेने के लिए ऑनलाइन बैठक आयोजित की थी। आज एक बार फिर बैठक आयोजित करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण देश भर के शिक्षा परिषदों के साथ ही उत्तराखंड में भी बोर्ड परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी और अब विद्यार्थियों का विभिन्न मानकों पर आधारित मूल्यांकन किया जाना है। उन्होंने कहा है कि मूल्यांकन के लिए सीबीएसई सहित अन्य बोर्डो के मानकों का भी अध्ययन किया जा रहा है और बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए गठित की गई उच्चस्तरीय समिति कि कल देहरादून मैं बैठक आयोजित की जा रही है जिसमें बोर्ड द्वारा भी अपना प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। काफी संभावना है कि मूल्यांकन के लिए कल होने वाली बैठक में अंतिम रूप से मानक तय कर लिए जाएंगे। 

      इससे पहले बैठक में विद्यालय शिक्षा परिषद रामनगर के अपर सचिव बृजमोहन सिंह रावत ने कहा की बोर्ड द्वारा सीबीएसई सहित अन्य शिक्षा परिषदो के मानकों की समीक्षा की गई है और इसके आधार पर 10वीं और 12वीं के मूल्यांकन के लिए कार्य योजना लगभग तैयार कर दी है जिसे कल होने वाली राज्यस्तरीय बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा और अनुमोदन मिलने के बाद से लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के लिए प्रत्येक परीक्षाकेंद्रों में मूल्यांकन समिति का गठन किया जाना है जिसमें प्रधानाचार्य अध्यक्ष, परीक्षा प्रभारी सचिव और समस्त विषय अध्यापक सदस्य नामित होंगे। साथ ही परीक्षा केंद्र पर बोर्ड द्वारा एक पर्यवेक्षक भी तैनात किया जाएगा। कक्षा 10 के लिए मूल्यांकन का आधार कक्षा 9 और कक्षा 10 की विद्यार्थियों की परफॉर्मेंस होगी जबकि कक्षा 12 के बोर्ड मूल्यांकन के लिए कक्षा 10, 11 और 12 की परफॉर्मेंस को आधार बनाया जाएगा। उन्होंने कहा है कि कक्षा 9 और 11 का परीक्षा रिकॉर्ड सभी विद्यालयों में सुव्यवस्थित है और बोर्ड परीक्षाओं के लिए जो मूल्यांकन किया जायेगा वह पूरी तरह से अभिलेखों पर आधारित होगा। अनुमोदन के बाद बोर्ड द्वारा निर्धारित फॉर्मेट परिक्षाकेन्द्रों को भेज दिए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि कक्षा 9 व 11 में विषयाध्यापक इसलिए मूल्यांकन में कठिन मानक अपनाते है ताकि विद्यार्थी बोर्ड कक्षा को अधिक गंभीरता से ले सके, इसका भी बोर्ड मूल्यांकन में ध्यान रखा जाएगा। 

     बैठक में उत्तरकाशी के मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद प्रसाद सिमल्टी ने मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शिता बनाये रखने के लिए अनेक सुझाव दिए है। इस अवसर पर शिक्षक सुशील डोभाल व भगत कंडवाल ने भाषा सहित सभी विषयों में परियोजना कार्य व आंतरिक मूल्यांकन का सुझाव दिया जिसके अपर निदेशक एमएस बिष्ट व उत्तरकाशी के सीईओ विनोद सिमल्टी द्वारा समर्थन किया गया। बैठक में राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी, मंडल अध्यक्ष रविन्द्र राणा, मंत्री हेमंत पैन्यूली, प्रधानाचार्य हरेंद्र सिंह रावत, राम शंकर सिंह, मनमोहन सिंह चौहान, जयदीप रावत, विक्रम चंद्र जोशी, पूनम शर्मा, पूनम राणा आदि ने मूल्यांकन पर अपने सुझाव दिए हैं।

मूल्यांकन हेतु अपने सुझाव नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करें।

Saturday, June 12, 2021

10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन के लिए अपर निदेशक एमएस बिष्ट ने ऑनलाइन बैठक में लिये अनुभवी शिक्षकों, प्रधानाचार्यो और अधिकारियों से सुझाव।


 

  कोविड-19 के कारण उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के रद्द होने के बाद बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन को लेकर अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल पौड़ी महावीर सिंह बिष्ट ने ऑनलाइन मीटिंग आयोजित कर अनुभवी शिक्षकों और अधिकारियों के साथ मौजूदा परिस्थितियों में बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन पर विचार विमर्श करते हुए सुझाव प्राप्त किये। उन्होंने कहा कि छात्रहितों के साथ साथ परीक्षाफल की विस्वसनीयता का भी ध्यान रखा जाना है इसलिए परीक्षाफल तैयार करने के लियी पारदर्शी मानक बनाये जाएंगे।
      उल्लेखनीय है कि कोरोनावायरस को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई और अन्य राज्यों के शिक्षा परिषदों के साथ ही उत्तराखंड बोर्ड ने भी 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन को रद्द कर दिया था और हाल ही में उत्तराखंड शासन द्वारा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के मूल्यांकन के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत एक समिति का गठन किया है। समिति को मूल्यांकन के लिए सीबीएससी  व आईसीएसई सहित अन्य शिक्षा परिषद के सम्यक मापदंडों को ध्यान में रखते हुए मानक तैयार कर 10 दिन के अंतर्गत अपनी कार्ययोजना से शासन को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल पौड़ी, महावीर सिंह बिष्ट इस समिति में सदस्य नामित हैं। परीक्षार्थियों के मूल्यांकन के लिए आज अपर निदेशक ने गढ़वाल मंडल के अनुभवी शिक्षकों, प्रधानाचार्य और अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक में मूल्यांकन पर विचार विमर्श किया। इस दौरान अनेक शिक्षकों और प्रधानाचार्यो ने बोर्ड परीक्षाफल तैयार करने के लिए बनाए गए अपने मॉड्यूल को अपर निदेशक के समक्ष प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर जनपद टिहरी गढ़वाल से सतीश जोशी व जगदंबा प्रसाद डोभाल, जनपद रुद्रप्रयाग से पंकज भट्ट व प्रधानाचार्य देवेंद्र खत्री और भगत कंडवाल आदि ने अपने गणितीय मॉडल प्रस्तुत कर मूल्यांकन के लिए निर्धारित मापदंडों को सामने रखा। बैठक में उत्तरकाशी के मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद सिमल्टी ने कहा की मूल्यांकन प्रक्रिया को जटिल बनाने से अनेक समस्याएं और विवाद पैदा होंगे। साथ ही मूल्यांकन के लिए निर्धारित किए जाने वाले मानकों को तय करते समय तकनीकी एवं विधिक प्रावधानों को भी ध्यान में रखना होगा। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन के लिए निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार नो डिटेंशन की पॉलिसी अपनाई जानी है। इस दौरान शिक्षक नरेश जमलोकी, प्रेमलता बौड़ाई, उत्तरकाशी से किरण खंडूरी और हरिद्वार से प्रधानाचार्य अनिल शर्मा द्वारा कक्षा नौ और कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षाओं को बोर्ड परीक्षाओं का मुख्य आधार बनाए जाने पर जोर दिया गया। इस दौरान अपर निदेशक श्री बिष्ट ने कहा की पौड़ी, चमोली और देहरादून के साथ ही गढ़वाल के सभी जनपदों के जो शिक्षक और अधिकारी आज बैठक में शामिल हुए उनके साथ पुनः सोमवार के 6:00 बजे से 8:00 बजे सांय तक बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहां है कि कोरोनावायरस के कारण विभाग ने अनेक शिक्षक और कर्मचारी खोए हैं। इस दौरान कोरोनावायरस के कारण असमय दिवंगत हुए शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए 1 मिनट का मौन रखा गया। अपर निदेशक ने बैठक में मौजूद शिक्षकों को कोरोना महामारी में जरूरतमंद विद्यार्थियों और आमलोगों को अपेक्षित सहयोग देने की अपील की है। बैठक में राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी, मंडल अध्यक्ष रविंद्र राणा,  मंत्री हेमंत पैन्यूली, शिक्षक सुशील डोभाल, जयदीप रावत, हरेंद्र रावत, पूनम शर्मा, राम शंकर सिंह, संदीप बिष्ट, विक्रम जोशी और योगम्बर सिंह रावत आदि मौजूद थे।

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