उत्तराखंड शिक्षा विभाग से बड़ी खबर: पोर्टल से हटी सुगम-दुर्गम श्रेणी, दुर्गम क्षेत्र के शिक्षकों की उम्मीदों को लगा झटका,
उत्तराखंड शिक्षा विभाग से बड़ी खबर सामने आई है। जी हाँ, शिक्षा विभाग ने विभागीय पोर्टल से शिक्षकों की सुगम-दुर्गम श्रेणी हटा दी है। इससे शिक्षकों के स्थानांतरण में विद्यालयों के सुगम अथवा दुर्गम श्रेणी का आधार समाप्त हो गया है।
दुर्गम क्षेत्र के शिक्षकों की उम्मीदों को लगा झटका
इस फैसले से वर्षों से अति दुर्गम और दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों की सुगम क्षेत्र में आने की उम्मीदों को झटका लग सकता है।गुरुवार को शिक्षा महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित विभागीय समिति ने यह निर्णय लिया।
विभागीय पोर्टल पर बेसिक शिक्षक से लेकर प्रधानाचार्य तक करीब 60 हजार शिक्षकों की एसीआर, सेवा अभिलेख, सुगम-दुर्गम सेवाएं, पद, पदोन्नति, वेतनमान और उपलब्धियां दर्ज हैं। उधर, इस निर्णय की जानकारी मिलते ही शिक्षक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया और इसे शिक्षकों के अधिकारों का हनन बताया।
एससीईआरटी शिक्षक संघ के निवर्तमान अध्यक्ष डा. अंकित जोशी ने निर्णय को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि यह वर्षों से अति दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के साथ विश्वासघात है। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही सुगम-दुर्गम श्रेणियां बनाई गईं थीं। उन्होंने विभाग से निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की और कहा कि शिक्षक संगठन इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अनुरोध के आधार पर स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों को ध्यान में रखा गया है। इन शिक्षको को सुगम-दुर्गम श्रेणी का उपयोग नहीं करना होगा। इसे देखते हुए कुछ समय के लिए पोर्टल से इसे हटाया गया है। दूसरा सुगम-दुर्गम का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इसे भी ध्यान में रखकर इस श्रेणी को पोर्टल से हटाया गया है।



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