Skip to main content

IISER Pune के सौजन्य से टिहरी और उत्तरकाशी के 65 विज्ञान व गणित शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण DIET टिहरी में हुआ शुरू, प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन संपन्न हुई यह रोचक गतिविधियां

आईआईएसईआर पुणे के तत्वावधान में टिहरी और उत्तरकाशी के विज्ञान और गणित शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) नई टिहरी में आरंभ हुआ। इस अवसर पर भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान पुणे से डाइट टिहरी पहुंचे संदर्भ दाताओं की टीम ने प्रतिभागी शिक्षकों को आईआईएसईआर पुणे के प्रोजेक्ट आईआरआईएसई से परिचय करवाते हुए विभिन्न सत्रों में शिक्षकों को रोचक ढंग विज्ञान और गणित शिक्षण की अनेक विधाओं से संबंधित प्रशिक्षण दिया।

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी DIET नई टिहरी में जनपद टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी के उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के विज्ञान और गणित शिक्षकों का inspiring India in research innovation and stem education program के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद डंडरियाल ने विज्ञान विषय के प्रति छात्र-छात्राओं में रुचि पैदा करने पर जोर दिया है। उन्होंने विज्ञान शिक्षकों का जमकर उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि टिहरी और उत्तरकाशी में अनेक नवाचारी शिक्षक शानदार कार्य कर रहे हैं उन्होंने जनपद टिहरी गढ़वाल में गत वर्षों भारत सरकार के विज्ञान और तकनीकी विभाग द्वारा संचालित इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में टिहरी जनपद के शिक्षकों के प्रयासों से जिले के नाम उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। 

इससे पूर्व डाइट टिहरी की टीम ने आईआईएसईआर पुणे से प्रशिक्षण देने के लिए पहुंचे संदर्भ दाताओं का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान डीएलएड प्रशिक्षु शिक्षकों ने रोचक ढंग से सरस्वती वंदना और स्वागत गान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के संयोजक व डायट टिहरी के प्रवक्ता डॉ मनवीर सिंह नेगी ने संदर्भदाताओं का शिक्षकों से परिचय करवाया और Indian institute of Science education and research Pune के शिक्षक और छात्रोंपयोगी प्रोजेक्ट IRISE की संक्षिप्त जानकारी दी।

   इस दौरान आईआईएसईआर पुणे की वरिष्ठ शिक्षण सहयोगी श्रद्धा भुरकुंडे ने IRISE प्रोग्राम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि IISER पुणे की टीम उत्तराखंड राज्य में इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न चरणों में शिक्षक विकास कार्यशाला आयोजित कर रही है। संस्थान द्वारा उत्तराखंड से पहले महाराष्ट्र और बिहार में सफलतापूर्वक शिक्षक विकास कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी है।

 'हिमवंत' के whatsapp group से जुड़ने के लिए यहां टच करें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन विभिन्न सत्रों में संदर्भदाताओं द्वारा बेहद रोचक ढंग से विज्ञान शिक्षकों को छात्रोपयोगी प्रशिक्षण दिया। इस दौरान मोहम्मद तकी ने गणित पर आधारित विभिन्न रोचक गतिविधियां करवाते हुए शिक्षकों को अनेक व्यवहारिक विधाओं से परिचित करवाया। उन्होंने गणित से जुड़ी अनेक प्रेरक कहानियां भी शिक्षकों को छात्रों के साथ साझा करने के लिए सुनाई। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षकों के साथ WODB तैयार करने की प्रक्रिया और Math Talk आदि प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी।

   इस दौरान आईआईएसईआर पुणे की वरिष्ठ शिक्षण सहयोगी श्रद्धा भुरकुंडे ने माध्यमिक कक्षाओं के लिए शिक्षण अधिगम सामग्री TLM और विज्ञान के मॉडल तैयार करने पर आधारित प्रशिक्षण दिया। इस दौरान उन्होंने केमिस्ट्री पर आधारित अनेक रोचक और प्रेरक कहानियां शिक्षकों के साथ साझा करते हुए यह समझाने का प्रयास किया कि कहानियों के माध्यम से भी छात्र-छात्राओं के अधिगम के उच्च स्तर को प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को अपने आसपास की अनुपयोगी वस्तुओं जैसे अंडे की ट्रे, कागज और गत्ते की प्लेटें, बच्चों के खिलौने और गुब्बारे आदि सामग्री से किफायती मॉडल्स तैयार करने की विधाओं से भी परिचित करवाया।

 प्रशिक्षण कार्यक्रम में IISER पुणे से संदर्भदाता श्रद्धा भुरकुंडे, मोहम्मद तकी, प्रदन्या पुजारी, शिवानी पलसे, संकेत राऊत, शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी के प्रवक्ता और कार्यक्रम संयोजक डॉ मनवीर सिंह नेगी, डॉ वीर सिंह रावत, देवेंद्र भंडारी, अंजना सजवाण, सुषमा महर और हिमवंत के संपादक सुशील डोभाल सहित जनपद उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल के कई उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के विज्ञान और गणित शिक्षक मौजूद रहे।

 'हिमवंत' के whatsapp group से जुड़ने के लिए यहां टच करें।

Comments

Post a Comment

पोस्ट पर अपने उपयोगी विचार और सुझाव यहाँ कमेंट करें।

Popular posts from this blog

PPC 2026: स्कूल प्रमुख 31 दिसंबर तक सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पर चर्चा के लिए करवा लें रजिस्ट्रेशन, वरना होगी यह कार्यवाही, SCERT ने जारी किए निर्देश

  PPC 2026 Certificate will be available here from 12th January 2026 . Photographs of various PPC 2026: यहां करें रजिस्ट्रेशन Pariksha Pe Charcha 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के लोकप्रिय कार्यक्रम  Pariksha Pe Charcha 2026  परीक्षा पर चर्चा 2026 के लिए अधिकारियों द्वारा बार बार निर्देशित करने के बाद भी छात्रों का पंजीकरण न किए जाने पर SCERT उत्तराखंड द्वारा सख्त नाराजगी व्यक्त की गई है। निदेशक अकादमी शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल ने शीतकालीन अवकाशों को ध्यान में रखते हुए 31 दिसंबर तक निर्धारक लक्ष्य के अनुसार छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों का पंजीकरण करने  के निर्देश देते हुए राष्ट्रीय महत्व के इस कार्यक्रम में उदासीनता बरतने वाले विद्यालय प्रमुखों पर कार्यवाही की चेतावनी दी है।  Participate Here PPC 2026 Certificate will be available here from 12th January 2026 . Photographs of various activities   सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए  निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल ने कहा है कि परीक्षा पे चर्चा ...

Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के लिए तुरंत कर ले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, इस बार टूट जाएगा पिछला रिकॉर्ड, अब तक हो चुके हैं लाखों रजिस्ट्रेशन

Pariksha Pe Charcha 2026 Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्टूडेंट्स के संवाद के लिए परीक्षा पे चर्चा 2026 PPC 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अगर आप स्टूडेंट, पैरेंट या टीचर है और आपने अभी तक इसके लिए आवेदन नहीं किया है तो आप 11 जनवरी तक ऑफिशियल वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. यह परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण है और भारत सरकार ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू कर दी है। इसबार दो सप्ताह में ही रजिस्ट्रेशन के पिछली बार के सारे रिकॉर्ड टूट चुके है।  PPC 2026: स्कूल प्रमुख 31 दिसंबर तक सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पर चर्चा के लिए करवा लें रजिस्ट्रेशन, वरना होगी यह कार्यवाही, SCERT Uttarakhand ने जारी किए निर्देश- Pariksha Pe Charcha 2026 के लिए कैसे करवाएं रजिस्ट्रेशन? ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान से स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं-  ऑफिशियल वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाएं।  होम पेज पर उपलब्ध 'परीक्षा पे चर्चा 2026' के रजिस्ट्...

School prayer: स्कूल के लिए 20 प्रसिद्ध प्रार्थना, जो बना देंगी विद्यार्थियों का जीवन सफल

भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है।    इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।