Uttarakhand Board: इंटरमीडिएट में व्यावसायिक विषयों के चयन को लेकर विद्यालय शिक्षा परिषद रामनगर के निर्देश
विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्ध हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कक्षाओं में अध्यनरत विद्यार्थियों के लिए उपयोगी खबर है। बता दें कि हाईस्कूल पास करने के बाद विद्यार्थी कक्षा ग्यारहवीं में तीन मुख्य विषयों के स्थान पर किसी भी व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विषय का चयन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए बोर्ड द्वारा पूर्व में जारी निर्देश का पत्र यहां पोस्ट किया जा रहा है।
निर्देशों के अनुसार उपरोक्त विषयक इस कार्यालय के पूर्व पत्रांकः उ०वि०शि०प०/ शोध-पाठ्य०/ इण्टर-विषय संयो०/38-43/2023-24 दिनांक 18 जुलाई, 2023 का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करेंगे, जो इण्टरमीडिएट स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा विषयों के संचालन के दृष्टिगत् पाठ्यक्रम में विहित विषय संयोजन तथा हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट के पाठ्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा विषय को सम्मिलित किये जाने विषयक शासनादेशों से सम्बन्धित था। तद्क्रम में संज्ञान में लाया जाना है कि शासनादेश संख्याः 187/xxiv-5/2014 दिनांक 22 जुलाई, 2014 के क्रम में इण्टरमीडिएट स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा विषयों को मानविकी वर्ग में सम्मिलित किया गया है।
अतः इण्टरमीडिएट स्तर पर मानविकी वर्ग हेतु व्यावसायिक शिक्षा विषय द्वितीय, तृतीय अथवा चतुर्थ मुख्य विषय के विकल्प के रूप में उपलब्ध है, जबकि वैज्ञानिक वर्ग व वाणिज्य वर्ग में व्यावसायिक शिक्षा विषय पाँचवे मुख्य विषय के विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं। अतः पत्रांकः उ०वि०शि०५०/शोध-पाठय०/ इण्टर-विषय संयो०/38-43/2023-24 दिनांक 18 जुलाई, 2023 के आलोक में वैज्ञानिक वर्ग व वाणिज्य वर्ग में व्यावसायिक शिक्षा विषयों के संचालन के दृष्टिगत् पाठ्यक्रम में विहित विषय संयोजन यथावत् रहेगा जबकि मानविकी वर्ग हेतु पाठ्यक्रम में विहित विषय संयोजन संशोधित रूप में निम्नवत् होगा (विस्तृत जानकारी हेतु शासनादेश संख्या 187/xxiv-5/2014 दिनांक 22 जुलाई, 2014 का संज्ञान लेने का कष्ट करेंगे।)-
- प्रथम विषय- हिन्दी अथवा अंग्रेजी में से कोई एक भाषा।
- द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ विषय भानविकी वर्ग के अन्तर्गत विहित विषयों, जिसमें व्यावसायिक शिक्षा विषय भी सम्मिलित हैं, में से कोई तीन विषय।
- पंचम् विषय- प्रथम विषय के रूप में ली गयी भाषा के अतिरिक्त पाठ्यक्रम में विहित कोई भी एक भाषा। अथवा
अपने वर्ग अथवा किसी अन्य वर्ग (कृषि वर्ग को छोड़कर) में विहित विकल्पों में से कोई एक विषय। अतिरिक्त एवं अनिवार्य विषय योग, आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य शिक्षा (आन्तरिक मूल्यांकन ग्रेडिंग विषय)
उपरोक्त क्रम में शेष यथावत् रहेगा। सुलभ सन्दर्भ हेतु शासनादेश संख्याः 187/xxiv-5/2014 दिनांक 22 जुलाई, 2014, संख्या: 418/xxiv-5/2017/10(1)2014 दिनांक 16 जून, 2017, संख्याः 30/xxiv-5/2018/10 (1) 2014 दिनांक 16 जनवरी, 2019 व अधि० संख्याः 475/xxiv-4/2021-01(01) 2016 दिनांक 03 मई, की छायाप्रतियां संलग्न कर प्रेषित की जा रही है।
अतः उपरोक्तानुसार आवश्यक अग्रेत्तर कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगे।

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