Skip to main content

School Education Uttarakhand: शिक्षकों के लिए तैयार हुआ नई ट्रांसफर पॉलिसी का ड्राफ्ट, शिक्षक इस ड्राफ्ट पर 6 सितंबर तक ईमेल से भेजें अपने सुझाव, यहां पढ़ें नई ट्रांसफर पॉलिसी का ड्राफ्ट

 
Department of School Education Uttarakhand

 उत्तराखंड में विद्यालय शिक्षा के अंतर्गत शिक्षकों के लिए नई स्थानांतरण नीति का ड्राफ्ट तैयार करने के बाद अब ड्राफ्ट के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। स्थानांतरण नीति का नया ड्राफ्ट विद्यालयी शिक्षा विभाग की वेबसाइट के साथ ही एजुकेशन पोर्टल, एससीईआरटी और सीमेंट की वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है। अपर निदेशक सीमैंट उत्तराखंड दिनेश चंद्र गौड़ ने कहा है कि ट्रांसफर पॉलिसी के नए ड्राफ्ट पर 6 सितंबर 2022 तक ईमेल के माध्यम से सुझाव मांगे गए हैं।

उत्तराखंड, शिक्षकाओं के लिए नई स्थानांतरण नीति का ड्राफ्ट यहां पढ़ें।


अपने सुझाव यहां कमेंट करें।

Comments

  1. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  2. समिति में संघ के नेताओं को न रखा जाय

    ReplyDelete
  3. 🙏 ट्रांसफर नीति पहले भी बनी है और अब नई नीति भी बनने को तैयार है। इस कार्य में लगे सभी धन्यवाद के पात्र हैं कि वे इस ज्वलंत समस्या का स्थिर समाधान ढूंढना चाहते हैं। प्रश्न यह है कि इसका पालन धरातल पर कितना होता है हमने अनुभव से देखा है कि पुरानी ट्रांसफर नीति की किस प्रकार से धज्जियां उड़ाई गई किस प्रकार से इसी वर्ष चुनाव से पूर्व ट्रांसफर हुए जिसमें शिक्षकों को ट्रांसफर रेवड़ियों की तरह बांटे गए नियमों की धज्जियां उड़ाई गई यहां तक कि एक एक शिक्षक को 7-7 जगह स्थानांतरण हेतु ऑप्शंन दिए गए और एक ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक, बड़े लंबे समय तक दुर्गम में सेवा करने वाला एक शिक्षक शिक्षिका आंखें फाड़ कर देखते रह गए और रसूक वालों ने अपने रसूक का प्रयोग कर व पैसे वालों ने अपने पैसे का प्रयोग कर ट्रांसफर नीति को एक तरफ रख कर ट्रांसफर किए और करवाएं। समय-समय पर पिछले दरवाजे से भी स्थानांतरण होते रहे हैं इनसे एक इमानदार शिक्षक जो अपने लंबे समय से नीतियों का पालन करते हुए सेवाएं दे रहा है और स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहा होता है की भावनाओं को बहुत ठेस पहुंची है।
    स्थानांतरण नीति केंद्रीय विद्यालय की तरह हो जहां पर दुर्गम क्षेत्रों के लिए और शुभम क्षेत्रों के लिए स्थान के आधार पर अलग-अलग अंक होते हैं साथ ही पति पत्नी के कर्मचारी होने पर भी उन्हें स्थानांतरण में अलग अंक दिए जाते हैं। वहां पर कठिन स्थानों हेतु अधिक अंक तथा शुभम स्थानों हेतु कम अंक दिए जाते हैं। स्थानांतरण हेतु प्रत्येक वर्ष सभी शिक्षक शिक्षिकाएं फार्म भरते हैं और और फिर उनके अंकों के आधार पर स्थानांतरण होते हैं।
    उत्तराखंड एक पर्वतीय प्रदेश है जहां पर अधिकतर भाग दुर्गम क्षेत्र में आता है इन्हें भी अलग-अलग श्रेणियों में उनके कठिनाइयों तथा सुविधाओं के आधार पर वांटा जाना चाहिए प्रत्येक शिक्षक दुर्गम क्षेत्र में नौकरी कर सकता है लेकिन वह तब ठगा हुआ महसूस करता है जब उसे निर्धारित समय के पश्चात वहां से स्थानांतरित नहीं किया जाता है। इसलिए दूसरा शिक्षक भी वहां जाना नहीं चाहता क्योंकि वह महसूस करता है कि कहीं वह भी वहां जाकर फंस न जाए। इसलिए ट्रांसफर नीति का सही पालन होना चाहिए ।
    इसके साथ यह भी आवश्यक है कि अति दुर्गम क्षेत्र में सेवा करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त भत्ता दिया जाना चाहिए ताकि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय क्षेत्र में लंबे समय तक सेवा देने हेतु उनको प्रोत्साहित किया जा सके।
    ऐसे कर्मचारी जिनके बच्चे देहरादून या अन्य शहरों में पढ़ते हैं उनको एच आर ए उसी शहर के अनुसार मिलना चाहिए और उनसे इसका संबंधित शिक्षण संस्थान से प्रमाण पत्र लिया जा सकता है।
    इन सब से ऊपर यह है जो अपने कर्तव्य को अधिक प्राथमिकता देता है वह अपने अधिकारों पर कम फोकस करता है। वह हमेशा श्रीमद्भागवत गीता के इस श्लोक को अपना आदर्श वाक्य मानकर अपने कर्तव्य पथ पर डटा रहता है कि-
    *कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन*।
    इसी ब्रह्मवाक्य के साथ सभी को सहृदय प्रणाम व शुभकामनाएं 💐💐💐🌷💐
    🙏🙏🙏 🇮🇳जय हिन्द 🇮🇳 🙏🙏🙏

    पी एल सेमवाल
    अ0उ0रा0इ0का0 नैटवाड़,
    उत्तरकाशी

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत ही सटीक और सार्थक विचार हैं सर।

      Delete
  4. अनिवार्य ट्रांसफर सूची मे नाम आने पर सभी के ट्रांसफर होने चाहिए , चाहिए वह दुर्गम मे हि क्यो नही है , दुर्गम से अनिवार्य ट्रांसफर होने पर , उनको नियम अनुसार छूट है क़ि वह सुगम मे जाये या नही, वह दुर्गम मे ही रह सकते है, तो अनिवार्य ट्रांसफर कहां से हुआ, जिसके कारण सुगम के सैकड़ो प्राथमिक स्कूल कई सालो से एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहे है, ऐसे सुगम स्कूल तो छात्रो के लिए अभिशाप है,
    सुगम मे नई नियुक्ति होगी नही, प्रमोशन होगा नही, ट्रांसफर मे कोई आयेगा नही, तो एकल शिक्षक वाले सुगम स्कूल मे टीचर कहां से आयेगा ? कौन अभिभावक ऐसे एकल शिक्षक वाले स्कूल मे अपने बच्चो को भेजेगा, जबकि RTE act मे कम से कम, बेसिक मे दो टीचर होने चाहिए, मेरा स्कूल कई सालो से एक ही अध्यापक के भरोसे चल रहा है, अनिवार्य ट्रांसफर मे भी नही भेजा, पोलसी ऐसी हो जो छात्र हित मे हो, Thanks
    R.k., GPS Nakot, chamba , T.G.

    ReplyDelete

Post a Comment

पोस्ट पर अपने उपयोगी विचार और सुझाव यहाँ कमेंट करें।

Popular posts from this blog

मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति 2026 कक्षा 6 और 9 के लिए आवेदन शुरू, परीक्षा तिथि 22 मई, ऐसे करें ऑनलाइनआवेदन-

SCERT Uttarakhand Scholarship Portal उत्तराखण्ड के राजकीय एवं राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 6 और कक्षा 9 के मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड ने दिनांक 15 अप्रैल 2026 को आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना परीक्षा-2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह छात्रवृत्ति पूरी तरह से मेरिट आधारित है और राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में आयोजित की जाएगी। क्या है यह योजना? मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना उत्तराखण्ड सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाती है, जिससे उनकी पढ़ाई में किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखण्ड ऐसे करें आवेदन  ऑनलाइन आवेदन करने के लिये यहाँ क्लिक करें -  Apply Here SCERT Uttarakh...

Uttarakhand Board Exam Result: 25 अप्रैल को इस समय घोषित होगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट, यहां देखें परीक्षा परिणाम

Report by- Sushil Dobhal Uttrakhand board result 2026:  उत्तराखंड 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाफल इस लिंक पर देखे परीक्षाफल हुआ जारी  Intermediate Result 2026 High School Result 2026 उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट इस बार 25 अप्रैल को घोषित किया जाएगा। उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद सिमल्टी 10वीं-12वीं कक्षा का रिजल्ट सुबह 10:00 बजे घोषित किया जाएगा।     उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर बनाए गए 1261 केंद्रों पर दो लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। इसमें हाईस्कूल में 112679 छात्र-छात्राओं में से 110573 संस्थागत और 2106 व्यक्तिगत परीक्षार्थी थे। जबकि इंटरमीडिएट में 103442 परीक्षार्थियों में से 99345 संस्थागत और 4097 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। Intermediate Result 2026 High School Result 2026

Censes 2027: शिक्षकों को विद्यालय समय के बाद करना होगा जनगणना कार्य- कार्यमुक्त करने को लेकर पूर्व मे दिया आदेश हुआ निरस्त, शिक्षकों में व्याप्त हो रही है नाराजगी,

जनगणना 2026-27 में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के रूप में नियुक्त शिक्षकों को मकान सूचीकरण कार्य के लिए कार्यभार मुक्त न करने को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शिक्षकों को अपने विभागीय मूल दायित्वों के साथ ही जनगणना ड्यूटी करनी होगी। हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर साफ कर दिया है कि शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। उन्हें अपनी विभागीय कार्यों के साथ ही जनगणना संबंधी कार्य संपन्न करने होंगे। दोपहर के समय भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए शिक्षक संगठन जनगणना कार्य में नियोजित शिक्षकों को कार्य मुक्त करने की मांग कर रहे थे। कार्यमुक्त न करने को लेकर शिक्षकों में नाराजगी व्याप्त हो रही है।    जारी निर्देशों में सीईओ हरिद्वार ने कहा है कि  जनगणना-2027 के तहत मकानसूचीकरण के कार्यों में योजित शिक्षकों को कार्यमुक्त किये जाने के सम्बन्ध में अधोहस्ताक्षरी के पत्रांक/विविध/713-16/ जनगणना-2027/2025-26 दिनांक 24 अप्रैल, 2026 द्वारा नियमानुसार कार्यमुक्त किये जाने के निर्देश को निरस्त किया जाता है। साथ ही निर्देशित किया जाता है कि कार्ययोजित...

Census 2027: 10 अप्रैल से आप भी घर बैठे आसानी से ऑनलाइन भर सकेंगे अपना स्व गणना विवरण, 10 से 15 मिनट का समय निकाल कर भारत की पहली ऑनलाइन स्व गणना में आप भी बने भागीदार

 जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना) के तहत 10 अप्रैल से आप घर बैठे आसानी से अपना विवरण भर सकेंगे। इसके लिए पोर्टल जारी हो चुका है। इस पूरी प्रक्रिया में केवल 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। इससे आपको भारत में पहली बार होने वाली ऑनलाइन स्व गणना में शामिल होने का शानदार मौका मिलेगा।    उत्तराखंड में मकान स्व गणना की वेबसाइट (https://se.census.gov.in) पर स्व गणना 10 अप्रैल से शुरू हो जाएगा। इस पर जाकर अपने राज्य का चयन करना होगा। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि मानचित्र पर घर की सही लोकेशन मार्क करने के लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करना बेहतर होगा। स्व गणना के लिए परिवार के मुखिया का नाम और एक मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य है।     एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक ही परिवार के लिए किया जा सकता है। पंजीकरण के समय दर्ज किया गया परिवार के मुखिया का नाम बाद में बदला नहीं जा सकेगा। भाषा का चयन भी अत्यंत सावधानी से करना होगा, क्योंकि एक बार ओटीपी सत्यापन होने के बाद इसे बदला नहीं जा सकता। मैप पर मार्क करना होगा अपना घर इस नई प्रक्रिया की सबसे खास बात परस...

Uttarakhand Teacher News: गंभीर बीमार और अनुपस्थित शिक्षक होंगे अनिवार्य सेवानिवृत्त, शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश, अटैच शिक्षकों की सूची तलब,

उत्तराखंड में लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार और अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों को अब अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की तैयारी की जा रही है, जिसके लिए शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कर शिक्षा महानिदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।     उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने कहा कि लंबे समय से अनुपस्थित और बीमार चल रहे शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जायेगी। ऐसे शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची मिलने के बाद चिकित्सा बोर्ड एवं विभागीय समिति की संस्तुति पर कार्यवाही करते हुए यह फैसला लिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने पिछले साल भी विभाग के अधिकारियों को इसके निर्देश दिए थे, लेकिन तबादलों के दौरान बीमार शिक्षकों की सूची की भरमार वाले विभाग में अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए अधिकारियों को शिक्षक नहीं मिले, इस कारण ऐसे शिक्षकों के खिलाफ तब कार्यवाही नहीं हो पाई। स्कूल और कार्यालय में अटैच शिक्षकों की सूची तलब शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने स्कूल और कार्यालय में संबद्ध शिक्षकों और अधिकारियों की सूची भी तलब की है, उन्होंने कहा है कि एक हफ्ते...

School prayer: स्कूल के लिए 20 प्रसिद्ध प्रार्थना, जो बना देंगी विद्यार्थियों का जीवन सफल

भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है।    इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।

स्कूलों में दीर्घावकास और शिक्षण समय को लेकर शिक्षक संगठनों के साथ विभागीय बैठक हुई संपन्न, दीर्घावकाश पर बनी यह सहमति

दिनांक 23 अप्रैल 2026 को सचिव, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में विद्यालय समय के संदर्भ में हुई बैठक में सचिव, विद्यालयी शिक्षा द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में दीर्घावकाश के सम्बन्ध में दिनांक 24 अप्रैल 2026 को अपर निदेशक, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् उत्तराखण्ड की अध्यक्षता में प्राथमिक शिक्षक संघ एवं उत्तराखण्ड जूनियर हाई स्कल शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गयी। जिसमें निम्नांकित अधिकारियों तथा संगठन के पदाधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया- 1. श्री मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निदेशक, महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड। 2. श्री पी. के. बिष्ट, अपर निदेशक, महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड। 3. डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, प्रोफेशनल सीमैट उत्तराखण्ड। 4. श्री सवीश घिल्डियाल, प्रदेश संरक्षक, JHSS उत्तराखण्ड । 5. श्री उमेश सिंह चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, JHSS उत्तराखण्ड। 6. श्री विनोद थापा, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ उत्तराखण्ड। 7. श्री मनोज तिवारी, प्रान्तीय UPPS उत्तराखण्...

Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के लिए तुरंत कर ले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, इस बार टूट जाएगा पिछला रिकॉर्ड, अब तक हो चुके हैं लाखों रजिस्ट्रेशन

Pariksha Pe Charcha 2026 Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्टूडेंट्स के संवाद के लिए परीक्षा पे चर्चा 2026 PPC 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अगर आप स्टूडेंट, पैरेंट या टीचर है और आपने अभी तक इसके लिए आवेदन नहीं किया है तो आप 11 जनवरी तक ऑफिशियल वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. यह परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण है और भारत सरकार ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू कर दी है। इसबार दो सप्ताह में ही रजिस्ट्रेशन के पिछली बार के सारे रिकॉर्ड टूट चुके है।  PPC 2026: स्कूल प्रमुख 31 दिसंबर तक सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पर चर्चा के लिए करवा लें रजिस्ट्रेशन, वरना होगी यह कार्यवाही, SCERT Uttarakhand ने जारी किए निर्देश- Pariksha Pe Charcha 2026 के लिए कैसे करवाएं रजिस्ट्रेशन? ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान से स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं-  ऑफिशियल वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाएं।  होम पेज पर उपलब्ध 'परीक्षा पे चर्चा 2026' के रजिस्ट्...

Census 2027: प्रगणक और पर्यवेक्षक (Enumerators and Supervisors) के मुख्य कार्य और दायित्व

प्रगणक (Enumerators) का मुख्य कार्य जनगणना या सर्वेक्षण के दौरान घर-घर जाकर डेटा एकत्र करना, घरों की सूची (House-listing) बनाना, नक्शा तैयार करना और मोबाइल ऐप (HLB App) के माध्यम से सटीक जानकारी दर्ज करना है। वे आवंटित क्षेत्र (Enumeration Block) में जनगणना के मकानों की नंबरिंग करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी व्यक्ति या घर गणना से न छूटे।  प्रगणक के प्रमुख कार्य प्रगणक (Enumerators) का मुख्य कार्य जनगणना या सर्वेक्षण के दौरान घर-घर जाकर डेटा एकत्र करना, घरों की सूची (House-listing) बनाना, नक्शा तैयार करना और मोबाइल ऐप (HLB App) के माध्यम से सटीक जानकारी दर्ज करना है। वे आवंटित क्षेत्र (Enumeration Block) में जनगणना के मकानों की नंबरिंग करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी व्यक्ति या घर गणना से न छूटे।  प्रगणक के प्रमुख कार्य और जिम्मेदारियां: क्षेत्र का सत्यापन (Area Verification): आवंटित एचएलबी (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक) के नक्शे का सत्यापन करना और क्षेत्र की सीमाओं को पहचानना।  नजरी नक्शा बनाना (Preparation of Layout Map): मुद्रित शीट पर घर, सड़क, गली और महत्वप...

भीषण गर्मी के कारण इस जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल कल 27 अप्रैल सोमवार को रहेंगे बंद।

भीषण गर्मी के कारण इस जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल कल 27 अप्रैल सोमवार को रहेंगे बंद।