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iGOT कर्मयोगी क्या है? सभी अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से करना है कोर्स।

iGOT कर्मयोगी क्या है? सभी अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से करना है कोर्स।

 
इन दिनों केंद्र और राज्य सरकार के अधीन सभी अधिकारियों शिक्षकों और कर्मचारी को अपने संस्थाध्यक्ष द्वारा iGOT कर्मयोगी प्लेटफार्म पर रजिस्ट्रेशन कर ऑनलाइन कोर्स कंप्लीट करने के निर्देश मिल रहे हैं। लेकिन जानकारी के अभाव में जहां अनेक यूजर्स अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं वहीं विभिन्न विभागों के कार्मिक इस कोर्स के प्रशिक्षण की अनिवार्यता को लेकर भी भ्रमित हो रहे हैं। इस लेख के माध्यम से मै जहां iGOT कर्मयोगी प्लेटफार्म पर रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया आपके सामने रख रहा हूं वहीं पाठकों की शंकाओं को भी दूर करने का प्रयास कर रहा हूं। इस लेख पर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य कमेंट करें। 
सुशील डोभाल, प्रवक्ता पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज
ज़ाखणीधार टिहरी गढ़वाल

क्या है iGOT कर्मयोगी प्लेटफार्म?

iGOT कर्मयोगी (iGOT Karmayogi) भारत सरकार द्वारा जारी एक ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग और शिक्षा प्रदान करना है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के कार्यक्षमता को सुधारना और उन्हें अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है। i-GOT कर्मयोगी मिशन कर्मयोगी के तहत शुरू किया गया एक ऑनलाइन प्रशिक्षण मंच है, जिसका उद्देश्य भारतीय सिविल सेवकों के कौशल को बढ़ाना है। यह वैश्विक संस्थानों से क्यूरेटेड पाठ्यक्रमों के माध्यम से निरंतर सीखने के अवसर प्रदान करता है। यह विभिन्न सरकारी स्तरों पर पेशेवर विकास और योग्यता विकास की संस्कृति को बढ़ावा देता है, जिससे अंततः शासन और दक्षता में सुधार होता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार (19 अक्टूबर) को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में 'कर्मयोगी सप्ताह' या राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह का शुभारंभ किया। यह पहल देश भर में व्यक्तिगत और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर सिविल सेवकों के कौशल और क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है।

i-GOT कर्मयोगी क्या है? जाने इसके विजन, मिशन और मुख्य कार्य

i-GOT कर्मयोगी (i-GOT Karmayogi) भारत सरकार का एक ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जिसे सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के कौशल और दक्षता को बढ़ाना है ताकि वे अपने कार्यों को प्रभावी रूप से निभा सकें और बेहतर सेवा प्रदान कर सकें।

विजन (Vision)

i-GOT कर्मयोगी का विजन है सार्वजनिक प्रशासन में दक्षता, ईमानदारी, और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना। इसके माध्यम से सरकारी कर्मचारियों को एक सशक्त और सक्षम प्रशासनिक ढांचा देने की कोशिश की जाती है, जो शासन के लिए बेहतर नीतियों का निर्माण और कार्यान्वयन कर सके।

मिशन (Mission)

i-GOT कर्मयोगी का मिशन है: सरकारी कर्मचारियों के कौशल, ज्ञान और कार्यक्षमता को ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से बढ़ाना। उन्हें आधुनिक और प्रभावी तकनीकी ज्ञान, नेतृत्व क्षमता, और प्रशासनिक नीतियों के प्रति जागरूकता देना। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन में सुधार लाना और उन्हें आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण प्रदान करना है ताकि वे अपने कार्यों को प्रभावी रूप से कर सकें।
मुख्य कार्य (Key Activities)

ऑनलाइन प्रशिक्षण और कोर्स: i-GOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म सरकारी कर्मचारियों के लिए विभिन्न कोर्सेज और प्रशिक्षण प्रदान करता है। इन कोर्सेज में प्रशासनिक कौशल, नेतृत्व, नीति निर्माण, और अन्य संबंधित क्षेत्रों पर केंद्रित कोर्स शामिल हैं।
कौशल उन्नयन (Skill Enhancement): कर्मचारियों के लिए विभिन्न कार्यक्षेत्रों में उनके कौशल को उन्नत करने के लिए संसाधन और सामग्री प्रदान की जाती है, जैसे कि डिजिटल कौशल, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, और अन्य तकनीकी कौशल।
विविध प्रशिक्षण मॉड्यूल: प्लेटफॉर्म पर कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण के विभिन्न मॉड्यूल्स होते हैं, जो उन्हें प्रशासन, सार्वजनिक नीति, कानून, और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में ज्ञान बढ़ाने में मदद करते हैं।
प्रगति का मूल्यांकन: कर्मचारियों की प्रगति को नियमित रूप से ट्रैक किया जाता है और उन्हें उनके प्रदर्शन के आधार पर रेटिंग दी जाती है, जिससे वे अपने कौशल में सुधार कर सकते हैं।
समय-समय पर अपडेट: प्लेटफॉर्म नियमित रूप से नवीनतम नीतियों, तकनीकी विकास और अन्य प्रशासनिक सुधारों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
आधुनिक तकनीक का उपयोग प्लेटफॉर्म आधुनिक तकनीक का उपयोग करता है, जैसे कि एआई (AI) और डेटा एनालिटिक्स, ताकि कर्मचारियों की ज़रूरतों का विश्लेषण किया जा सके और उनके लिए प्रासंगिक कंटेंट प्रदान किया जा सके।
सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध यह प्लेटफॉर्म सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए सुलभ है, चाहे वे केंद्र सरकार के कर्मचारी हों या राज्य सरकार के कर्मचारी। इसमें सभी स्तरों के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग स्तरों पर ट्रेनिंग प्रोग्राम्स उपलब्ध हैं।
सहयोगात्मक और सामूहिक सीखने का अवसर iGOT कर्मयोगी पर कर्मचारी सामूहिक अध्ययन और विकास समूह का हिस्सा बन सकते हैं। इसमें नेटवर्किंग और अन्य कर्मचारियों के साथ विचार-विमर्श का अवसर भी मिलता है।
आधिकारिक और नियमित अपडेट- प्लेटफॉर्म पर समय-समय पर नवीनतम नीतियों और अधिकारियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, जिससे कर्मचारी अपडेट रहते हैं और बदलते समय के अनुरूप अपने कौशल को सुधार सकते हैं।
इनोवेटिव लर्निंग प्लेटफॉर्म यह एक इनोवेटिव और आधुनिक लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जो भारत सरकार के अधिकारियों को अपने कार्यों के लिए नई सोच और दृष्टिकोण प्रदान करता है। iGOT कर्मयोगी का उद्देश्य भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था को सशक्त और उन्नत बनाना है ताकि सरकारी सेवाओं में दक्षता, ईमानदारी, और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिल सके।

iGOT कर्मयोगी पाठ्यक्रमों के लिए नामांकन आवश्यकताएँ

i-GOT कर्मयोगी प्लेटफ़ॉर्म अपने पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए सख्त पूर्वापेक्षाएँ निर्दिष्ट नहीं करता है, जिससे वे विभिन्न प्रकार के सिविल सेवकों के लिए सुलभ हो जाते हैं। हालाँकि, यहाँ कुछ सामान्य विचार दिए गए हैं:

सरकारी संबद्धता: उपयोगकर्ता सरकारी कर्मचारी होना चाहिए, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से विभिन्न स्तरों पर सिविल सेवकों के लिए डिज़ाइन किया गया है।

बुनियादी डिजिटल साक्षरता: ऑनलाइन शिक्षण वातावरण और बुनियादी कंप्यूटर कौशल से परिचित होना, प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से काम करने के लिए फायदेमंद है।

पंजीकरण: उपयोगकर्ताओं को पाठ्यक्रमों तक पहुंचने के लिए i-GOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

पाठ्यक्रम-विशिष्ट आवश्यकताएँ: कुछ उन्नत या विशेष पाठ्यक्रमों में किसी विशेष क्षेत्र में पूर्व ज्ञान या अनुभव से संबंधित विशिष्ट पूर्वापेक्षाएँ हो सकती हैं, लेकिन इनका उल्लेख आमतौर पर पाठ्यक्रम विवरण में किया जाता है।

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