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स्कूलों में दीर्घावकास और शिक्षण समय को लेकर शिक्षक संगठनों के साथ विभागीय बैठक हुई संपन्न, दीर्घावकाश पर बनी यह सहमति

दिनांक 23 अप्रैल 2026 को सचिव, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में विद्यालय समय के संदर्भ में हुई बैठक में सचिव, विद्यालयी शिक्षा द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में दीर्घावकाश के सम्बन्ध में दिनांक 24 अप्रैल 2026 को अपर निदेशक, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् उत्तराखण्ड की अध्यक्षता में प्राथमिक शिक्षक संघ एवं उत्तराखण्ड जूनियर हाई स्कल शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गयी। जिसमें निम्नांकित अधिकारियों तथा संगठन के पदाधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया-

1. श्री मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निदेशक, महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड।

2. श्री पी. के. बिष्ट, अपर निदेशक, महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड।

3. डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, प्रोफेशनल सीमैट उत्तराखण्ड।

4. श्री सवीश घिल्डियाल, प्रदेश संरक्षक, JHSS उत्तराखण्ड ।

5. श्री उमेश सिंह चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, JHSS उत्तराखण्ड।

6. श्री विनोद थापा, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ उत्तराखण्ड।

7. श्री मनोज तिवारी, प्रान्तीय UPPS उत्तराखण्ड।

8. श्री दिगम्बर सिंह नेगी, सदस्य प्रान्तीय तदर्थ समिति उ.रा.प्रा.शि. संघ।

9. री अश्वनी कुमार, जिला अध्यक्ष हरिद्वार (UPPS), उत्तराखण्ड।

10. श्री सुमित कुमार URPSS उत्तराखण्ड।

11. श्री मनोज शाह प्रदेश कोषाध्यक्ष जूनियर संघ उत्तराखण्ड।

12. श्री रूपक पुरी, जनपदीय मंत्री, जनपद- देहरादून।

13. श्री रविदर्शन तोपाल, कार्य. सम. (NEP), एस. सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड।

14. श्री मनोज किशोर बहुगुणा, कार्य. सम. (NEP), एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड।

बैठक में उपस्थित उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ, प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल (पू.मा.) शिक्षक संघ, उत्तराखण्ड, ने उपस्थित होकर तथा राजकीय शिक्षक संघ के प्रान्तीय अध्यक्ष तथा महामंत्री द्वारा दूरभाष पर दीर्घावकाश को लेकर सहमति इस प्रकार व्यक्त की गयी कि ग्रीष्मकालीन विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश में 05 दिनों की कटौती करते हुए 01 जून से 30 जून तक कुल 30 दिनों का ग्रीष्मवकाश व माह जनवरी में 01 जनवरी से 13 जनवरी तक का कुल 13 दिनों का शीतवकाश तथा शीतकालीन विद्यालयों में 20 जून से 30 जून तक 11 दिनों का ग्रीष्मवकाश व 30 दिसम्बर से 31 जनवरी तक कुल 32 दिनों का शीतावकाश किया जाए। इस प्रकार कुल दीर्घावकाश 43 दिनों का होगा। जोकि वर्तमान में दिए कुल 48 दिनों के दीर्घावकाश से 05 दिन कम होगा। इन 05 दिनों के अवकाश के बदले शिक्षकों को 05 विशेष अवकाश देय होंगे। वर्तमान में शिक्षकों को 03 विशेष अवकाश देय हैं। इस प्रकार शिक्षकों को एक शैक्षिक सत्र में कुल 08 विशेष अवकाश देय होंगे, यह विशेष अवकाश प्रतिवर्ष जमा होते रहेंगे तथा शिक्षक इनका उपभोग अपनी सुविधानुसार सम्पूर्ण सेवा काल में कभी भी कर सकेंगे तथा इन विशेष अवकाशों के लिए उपार्जित अवकाश की भांति, अवकाश नगदीकरण की सुविधा अनुमन्य नहीं होगी।

उपस्थित दोनों शिक्षक संगठन के प्रतिनिधि द्वारा एन.सी.एफ. के प्राविधानों को लेकर अपने सुझाव / मांग पत्र प्रस्तुत किया।

बैठक के अंत में अपर निदेशक, एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड द्वारा अवगत कराया गया कि उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा हेतु राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा में वर्णित अनुशंसाओं के अनुरूप विद्यालय में शिक्षण समय 05:20 मिनट की अनुशंसा की गयी है। सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए, बैठक समाप्ति की घोषणा की गयी।


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