Skip to main content

Translate करें.

शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या इस वर्ष से होने जा रही है ऑनलाइन, एसीआर गुम होने पर अब नहीं लटकेंगे शिक्षकों के प्रमोशन

 उत्तराखंड में विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता एवं एलटी एवं प्राथमिक शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या इस वर्ष से ऑनलाइन होने जा रही है। इससे जहां शिक्षकों के प्रमोशन के लिए अब सीआर ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी वही वार्षिक गोपनीय आख्या का रखरखाव भी डिजिटल हो जाएगा।

शिक्षा विभाग में वार्षिक गोपनीय आख्या के रखरखाव को लेकर पिछले कई वर्षों से अजीबोगरीब स्थितियां बन रही थी। कई बार शिक्षकों के प्रमोशन के दौरान वार्षिक गोपनीय आख्या न मिल पाने के कारण पदोन्नति प्रक्रिया में अनावश्यक व्यवधान पैदा होता था। विभाग अब शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या को डिजिटल मोड में तैयार करने जा रहा है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा सहित सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को राज्य के समस्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापकों की वार्षिक गोपनीय आख्या को ऑनलाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षणिक संवर्ग के कार्मिकों की वार्षिक गोपनीय आख्या इस वर्ष से ऑनलाइन माध्यम में तैयार की जानी है। इसके लिए एनआईसी के सहयोग से स्कूल एजुकेशन पोर्टल पर संबंधित शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या तैयार करने का विकल्प दिया गया है। गोपनीय आख्या की प्रविष्टियों हेतु यूजर मैन्युअल रिपोर्ट सभी जनपदों की मुख्य शिक्षा अधिकारियों को भेजी गई है। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारियों को एसीआर के डिजिटलाइजेशन और समस्त कार्मिकों को इस प्रक्रिया से जोड़ने के लिए दो ऐसे कर्मचारियों को नोडल अधिकारी नामित करने के भी निर्देश दिए हैं जो कंप्यूटर पर ऑनलाइन कार्य करने की अच्छी समझ रखते हो। ऐसे कर्मचारियों को निदेशालय स्तर पर हैंड्स ऑन प्रैक्टिस प्रशिक्षण भी दिया जाना है। प्रशिक्षण की तिथि के संदर्भ में जनपदीय अधिकारियों को अलग से सूचित किया जाएगा। उपरोक्त प्रारूप को पीडीएफ फाइल में without watermark डाउनलोड करने के लिए नीचे कमेंट बॉक्स में अपना नाम, पदनाम व विषय, विद्यालय का नाम और मोबाइल नंबर पोस्ट करें।

    राज्य के माध्यमिक शिक्षक पिछले लंबे समय से वार्षिक गोपनीय आख्या को ऑनलाइन तैयार करवाने की मांग कर रहे थे। विभाग के इस कदम से अब शिक्षकों के प्रमोशन के दौरान बार-बार वार्षिक गोपनीय आख्या न मिल पाने का झंझट खत्म हो जाएगा। राज्य के शिक्षकों ने विभाग के इस कदम का स्वागत करते हुए निदेशक माध्यमिक शिक्षा का आभार व्यक्त किया है।

 चल/अचल संपत्ति की घोषणा पत्र का प्ररूप

नोट- कृपया निर्धारित प्रारूप की पुष्टि अपनी विभागाध्यक्ष संस्था अध्यक्ष से  कर लें।

Comments

  1. girish chandra singh bagiyal..lt maths
    ggic lamgaon
    8938062090

    ReplyDelete
    Replies
    1. Uttarakhand school education: वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) के लिए चल अचल संपत्ति का घोषणा पत्र यहां से करें डाउनलोड https://himwantlive.blogspot.com/2022/03/blog-post_91.html?m=1

      Delete
  2. Rajendra Kumar Beri Asstt. Teacher SST. AUGIC Ganai Gangoli. Mob. 9410775924

    ReplyDelete
  3. Ramanand Pandey,principal GIC thano

    ReplyDelete
  4. Kusum khanduri, Lt. Social science,GIC Barkot,T.G.

    ReplyDelete
  5. Ashutosh Sah, Lecturer Physics, AUSBSM GMIC Patlot, Nainital

    ReplyDelete
    Replies
    1. Ashok Kumar Muyal
      Lecturer in Economics
      AUGIC Ghorakhuri Tehri Garhwal

      Delete
    2. Ashok Kumar Muyal
      9758663203

      Delete
  6. Ashutosh Sah, Lecturer Physics, AUSBSM GMIC Patlot, 8859550557

    ReplyDelete
  7. बृजेश सिंह पंवार प्रवक्ता राजनीति विज्ञान रा.इ.का.तिमली नरेन्द्र नगर टिहरी गढवाल
    मोबाइल नंबर 9719307856

    ReplyDelete
  8. Pradeep Saklani....GIC BANDA.... Lecturer Biology....9690323770

    ReplyDelete
  9. sumita rawat g.g.i.c thatyur l.t physical education 9458917187

    ReplyDelete
  10. Chandi Prasad Deoli, gic dangchaura 9411772374

    ReplyDelete

Post a Comment

पोस्ट पर अपने उपयोगी विचार और सुझाव यहाँ कमेंट करें।

Popular posts from this blog

School prayer: स्कूल के लिए 20 प्रसिद्ध प्रार्थना, जो बना देंगी विद्यार्थियों का जीवन सफल

भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है।    इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।

Pariksha Pe Charcha 2024: PM Modi जनवरी में करेंगे परीक्षा पे चर्चा, आप भी हो सकते हैं शामिल, यहां करना होगा PPC 2024 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

Pariksha Pe Charcha 2024 Pariksha Pe Charcha 2024: देशभर के छात्रों अभिभावकों और शिक्षकों को प्रधानमंत्री मोदी के साथ परीक्षा पे चर्चा में शामिल होने का शानदार मौका मिलने वाला है जी हां, पिछले वर्ष की भांति Board Exam 2024 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर से छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ करेंगे। छात्रों से ही नहीं PM Modi अभिभावकों और शिक्षकों से भी बातें करेंगे। पीएम मोदी के बहुचर्चित कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा के 7वें संस्करण के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 11 दिसंबर 2023 से शुरू हो चुकी है.    अगर आप इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, तो आपको PPC 2024 के लिए 12 जनवरी 2024 तक ऑनलाइन रजिस्टर करना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस भारत सरकार की वेबसाइट mygov.in पर शुरू हो चुकी है। इस कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थी, उनके अभिभावक और शिक्षकों को भी PM Modi से बात करने, और सुझाव लेने का मौका मिलेगा। आइए हिमवंत के इस लेख के द्वारा समझने का प्रयास करते हैं की Pariksha Pe Charcha  यानी PPC 2024 में आप कैसे हो सकते हैं शामिल? Vivo Ignite Award 2023: वीवो इग्न...

NEP 2020: FLN क्या है और इसके क्या उद्देश्य हैं? यहां पढ़ें।

भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पेश की है जिसमें FLN नामक एक कार्यक्रम शामिल है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 3 से 8 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को भाषा और गणित की शिक्षा प्रदान करना है।  एफएलएन मिशन भारत के सभी राज्यों में शुरू किया जा रहा है और इसका लक्ष्य 2025-26 तक छोटे बच्चों के समग्र विकास में मदद करना है। यह मिशन नई शिक्षा नीति की स्किल इंडिया यानी निपुण भारत पहल का हिस्सा है।   FLN मिशन क्या है? FLN भारत सरकार की नई शिक्षा निति का एक हिस्सा है| इसे निपुण योजना के अंतर्गत लागु किया गया है और इसमें 3 वर्ष से लेकर ९ वर्ष के बच्चों का समग्र विकास करना है| FLN का उद्देश्य क्या है? FLN का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे खेल, कहानियों, तुकबंदी, गतिविधियों, स्थानीय कला, शिल्प और संगीत के माध्यम से आनंदपूर्ण तरीके से सीखें और आजीवन सीखने के लिए मजबूत नींव विकसित करें।  FLN मिशन का कार्य है बच्चो को अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा देना है| बच्चो के skill Development के ऊपर काम करना इसका उद्देश्य है| उच्च गुणवत्ता वाले technical सामान से बच्चो को उनके संस्कृति और ...

Followers

Himwant readers