Skip to main content

Math Circle and Science Circle के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए प्रमुख गतिविधियाँ

By- Sushil Dobhal

   प्रिय शिक्षकों और विद्यार्थियों, Math and Science Circle कार्यक्रम को लेकर आपके मन में अनेक जिज्ञासाएं हो सकती हैं। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान और समग्र शिक्षा के अंतर्गत Math Circle and Science Circle कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। कुछ शिक्षकों और छात्रों के लिए यह एक नया कार्यक्रम साबित हो सकता है। विशेषकर PM SHRI Schools में इस कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित गतिविधियों पर अनेक प्रश्न पूछे जाते हैं।  तो आईए, जानते हैं इस कार्यक्रम के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य।

    पीएम श्री स्कूलों में Math Circle and Science Circle (गणित वृत्त और विज्ञान वृत्त)   एक ऐसा कार्यक्रम है जो छात्रों में गणित और विज्ञान के प्रति रुचि जगाने, गणितीय और वैज्ञानिक कौशल  विकसित करने और इन विषयों को मजेदार तरीके से सिखाने पर केंद्रित है। इसमें विभिन्न रचनात्मक तरीकों का उपयोग करके छात्रों को गणित और विज्ञान के जटिल अवधारणाओं को समझने में मदद की जाती है। छात्र एक समूह में पहेलियाँ सुलझाते हैं, अन्वेषण करते हैं और एक-दूसरे के साथ गणित और विज्ञान के बारे में सीखते हैं, जिससे उनकी तार्किक सोच और समस्या-समाधान कौशल बेहतर होता है यह एक समूह कार्य है जिसमे इन विषयों के प्रति रुचि रखने वाले विद्यार्थी बढचढ कर प्रतिभाग करते हैं । 

मुख्य उद्देश्य: 

·         गणित और विज्ञान में रुचि बढ़ाना:

छात्रों की प्रारंभिक अवस्था में गणित के प्रति रुचि पैदा करना और उसे बढ़ाना।

·         कौशल निखारना:

छात्रों की गणित और विज्ञान में योग्यता और कौशल का विकास करना।

·         सकारात्मक दृष्टिकोण:

गणित और विज्ञान को एक मनोरंजक और आनंददायक विषय के रूप में प्रस्तुत करना।

·         समूह-आधारित गतिविधि:

छात्रों को गणित और विज्ञान पहेलियाँ सुलझाने और एक साथ गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना।

गतिविधियाँ और उपकरण:

·         वोभिन्न मोडल और TLM का उपयोग करना 

छात्रों को 3D वस्तुएँ, आकृतियाँ, निर्देशांक अक्ष, प्रायिकता किट, और विभिन्न बहुभुजों के कोणों और विज्ञान के प्रयोगात्मक अवधारणाओं को समझने में मदद करने के लिए अवसर उपलव्ध करवाना।

·         अन्वेषण और तर्क:

छात्र समूहों में गणित और विज्ञान अन्वेषणों, प्रश्नों और कार्यों में संलग्न होते हैं, जिससे उनकी तार्किक सोच और गणितीय जिज्ञासा बढ़ती है।

·         सक्रिय शिक्षा:

यह व्यावहारिक सामग्रियों के माध्यम से सक्रिय सीखने को बढ़ावा देता है, जो छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।

लाभ:

·         छात्रों की समझ:

मैथ्स सर्कल के माध्यम से छात्रों को गणित और विज्ञान अवधारणाओं की गहरी समझ विकसित करने में मदद मिलती है।

·         कौशल विकास:

यह आलोचनात्मक सोच, तार्किक तर्क और समस्या-समाधान जैसे आवश्यक संज्ञानात्मक कौशल का विकास करता है।

·         भविष्य के लिए तैयारी:

गणित और विज्ञान में अच्छी समझ और कौशल विकसित करके, यह छात्रों को भविष्य में STEM क्षेत्रों में करियर के लिए तैयार करता है। 

Math Circle and Science Circle  के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए प्रमुख गतिविधियाँ  

  • प्रत्येक कक्षा से गणित एवं विज्ञान में 2-2 विद्यार्थियों को चयनित कर गणित एवं विज्ञान क्लब का निर्माण किया जायेगा।
  • क्लब के माध्यम से कक्षावार / स्तरवार (जूनियर, सीनियर) गणित एवं विज्ञान से सम्बन्धित प्रोजेक्ट निर्माण, मॉडल निर्माण गणित व विज्ञान क्विज प्रतियोगिताएं तथा समूह प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकती हैं जिस हेतु सामग्री का क्रय विद्यालय द्वारा किया जायेगा।
  • विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाली विज्ञान प्रतियोगिताओं में चयनित विद्यालय के विद्यार्थियों के मॉडल भी सर्किल के माध्यम से समस्त छात्र-छात्राओं के लिए प्रदर्शित किये जा सकते हैं।
  • इसके अतिरिक्त गणित एवं विज्ञान विशेषज्ञों द्वारा विशिष्ट संकल्पनाओं पर कार्यशाला आयोजित की जा सकती है।
  • विषय की प्रसांगिकता को देखते हुए विशेषज्ञ को पर्याप्त समय प्रदान किया जाये।
  • Maths/science circle के अंतर्गत इस प्रकार की किसी भी सामग्री का क्रय न करें जो विद्यालय में पहले से ही उपलब्ध हो।
  • इन गतिविधियों के अंतर्गत मॉडल/प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए बाजार में निर्मित और पूर्व निर्मित मॉडल का उपयोग न किया जाय। विद्यार्थियों को मॉडल निर्माण के लिए waste material के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाय।
  • विज्ञान प्रयोगशालाओं और अटल टिंकरिंग लैब में उपलब्ध संसाधनों का भी इसके अंतर्गत उपयोग किया जा सकता है। 
  • गणित और विज्ञान क्लब में सम्मिलित सभी छात्र-छात्राओं का आगामी वर्षों हेतु डेटाबेस तैयार कर लिया जाए।
  • Maths/science circle के अंतर्गत ऐसे विद्यार्थियों और विशेष कर कक्षा 9 एवं 10 में अध्यनरत विद्यार्थियों के समूह बनाकर उन्हें कक्षा 11 में गणित/विज्ञान वर्ग के विषयों के चयन हेतु प्रेरित किया जाए।
  • Maths/science circle के अंतर्गत  क्विज प्रतियोगिताएं भी संपन्न की जा सकती हैं। जिनमें निकटवर्ती अन्य विद्यालय के विद्यार्थियों को भी प्रतिभाग करवाया जा सकता है। 
  • इस कार्यक्रम में सम्मिलित सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएं। 
  • Maths/science circle के अंतर्गत संपन्न होने वाली सभी गतिविधियों में विद्यालय स्तर पर विज्ञान वर्ग से संबंधित सभी शिक्षकों का सहयोग अवश्य लिया जाए।

Comments

Popular posts from this blog

School prayer: स्कूल के लिए 20 प्रसिद्ध प्रार्थना, जो बना देंगी विद्यार्थियों का जीवन सफल

भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है।    इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।

PPC 2026: स्कूल प्रमुख 31 दिसंबर तक सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पर चर्चा के लिए करवा लें रजिस्ट्रेशन, वरना होगी यह कार्यवाही, SCERT ने जारी किए निर्देश

  PPC 2026 Certificate will be available here from 12th January 2026 . Photographs of various PPC 2026: यहां करें रजिस्ट्रेशन Pariksha Pe Charcha 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के लोकप्रिय कार्यक्रम  Pariksha Pe Charcha 2026  परीक्षा पर चर्चा 2026 के लिए अधिकारियों द्वारा बार बार निर्देशित करने के बाद भी छात्रों का पंजीकरण न किए जाने पर SCERT उत्तराखंड द्वारा सख्त नाराजगी व्यक्त की गई है। निदेशक अकादमी शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल ने शीतकालीन अवकाशों को ध्यान में रखते हुए 31 दिसंबर तक निर्धारक लक्ष्य के अनुसार छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों का पंजीकरण करने  के निर्देश देते हुए राष्ट्रीय महत्व के इस कार्यक्रम में उदासीनता बरतने वाले विद्यालय प्रमुखों पर कार्यवाही की चेतावनी दी है।  Participate Here PPC 2026 Certificate will be available here from 12th January 2026 . Photographs of various activities   सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए  निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल ने कहा है कि परीक्षा पे चर्चा ...

Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के लिए तुरंत कर ले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, इस बार टूट जाएगा पिछला रिकॉर्ड, अब तक हो चुके हैं लाखों रजिस्ट्रेशन

Pariksha Pe Charcha 2026 Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्टूडेंट्स के संवाद के लिए परीक्षा पे चर्चा 2026 PPC 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अगर आप स्टूडेंट, पैरेंट या टीचर है और आपने अभी तक इसके लिए आवेदन नहीं किया है तो आप 11 जनवरी तक ऑफिशियल वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. यह परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण है और भारत सरकार ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू कर दी है। इसबार दो सप्ताह में ही रजिस्ट्रेशन के पिछली बार के सारे रिकॉर्ड टूट चुके है।  PPC 2026: स्कूल प्रमुख 31 दिसंबर तक सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पर चर्चा के लिए करवा लें रजिस्ट्रेशन, वरना होगी यह कार्यवाही, SCERT Uttarakhand ने जारी किए निर्देश- Pariksha Pe Charcha 2026 के लिए कैसे करवाएं रजिस्ट्रेशन? ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान से स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं-  ऑफिशियल वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाएं।  होम पेज पर उपलब्ध 'परीक्षा पे चर्चा 2026' के रजिस्ट्...