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उत्तराखंड में माध्यमिक विद्यालयों के सभी प्रवक्ता व एलटी शिक्षक एक अगस्त से लेंगे 'निष्ठा का प्रशिक्षण', 31 जुलाई तक 'दीक्षा प्लेटफॉर्म' पर करना होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन।


 उत्तराखंड में 1 अगस्त से माध्यमिक विद्यालयों के सभी प्रवक्ता और सहायक अध्यापक निष्ठा कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इससे पहले इन सभी शिक्षकों को  31 जुलाई 2021 तक निष्ठा प्रशिक्षण के लिए दीक्षा प्लेटफॉर्म पर अपना पंजीकरण करना होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यापक सफलता के लिए राज्य, जनपद और ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की मॉनिटरिंग कमेटियां गठित की गई हैं। 


निष्ठा प्रशिक्षण के प्रथम चरण में गत वर्ष प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। अब द्वितीय चरण में देशभर में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड में 22453 प्रवक्ता एवं एलटी शिक्षकों के प्रशिक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।एससीईआरटी उत्तराखंड द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इसके अंतर्गत आज एससीआरटी द्वारा राज्य स्तरीय वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य और खंड शिक्षा अधिकारियों सहित आईसीटी का अच्छा अनुभव रखने वाले प्रत्येक विकासखंडों के दो-दो शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।  कार्यशाला में अपर निदेशक एससीईआरटी अजय नौडियाल ने माध्यमिक स्तर के लिए निष्ठा प्रशिक्षण की रूपरेखा सामने रखते हुए कहा कि भारत सरकार के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के अंतर्गत 1 अगस्त से फरवरी 2022 तक विभिन्न चरणों मे राज्य के सभी प्रवक्ता व सहायक अध्यापको को अनिवार्यतः ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करना है। यह प्रशिक्षण भारत सरकार के दीक्षा प्लेटफॉर्म पर संचालित होना है। शिक्षक दीक्षा ऐप अथवा वेबसाइट पर लॉगिन और रजिस्ट्रेशन के बाद प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।


 इस अवसर पर निदेशक आर्ट श्रीमती शशी चौधरी ने कहा है कि निष्ठा के तहत समस्त माध्यमिक शिक्षक 13 विभिन्न मॉड्यूल पर चरणबद्ध ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह प्रशिक्षण 1 अगस्त से आरंभ होगा और प्रशिक्षण से पूर्व दिनांक 26 जुलाई से 31 जुलाई इस प्रशिक्षण के लिए सभी शिक्षक दीक्षा ऐप या दीक्षा वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करेंगे। कार्यशाला में निदेशक माध्यमिक, श्रीमती सीमा जौनसारी ने कहा है कि राज्य में इस कार्यक्रम की व्यापक सफलता के लिए राज्य स्तरीय अधिकारियों की टीमें गंभीरता से मॉनिटरिंग करेंगी। इसके लिए जनपद एवं विकास खंड स्तर पर भी उत्तरदायित्व निर्धारित किये गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न मॉडल्स के लिए   भी दीक्षा प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करना होगा। प्रशिक्षण के दौरान इन मॉडल्स के अंत में शिक्षकों द्वारा प्राप्त प्रशिक्षण का मूल्यांकन भी किया जाएगा, इसलिए समस्त शिक्षक इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लें। उन्होंने माध्यमिक शिक्षकों के साथ ही प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य को भी प्रशिक्षण प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।


 इस अवसर पर उपनिदेशक श्रीमती कंचन देवरानी ने कहा कि कि प्रत्येक विकासखंड में प्रतिभागी शिक्षकों को तकनीकी सहयोग देने के लिए आईसीटी के क्षेत्र में अच्छा अनुभव रखने वाले दो-दो शिक्षकों को नामित किया गया है जो अपने विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सभी शिक्षकों को सहयोग देंगे। इसके साथ ही जनपद एवं राज्य स्तरीय टीमों से भी प्रतिभागी शिक्षक सहयोग ले सकेंगे। उन्होंने कहा की यह प्रशिक्षण ऑनलाइन मोड में लिया जाना है इसलिए प्रत्येक शिक्षक के लिए इंटरनेट व डेटा आदि की व्यवस्था के लिए एक-एक हजार रुपये का मानदेय भी देय होगा। कार्यशाला में उपनिदेशक श्रीमती हिमानी बिष्ट, सहायक निदेशक कृष्णानंद बिजल्वाण, डॉ सुनीता भट्ट व डॉ रमेश पंत सहित कई अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद थे। 

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Comments

  1. बहुत सुन्दर यहाँ पर सभी शिक्षक साथियों को आवश्यक रुप से प्रतिभाग करने को कहा जाय। कोविड काल के बाद किस प्रकार से बच्चों को अधिगम कराया जाय तथा इस वर्ष का पाठ्यक्रम क्या होगा उसका भी उल्लेख किया जाय। आज ही से आफलाइन हो या आनलाईन सम्पूर्ण पाठ्यक्रम पर चर्चा परिचर्या अवश्य हो। धन्यवाद

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    1. जी धन्यवाद। यह प्रशिक्षण सभी माध्यमिक शिक्षकों के लिए अनिवार्य है।

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  2. शैक्षणिक क्षमता संवर्धन हेतु इस बार बार भी प्रशिक्षण उपयोगी साबित हो,ऐसी आशा करते हैं।

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  3. दीक्षा के बारे मे आंन लाइन प्रशिक्षण, बर्चुअल लैब के स्थान पर मोबाईल एप द्वारा अथवा उचित माध्यम् से हो ,जो मोबाइल पर आसानी से उपलब्ध हो सके, के माध्यम से हो, जिससे शिक्षको को अयंत्र जाने की परेशानी न हो।

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    1. वर्चुअल लैब में जाने की जरूरत नही, आप सम्पूर्ण प्रशिक्षण अपने स्मार्टफोन पर प्राप्त कर सकते हैं।

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  4. बहुत ही लाभदायक है।

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  5. शिक्षा का यह प्रोग्राम समस्त अध्यापकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा

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    1. TV chahie online padhai ke liye mera naam Vigyan hai main G dhakrol se hun mera naam Priyanshu hai mujhe online padhai ke liye chahie

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  6. प्रभारी को अपने विषय का प्रशिक्षण लेना होगा या फिर संस्थाध्यक्ष का?

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    1. विषय के लिए केवल एक मॉड्यूल है जो प्रशिक्षण के अंतिम चरण में होगा। संस्थाध्यक्ष अपने शिक्षण विषय के मॉड्यूल का चयन करेंगे।

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  7. बहुत लाभदायक है।

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  8. बहुत लाभदायक ।

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  9. क्या जूनियर विद्यालय के शिक्षकों के लिये भी आवश्यक है

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    1. नही, यह प्रशिक्षण केवल माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व संस्थाध्यक्षो के लिए आयोजित है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक शिक्षक प्रतिभाग न करें।

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  10. Sir mere phone pe samavesi pathyachariya ka 1 topic download nhi hora

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  11. Replies
    1. ,ha ya aacha ha school ka prisikchag hoga or bookBko kMlitli padana cahia

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