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अनुरोध तबादलों से सुगम दुर्गम श्रेणी हटाने की खबर से शिक्षकों में मायूसी, "समाधान निकालने का कर रहे हैं प्रयास", प्रांतीय अध्यक्ष- राम सिंह चौहान


शिक्षा विभाग में अनुरोध के आधार पर तबादलों से सुगम और दुर्गम श्रेणी को हटाने की खबर से हजारों शिक्षकों में नाराजगी और मायूसी व्याप्त हुई है। कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। दूसरी ओर राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा है कि इसका समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक शिक्षकों को लाभ मिल सके। शिक्षक नेता डॉ हेमंत पैन्यूली ने कहा है कि अनुरोध के अंतर्गत सभी श्रेणियों के ट्रांसफर करवाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। 
कानूनी पहलू को ध्यान में रखते हुए लिया यह निर्णय
   मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य के शिक्षक इस साल सुगम और दुर्गम सेवा के मानक पर अनुरोध के आधार पर तबादले के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। सुगम-दुर्गम के विषय पर एक याचिका हाईकोर्ट के विचाराधीन होने की वजह से सरकार अनुरोध की श्रेणी वाले तबादलों से भी सुगम-दुर्गम मानक को हटाने जा रही है। बुधवार को शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले तबादला ऐक्ट के तहत गठित मुख्य सचिव समिति ने विभाग को अनुरोध के आधार पर तबादले करने की अनुमति दे दी थी। लेकिन, अनुरोध के तबादलों की सात श्रेणियों में दो श्रेणियां सुगम और दुर्गम पर आधारित हैं।
तबादला एक्ट में संशोधन होगा शीघ्र जारी
    तबादला ऐक्ट के अनुसार सुगम से दुर्गम क्षेत्र में तबादले के लिए अनुरोध के आधार पर आवेदन किया जा सकता है। इसी प्रकार दुर्गम में तीन साल या पूरे सेवाकाल में 10 साल तक दुर्गम में रह चुके शिक्षक भी अनुरोध के आधार पर तबादले के पात्र होते हैं। शिक्षा सचिव ने बताया कि कार्मिक विभाग से इस विषय पर चर्चा हो चुकी है। जल्द इसका संशोधन जारी होने की संभावना है।
हाईकोर्ट में विचाराधीन है सुगम दुर्गम को लेकर यह याचिका
    सुगम और दुर्गम कोटीकरण के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका विचाराधीन होने की वजह से शिक्षा विभाग में सामान्य अनिवार्य तबादलों पर रोक है। विभाग को केवल अनुरोध के आधार पर ही तबादलों की अनुमति मिली है। बरसों से दुर्गम स्कूलों में सेवाएं दे रहे सैकड़ो शिक्षक इस बार अनुरोध के आधार पर ट्रांसफर की उम्मीद लगाए बैठे थे, जबकि कई शिक्षक सुगम से दुर्गम में स्थानांतरण के इच्छुक थे, किंतु अब शुभम और दुर्गम श्रेणियां को अनुरोध के आधार पर तबादलों की प्रक्रिया से बाहर करने के कारण उनके स्थानांतरण होने नामुमकिन हो जाएंगे। 
तो क्या केवल पांच श्रेणियों में ही हो पाएंगे शिक्षकों के ट्रांसफर
     दैनिक हिंदुस्तान सहित कुछ समाचार पत्रों में अनुरोध तबादलों से सुगम दुर्गम श्रेणी हटाने संबंधी खबर को लेकर शिक्षक सोशल मीडिया में तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रही है। शिक्षकों का कहना है कि एक वर्ष से अधिक समय होने के बावजूद भी ट्रांसफर को लेकर कोई कार्यवाही ना हो पाना अफसोस जनक है। शिक्षक डॉ हरिनंद भट्ट ने कहा है कि अनुरोध तबादलों से सुगम दुर्गम श्रेणियां को हटाने से बड़ी संख्या में शिक्षक ट्रांसफर के लिए आवेदन ही नहीं कर पाएंगे। इस स्थिति में एक्ट में उल्लिखित अनुरोध की पांच श्रेणियों के अलावा शेष शिक्षकों के स्थानांतरण कभी हो ही नहीं पायेंगे और वे उसी विद्यालय से सेवानिवृत्त होंगे, जहां वे दशकों से कार्यरत हैं।
दुर्गम स्कूलों के शिक्षकों के साथ यह कैसा अन्याय?
  राज्य में हजारों शिक्षक वर्षों से दुर्गम स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर अपनी अपनी विकट परिस्थितियों है। अनुरोध के अंतर्गत सात श्रेणियां में ट्रांसफर का प्रावधान है जिनमें से करीब 90 प्रतिशत शिक्षक सुगम से दुर्गम और दुर्गम से  सुगम में ट्रांसफर के लिए आवेदन करते हैं। अब इन दोनों श्रेणियां को स्थानांतरण प्रक्रिया से यदि बाहर रखा जाता है तो बाकी पांच श्रेणियां के अंतर्गत बहुत कम शिक्षकों के ही ट्रांसफर हो पाएंगे, और शिक्षकों को उसी स्कूल से सेवानिवृत्त होना पड़ेगा जहां वे वर्षों से कार्यरत रहे हैं।
समस्या का निकालेंगे समाधान, प्रांतीय अध्यक्ष- राम सिंह चौहान
   इस मुद्दे पर राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा है कि सुगम दुर्गम श्रेणी को अनुरोध तबादलों से बाहर करने से बड़ी संख्या में स्थानांतरण की इच्छुक शिक्षक प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा है कि राजकीय शिक्षक संघ इस संदर्भ में गंभीरता से विचार कर रहा है और जल्दी ही इसका कोई वैकल्पिक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अधिकतम शिक्षकों को ट्रांसफर का अवसर मिल सके। इस मुद्दे पर राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व मंडलीय मंत्री गढ़वाल डॉ हेमंत पैन्यूली ने कहा है कि इस प्रकरण पर तत्काल उच्च स्तर पर वार्ता की जा रही है, शीघ्र समाधान करवाते हुए सभी कैटेगरी में स्थानांतरण करवाएं जाएंगे।

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