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SCERT Uttarakhand: अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखण्ड, देहरादून ने कौशलम कार्यक्रम के लिए जारी किए यह निर्देश, शैक्षिक सत्र 2026-27 में होगा प्रभावी क्रियान्वयन


SCERT Uttarakhand: अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखण्ड, देहरादून ने कौशलम कार्यक्रम के लिए दिशा निर्देश जारी किए है। संस्थान की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शैक्षिक सत्र 2026-27 में कौशलम कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन है। 
   राज्य के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्य और जनपद स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि उपर्युक्त विषयक निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखण्ड, देहरादून के पत्रांकः SCERT/83-91/ कौशलम् संचालन /2025-26 दिनांक 04 अप्रैल 2026 के क्रम में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखण्ड एवं उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में उत्तराखण्ड राज्य में कौशलम कार्यक्रम का संचालन वर्ष 2021 से किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य माध्यमिक स्तर (कक्षा 9 से 12) के छात्रों में उद्यमशील मानसिकता एवं 21वीं सदी के कौशलों का विकास करना है। कौशलम् कार्यक्रम छात्रों को कक्षा में अनुभवात्मक सत्रों के माध्यम से निर्मित उद्यमशील मानसिकता (Entrepreneurial Mindset) एवं 21वीं सदी के जीवन कौशलों को वास्तविक जीवन परिस्थितियों में लागू करने और अभ्यास करने पर केन्द्रित है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को किसी भी कार्यस्थल में, चाहे वह एक कंपनी हो, किसी क्षेत्र में नौकरी में हो उसका अपना उद्यम हो, अथवा पारिवारिक व्यवसाय हो, लगातार नवीनतम छोटे-छोटे प्रयोग कर व अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। कौशलम् कार्यक्रम विगत वर्षों की ही भ्रान्ति इस वर्ष भी सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों (अटल उत्कृष्ठ विद्यालयों को छोड़कर) में संचालित किया जाएगा। जिस हेतु निम्नलिखित गतिविधियाँ के अन्तर्गत कार्यवाही करना सुनिश्चित करें-

  • सर्वप्रथम विद्यालयों द्वारा कौशलम् कार्यक्रम हेतु अपनी समय सारिणी में प्रति सप्ताह दो वादन दिए जाएंगे। वादन आवंटन में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह अंतिम वादनों में न हो एवं शनिवार को न हो।
  • प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालयों में कक्षा 9, 10, 11 एवं 12 हेतु कौशलम कक्षाओं को संचालित करने के लिए समर्पित शिक्षकों का योगदान सुनिश्चित किया जाएगा। (शिक्षकों द्वारा पूर्व सत्र में जिन कक्षाओं में कौशलम् कक्षाएं ली गयी हैं उन्हें उन्हीं कक्षाओं के लिए नामित करना प्राथमिकता है, इसे परिवर्तित विशेष परिस्थिति में ही किया जाएगा)।
  • शिक्षकों हेतु कौशलम् पाठ्यचर्या को संचालित करने हेतु शिक्षक संदर्शिकाएं प्रशिक्षण के दौरान उपलब्ध करायी जाएंगी। वर्तमान में विगत वर्ष उपलब्ध करायी गयी शिक्षक संदर्शिकाओं को उपयोग में लाया जाए।
  • चूँकि यह राज्यव्यापी कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है जिसके सफल क्रियान्वयन हेतु समर्पित शिक्षकों के साथ ही विद्यालय प्रबंधन की भूमिका भी अति महत्वपूर्ण है, अतः प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापकों का ऑनलाइन/ऑफलाइन अभिमुखीकरण राज्य शैक्षिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद्, उत्तराखण्ड एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा माह अप्रैल-2026 एवं नवम्बर-2026 में किया जाएगा। जिसमें कार्यक्रम के प्रति प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापकों की भूमिकाओं के बारे में चर्चा-परिचर्चा के साथ महत्वपूर्ण सूचनाओं का साझाकरण किया जाएगा।
  • शिक्षक प्रशिक्षण इस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण अंग है, जिसके माध्यम से शिक्षकों तक पाठ्यचर्या में हुए संशोधनों, गतिविधियों एवं सम्मिलित की गयी नई अवधारणाओं के बारे में बताया जाता है, इस हेतु जनपद स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण सम्पादित किये जाएंगे, जिनका नियोजन एवं मॉनीटरिंग जनपद में डायट द्वारा किया जाएगा।
  •  कक्षा 9, 10, 11 एवं 12 हेतु कौशलम् कक्षाओं को संचालित करने के लिए समर्पित शिक्षकों के ऑनलाइन / ऑफलाइन प्रशिक्षण भी शैक्षिक सत्र आरंभ होने पर समयानुसार सम्पादित किए जाएंगे।
  • विद्यालय द्वारा नामित होने पर शिक्षकों द्वारा कार्यक्रम हेतु रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक होगा। यह रजिस्ट्रेशन प्रशिक्षण के दौरान किये जाएंगे, जिसके माध्यम से WhatsApp Al chatbot के द्वारा शिक्षकों को नई सूचनाएं देने, पाठ्यचर्या संबंधी जानकारी दी जाएगी, साथ ही कार्यक्रम की प्रगति को दर्ज करने के लिए शिक्षकों द्वारा कौशलम् प्रगति प्रपत्र (KPP) के माध्यम से सूचनाएं प्रेषित की जाएँगी। जिसके माध्यम से शिक्षक क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों एवं अपने सुझावों को भी साझा कर सकते हैं।
  • कौशलम् कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के आकलन हेतु शैक्षिक सत्र के प्रारंभ में सभी जनपदो के कुछ सैंपल विद्यालयों में बेसलाइन एवं सत्र के अंतिम भाग में एंडलाइन आकलन किये जाएंगे, जिसे सहयोगी संस्था उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा डायट समन्वयको के मार्गदर्शन में किया जाएगा।

चूँकि विगत शैक्षिक सत्र में विद्यार्थियों द्वारा कार्यक्रम क्रियान्वयन के दौरान सीखे गए कौशलों एवं उद्यमशील मानसिकताओं के प्रदर्शन हेतु जनपद एवं राज्य स्तर पर एक्सपो. का आयोजन क्रमशः अप्रैल एवं मई 2026 किया जाना है, जिस हेतु जनपद स्तर पर डायट हेतु विस्तृत दिशा निर्देश SCERT द्वारा उपलब्ध कराये गए हैं एवं आगे भी कार्यक्रम के प्रभावी आयोजन हेतु अन्य जानकारियों से अवगत कराया जाएगा।

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