जनगणनाऔर एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होते ही साइबर अपराधियों के सक्रिय होने की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड एसटीएफ ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना सर्वे के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल, मैसेज और संदिग्ध लोगों से सावधान रहें।
दरअसल, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर ऐसे कई संदेश वायरल हो रहे हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग जनगणना अधिकारी बनकर घर-घर पहुंच रहे हैं और लोगों की निजी जानकारी जुटाकर साइबर ठगी या चोरी की घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। अजय सिंह का कहना है कि भले ही कुछ संदेश भ्रामक हों लेकिन साइबर अपराधी इसी तरह के तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाते हैं। एसएसपी अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि असली जनगणना अधिकारी कभी भी बैंक डिटेल, ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम कार्ड नंबर या किसी भी प्रकार की वित्तीय जानकारी नहीं मांगते। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी भी व्यक्ति को जानकारी देने से पहले उसका पहचानपत्र अवश्य जांचें।
एसटीएफ ने यह भी साफ किया कि जनगणना प्रक्रिया में आधार कार्ड या पैन कार्ड की फोटोकॉपी जमा कराने की कोई आवश्यकता नहीं होती और न ही इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क लिया जाता है। साइबर ठग फर्जी सर्वे, संदिग्ध लिंक, मोबाइल एप और नकली वेबसाइटों के जरिये लोगों को जाल में फंसा सकते हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि साइबर अपराधी अक्सर उन्हें आसान निशाना बनाते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या व्यक्ति की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दें।

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