Skip to main content

Rajbhawan Uttarakhand: मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में चयनित आर्थिक रुप से कमजोर, बीपीएल और अनाथ छात्रों के लिए अच्छी खबर, राजभवन से मिलेगी आर्थिक सहायता, 30 नवम्बर तक यहां कर लें आवेदन

Rajbhawan Uttarakhand
Rajbhawan Uttarakhand
  उत्तराखंड में आर्थिक रूप से कमजोर और बीपीएल परिवारों के प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। राज्यपाल सचिवालय उत्तराखंड ने ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर या अनाथ बच्चों जिनका राजकीय उच्च शिक्षण संस्थानों अथवा केंद्रीय संस्थानों में मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए चयन हुआ है परंतु शुल्क बहन करने में असमर्थ है, से आर्थिक सहायता हेतु आवेदन मांगे हैं।

     उत्तराखंड में आर्थिक रूप से कमजोर और माता-पिता विहीन प्रतिभाशाली बच्चों के लिए अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए आर्थिक कमजोरी अब कोई बाधा नहीं बनेगी। राज्यपाल सचिवालय ने राज्य के ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर बीपीएल श्रेणी अथवा माता-पिता विहीन या अनाथ मेधावी और प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं, जिनका चयन राजकीय उच्च शिक्षण संस्थानों या केंद्र सरकार के संस्थानों या इसके समकक्ष अखिल भारतीय स्तर के संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग या भारतीय प्रबंधन संस्थान आदि में प्रवेश हेतु चयन हुआ है किंतु आर्थिक कठिनाई के कारण शुल्क बहन करने में असमर्थ है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से ऐसे बच्चों को आर्थिक मदद की जाएगी। राज्यपाल सचिवालय की ओर से अनुसचिव जीडी नौटियाल द्वारा जारी पत्र में उक्त आशय की जानकारी देते हुए राज्य के ऐसे सभी प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं को आर्थिक सहायता हेतु अपना आवेदन पत्र स्वप्रमाणित अभिलेखों के साथ 30 नवंबर 2022 तक राज्यपाल सचिवालय उत्तराखंड न्यू कैंट रोड देहरादून भेजने के लिए कहा है। इसके लिए आवेदन पत्र का प्रारूप भी जारी किया गया है।

    राज्य में आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के ऐसे अनेक मेधावी छात्र-छात्राएं प्रतिवर्ष मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में चयन होने के बाद भी आर्थिक तंगी के कारण इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। दूसरी ओर कोरोना महामारी के दौरान कई मेधावी बच्चे अनाथ हो चुके हैं ऐसे में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में चयन होने के बाद आर्थिक तंगी के कारण इनके लिए फीस जमा कर पाना बड़ी चुनौती है। राज्यपाल सचिवालय का ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए आगे आना निसंदेह एक सराहनीय पहल साबित होगी।


Sainik School Admission 2022-23: सैनिक स्कूल में एडमिशन के लिए नोटिफिकेशन हुआ जारी, 30 नवम्बर तक कर लें रजिस्ट्रेशन, 8 जनवरी को संपन्न होगी परीक्षा, सभी अभिभावकों तक पहुंचा दें यह सूचना-

Comments

Post a Comment

पोस्ट पर अपने उपयोगी विचार और सुझाव यहाँ कमेंट करें।

Himwant readers

Popular posts from this blog

शून्य छात्र संख्या के कारण इन प्रवक्ताओं का हुआ अन्य विद्यालयों में समायोजन, तीन दिनों के भीतर करना होगा समायोजित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण

शून्य छात्र संख्या के कारण इन प्रवक्ताओं का हुआ अन्य विद्यालयों में समायोजन, तीन दिनों के भीतर करना होगा समायोजित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण Read more... शिक्षा विभाग की खबरों के लिए facebook page से यहां जुड़ें। Read more... SCERT Uttarakhand: एससीईआरटी ने दिए सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को PM e-Vidya मोबाइल ऐप इंस्टाल और उपयोग करने के निर्देश। Follow the Uttarakhand GK channel on WhatsApp:

शिक्षकों के 1500 पदों पर शीघ्र होगी भर्ती, चतुर्थ श्रेणी के 2364 पदों पर अब प्रधानाचार्य देंगे नियुक्ति, राजकीय शिक्षक संघ के शपथ ग्रहण समारोह में शिक्षा मंत्री ने की बड़ी घोषणाएं

शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा है कि राज्य में शिक्षकों के 1500 से अधिक पदों पर शीघ्र भर्ती होगी। इसमें प्रवक्ताओं के 808 पदों के लिए प्रक्रिया चल रही है, वहीं, सहायक अध्यापक प्रारंभिक शिक्षा के 250 से अधिक पदों के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा सहायक अध्यापक एलटी के भी 450 से भी अधिक पद खाली हैं। वहीं, 2364 पदों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अब सीधे प्रधानाचार्य नियुक्ति देंगे। राजकीय शिक्षक संघ के एससीईआरटी सभागार में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शिक्षा मंत्री ने कहा, प्रारंभिक शिक्षा में सहायक अध्यापक के खाली पदों पर भर्ती के लिए शीघ्र विज्ञप्ति निकाली जाएगी। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में सहायक अध्यापक एलटी के जितने भी पद खाली हैं उन पदों पर भर्ती के लिए आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा, प्रवक्ताओं के 808 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। राज्य लोक सेवा आयोग से कहा जाएगा कि जल्द इसके परिणाम जारी किए जाएं। शिक्षा मंत्री ने कहा, राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेजों में चतुर्थ श्रेणी के 2364 पद खाली हैं। इन पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती के लिए कंपनी का...

चार जिलों में कल स्कूल रहेंगे बंद, तीन जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट

  उत्तराखंड में आज भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। जबकि देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और बागेश्वर जिले के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।    बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, देहरादून और टिहरी में जिला प्रशासन ने स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए किए। कल सभी आंगनबाड़ी केंद्र और कक्षा एक से 12 तक के स्कूल बंद रहेंगे।

दिवंगत शिक्षिका श्रृष्टि कंडारी के पति, सास और ननद पर दहेज मृत्यु का मुकदमा दर्ज, आठ माह पहले हुई थी शादी, ससुरालियों की प्रताड़ना से थी परेशान

राजकीय इंटर कालेज रिगोली टिहरी गढ़वाल में कार्यरत प्रवक्ता गणित श्रृष्टि कंडारी के असामयिक मृत्यु की खबर से जहां उनके परिजनों सहित राज्य के शिक्षकों के शोक व्याप्त है वही शादी के महज कुछ महीनों में ही दिवंगत शिक्षिका की ससुरालियों द्वारा प्रताड़ना और उत्पीड़न को मौत का कारण माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतका की मां ने ससुरालियों के खिलाफ दहेज मृत्यु का मुकदमा दर्ज करवाया है। मृतक शिक्षिका का पति उत्तराखंड सचिवालय में है तैनात राजकीय इंटर कालेज रिगोली टिहरी गढ़वाल में कार्यरत प्रवक्ता गणित श्रृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत के बाद सचिवालय में  निजी सचिव पद पर तैनात उनके पति पर अपनी पत्नी की दहेज के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना हर्रवाला चौकी के अंतर्गत की है, जहां विवाह के महज आठ महीने बाद प्रवक्ता गणित सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने पति समेत ससुराल पक्ष के तीन लोगों पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। नवंबर 2025 में हुई थी शादी पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर स्थित श्रीकोट निवासी स्वर्गी...

उत्तराखंड शिक्षा विभाग से बड़ी खबर: पोर्टल से हटी सुगम-दुर्गम श्रेणी, दुर्गम क्षेत्र के शिक्षकों की उम्मीदों को लगा झटका,

उत्तराखंड शिक्षा विभाग से बड़ी खबर सामने आई है। जी हाँ, शिक्षा विभाग ने विभागीय पोर्टल से शिक्षकों की सुगम-दुर्गम श्रेणी हटा दी है। इससे शिक्षकों के स्थानांतरण में विद्यालयों के सुगम अथवा दुर्गम श्रेणी का आधार समाप्त हो गया है। दुर्गम क्षेत्र के शिक्षकों की उम्मीदों को लगा झटका इस फैसले से वर्षों से अति दुर्गम और दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों की सुगम क्षेत्र में आने की उम्मीदों को झटका लग सकता है।गुरुवार को शिक्षा महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित विभागीय समिति ने यह निर्णय लिया। शिक्षकों के अनुरोध तबादलों के लिए विभाग ने जारी की समय सारिणी, अनुरोध की इन पांच श्रेणियां में ही होंगे ट्रांसफर विभागीय पोर्टल पर बेसिक शिक्षक से लेकर प्रधानाचार्य तक करीब 60 हजार शिक्षकों की एसीआर, सेवा अभिलेख, सुगम-दुर्गम सेवाएं, पद, पदोन्नति, वेतनमान और उपलब्धियां दर्ज हैं। उधर, इस निर्णय की जानकारी मिलते ही शिक्षक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया और इसे शिक्षकों के अधिकारों का हनन बताया।    एससीईआरटी शिक्षक संघ के निवर्तमान अध्यक्ष डा. अंकित जोशी ने निर्णय को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा क...