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इंटर कॉलेज मंदार के प्रधानाचार्य राज्यपाल सिंह परमार के निधन से शिक्षकों में शोक की लहर।


टिहरी जिले के राजकीय इंटर कॉलेज मंदार के प्रधानाचार्य राज्यपाल सिंह परमार के आकस्मिक निधन की खबर से शिक्षकों में शोक की लहर व्याप्त है। वे पिछले कुछ दिनों से कोरोनावायरस से संक्रमित बताए जा रहे थे। शिक्षकों सहित कई संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके आकस्मिक निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है।
      टिहरी जिले के जाखणीधार विकासखंड के अंतर्गत दूरस्थ क्षेत्र  के राजकीय इंटर कॉलेज मंदार के प्रधानाचार्य राज्यपाल सिंह परमार का स्वास्थ्य बिगड़ने पर और जांच कराने पर वे कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए थे और इस समय उनका उपचार चल रहा था, किंतु तबीयत बिगड़ने और ऑक्सीजन लेवल में गिरावट आने के कारण कोरोना की जंग में वह हार गए। उनके अचानक इस तरह से चले जाने से क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। राज्यपाल सिंह परमार एक समर्पित शिक्षक होने के साथ ही पिछले लंबे समय से ही राजकीय इंटर कॉलेज मंदार में बतौर प्रधानाचार्य के पद पर नियुक्त रहने के साथ ही अनेक माध्यमिक विद्यालयों के आहरण और वितरण अधिकारी भी थे। बेहद सरल स्वभाव, मिलनसार, समाज और विद्यार्थियों के लिए समर्पित रहने के साथ ही वह एक कुशल प्रधानाचार्य थे और सैकड़ों शिक्षकों और प्रधानाचार्यो के साथ ही अनेक विभागीय अधिकारी भी उनकी कार्यशैली से प्रभावित रहते थे। उनके आकस्मिक निधन पर मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी शिव प्रसाद सेमवाल, जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक सुदर्शन सिंह बिष्ट, डायट टिहरी के प्राचार्य चेतन प्रसाद नौटियाल, जाखणीधार के खंड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह, राजकीय शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष श्याम सिंह सरियाल, जिला मंत्री लक्ष्मण सिंह रावत, ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश प्रसाद डंगवाल, ब्लॉक मंत्री रजनीश नौटियाल, ई पत्रिका हिमवंत के संपादक सुशील डोभाल, डायट टिहरी के प्रवक्ता डॉ बीर सिंह रावत, कैलाश डंगवाल, विनोद पेटवाल व  देवेंद्र सिंह भंडारी सहित अनेक लोगों ने उनके निधन को शिक्षा विभाग और टिहरी जनपद के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक संवेदनाएं प्रकट की है।

Comments

  1. बहुत दुःखद खबर है। परमार सर एक बेहतरीन इंशान होने के साथ ही समर्पित व कुशल शिक्षक व प्रधानाचार्य भी थे। उनका इस तरह चले जाना वाकई विद्यार्थियों, शिक्षकों और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके अचानक दुनिया छोड़ने पर निशब्द हूँ। ईश्वर उन्हें अपने चरणों मे स्थान दें, ॐ शांति।

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