Wednesday, May 22, 2024

School Innovation Council क्या है?


SCHOOL INNOVATION COUNCIL (SIC) शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और AICTE ने देश भर के स्कूलों के लिए स्कूल इनोवेशन काउंसिल कार्यक्रम शुरू किया है। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूलों में नवाचार, विचार, रचनात्मकता, डिजाइन सोच और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है। एसआईसी स्कूली शिक्षा में आउट ऑफ बॉक्स सोच को बढ़ावा देगा जैसा कि राष्ट्रीय नवाचार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कल्पना की गई है।
   स्कूलों को SIC वार्षिक कैलेंडर योजना के तहत छात्रों और शिक्षकों के लिए विभिन्न गतिविधियों का संचालन करना होगा। ये गतिविधियाँ स्कूल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नवाचार, विचार और प्रोटोटाइप विकास प्रतियोगिताओं के लिए जमीन तैयार करेंगी। एसआईसी स्कूली छात्रों को और अधिक एक्सपोजर प्रदान करने के लिए उच्च शिक्षा स्तर पर शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल द्वारा स्थापित इनोवेशन काउंसिल के साथ स्कूलों को जोड़ेगा।


USER MANUAL FOR ESTABLISHMENT OF SCHOOL INNOVATION COUNCIL


Stepwise instructions for School Innovation Council Registration




UNDERTAKING FORMAT




C.B.S.E CIRCULAR





SCHOOL INNOVATION COUNCIL

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DIET New Tehri: डायट नई टिहरी में पीएम श्री स्कूलों के क्षमता संवर्धन विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला हुई आरंभ

सीईओ टिहरी, एसपी सेमवाल, पीएम श्री स्कूलों के प्रधानाचार्यों को संबोधित करते हुए

DIET New Tehri: डायट नई टिहरी में पीएम श्री स्कूलों के क्षमता संवर्धन विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला हुई आरंभ...

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Tuesday, May 21, 2024

SCERT Uttarakhand: कौशलम पाठ्यचर्या पर डायट रुड़की में मास्टर ट्रेनर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने की छात्रों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने की अपील

निदेशक माध्यमिक शक्षा महावीर सिंह बिष्ट, कौशल पशिक्षण की समीक्षा बैठक लेते हुए।

Himwant Educational News: जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान रुड़की में सोमवार के राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कौशलम पाठ्यचर्या पर दो दवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में हरिद्वार जनपद के सभी विकासखंडों से चार-चार मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण लिया है। इस अवसर पर निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने कहा है कि कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों में कौशलम कार्यक्रम के माध्यम से 21वीं सदी के कौशल विकसित किए जाएंगे।
उत्तराखंड के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इस सत्र से कौशलम पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल विकसित किए जाएंगे। एससीईआरटी उत्तराखंड के निर्देश पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण सस्थान  रुड़की में मास्टर ट्रेनर्स के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के मौके पर उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट ने सभी मास्टर ट्रेनर्स को अपने-अपने विकासखंडों में निर्धारित समय पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित करवाने और विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के लिए अपना यथोचित योगदान देने की अपील की है। इस मौके पर डायट प्राचार्य  केके गुप्ता एवं डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता कैलाश डंगवाल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम समन्वयक व राज्य संदर्भदाता कविता  व अनिल  कुमार धीमान प्रवक्ता डायट ने कार्यक्रम का रोचक ढंग से संचालन किया। राज्य संदर्भ दाता के रूप में के राजेंद्र चौधरी और प्रमोद कुमार ने विशेष भूमिक निभाई। 
     दो दिवसीय कार्यक्रम में सभी विकास खंडों से  चार-चार मास्टर ट्रेनर के रूप में शिक्षक बुलाए गए जो माह जुलाई में अपने-अपने विकास खंडों में हाई स्कूल व इंटर कॉलेज में कक्षा 9 से 12 में शिक्षण कार्य करने वाले एक-एक शिक्षक का प्रशिक्षण कराएंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमशील मानसिकता तथा 21वीं सदी के कौशल का विकास करना है जिससे छात्र अपने जीवन में आवश्यक कौशलों का विकास करते हुए स्वयं का विकास तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सके। यह कार्यक्रम समस्त हाई स्कूल व इंटर कॉलेज में चलाया जाएगा । प्रत्येक कक्षा में प्रत्येक सप्ताह में दो-दो वादन लगाए जाएंगे। जिसमें विद्यार्थी विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए विभिन्न प्रोजेक्ट कार्य को संपादित करेंगे।

SCERT Uttarakhand: कौशलम पाठ्यचर्या पर डायट नई टिहरी में मास्टर ट्रेनर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, प्राचार्य हेमलता भट्ट ने की छात्रों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने की अपील

Himwant Educational News: जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी में मंगलवार के राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कौशलम पाठ्यचर्या पर दो दवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी नौ विकासखंडों से मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण लिया है। यहां से प्रशिक्षण लेने के बाद सभी मास्टर ट्रेनर अपने-अपने विकासखंडों में प्रत्येक विद्यालय से शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
उत्तराखंड के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इस सत्र से कौशलम पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल विकसित किए जाएंगे। एससीईआरटी उत्तराखंड के निर्देश पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण सस्थान नई टिहरी में मास्टर ट्रेनर्स के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के मौके पर डायट प्राचार्य हेमलता भट्ट ने सभी मास्टर ट्रेनर्स को अपने-अपने विकासखंडों में निर्धारित समय पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित करवाने और विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के लिए अपना यथोचित योगदान देने की अपील की है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संदर्भदाता राकेश बहुगुणा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत राज्य के सभी माध्यमिक विद्यालयों में कौशलम् पाठ्यचर्या पर रोचक ढंग से प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम समन्वयक व संदर्भदाता सीमा शर्मा ने कौशलम कार्यक्रम की उपयोगिता से प्रतिभागी शिक्षकों को अवगत कराया। संदर्भदाता के रूप में डा वीर सिंह रावत, देवेंद्र भंडारी और दीपक रतूड़ी ने प्रशिक्षण सत्र के दौरान अनेक गतिविधियों का आयोजन करते हुए कौशलम कार्यक्रम को रोचक बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर एक प्रतिष्ठित कंपनी में प्रबंधक की पद को छोड़ मशरूम उत्पादन के जरिए रोजगार के क्षेत्र में सफलता के शिखर पर पहुंचे और स्किल डेवलपमेंट के जरिए प्रधानमंत्री से वार्तालाप और सराहना पाने वाले स्थानीय उद्यमी सुशांत उनियाल ने भी प्रशिक्षणार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए।
चार्य डायट श्रीमती हेमलता भट्ट, प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए
दो दिवसीय कार्यक्रम में सभी विकास खंडों से  चार-चार मास्टर ट्रेनर के रूप में शिक्षक बुलाए गए जो माह जुलाई में अपने-अपने विकास खंडों में हाई स्कूल व इंटर कॉलेज में कक्षा 9 से 12 में शिक्षण कार्य करने वाले एक-एक शिक्षक का प्रशिक्षण कराएंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमशील मानसिकता तथा 21वीं सदी के कौशल का विकास करना है जिससे छात्र अपने जीवन में आवश्यक कौशलों का विकास करते हुए स्वयं का विकास तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सके। यह कार्यक्रम समस्त हाई स्कूल व इंटर कॉलेज में चलाया जाएगा। प्रत्येक कक्षा में प्रत्येक सप्ताह में दो-दो वादन लगाए जाएंगे। जिसमें विद्यार्थी विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए विभिन्न प्रोजेक्ट कार्य को संपादित करेंगे।

Saturday, May 18, 2024

NEP 2020 पर डाइट नई टिहरी में आयोजित परिचर्चा में पहुंचे एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. डीपी सकलानी, शिक्षण में स्थानीय शिल्पकारों कलाकारों और विभिन्न पेशेवरों से सहयोग लेने पर दिया जोर

सीईओ टिहरी एसपी सेमवाल और डायट प्राचार्य हेमलता भट्ट,
 एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. डीपी सकलानी का स्वागत करते हुए

रिपोर्ट सुशील डोभाल- एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. डीपी सकलानी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विश्व में भारत को अग्रणी स्थान दिलाने के साथ ही भारत के विश्वगुरु बनने का रास्ता भी अग्रसर करेगी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी में NEP 2020 पर आयोजित एक परिचर्चा में उन्होंने विद्यालय स्तर पर शिक्षण को अधिक सार्थक और प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों सहित विभिन्न पेशेवरों का सहयोग लेने की अपील की है।

    यहां DIET के सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आयोजित आयोजित चर्चा-परिचर्चा में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. डीपी सकलानी ने कहा कि आज जहां पूरे विश्व में नई शिक्षा नीति आरंभ होने से शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहे है, वहीं अब सभी राज्यों के स्कूलों, महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों का कर्तव्य है कि इस शिक्षा नीति का अध्ययन कर इसके अनुरूप पाठ्यक्रमों को तैयार कर पाठ्य पुस्तकें बच्चों के लिए उपलब्ध करायें। उन्होंने नई शिक्षा नीति का लाभ नई पीढ़ी को तत्परता से देने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहां है किशिक्षा के क्षेत्र में भारत विश्व गुरु बनने जा रहा है और इसमें नई शिक्षा नीति की भूमिका अहम है। समय-समय पर इसमें बदलाव की भी आवश्यकता है। इसके लिए एनसीईआरटी पूरे देश में सेमिनारों और कार्यशालाओं के आयोजन में विभिन्न विषय विशेषज्ञों की मदद से विचार-विमर्श के साथ सुझाव देकर नई शिक्षा नीति को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।

उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना के अनुरूप प्राथमिक कक्षाओं में स्थानीय बोली भाषा को शिक्षक मध्य में शामिल किए जाने के सार्थक परिणाम मिलेंगे। उन्होंने शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय शिल्पकारों कलाकारों और विभिन्न पेशेवरों का सहयोग लेने की अपील करते हुए इनके सहयोग से शिक्षण अधिगम समग्री तैयार करने की अपील की है। इस अवसर पर उन्होंने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी द्वारा संचालित गतिविधियों की सराहना की है। निदेशक द्वारा जनपद के विभिन्न विद्यालयों का अनुश्रवण भी किया गया अनुश्रवण के दोरान शिक्षकों को अपने शिक्षण कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विद्यालय के पास ही आवासित रहने के निर्देश दिये गये। 

     इस अवसर पर एससीईआरटी के अपर निदेशक अजय कुमार नौडियाल, एनसीईआरटी के प्रो. रंजना अरोडा, प्रो. संतोष, एस.पी. सिहं जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, नरेश कुमार हल्दियानी, खण्ड शिक्षा अधिकारी चम्बा,  दीपक रतूडी प्रवक्ता, डॉ. वीर सिह रावत, विनोद पेटवाल, राजेंद्र प्रसाद बडनी, डा सुमन नेगी, नरेश कुमाई, देवेन्द्र सिहं भण्डारी और सीमा शर्मा, सहित स्थानीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। 

अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार 

इससे पूर्व डायट परिसर में पहुंचने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी शिव प्रसाद सेमवाल तथा डायट प्राचार्य हेमलता भट्ट ने एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. डीपी सकलानी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। मुख्य शिक्षा अधिकारी सेमवाल ने जिले की शैक्षिक प्रगति और आगामी कार्य योजना से प्रो सकलानी को अवगत करवाया। कार्यक्रम में डायट प्राचार्य हेमलता भट्ट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में संस्थान में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी है। इस अवसर पर संस्थान के डीएलएड प्रशिक्षुओं ने अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।

PM SHRI अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार के विद्यार्थियों ने किया इन उच्च शैक्षिक संस्थानों का शैक्षिक भ्रमण, छात्रों ने उत्साह के साथ ली उच्च शिक्षा और कैरियर संबंधित विभिन्न जानकारियां, यहां पढ़ें रिपोर्ट


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Friday, May 17, 2024

School Education Uttarakhand: चालीस वर्षों की सेवा के बाद शिक्षक लखपत सिंह रावत हुए सेवानिवृत्त, 55 से अधिक आदमखोर गुलदारों को कर चुके है ढेर

Published from Blogger Prime Android Appखंड शिक्षा अधिकारी गैरसैंण द्वारा आयोजित विद्यालयों की मासिक बैठक में पूर्व बी०आर०सी० लखपत सिंह रावत द्वारा शिक्षा विभाग में लगभग 40 साल की सेवा के उपरान्त सेवानिवृति के अवसर पर एवं अपने पिता स्व० त्रिलोक सिंह रावत की याद में विकासखंड के माध्यमिक व प्रारम्भिक विद्यालयों को लगभग रूपये 175000 मूल्य की प्रतियोगी परीक्षाओं, इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स, सामान्य ज्ञान, अग्निवीर, इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स, एन०एम०एम०एस०, तर्कशक्ति की पुस्तकें भेंट करके अपनी विदाई को यादगार बनाया है।

 लखपत सिंह रावत एक विख्यात शिकारी हैं। जो अब तक 55 नरभक्षी गुलदारों का विधिवत शिकार कर चुके हैं। जो कि प्रख्यात शिकारी जिम कार्बेट के 33 नरभक्षी गुलदारों का विधिवत शिकारों से कहीं अधिक है। लखपत रावत के इस शिक्षाप्रद कार्य हेतु माननीय विधायक अनिल नौटियाल, ब्लाक प्रमुख  शशि सौरियाल, बी०ई०ओ० विनोद सिंह, शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों, शिक्षकों, कार्यालय कार्मिकों ने धन्यवाद ज्ञापित किया और उनके भावी जीवन हेतु शुभकामनायें व्यक्त की हैं।

Tuesday, May 14, 2024

Inspire Award MANAK: इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम पर 15 मई को आयोजित होगी राज्य स्तरीय ऑनलाइन मीटिंग, अपर निदेशक एनसीईआरटी उत्तराखंड ने दिए प्रतिभाग के निर्देश

Inspire Award MANAK: इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के अंतर्गत 15 मई को एक राज्य स्तरीय ऑनलाइन मीटिंग का आयोजन किया जाएगा । इसके लिए अपर निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य और खंड शिक्षा अधिकारियों सहित विद्यालयों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
अपने स्कूल के लिए Idea box slip यहां से प्राप्त करें।
   इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के अन्तर्गत विद्यालयों में आइडिया बॉक्स लगवाने की प्रगति की समीक्षा तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करने के लिए NIF नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन की टीम के साथ एक राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक के लिए निर्देश जारी करते हुए अपन निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड ने कहा है कि समस्त जूनियर हाई स्कूल / इण्टर कॉलेज में इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम के अन्तर्गत कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों के नवोन्मेषी विचार एकत्र करने तथा तत्पश्चात विद्यालय में आईडिया प्रतियोगिता करवाने के लिये एक आइडिया बाक्स लगवाने हेतू निर्देशित किया गया था। पूर्व में जारी निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए दिनांक 15 मई को प्रातः 11 बजे ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। जिसमें समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारी/जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) / प्राचार्य डायट /खण्ड शिक्षा अधिकारी / उपखण्ड शिक्षाधिकारी / प्रधानाचार्य सहित DRP (डायट) तथा जनपद व ब्लाक समन्वयक व माध्यमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक / शिक्षिकायें भी सम्मिलित होंगे।
बैठक में इन बिन्दुओं पर होगी चर्चा
  • आइडिया बॉक्स के सम्बंध में अद्यतन प्रगति।
  • आइडिया प्रतियोगिता की तिथि व प्रक्रिया।
  • आगामी DLEPC तथा NLEPC 
  • DLEPC तथा SLEPC में विद्यार्थियों की शत प्रतिशत भागीदारी।
  • शत प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण नामांकन हेतू कार्ययोजना।
  • Zoom app पर 11:00am पर आयोजित होगी ऑनलाइन बैठक
  • बैठक का लिंक whatsapp के माध्यम से भेजा जाएगा।

Monday, May 13, 2024

Education System of India MCQ: भारत में शिक्षा प्रणाली और शिक्षा आयोगों से सम्बंधित प्रश्न-उत्तर

Education System of India, Education Commissions and National Education Policies in India.

Education System of India MCQ: प्राचीन काल में भारत में सभी वर्गों को शिक्षा प्राप्ति का अधिकार रहा है। प्राचीन समय में भारत में गुरुकुल पद्धति से शिक्षा दी जाती थी। यह पद्धति अत्यंत कठिन थी परंतु इससे प्राप्त ज्ञान जीवन को बदलने वाला था। आज से लगभग 2700 वर्ष पूर्व भारत के तक्षशिला में विश्व का पहला विश्वविद्यालय स्थापित किया गया था। इसके बाद लगभग 2300 वर्ष पूर्व नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। यह दोनों ही विश्वविद्यालय वेद वेदांग के अतिरिक्त ज्ञान-विज्ञान, तकनीकी, गणित खगोल, भौतिकी, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, नीति शास्त्र, व्याकरण आदि अनेक विषयों के लिए प्रसिद्ध थे। भारत में शिक्षा के स्‍वरूप में बदलाव विदेशी आक्रमणों के साथ ही शुरू हो गया था, कई बार भारत के शिक्षा प्रणाली में बदलाव किया गया। इसमें सबसे ज्‍यादा बदलाव ब्रिटिश हुकूमत के समय आया। स्वतंत्रता के बाद भारत में गठित शिक्षा आयोगों ने भारतीय शिक्षा प्रणाली में अनेक उल्लेखनीय सुधार किए हैं। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां भारतीय शिक्षा प्रणाली और विभिन्न आयोगों पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर MCQ on Indian Education System प्रस्तुत कर रहा हूं। आशा करता हूं यह प्रयास आपके लिए उपयोगी साबित होगा।


Friday, May 10, 2024

School Education Uttarakhand: छात्राओं से छेड़छाड़ और प्रधानाचार्य से अभद्रता के मामले में यहां शिक्षक हुआ सस्पेंड, जाने क्या है पूरा मामला-

छात्राओं से छेड़छाड़ की कोशिश, गलत तरीके से स्पर्श करने, मारपीट और प्रधानाचार्य से अभद्रता मामले में अपर निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) ने राजकीय इंटर कॉलेज बुल्लावाला, डोईवाला के एलटी शिक्षक अजय सिंह राजपूत को निलंबित कर दिया है। उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) के पौड़ी स्थित कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है।
सहायक अध्यापक गणित अजय सिंह राजपूत की शिकायत आने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून ने सात मई को खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए थे। अजय सिंह पर छात्राओं का शारीरिक उत्पीड़न करने, छात्राओं से मारपीट करने, कक्षा में उन्हें अनुत्तीर्ण करने, बिना अनुमति कक्षाओं का संचालन निर्धारित कक्ष के बजाए अन्य स्थान पर करने, प्रधानाचार्य के साथ गालीगलौज करने और उनके निर्देशों का पालन न करने का आरोप था।
बीईओ की रिपोर्ट में ये आरोप सत्य पाए गए। इसके बाद बृहस्पतिवार को खुद मुख्य शिक्षा अधिकारी भी कॉलेज पहुंरे और आरोपों की जांच करते हुए सही पाया। उनकी रिपोर्ट के आधार पर अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) डॉ. एसबी जोशी ने शिक्षक को उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 2003 यथासंशोधित 2010 के नियम-4 के उप नियम-1 के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्ध औसत वेतन या अर्द्ध वेतन पर देय अवकाश वेतन के बराबर देय होगी। निलंबन अवधि में अजय सिंह राजपूत जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) पौड़ी के कार्यालय में संबद्ध रहेंगे।


Principal direct recruitment: प्रधानाचार्य सीधी भर्ती के विरोध में राजकीय शिक्षक संघ शुरू करेगा बड़ा आंदोलन, नरेंद्रनगर में संपन्न हुई जनपद कार्यकारणी की बैठक में लिया यह निर्णय

Himwant Educational News: राजकीय शिक्षक सघ प्रधानाचार्य सीधी भर्ती के विरोध में बड़ा आदोलन शुरू करेगा। यह आंदोलन सीधी भर्ती के निर्णय के वापस लिए जाने तक जारी रहेगा। 
   प्रधानाचार्य पद पर सीधी भर्ती कराने के सरकार के निर्णय के खिलाफ राजकीय शिक्षक अब आर पार की लड़ाई का मन बना रहा है। जिलों में इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। राजकीय शिक्षक संघ की टिहरी जिला इकाई की इस संबध में शुक्रवार को नरेंद्रनगर में बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रधानाचार्य सीधी भर्ती पर आंदोलन शुरू करने का निर्णय हुआ है।
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  जिलाध्यक्ष दिलबर सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रधानाचार्य के पदों को पूर्व की तरह प्रमोशन से भरने की मांग की गई। वक्ताओं ने 13 मई को प्रस्तावित बैठक में प्रांतीय कार्यकारिणी को इस पर निर्णय लेने की अपील की है। बैठक का संचालन करते हुए जिला मंत्री बुद्धि प्रसाद भटट ने प्रांतीय कार्यकारिणी से मिले दिशा निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। संघ प्रधानाचार्य पदों पर सीधी भर्ती का आरंभ से ही विरोध करता आ रहा है।
   बैठक में स्कूलों को कोटिकरण समेत तमाम अन्य मसलों पर भी चर्चा की गई। इस मौके पर जिला इकाई के संरक्षण लक्ष्मण सिंह रावत, उपाध्यक्ष हितेंद्र सिंह पंवार, संयुक्त मंत्री जितेंद्र सिंह बिष्ट, जिला संगठन मंत्री सुनील राज कंडारी, आय व्यय निरीक्ष गिरीश चंद्र पैन्यूली, प्रदीप उनियाल, कीर्तिनगर ब्लॉक के अध्यक्ष सतीश बलूनी, मंत्री संदीप मैठाणी, चंबा के अध्यक्ष अरविंद कोठियाल, मंत्री सुरेंद्र शाह, उपाध्यक्ष सुनील असवाल, जाखणीधार के मंत्री अनूप बगियाल, भिलंगना के अध्यक्ष लोकेंद्र रावत, मंत्री दाताराम पूर्वाल, प्रतापनगर के अध्यक्ष नीरज पैन्यूली, मंत्री लवजीत पैन्यूली, देवप्रयाग के अध्यक्ष दयासागर उनियाल, थौलधार के विजय गुसाईं मोहन चौहान, अशरफी ठाकुर, विनोद नेगी आदि मौजूद थे।

PM SHRI अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार के विद्यार्थियों ने किया इन उच्च शैक्षिक संस्थानों का शैक्षिक भ्रमण, छात्रों ने उत्साह के साथ ली उच्च शिक्षा और कैरियर संबंधित विभिन्न जानकारियां

PM SHRI Atal Utkarsh Govt. Inter College Jakhnidhar T.G.
Report by Sushil Dobhal- राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत टिहरी जिले के पीएम श्री अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार के 40 विद्यार्थियों के दल ने मार्गदर्शक शिक्षकों के साथ गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल एवं वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी का भ्रमण कर उच्च शिक्षा से संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारियां ली हैं। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों से संबंधित कक्षाओं, प्रयोगशालाओ और लॉ कॉलेज के मूट कोर्ट की कार्य प्रणाली को भी जाना। 
 टिहरी जिले के अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज का गत वर्ष देश के चुनिंदा विद्यालयो में से PM SHRI School के रूप में चयन हुआ है। इन विद्यालयों के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं के छात्र छात्रों के लिए शैक्षणिक भ्रमण का प्रावधान किया गया है। इसी के अंतर्गत विद्यालय में कक्षा 11 और 12 में अध्यनरत 40 छात्र-छात्राओं के दल ने अपने मार्गदर्शक शिक्षकों के साथ गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बादशाहीथौल स्थित स्वामी रामतीर्थ परिसर का शैक्षिक भ्रमण किया। परिसर में पहुंचने पर छात्र-छात्राओं के दल का पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ हंसराज बिष्ट ने अपने सहयोगी स्टाफ के साथ गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को परिसर के पुस्तकालय का भ्रमण करवाते हुए उन्हें पुस्तकालय प्रबंधन, पुस्तकों के रखरखाव, वितरण और ई लाइब्रेरी के बारे में अनेक उपयोगी जानकारियां दी।
शैक्षिक भ्रमण पर पहुंचे छात्र-छात्राओं को डॉ हंसराज बिष्ट ने महाविद्यालय के फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी और जूलॉजी की कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का भ्रमण करवाते हुए उन्हें उच्च शिक्षा और करियर संबंधी जानकारियां दी है। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय की अंतर्गत संचालित कॉलेज आफ लॉ में मूट कोर्ट का भी भ्रमण किया जहां उन्हें लॉ कॉलेज की प्राध्यापकों द्वारा बताया गया कि उनके अर्थशास्त्र प्रवक्ता सुशील डोभाल ने इसी परिसर से वर्ष 2008 में एलएलएम की उपाधि हासिल की थी। छात्र-छात्राओं ने लॉ के छात्रों के साथ वार्तालाप कर उनके अनुभव भी जाने।
भ्रमण पर बच्चों ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड वानिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय के रानीचोरी स्थित वानिकी महाविद्यालय का भी भ्रमण किया। महाविद्यालय पहुंचने पर असिस्टेंट प्रोफेसर डा राजेश बिजलवान और डा सुमित चौधरी ने छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए उन्हें महाविद्यालय के प्रयोगशाला और पौधशाला का भ्रमण करवाते हुए अनेक उपयोगी जानकारियां दी। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय की प्रयोगशालाओं में स्थापित विभिन्न संयंत्रों सहित विभिन्न विभागों और अनुभागों की भी जानकारी ली। 
 शैक्षणिक भ्रमण पर आए विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ उच्च शिक्षा और करियर से संबंधित अनेक जानकारियां प्राप्त की। विद्यार्थियों ने विद्यालय के प्रवक्ता सुशील डोभाल, सहायक अध्यापक एलटी पंकज डंगवाल, दिनेश रावत, रेखा कंडारी, आमो खामा और रंजीता पुंडीर के मार्गदर्शन में भ्रमण स्थल के स्थानीय परिवेश से संबंधित जानकारियां भी प्राप्त की हैं।
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वीडियो देखें 

Sunday, May 5, 2024

Education system: जूनियर से माध्यमिक में उच्चीकृत विद्यालयों में कक्षाओं का अलग-अलग संचालन अव्यवहारिक, एक ही परिसर में अलग अलग संचालित विद्यालयों का किया जाए एकीकरण- चेतन प्रसाद नटियाल, उपनिदेशक से.नि.

Himwant Educational News: विद्यालयी शिक्षा विभाग में उप निदेशक सहित अनेक महत्वपूर्ण पदों पर सेवाए देने वाले सेवानिवृत्त अधिकारी चेतन प्रसाद नौटियाल ने मौजूदा समय में एक ही परिसर में संचालित उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों को एकीकृत किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा है की राज्य के सरकारी विद्यालयों में घटती नाकांकन दर चिंता का विषय है।   
    हिमवंत के सपादक के साथ दूरभाष पर हुई वार्ता में उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी द्वारा एक ही परिसर में संचालित उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों का संचालन एक साथ करने के आदेशों की प्रशंसा की है। चेतन प्रसाद नौटियाल लंबे समय तक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी में प्राचार्य सहित विद्यालयी शिक्षा में अनेक महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं और शिक्षा के क्षेत्रमें उनका लंबा अनुभव है। विभाग में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त होकर अब वह अनेक समाजिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं।
     उन्होंने ने कहा है कि आज वक्त की जरूरत है कि एक ही परिसर में संचालित ऐसे विद्यालयों को एकीकृत किया जाना चाहिए। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालय जहां छात्र विहीन होते जा रहे हैं वहीं संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी यह आवश्यक है। उन्होंने कहा है कि हाईस्कूल के रूप में उच्चीकृत होने पर जूनियर और माध्यमिक विद्यालयों का संचालन अलग-अलग किया जाना अव्यवहारिक है। कक्षा 6 से 10 तक नामांकन से लेकर विद्यालय संचालक तक का संपूर्ण उत्तरदायित्व हाईस्कूल प्रधानाध्यापक का होना चाहिए। कक्षा-6 में प्रवेश प्रधानाध्यापक हाई स्कूल के द्वारा दिलवाया जाना चाहिए। ऐसा होने पर कक्षा-6 के बाद कक्षा 7,कक्षा-7 के बाद कक्षा-8, कक्षा-8 के बाद-9, एवं -9 के बाद दसवीं कक्षा में छात्र एक ही विद्यालय में लगातार प्रोन्नत होता चलाया जाएगा।
       वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत राज्य में बहुत कम ऐसे विद्यालयों में कक्षाएं एकीकृत रूप से तो संचालित की जा रही है ऐसे में कक्षा-8 पास करने के बाद एक ही विद्यालय होने के बावजूद भी विद्यार्थियों की टीसी निर्गत की जाती है और उसे इसी विद्यालय में कक्षा-9 में प्रवेश दिलवाया जाता है। जहां तक पठन-पाटन की बात है जूनियर हाई स्कूल और हाई स्कूल के सभी अध्यापक मिलजुल कर पठन-पाठन करते रहेंगे और उनके संवर्ग भी अलग-अलग ही रहेंगे इस बिंदु पर सभी अध्यापकों को सहमत होना चाहिए ।

Saturday, May 4, 2024

NEP- 2020: उत्तराखंड के स्कूली छात्र बनेंगे अब इतिहासकार, NEP-2020 के तहत अपने गांव और क्षेत्र का लिखेंगे इतिहास

प्राचार्य डायट, डा हेमलता भट्ट
Himwant Educational News: उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा विभाग छात्रों में लेखन, रचनात्मकता एवं शोध की प्रवृत्ति को विकसित करने के लिए अनोखी पहल शुरू करने जा रहा है। जी हां राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी NEP 2020 के तहत अब उत्तराखंड की स्कूली बच्चे अपने गांव और क्षेत्र का इतिहास लिखेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में ऐतिहासिक तथ्यों के संकलन और लेखन की क्षमता का विकास तो होगा ही साथ ही बच्चों में रचनाशीलता भी बढ़ेगी। 
    जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी की प्राचार्य डा हेमलता भट्ट ने कहां है कि जनपद के विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अध्याय-07 टास्क संख्या-207 में दिए गए प्रावधान के अंतर्गत जनपद के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा-06 से 12 तक के विद्यार्थियों में इतिहास विषय की महत्ता और इतिहास को लिखे जाने की प्रक्रिया को समझने के लिए प्रत्येक छात्र द्वारा अपने विद्यालय, गांव, कस्बे, क्षेत्र के मानचित्र एंव इतिहास (स्थापना दिवस, प्रथम संस्थाध्यक्ष, शिक्षक, विशिष्ट पूर्व छात्रों के विवरण सहित) आदि का एक दस्तावेज तैयार किया जाना है।
    विद्यार्थियों से उक्त दस्तावेज़ तैयार करवाकर विद्यालय स्तर पर दो सर्वश्रेष्ठ दस्तावेज / लेख (फोटोग्राफ सहित- अधिकतम पांच) को विकासखण्ड स्तर पर संकलित किया जायेगा। तदोपरान्त विकासखण्ड स्तर पर समिति के माध्यम से तीन सर्वश्रेष्ठ लेखों का चयन करते हुए जनपद स्तर पर प्रेषित किया जाएगा तथा जनपदों द्वारा प्रत्येक विकासखण्ड से प्राप्त लेखों में से सर्वश्रेष्ठ लेख का चयन कर एन.ई.पी. प्रकोष्ठ, एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड को उपलब्ध करवाया जायेगा। उन्होंने सभी सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और विद्यालयों के संस्थाध्यक्षों को टास्क के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्यवाही करने की निर्देश दिए हैं। 

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