टिहरी गढ़वाल चंबा निवासी मीनल नेगी ने ऑनलाइन तैयारी कर UPSC परीक्षा में हालिस की 66वीं रैंक, बढ़ाया टिहरी जिले का मान, यूपीएससी परीक्षा में छाए उत्तराखंड के यह होनहार

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जनपद के चंबा के निकट दिवाड़ा गांव की बेटी मीनल नेगी ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 66 हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनके पिता शिक्षक और मां गृहिणी है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और उन्हें लगातार बधाइयाँ मिल रही हैं। पहाड़ के छोटे से गांव से निकलकर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में इतनी शानदार सफलता हासिल करना युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।
चंबा क्षेत्र के ग्राम दिवाड़ा (नकोट मार्ग) निवासी मीनल नेगी का जन्म और पालन-पोषण एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता प्रीतम सिंह नेगी उत्तराखंड शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं और वर्तमान में जूनियर हाईस्कूल डोबरा-कोटेश्वर, टिहरी में कार्यरत हैं। उनकी माता मीना देवी गृहिणी हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन का माहौल होने के कारण मीनल बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहीं।
मीनल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चंबा से ही प्राप्त की और दसवीं तक की पढ़ाई स्थानीय स्कूलों से पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनके मन में सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय हो गया था। आगे की पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयारी शुरू कर दी।
मीनल ने बताया कि उन्होंने अपनी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी देहरादून में रहकर ऑनलाइन माध्यम से की। उन्होंने इंटरनेट के जरिए अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन लेक्चर और नियमित अभ्यास के माध्यम से अपनी तैयारी को मजबूत किया। उनका मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो किसी भी स्थान से प्रभावी तैयारी की जा सकती है।
हालांकि सफलता का यह सफर आसान नहीं रहा। अपने पहले प्रयास में मीनल प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सकी थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी कमियों का विश्लेषण कर उन्होंने पढ़ाई की रणनीति में बदलाव किया और दूसरे प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 66 हासिल कर ली।
मीनल नेगी का कहना है कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए नियमित दिनचर्या, सही अध्ययन सामग्री और निरंतर अभ्यास बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। 
मीनल नेगी की इस उपलब्धि से न केवल टिहरी जनपद बल्कि पूरे उत्तराखंड को गर्व है। उनकी सफलता पहाड़ के युवाओं और विशेष रूप से बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।





उत्तराखंड का गौरव: UPSC 2025 में राज्य के 13 युवाओं ने रचा इतिहास

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों में उत्तराखंड के प्रतिभाशाली युवाओं ने एक बार फिर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है। इस वर्ष राज्य के 13 मेधावी अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है।
इनमें Meenal Negi (AIR 66) राज्य की प्रमुख टॉपर बनकर उभरी हैं। वहीं Priya Singh Chauhan (AIR 45) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए उच्च रैंक हासिल की है। खास बात यह भी है कि जौनसार-बावर क्षेत्र से Swapnil Semwal (AIR 600), Ayush Semwal (AIR 851) और Aastha Chauhan (AIR 934) का चयन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
उत्तराखंड से चयनित प्रमुख अभ्यर्थी और उनकी रैंक:

क्रम नाम रैंक (AIR) मूल स्थान / जिला

1 प्रिया सिंह चौहान 45 काशीपुर, ऊधमसिंह नगर
2 मीनल नेगी 66 देहरादून (मूल: टिहरी)
3 अनुज पंत 69 चंपावत
4 आर्यन सिंह 104 हरिद्वार
5 आदित्य पाठक 189 पिथौरागढ़
6 तुषार चौहान 216 हरिद्वार
7 अनुप्रिया 258 लोहाघाट, चंपावत
8 ऋषभ नौटियाल 552 पुरोला, उत्तरकाशी
9 स्वप्निल सेमवाल 600 कालसी, देहरादून (जौनसार-बावर)
10 फैरुज फातिमा 708 रुड़की
11 सौम्या गर्ब्याल 822 भीमताल, नैनीताल
12 आयुष सेमवाल 851 कालसी, देहरादून
13 आस्था चौहान 934 त्यूणी, देहरादून

यह सफलता उत्तराखंड के युवाओं की मेहनत, संकल्प और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। पर्वतीय प्रदेश के इन होनहार युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो तो सफलता अवश्य मिलती है। उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से सभी सफल अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ।

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