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UK Board Improvement Exam: बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्रों के लिए राहत भरी खबर, परीक्षाफल सुधार परीक्षा में शामिल होने का मिलेगा मौका, कम अंक पाकर पास हुए परीक्षार्थियों को भी मिल रहा है अंक बढ़ाने का शानदार मौका, परीक्षाफल सुधार परीक्षा में शामिल होने के लिए यह होंगे नियम

 

उत्तराखंड बोर्ड द्वारा विगत 25 मई को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाफल घोषित करने बाद शासन द्वारा परीक्षाफल सुधार परीक्षा के लिए निर्देश जारी किए हैं। जी हां, इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए छात्रों और कम अंकों के साथ उत्तीर्ण हुए परीक्षार्थियों को अपने परीक्षाफल में सुधार का शानदार अवसर मिलने जा रहा है। परीक्षाफल सुधार परीक्षा में प्रतिभाग के लिए क्या नियम होंगे तथा इसके लिए शुल्क का क्या प्रावधान होगा और परीक्षा कब आयोजित होगी यह सब जानकारी उत्तराखंड बोर्ड द्वारा संचालित विद्यालयों के परीक्षार्थियों और शिक्षकों के साथ शेयर करने के उद्देश्य से यहां पोस्ट की जा रही है। 

नोट- यह पोस्ट विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा के लिए उत्तराखण्ड शासन माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-4 शासनादेश संख्या- 311 /XXIV-4/2023-01(01)2016 TC देहरादून: दिनांक 26 मई 2023 की मूलप्रति से गूगल लेंस के द्वारा कॉपी की गई है। नियमों की पुष्टि के लिए शासनादेश की मूलप्रति का अवलोकन करें।

Uttarakhand Board Result 2023: उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद रामनगर बोर्ड का 10 वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम यहां देखें।

 देहरादून: दिनांक: 26 मई 2023

अधिसूचना संख्या- 311 / XXIV-4 / 2023 01 (01) 2016 TC दिनांक 26 मई 2023 के द्वारा प्रख्यापित "उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद (परिष्कार) विनियम 2023 की प्रति

उत्तराखण्ड शासन माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-4

311 /XXIV-4/2023-01(01)2016 TC देहरादून: दिनांक 26 मई 2023

अधिसूचना

 प्रकीर्ण

राज्यपाल, उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा अधिनियम, 2006 की धारा 18 की उपधारा (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद् विनियम, 2009 में परिष्कार किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं, अर्थात् :- संक्षिप्त नाम एवं प्रारम्भ 

1.(1) इस विनियम का संक्षिप्त नाम 'उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद (परिष्कार) विनियम 2023 

1.(2) उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद्  विनियम, 2009 में विद्यमान विनियम में प्रस्तर 16 के पश्चात् निम्नलिखित प्रस्तर अंतःस्थापित कर दिया जायेगा,

अर्थात् :-

अध्याय- बारह में नये प्रस्तर 2. 16- क का अंतःस्थापन 16 (1) हाईस्कूल (कक्षा 10 ) एवं इण्टरमीडिएट (कक्षा 12 ) परीक्षाफल सुधार परीक्षा

(क) हाईस्कूल (कक्षा 10) परीक्षाफल सुधार परीक्षा का स्वरूप-

हाईस्कूल (कक्षा 10) में परीक्षाफल सुधार परीक्षा का आयोजन निम्नवत प्रक्रिया का पालन करते हुए किया जायेगा- 

a. हाईस्कूल स्तर पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा परीक्षाफल निर्माण के दृष्टिगत निम्नलिखित विषयों में आयोजित की जायेगी-

1. भाषा हिन्दी

 2. भाषा अंग्रेजी अथवा संस्कृत अथवाउर्दू अथवा पंजाबी अथवा बंगाली में से कोई एक भाषा

3. गणित अथवा गृह विज्ञान (गृह विज्ञान केवल बालिकाओं के लिये)

 4. विज्ञान

5. सामाजिक विज्ञान

6. अतिरिक्त विषय केवल मुख्य परीक्षा में परीक्षार्थी द्वारा अतिरिक्त विषय के रूप में ली गयी भाषा अथवा व्यावसायिक विषय ।

b. हाईस्कूल (कक्षा 10) स्तर पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा में परीक्षार्थी अपने द्वारा मुख्य परीक्षा में लिये गये विषयों में से अधिकतम दो विषयों, जिनमें वह अनुत्तीर्ण हुआ हो अथवा अपेक्षित अंक न प्राप्त कर पाया हो का चयन कर सकेगा।

c. उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद् की हाईस्कूल (कक्षा 10 ) की परिषदीय परीक्षा में सम्मिलित ऐसा परीक्षार्थी परीक्षाफल सुधार परीक्षा में आवेदन करने हेतु अर्ह होगा-

i. जो परीक्षार्थी संबंधित वर्ष की मुख्य परीक्षा में समस्त विषयों में सम्मिलित हुआ हो तथा अनुत्तीर्ण हुआ हो। अथवा जो परीक्षार्थी किसी विषय की मुख्य परीक्षा के प्रयोगात्मक / आंतरिक मूल्यांकन / प्रोजेक्ट भाग में सम्मिलित हुआ हो किन्तु लिखित (सैद्धान्तिक ) भाग में चिकित्सकीय अथवा अन्य किसी आकस्मिकता के कारण सम्मिलित न हो पाने के कारण वह परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुआ हो।

ii. परीक्षार्थी मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण हुआ हो किन्तु किसी विषय विशेष में उसका प्रदर्शन अपेक्षित न रहा हो और परीक्षाफल सुधार परीक्षा से अपने उस विषय / विषयों के प्राप्तांकों में सुधार करना चाहता हो। 

d. मुख्य परीक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित होने के तीन सप्ताह अथवा परिषद् द्वारा निर्धारित अवधि के अंदर परीक्षाफल सुधार परीक्षा के लिये परीक्षार्थी (संस्थागत व्यक्तिगत) जस विद्यालय जहा परीक्षार्थी के रूप मैं रजिस्ट्रीकृत हुआ के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे परीक्षाफल सुधार परीक्षा में परीक्षार्थी वसी अनुक्रमाक के सम्मिलित होगा जो उसे मुख्य परीक्षा हेतु आंवटित किया गया था। साथ

e. परीक्षाफल सुधार परीक्षा हेतु केन्द्र निर्धारण आवेदक परीक्षार्थियों की संख्या के दृष्टिगत जिला स्तर से प्रस्तावित किया जायेगा। परीक्षा केन्द्र यथासम्भव जिला अथवा तहसील अथवा विकासखण्ड मुख्यालय में निर्धारित किये जायेंगे।

f. हाईस्कूल स्तर पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा हेतु परीक्षा शुल्क रु० 200.00 ( रू० दो सौ मात्र) प्रति विषय तथा रु० 50.00 प्रमाणपत्र सह अंकपत्र पचास शुल्क मात्र) देय होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा शुल्क रु० 100.00 (रू0 एक सौ मात्र) प्रति विषय तथा रु0 50.00 (रु० पचास मात्र) प्रमाणपत्र सह अंकपत्र शुल्क देय होगा। (50

g- (i) बिन्दु c के उप बिन्दु में वर्णित अर्हता के आधार पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा में सम्मिलित होने वाले मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों को परीक्षाफल सुधार परीक्षा मैं आवश्यकतानुसार संबंधित विषय / विषयों की परीक्षा में सम्मिलित होने के तीन अवसर प्रदान किये जाएंगें। प्रथम अवसर मुख्य परीक्षा के तत्काल बाद प्रदान किया जायेगा। प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में यदि परीक्षार्थी द्वारा अपने परीक्षाफल में सुधार नहीं किया जाता है अर्थात् वह परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाता है तो ऐसी स्थिति में उसे निम्न में से किसी एक विकल्प को चुनने का अवसर होगा- 

1. परीक्षार्थी प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में लिए गए विषय / विषयों के साथ दूसरे अवसर में आगामी वर्ष की मुख्य परीक्षा के साथ और तीसरे एवं अंतिम अवसर में आगामी वर्ष की मुख्य परीक्षा के तत्काल बाद आयोजित होने वाली परीक्षाफल सुधार परीक्षा में सम्मिलित हो सकता है किन्तु ऐसी स्थिति में परीक्षार्थी द्वितीय एवं तृतीय अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में ही सम्मिलित हो सकेगा। परीक्षार्थी को प्रत्येक अवसर की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए तत्समय निर्धारित समयावधि के अंतर्गत आवेदन एवं निर्धारित परीक्षा शुल्क तथा प्रमाणपत्र - सह - अंकपत्र शुल्क जमा करना होगा। यदि परीक्षार्थी द्वारा तीसरे अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में अपने परीक्षाफल में सुधार नहीं किया जाता है अर्थात् वह परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाता है तो ऐसी स्थिति में वह आगामी वर्ष / वर्षों की परिषदीय परीक्षा में सम्पूर्ण विषयों के साथ व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में ही सम्मिलित हो सकेगा। अथवा

 2. परीक्षार्थी के पास यह विकल्प भी होगा कि मुख्य परीक्षा के तत्काल बाद मिलने वाले प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में उत्तीर्ण न होने पर यदि वह चाहे तो संबंधित वर्ष की हाईस्कूल (कक्षा 10 ) की मुख्य परीक्षा में समस्त विषयों के साथ भी परीक्षा में संस्थागत अथवा व्यक्तिगत रूप से आवेदन कर सकेगा। ऐसी स्थिति में परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु आवेदन एवं निर्धारित परीक्षा शुल्क तथा प्रमाणपत्र सह अंकपत्र शुल्क जमा करने हेतु उसे प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा के परिणाम घोषित होने के उपरांत 10 दिन का समय परिषद् द्वारा प्रदान किया जायेगा।

(ii) बिन्दु के उप बिन्दु में वर्णित अर्हता के आधार पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा में सम्मिलित होने वाले मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों को परीक्षाफल सुधार परीक्षा मैं आवश्यकतानुसार संबंधित विषय / विषयों की परीक्षा में सम्मिलित होने का केवल एक अवसर प्रदान किया जाएगा। यह अवसर उसी वर्ष की मुख्य परीक्षा के तत्काल बाद प्रदान किया जाएगा।

h. परीक्षाफल सुधार परीक्षा में केवल लिखित (सैद्धान्तिक) भाग की परीक्षा की प्रयोगात्मक/ आंतरिक जायेगी। मूल्याकन / प्रभाग में पूर्व में प्राप्त अंक अपित किए जायेंगे अर्थात प्रयोगात्मक / आंतरिक मूल्याकन / प्रोजेक्ट भाग की परीक्षा पुन आयोजित नहीं की जायेगी।

i. परिषदीय परीक्षा के पाठ्यक्रम या परीक्षा पैटर्न में परिवर्तन होने की स्थिति में परीक्षाफल सुधार परीक्षा तत्समय प्रचलित पाठ्यक्रम एवं परीक्षा पेपर ही आयोजित की जाएगी। 

j.परीक्षाफल सुधार परीक्षा में लिए विषयों में मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों को सम्मिलित करते हुए निर्धारित उत्तीर्णता मापदण्डों के अनुसार परीक्षाफल तैयार किया जायेगा। 

k. परीक्षाफल सुधार परीक्षा में परीक्षार्थी जिस विषय / विषयों में सम्मिलित होगा उस विषय / विषयों में परीक्षाफल सुधार परीक्षा में प्राप्त अंक अथवा पूर्व में मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंक जो भी अधिक हों, को अंतिम अंक मानते हुये परीक्षाफल तैयार किया जायेगा। परीक्षाफल सुधार परीक्षा के आधार पर उसे परिवर्तित अंकपत्र अथवा प्रमाणपत्र-सह- अंकपत्र निर्गत किया जायेगा और ऐसी स्थिति में उस से पूर्व में परिषद् द्वारा निर्गत अंकपत्र अथवा प्रमाणपत्र सह अंकपत्र वापस ले लिया जायेगा। परीक्षाफल सुधार परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर परिषद् द्वारा निर्गत किये जाने वाले प्रमाणपत्र - सह - अंकपत्र में परीक्षाफल सुधार परीक्षा की स्पष्ट अंकना भी की जाएगी।

l. यदि कोई परीक्षार्थी परीक्षाफल सुधार परीक्षा हेतु आवेदन करने के उपरांत इस परीक्षा में किसी कारण से सम्मिलित नहीं होता है तो उसे परीक्षा अवसर प्रदान नहीं किया जायेगा और न ही उसका शुल्क भविष्य के लिये सुरक्षित रखा जायेगा। ऐसी स्थिति में उस परीक्षार्थी का मुख्य परीक्षा का परीक्षाफल यथावत् रहेगा।

m. परीक्षाफल सुधार परीक्षा में सम्मिलित होने वाले मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थी को औपबंधिक रूप से कक्षा 11 में प्रवेश की अनुमति होगी परंतु उसका प्रवेश तब ही वैध होगा जब वह परीक्षाफल सुधार परीक्षा में प्राप्त प्रथम अवसर में कक्षा 10 उत्तीर्ण होगा। यदि वह प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं होता है तो उसका औपबंधिक प्रदेश स्वतः निरस्त हो जायेगा। इस स्थिति में सम्बन्धित विद्यार्थी को उसके द्वारा चयनित विकल्प के अनुसार सम्बन्धित विषय / विषयों की परीक्षाफल सुधार परीक्षा के द्वितीय अवसर में व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में सम्मिलित होने हेतु या समस्त विषयों के साथ संस्थागत अथवा व्यक्तिगत रूप से आवेदन करने एवं शुल्क जमा करने हेतु प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा के परिणाम घोषित होने के उपरांत 10 दिन का समय परिषद् द्वारा प्रदान किया जायेगा। तृतीय अवसर परिषद् द्वारा आगामी मुख्य परीक्षा के तत्काल बाद प्रदान किया जाएगा।

n. परीक्षाफल सुधार परीक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षार्थी को अपने परीक्षाफल में सुधार का एक अतिरिक्त अवसर प्रदान करना है यदि परीक्षाफल सुधार परीक्षा के आधार पर किसी परीक्षार्थी के अंक अधिक हो जाते हैं तो भी मुख्य परीक्षा के आधार पर परिषद द्वारा पूर्व में जारी मेरिट लिस्ट, टॉप 1 परसन्टाइल, टॉप 20 परसन्टाइल आदि सूचियों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जायेगा।

(ख) इण्टरमीडिएट (कक्षा 12 व केवल कृषि वर्ग के लिये कक्षा 11 सहित) परीक्षाफल सुधार परीक्षा का स्वरुप- इण्टरमीडिएट (कक्षा 12 व केवल कृषि वर्ग के लिये कक्षा 11 सहित) स्तर पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा का आयोजन निम्नवत प्रक्रिया का पालन करते हुये किया जायेगा-

a. इण्टरमीडिएट स्तर पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा उन सभी विषयों / प्रश्नपत्रों में आयोजित की जायेगी, जिनमें मुख्य परीक्षा आयोजित की गई थी। 

b. इण्टरमीडिएट स्तर पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा में परीक्षार्थी अपने द्वारा मुख्य परीक्षा में लिये गये विषयों में से किसी एक विषय / प्रश्नपत्र, जिसमें वह अनुत्तीर्ण हुआ हो अथवा अपेक्षित अंक न प्राप्त कर पाया हो का चयन कर सकेगा।

C. इण्टरमीडिएट की परिषदीय परीक्षा में सम्मिलित ऐसा परीक्षार्थी परीक्षाफल सुधार परीक्षा में आवेदन करने हेतु अर्ह होगा- 

i. जो परीक्षार्थी संबंधित वर्ष की मुख्य परीक्षा में समस्त विषयों / प्रश्नपत्रों में सम्मिलित हुआ हो तथा अनुत्तीर्ण हुआ हो ।अथवा जो परीक्षार्थी किसी विषय / प्रश्नपत्र की मुख्य परीक्षा के प्रयोगात्मक / आंतरिक मूल्यांकन / प्रोजेक्ट भाग में सम्मिलित हुआ हो किन्तु लिखित (सैद्धान्तिक) भाग में चिकित्सकीय अथवा अन्य किसी आकस्मिकता के कारण सम्मिलित न हो पाने के कारण वह परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुआ हो।

ii. परीक्षार्थी मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण हुआ हो किन्तु किसी विषय विशेष में उसका प्रदर्शन अपेक्षित न रहा हो और परीक्षाफल सुधार परीक्षा से अपने उस विषय / विषयों के प्राप्तांकों में सुधार करना चाहता हो।

d. मुख्य परीक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित होने के तीन सप्ताह अथवा परिषद् द्वारा निर्धारित अवधि के अंदर परीक्ष सुधार परीक्षा के लिये परी 9/15 (संस्थागत / व्यक्तिगत) उस विद्यालय, जहां वह परीक्षार्थी के रूप रजिस्ट्रीकृत हुआ हो, के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे परीक्षाफल सुधार परीक्षा में परीक्षार्थी उसी अनुक्रमांक के साथ सम्मिलित होगा, जो उसे मुख्य परीक्षा हेतु आंवटित किया गया था। . 

 e परीक्षाफल सुधार परीक्षा हेतु केन्द्र निर्धारण आवेदक परीक्षार्थियों की संख्या के दृष्टिगत जिला स्तर से प्रस्तावित किया जायेगा। परीक्षा केन्द्र निर्धारण में परीक्षा केन्द्र यथासम्भव जिला अथवा तहसील अथवा विकासखण्ड मुख्यालय में निर्धारित किये जायेगें।

  f. इण्टरमीडिएट स्तर पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा हेतु परीक्षा शुल्क रु० 300.00 (रू० तीन सौ मात्र) प्रति विषय तथा रु० 50.00 प्रमाणपत्र सह अंकपत्र पचास मात्र) शुल्क देय होगा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा शुल्क रु० 150.00 (रू0 एक सौ पचास मात्र) प्रति विषय तथा रु0 50.00 (रू० पचास प्रमाणपत्र सह-अंकपत्र होगा। मात्र) देय शुल्क (750

g. (i) बिन्दु c के उप बिन्दु में वर्णित अर्हता के आधार पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा में सम्मिलित होने वाले मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों को परीक्षाफल सुधार परीक्षा में आवश्यकतानुसार संबंधित विषय / विषयों की परीक्षा में सम्मिलित होने के तीन अवसर प्रदान किये जाएंगें प्रथम अवसर मुख्य परीक्षा के तत्काल बाद प्रदान किया जायेगा। प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में यदि परीक्षार्थी द्वारा अपने परीक्षाफल में सुधार नहीं किया जाता है अर्थात् यह परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाता है तो ऐसी स्थिति में उसे निम्न में से किसी एक विकल्प को चुनने का अवसर होगा-

1. परीक्षार्थी प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में लिए गए विषय / विषयों को साथ दूसरे अवसर में आगामी वर्ष की मुख्य परीक्षा के साथ और तीसरे एवं अंतिम अवसर में आगामी वर्ष की मुख्य परीक्षा के तत्काल बाद आयोजित होने वाली परीक्षाफल सुधार परीक्षा में सम्मिलित हो सकता है किन्तु ऐसी स्थिति में परीक्षार्थी द्वितीय एवं तृतीय अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में ही सम्मिलित हो सकेगा। परीक्षार्थी को प्रत्येक अवसर की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए तत्समय निर्धारित समयावधि के अंतर्गत आवेदन एवं निर्धारित परीक्षा शुल्क तथा प्रमाणपत्र सह-अंकपत्र शुल्क जमा करना होगा। यदि परीक्षार्थी द्वारा तीसरे अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में अपने परीक्षाफल में सुधार नहीं किया जाता है अर्थात् वह परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाता है तो ऐसी स्थिति में वह आगामी वर्ष / वर्षों की परिषदीय परीक्षा में सम्पूर्ण विषयों के साथ व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में ही सम्मिलित हो सकेगा।अथवा

2. परीक्षार्थी के पास यह भी विकल्प होगा कि मुख्य परीक्षा के तत्काल बाद मिलने वाले प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में उत्तीर्ण न होने पर यदि वह चाहे तो संबंधित वर्ष की इण्टरमीडिएट (कक्षा 12 ) की मुख्य परीक्षा में समस्त विषयों के साथ भी परीक्षा में संस्थागत अथवा व्यक्तिगत रूप से आवेदन कर सकेगा। ऐसी स्थिति में परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु आवेदन एवं निर्धारित परीक्षा शुल्क तथा प्रमाणपत्र सह- अंकपत्र शुल्क निर्धारण आवेदक परीक्षार्थियों की संख्या के दृष्टिगत जिला स्तर से प्रस्तावित किया जायेगा परीक्षा केन्द्र निर्धारण में परीक्षा केन्द्र यथासम्भव जिला अथवा तहसील अथवा विकासखण्ड मुख्यालय में निर्धारित किये जायेगें।

1. इण्टरमीडिएट स्तर पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा हेतु परीक्षा शुल्क रु० 300.00 (रू० तीन सौ मात्र) प्रति विषय तथा रु० 50.00 पचास मात्र) प्रमाणपत्र सह-अकपत्र शुल्क देय होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा शुल्क रु० 150.00 (रु० एक सौ पचास मात्र ) प्रति विषय तथा रु0 50.00 (रू पचास प्रमाणपत्र सह-अंकपत्र होगा। मात्र) देय शुल्क: (750

g. (i) बिन्दु c के उप बिन्दु में वर्णित अर्हता के आधार पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा में सम्मिलित होने वाले मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों को परीक्षाफल सुधार परीक्षा में आवश्यकतानुसार संबंधित विषय / विषयों की परीक्षा में सम्मिलित होने के तीन अवसर प्रदान किये जाएंगे। प्रथम अवसर मुख्य परीक्षा के तत्काल बाद प्रदान किया जायेगा। प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में यदि परीक्षार्थी द्वारा अपने परीक्षाफल में सुधार नहीं किया जाता है अर्थात् वह परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाता है तो ऐसी स्थिति में उसे निम्न में से किसी एक विकल्प को चुनने का अवसर होगा-

1. परीक्षार्थी प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में लिए गए विषय / विषयों के साथ दूसरे अवसर में आगामी वर्ष की मुख्य परीक्षा के साथ और तीसरे एवं अंतिम अवसर में आगामी वर्ष की मुख्य परीक्षा के तत्काल बाद आयोजित होने वाली परीक्षाफल सुधार परीक्षा में सम्मिलित हो सकता है किन्तु ऐसी स्थिति में परीक्षार्थी द्वितीय एवं तृतीय अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में ही सम्मिलित हो सकेगा। परीक्षार्थी को प्रत्येक अवसर की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए तत्समय निर्धारित समयावधि के अंतर्गत आवेदन एवं निर्धारित परीक्षा शुल्क तथा प्रमाणपत्र - सह - अंकपत्र शुल्क जमा करना होगा। यदि परीक्षार्थी द्वारा तीसरे अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में अपने परीक्षाफल में सुधार नहीं किया जाता है अर्थात् वह परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाता है तो ऐसी स्थिति में वह आगामी वर्ष / वर्षों की परिषदीय परीक्षा में सम्पूर्ण विषयों के साथ व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में ही सम्मिलित हो सकेगा।

अथवा 2. परीक्षार्थी के पास यह भी विकल्प होगा कि मुख्य परीक्षा के तत्काल बाद मिलने वाले प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में उत्तीर्ण न होने पर यदि वह चाहे तो संबंधित वर्ष की इण्टरमीडिएट (कक्षा 12 ) की मुख्य परीक्षा में समस्त विषयों के साथ भी परीक्षा में संस्थागत अथवा व्यक्तिगत रूप से आवेदन कर सकेगा। ऐसी स्थिति में परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु आवेदन एवं निर्धारित परीक्षा शुल्क तथा प्रमाणपत्र-सह- अंकपत्र शुल्क जमा करने हेतु उसे प्रथम अवसर की परीक्षाफल सुधार परीक्षा के परिणाम घोषित होने के उपरांत 10 दिन का समय परिषद् द्वारा प्रदान किया जायेगा।

(ii) बिन्दु के उप बिन्दु में वर्णित अर्हता के आधार पर परीक्षाफल सुधार परीक्षा में सम्मिलित होने वाले मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों को परीक्षाफल सुधार परीक्षा आवश्यकतानुसार संबंधित विषय की परीक्षा में सम्मिलित होने का केवल एक अवसर प्रदान किया जाएगा। यह अवसर मुख्य परीक्षा के तत्काल बाद प्रदान किया जाएगा।

h. विषय में केवल लिखित (सैद्धान्तिक) भाग की परीक्षा आयोजित की जायेगी। प्रयोगात्मक / आंतरिक मूल्यांकन / प्रोजेक्ट में पूर्व में प्राप्त अंक यथावत अग्रेषित किए जायेंगे अर्थात प्रयोगात्मक / आंतरिक मूल्यांकन / प्रोजेक्ट भाग में परीक्षा पुनः आयोजित नहीं की जायेगी। 

i. परिषदीय परीक्षा के पाठ्यक्रम या परीक्षा पैटर्न में परिवर्तन होने की स्थिति में परीक्षाफल सुधार परीक्षा तत्समय प्रचलित पाठ्यक्रम एवं परीक्षा पैटर्न पर ही आयोजित की जाएगी। 

j. परीक्षाफल सुधार परीक्षा में लिये गये विषय / प्रश्नपत्र में प्राप्त अंक तथा अन्य विषयों में मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों को सम्मिलित करते हुए निर्धारित उत्तीर्णता मापदण्डों के अनुसार संशोधित परीक्षाफल तैयार किया जायेगा। 

k. परीक्षाफल सुधार परीक्षा में परीक्षार्थी जिस विषय में सम्मिलित होगा उस विषय में परीक्षाफल सुधार परीक्षा में प्राप्त अंक अथवा पूर्व में मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंक जो भी अधिक हो, को अंतिम अंक मानते हुये परीक्षाफल तैयार किया जायेगा परीक्षाफल सुधार परीक्षा के आधार पर उसे परिवर्तित अंकपत्र अथवा प्रमाणपत्र सह-अंकपत्र निर्गत किया जायेगा और ऐसी स्थिति में उससे पूर्व में परिषद द्वारा निर्गत अंकपत्र अथवा प्रमाणपत्र सह अंकपत्र वापस ले लिया जायेगा। परीक्षाफल सुधार परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर परिषद् द्वारा निर्गत किये जाने वाले प्रमाणपत्र सह अंकपत्र में परीक्षाफल सुधार परीक्षा की स्पष्ट अंकना भी की जाएगी।

l. यदि कोई परीक्षार्थी आवेदन करने के उपरांत इस परीक्षा में किसी कारण सम्मिलित नहीं होता है तो उसे परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु कोई अतिरिक्त अवसर प्रदान नहीं किया जायेगा और न ही उसका शुल्क भविष्य के लिये सुरक्षित रखा जायेगा। ऐसी स्थिति में उस परीक्षार्थी का मुख्य परीक्षा का परीक्षाफल यथावत् रहेगा।

m. परीक्षाफल सुधार परीक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षार्थी को अपने परीक्षाफल में सुधार का एक अतिरिक्त अवसर प्रदान करना है यदि परीक्षाफल सुधार परीक्षा के आधार पर यदि किसी परीक्षार्थी के अंक अधिक हो जाते हैं तो भी मुख्य परीक्षा के आधार पर परिषद् द्वारा पूर्व जारी मेरिट लिस्ट, टॉप 1 परसन्टाइल, टॉप 20 परसन्टाइल आदि सूचियों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जायेगा।

n. कृषि वर्ग हेतु व्यवस्था-

कृषि वर्ग के अन्तर्गत कक्षा 11 की मुख्य परिषदीय परीक्षा में सम्मिलित हुये अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों को भी कक्षा 12 की भाँति उपरोक्त व्यवस्थानुसार सम्बन्धित वर्ष में परीक्षाफल सुधार परीक्षा का अवसर प्रदान किया जायेगा।


(ग) परीक्षाफल सुधार परीक्षा के सम्बन्ध में अन्य निर्देश-

1 परीक्षा के सम्बन्ध में परीक्षा के आयोजन से परीक्षाफल घोषित होने तक विभिन्न नियम प्रक्रिया उत्तीर्णता मानदण्ड मुख्य परीक्षा के समान ही होंगे।

2. विनियम के अंतर्गत परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षाफल सुधार परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर नहीं प्रदान किया जाएगा।

3. परीक्षाफल सुधार परीक्षा की मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं का शत-प्रतिशत अंकेक्षण किया जायेगा। अतः सुधार परीक्षा के सम्बन्ध में किसी भी परीक्षार्थी से प्राप्त होने वाले किसी भी सन्निरीक्षा (स्कूटनी) आवेदन पर विचार नहीं किया जायेगा। परीक्षा में प्रयुक्त उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षाफल घोषित होने के तीन माह के अंदर वीड-आउट कर दी जाएंगी।

4. परीक्षाफल सुधार परीक्षा सम्पादित किये जाने हेतु व्यय की व्यवस्था हाईस्कूल (कक्षा 10 ) एवं इण्टरमीडिएट (कक्षा 11 एवं 12) परीक्षा केन्द्र व्यय एवं मूल्यांकन मद आदि में स्वीकृत धनराशि से की जायेगी। इस संबंध में विभिन्न स्तरों विद्यालय / परीक्षा केन्द्र, संकलन केन्द्र, मूल्यांकन केन्द्र आदि पर मानदेय / पारिश्रमिक एवं अन्य आकस्मिक व्यय की दरें वही होंगी जो मुख्य परीक्षा के संचालन हेतु नियत की गयी हैं। परिषद् द्वारा तद्नुसार धनराशि का आवंटन किया जायेगा।

5. परीक्षाफल सुधार परीक्षा एक समयबद्ध कार्यक्रम के रूप में आयोजित की जायेगी परीक्षाफल सुधार परीक्षा के संपादन एवं सुचारु संचालन हेतु आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा केन्द्र निर्धारण

परीक्षा कार्यक्रम का निर्माण मूल्यांकन एवं परीक्षाफल निर्माण आदि के संदर्भ में आवश्यक दिशा-निर्देश उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद् द्वारा यथासमय निर्गत किये जायेंगे।

नोट- यह पोस्ट विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा के लिए उत्तराखण्ड शासन माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-4 शासनादेश संख्या- 311 /XXIV-4/2023-01(01)2016 TC देहरादून: दिनांक 26 मई 2023 की मूल प्रति से गूगल लेंस के द्वारा कॉपी की गई है। नियमों की पुष्टि के लिए शासनादेश की मूल प्रति का अवलोकन करें।

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SCERT Uttarakhand Scholarship Portal उत्तराखण्ड के राजकीय एवं राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 6 और कक्षा 9 के मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड ने दिनांक 15 अप्रैल 2026 को आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना परीक्षा-2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह छात्रवृत्ति पूरी तरह से मेरिट आधारित है और राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में आयोजित की जाएगी। क्या है यह योजना? मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना उत्तराखण्ड सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाती है, जिससे उनकी पढ़ाई में किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखण्ड ऐसे करें आवेदन  ऑनलाइन आवेदन करने के लिये यहाँ क्लिक करें -  Apply Here SCERT Uttarakh...

Uttarakhand Board Exam Result: 25 अप्रैल को इस समय घोषित होगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट, यहां देखें परीक्षा परिणाम

Report by- Sushil Dobhal Uttrakhand board result 2026:  उत्तराखंड 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाफल इस लिंक पर देखे परीक्षाफल हुआ जारी  Intermediate Result 2026 High School Result 2026 उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट इस बार 25 अप्रैल को घोषित किया जाएगा। उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद सिमल्टी 10वीं-12वीं कक्षा का रिजल्ट सुबह 10:00 बजे घोषित किया जाएगा।     उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर बनाए गए 1261 केंद्रों पर दो लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। इसमें हाईस्कूल में 112679 छात्र-छात्राओं में से 110573 संस्थागत और 2106 व्यक्तिगत परीक्षार्थी थे। जबकि इंटरमीडिएट में 103442 परीक्षार्थियों में से 99345 संस्थागत और 4097 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। Intermediate Result 2026 High School Result 2026

Censes 2027: शिक्षकों को विद्यालय समय के बाद करना होगा जनगणना कार्य- कार्यमुक्त करने को लेकर पूर्व मे दिया आदेश हुआ निरस्त, शिक्षकों में व्याप्त हो रही है नाराजगी,

जनगणना 2026-27 में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के रूप में नियुक्त शिक्षकों को मकान सूचीकरण कार्य के लिए कार्यभार मुक्त न करने को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शिक्षकों को अपने विभागीय मूल दायित्वों के साथ ही जनगणना ड्यूटी करनी होगी। हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर साफ कर दिया है कि शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। उन्हें अपनी विभागीय कार्यों के साथ ही जनगणना संबंधी कार्य संपन्न करने होंगे। दोपहर के समय भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए शिक्षक संगठन जनगणना कार्य में नियोजित शिक्षकों को कार्य मुक्त करने की मांग कर रहे थे। कार्यमुक्त न करने को लेकर शिक्षकों में नाराजगी व्याप्त हो रही है।    जारी निर्देशों में सीईओ हरिद्वार ने कहा है कि  जनगणना-2027 के तहत मकानसूचीकरण के कार्यों में योजित शिक्षकों को कार्यमुक्त किये जाने के सम्बन्ध में अधोहस्ताक्षरी के पत्रांक/विविध/713-16/ जनगणना-2027/2025-26 दिनांक 24 अप्रैल, 2026 द्वारा नियमानुसार कार्यमुक्त किये जाने के निर्देश को निरस्त किया जाता है। साथ ही निर्देशित किया जाता है कि कार्ययोजित...

Census 2027: 10 अप्रैल से आप भी घर बैठे आसानी से ऑनलाइन भर सकेंगे अपना स्व गणना विवरण, 10 से 15 मिनट का समय निकाल कर भारत की पहली ऑनलाइन स्व गणना में आप भी बने भागीदार

 जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना) के तहत 10 अप्रैल से आप घर बैठे आसानी से अपना विवरण भर सकेंगे। इसके लिए पोर्टल जारी हो चुका है। इस पूरी प्रक्रिया में केवल 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। इससे आपको भारत में पहली बार होने वाली ऑनलाइन स्व गणना में शामिल होने का शानदार मौका मिलेगा।    उत्तराखंड में मकान स्व गणना की वेबसाइट (https://se.census.gov.in) पर स्व गणना 10 अप्रैल से शुरू हो जाएगा। इस पर जाकर अपने राज्य का चयन करना होगा। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि मानचित्र पर घर की सही लोकेशन मार्क करने के लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करना बेहतर होगा। स्व गणना के लिए परिवार के मुखिया का नाम और एक मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य है।     एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक ही परिवार के लिए किया जा सकता है। पंजीकरण के समय दर्ज किया गया परिवार के मुखिया का नाम बाद में बदला नहीं जा सकेगा। भाषा का चयन भी अत्यंत सावधानी से करना होगा, क्योंकि एक बार ओटीपी सत्यापन होने के बाद इसे बदला नहीं जा सकता। मैप पर मार्क करना होगा अपना घर इस नई प्रक्रिया की सबसे खास बात परस...

Uttarakhand Teacher News: गंभीर बीमार और अनुपस्थित शिक्षक होंगे अनिवार्य सेवानिवृत्त, शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश, अटैच शिक्षकों की सूची तलब,

उत्तराखंड में लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार और अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों को अब अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की तैयारी की जा रही है, जिसके लिए शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कर शिक्षा महानिदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।     उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने कहा कि लंबे समय से अनुपस्थित और बीमार चल रहे शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जायेगी। ऐसे शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची मिलने के बाद चिकित्सा बोर्ड एवं विभागीय समिति की संस्तुति पर कार्यवाही करते हुए यह फैसला लिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने पिछले साल भी विभाग के अधिकारियों को इसके निर्देश दिए थे, लेकिन तबादलों के दौरान बीमार शिक्षकों की सूची की भरमार वाले विभाग में अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए अधिकारियों को शिक्षक नहीं मिले, इस कारण ऐसे शिक्षकों के खिलाफ तब कार्यवाही नहीं हो पाई। स्कूल और कार्यालय में अटैच शिक्षकों की सूची तलब शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने स्कूल और कार्यालय में संबद्ध शिक्षकों और अधिकारियों की सूची भी तलब की है, उन्होंने कहा है कि एक हफ्ते...

School prayer: स्कूल के लिए 20 प्रसिद्ध प्रार्थना, जो बना देंगी विद्यार्थियों का जीवन सफल

भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है।    इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।

Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के लिए तुरंत कर ले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, इस बार टूट जाएगा पिछला रिकॉर्ड, अब तक हो चुके हैं लाखों रजिस्ट्रेशन

Pariksha Pe Charcha 2026 Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्टूडेंट्स के संवाद के लिए परीक्षा पे चर्चा 2026 PPC 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अगर आप स्टूडेंट, पैरेंट या टीचर है और आपने अभी तक इसके लिए आवेदन नहीं किया है तो आप 11 जनवरी तक ऑफिशियल वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. यह परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण है और भारत सरकार ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू कर दी है। इसबार दो सप्ताह में ही रजिस्ट्रेशन के पिछली बार के सारे रिकॉर्ड टूट चुके है।  PPC 2026: स्कूल प्रमुख 31 दिसंबर तक सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पर चर्चा के लिए करवा लें रजिस्ट्रेशन, वरना होगी यह कार्यवाही, SCERT Uttarakhand ने जारी किए निर्देश- Pariksha Pe Charcha 2026 के लिए कैसे करवाएं रजिस्ट्रेशन? ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान से स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं-  ऑफिशियल वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाएं।  होम पेज पर उपलब्ध 'परीक्षा पे चर्चा 2026' के रजिस्ट्...

स्कूलों में दीर्घावकास और शिक्षण समय को लेकर शिक्षक संगठनों के साथ विभागीय बैठक हुई संपन्न, दीर्घावकाश पर बनी यह सहमति

दिनांक 23 अप्रैल 2026 को सचिव, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में विद्यालय समय के संदर्भ में हुई बैठक में सचिव, विद्यालयी शिक्षा द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में दीर्घावकाश के सम्बन्ध में दिनांक 24 अप्रैल 2026 को अपर निदेशक, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् उत्तराखण्ड की अध्यक्षता में प्राथमिक शिक्षक संघ एवं उत्तराखण्ड जूनियर हाई स्कल शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गयी। जिसमें निम्नांकित अधिकारियों तथा संगठन के पदाधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया- 1. श्री मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निदेशक, महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड। 2. श्री पी. के. बिष्ट, अपर निदेशक, महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड। 3. डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, प्रोफेशनल सीमैट उत्तराखण्ड। 4. श्री सवीश घिल्डियाल, प्रदेश संरक्षक, JHSS उत्तराखण्ड । 5. श्री उमेश सिंह चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, JHSS उत्तराखण्ड। 6. श्री विनोद थापा, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ उत्तराखण्ड। 7. श्री मनोज तिवारी, प्रान्तीय UPPS उत्तराखण्...

Census 2027: प्रगणक और पर्यवेक्षक (Enumerators and Supervisors) के मुख्य कार्य और दायित्व

प्रगणक (Enumerators) का मुख्य कार्य जनगणना या सर्वेक्षण के दौरान घर-घर जाकर डेटा एकत्र करना, घरों की सूची (House-listing) बनाना, नक्शा तैयार करना और मोबाइल ऐप (HLB App) के माध्यम से सटीक जानकारी दर्ज करना है। वे आवंटित क्षेत्र (Enumeration Block) में जनगणना के मकानों की नंबरिंग करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी व्यक्ति या घर गणना से न छूटे।  प्रगणक के प्रमुख कार्य प्रगणक (Enumerators) का मुख्य कार्य जनगणना या सर्वेक्षण के दौरान घर-घर जाकर डेटा एकत्र करना, घरों की सूची (House-listing) बनाना, नक्शा तैयार करना और मोबाइल ऐप (HLB App) के माध्यम से सटीक जानकारी दर्ज करना है। वे आवंटित क्षेत्र (Enumeration Block) में जनगणना के मकानों की नंबरिंग करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी व्यक्ति या घर गणना से न छूटे।  प्रगणक के प्रमुख कार्य और जिम्मेदारियां: क्षेत्र का सत्यापन (Area Verification): आवंटित एचएलबी (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक) के नक्शे का सत्यापन करना और क्षेत्र की सीमाओं को पहचानना।  नजरी नक्शा बनाना (Preparation of Layout Map): मुद्रित शीट पर घर, सड़क, गली और महत्वप...

भीषण गर्मी के कारण इस जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल कल 27 अप्रैल सोमवार को रहेंगे बंद।

भीषण गर्मी के कारण इस जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल कल 27 अप्रैल सोमवार को रहेंगे बंद।