Skip to main content

Translate करें.

SCERT उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित "स्वयं प्रभा" कार्यक्रम का 'हिमवंत' पर लें सरल ढंग से ऑनलाइन प्रशिक्षण.


   समस्त शिक्षक साथियों को मेरा नमस्कार. साथियों कोविड-19 के कारण देशभर के स्कूल कॉलेज बंद है और कक्षा कक्षों में शिक्षण फ़िलहाल नहीं हो पा रहा है. मार्च से लेकर अभी तक स्कूलों के बंद रहने से विद्यार्थियों को जो शैक्षिक क्षति हुयी है उसकी भरपाई करना बेहद कठिन कार्य है. यथासंभव सभी शिक्षक विभिन्न माध्यमों से ऑनलाइन शिक्षण के द्वारा अपने विद्यार्थियों को लाभंविंत करने का प्रयास कर रहे हैलेकिन इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्मार्टफोन आदि सुविधाओं के पहुँच सभी छात्र-छात्राओं तक न हो पाने और तकनिकी जानकारी के अभाव में यह कार्य अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है. कक्षा शिक्षण का विकल्प ऑनलाइन शिक्षण नहीं हो सकताकिन्तु हमारे सम्मुख आज जो परिस्थितियां खड़ी है उनको ध्यान में रखते हुए कोरोनाकाल में ऑनलाइन शिक्षणटेलीविजन और रेडियों जैसे संचार माध्द्वायमों द्वारा शिक्षण बेहतरीन विकल्प सवित हो सकते हैं. इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड द्वारा शैक्षिक कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए प्रसिद्द "स्वयं प्रभा चैनल" के प्रयोग हेतु राज्यभर के शिक्षकों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया है. विभिन्न जनपदों में अनेक शिक्षक यह प्रशिक्षण प्राप्त भी कर चुके है. कुछ शिक्षक मित्रों के सुझाव पर में एस.सी.ई.आर.टी. द्वारा आयोजित इस ऑनलाइन प्रशिक्षण की प्रक्रिया को बहुत सरल और संक्षिप्त ढंग से यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ. आशा है जिन शिक्षक साथियों को अभी तक यह प्रक्रिया समझ नहीं आ पा रही थी या बहुत जटिल महसूस हो रही थी उनके लिए मेरा यह प्रयास उपयोगी सावित होगा.

     स्वयं प्रभा क्या है - स्वयं प्रभा 32 DTH चैनलों का एक समूह है जो GSAT-15 उपग्रह का उपयोग करके 24X7 आधार पर उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए समर्पित है। हर दिन, कम से कम चार घंटों के लिए नई सामग्री होगी जो एक दिन में 5 बार दोहराई जाएगी, जिससे छात्रों को अपनी सुविधा का समय चुनने में मदद मिलेगी। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार की वजह से स्कूलों में  ऑनलाइन क्लासेज चल रही हैं। व्हाट्सएप व नेट के जरिए चल रही क्लासेज कई विद्यार्थियों की पहुँच से बाहर हो रही हैं। ऐसे में उन्हें राहत देने के लिए एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड ने सभी शिक्षकों और छात्र छात्राओं को स्वयं प्रभा कार्यक्रम से जोड़ने की योजना बनायी है. इस कार्यक्रम तीन चरणों में बांटा गया है. पहले चरण में समस्त शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना है. रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद दुसरे चरण में प्रशिक्षण मौड्यूल को ध्यानपूर्वक पढना है और मौड्यूल में दिए वीडियोज को देखते हुए DTH Free to home में फ्रीक्वेंसी की सेटिंग की विधा को इस तरह समझना है यह विद्यार्थियों को भी  समझायी जा सके. अंतिम चरण में विद्यार्थियों को स्वयं प्रभा कार्यक्रम की पूरी जानकारी देने और यह सुनिश्चित हो लेने के बाद कि विद्यार्थी स्वयं प्रभा कार्यक्रम से जुड़ चुके हैं, प्रशिक्षण का क्रियान्वयन करने के लिए ऑनलाइन फ़ार्म भरना है. एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित स्वयं प्रभा कार्यक्रम के ऑनलाइन प्रशिक्षण को इस प्रकार संपन्न किया जा सकता है.

ऑनलाइन प्रशिक्षण हेतु रजिस्ट्रेशन के लिए यहाँ क्लिक करें - Click Here

प्रशिक्षण के कार्यक्रम का फीडबैक देने के लिए यहाँ क्लिक करें-Click Here

ऑनलाइन प्रशिक्षण के क्रियान्वयन के लिए यहाँ क्लिक कारन- Click Here

यह भी देखें

एस.सी.ई.आर.टी.का प्रशिक्षण मोड्यूल पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें-Click Here

नोट -उपरोक्त link एस.सी.ई.आर.टी. के प्रशिक्षण मोड्यूल से लिए गए हैं.

प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन कर चुके शिक्षक यहाँ क्लिक करें-   Click Here

सुशील डोभाल, प्रवक्ता अर्थशास्त्र राइका जाखणीधार 
मुझे आशा है की इस पोस्ट के माध्यम से आपने सरलता के साथ स्वयं प्रभा कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया होगा. कृपया अपने सुझाव नीचे दिए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य दें.  Comment here


Comments

  1. चैनल नंबर 31 तो आ ही नही रहा है सर। जो बताया जा रहा है।

    ReplyDelete
    Replies
    1. नमस्कार मीनाक्षी जी, आपने यह नही बताया कि आप किस प्लेटफार्म पर चैनल नम्बर 31 तलास रही हैं?? साथ ही यह भी कहना चाहूंगा कि अपने गूगल एकाउंट के साथ login कर कमेंट करें तो मुझे जबाब देने में सुविधा होगी। धन्यवाद।

      Delete

Post a Comment

पोस्ट पर अपने उपयोगी विचार और सुझाव यहाँ कमेंट करें।

Popular posts from this blog

School prayer: स्कूल के लिए 20 प्रसिद्ध प्रार्थना, जो बना देंगी विद्यार्थियों का जीवन सफल

भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है।    इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।

Pariksha Pe Charcha 2024: PM Modi जनवरी में करेंगे परीक्षा पे चर्चा, आप भी हो सकते हैं शामिल, यहां करना होगा PPC 2024 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

Pariksha Pe Charcha 2024 Pariksha Pe Charcha 2024: देशभर के छात्रों अभिभावकों और शिक्षकों को प्रधानमंत्री मोदी के साथ परीक्षा पे चर्चा में शामिल होने का शानदार मौका मिलने वाला है जी हां, पिछले वर्ष की भांति Board Exam 2024 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर से छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ करेंगे। छात्रों से ही नहीं PM Modi अभिभावकों और शिक्षकों से भी बातें करेंगे। पीएम मोदी के बहुचर्चित कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा के 7वें संस्करण के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 11 दिसंबर 2023 से शुरू हो चुकी है.    अगर आप इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, तो आपको PPC 2024 के लिए 12 जनवरी 2024 तक ऑनलाइन रजिस्टर करना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस भारत सरकार की वेबसाइट mygov.in पर शुरू हो चुकी है। इस कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थी, उनके अभिभावक और शिक्षकों को भी PM Modi से बात करने, और सुझाव लेने का मौका मिलेगा। आइए हिमवंत के इस लेख के द्वारा समझने का प्रयास करते हैं की Pariksha Pe Charcha  यानी PPC 2024 में आप कैसे हो सकते हैं शामिल? Vivo Ignite Award 2023: वीवो इग्न...

NEP 2020: FLN क्या है और इसके क्या उद्देश्य हैं? यहां पढ़ें।

भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पेश की है जिसमें FLN नामक एक कार्यक्रम शामिल है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 3 से 8 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को भाषा और गणित की शिक्षा प्रदान करना है।  एफएलएन मिशन भारत के सभी राज्यों में शुरू किया जा रहा है और इसका लक्ष्य 2025-26 तक छोटे बच्चों के समग्र विकास में मदद करना है। यह मिशन नई शिक्षा नीति की स्किल इंडिया यानी निपुण भारत पहल का हिस्सा है।   FLN मिशन क्या है? FLN भारत सरकार की नई शिक्षा निति का एक हिस्सा है| इसे निपुण योजना के अंतर्गत लागु किया गया है और इसमें 3 वर्ष से लेकर ९ वर्ष के बच्चों का समग्र विकास करना है| FLN का उद्देश्य क्या है? FLN का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे खेल, कहानियों, तुकबंदी, गतिविधियों, स्थानीय कला, शिल्प और संगीत के माध्यम से आनंदपूर्ण तरीके से सीखें और आजीवन सीखने के लिए मजबूत नींव विकसित करें।  FLN मिशन का कार्य है बच्चो को अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा देना है| बच्चो के skill Development के ऊपर काम करना इसका उद्देश्य है| उच्च गुणवत्ता वाले technical सामान से बच्चो को उनके संस्कृति और ...

Followers

Himwant readers