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10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन के लिए अपर निदेशक एमएस बिष्ट ने ऑनलाइन बैठक में लिये अनुभवी शिक्षकों, प्रधानाचार्यो और अधिकारियों से सुझाव।


 

  कोविड-19 के कारण उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के रद्द होने के बाद बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन को लेकर अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल पौड़ी महावीर सिंह बिष्ट ने ऑनलाइन मीटिंग आयोजित कर अनुभवी शिक्षकों और अधिकारियों के साथ मौजूदा परिस्थितियों में बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन पर विचार विमर्श करते हुए सुझाव प्राप्त किये। उन्होंने कहा कि छात्रहितों के साथ साथ परीक्षाफल की विस्वसनीयता का भी ध्यान रखा जाना है इसलिए परीक्षाफल तैयार करने के लियी पारदर्शी मानक बनाये जाएंगे।
      उल्लेखनीय है कि कोरोनावायरस को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई और अन्य राज्यों के शिक्षा परिषदों के साथ ही उत्तराखंड बोर्ड ने भी 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन को रद्द कर दिया था और हाल ही में उत्तराखंड शासन द्वारा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के मूल्यांकन के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत एक समिति का गठन किया है। समिति को मूल्यांकन के लिए सीबीएससी  व आईसीएसई सहित अन्य शिक्षा परिषद के सम्यक मापदंडों को ध्यान में रखते हुए मानक तैयार कर 10 दिन के अंतर्गत अपनी कार्ययोजना से शासन को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल पौड़ी, महावीर सिंह बिष्ट इस समिति में सदस्य नामित हैं। परीक्षार्थियों के मूल्यांकन के लिए आज अपर निदेशक ने गढ़वाल मंडल के अनुभवी शिक्षकों, प्रधानाचार्य और अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक में मूल्यांकन पर विचार विमर्श किया। इस दौरान अनेक शिक्षकों और प्रधानाचार्यो ने बोर्ड परीक्षाफल तैयार करने के लिए बनाए गए अपने मॉड्यूल को अपर निदेशक के समक्ष प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर जनपद टिहरी गढ़वाल से सतीश जोशी व जगदंबा प्रसाद डोभाल, जनपद रुद्रप्रयाग से पंकज भट्ट व प्रधानाचार्य देवेंद्र खत्री और भगत कंडवाल आदि ने अपने गणितीय मॉडल प्रस्तुत कर मूल्यांकन के लिए निर्धारित मापदंडों को सामने रखा। बैठक में उत्तरकाशी के मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद सिमल्टी ने कहा की मूल्यांकन प्रक्रिया को जटिल बनाने से अनेक समस्याएं और विवाद पैदा होंगे। साथ ही मूल्यांकन के लिए निर्धारित किए जाने वाले मानकों को तय करते समय तकनीकी एवं विधिक प्रावधानों को भी ध्यान में रखना होगा। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन के लिए निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार नो डिटेंशन की पॉलिसी अपनाई जानी है। इस दौरान शिक्षक नरेश जमलोकी, प्रेमलता बौड़ाई, उत्तरकाशी से किरण खंडूरी और हरिद्वार से प्रधानाचार्य अनिल शर्मा द्वारा कक्षा नौ और कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षाओं को बोर्ड परीक्षाओं का मुख्य आधार बनाए जाने पर जोर दिया गया। इस दौरान अपर निदेशक श्री बिष्ट ने कहा की पौड़ी, चमोली और देहरादून के साथ ही गढ़वाल के सभी जनपदों के जो शिक्षक और अधिकारी आज बैठक में शामिल हुए उनके साथ पुनः सोमवार के 6:00 बजे से 8:00 बजे सांय तक बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहां है कि कोरोनावायरस के कारण विभाग ने अनेक शिक्षक और कर्मचारी खोए हैं। इस दौरान कोरोनावायरस के कारण असमय दिवंगत हुए शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए 1 मिनट का मौन रखा गया। अपर निदेशक ने बैठक में मौजूद शिक्षकों को कोरोना महामारी में जरूरतमंद विद्यार्थियों और आमलोगों को अपेक्षित सहयोग देने की अपील की है। बैठक में राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी, मंडल अध्यक्ष रविंद्र राणा,  मंत्री हेमंत पैन्यूली, शिक्षक सुशील डोभाल, जयदीप रावत, हरेंद्र रावत, पूनम शर्मा, राम शंकर सिंह, संदीप बिष्ट, विक्रम जोशी और योगम्बर सिंह रावत आदि मौजूद थे।

Comments

  1. कक्षा 12के परीक्षा परिणाम हेतु सुझाव-1-छात्र का कक्षा10 का परिषदीय परीक्षा का परिणाम मानक माना जाय 2-कक्षा11का वार्षिक परीक्षा बपरिणाम 3-02 नवम्बर2021से उपस्थिति कक्षा-10 हेतु-1-कक्षा 9 का परीक्षा परिणाम परिषदीय परीक्षा 2021 हेतु विषयाध्यापक द्वारा मुख्य विषयो के मूल्यांकन मे आवंटित प्राप्तांक/ग्रेडिंग 2 02नवम्बर2021 से छात्र की उपस्थिति जे एस गुसांईं रा ,इ ,का,सरमोला चमोली,

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  2. कक्ष 12हेतु-कक्षा 10के परीक्षा परिणाम आधार पर-60अंक ,कक्षा 11की वार्षिक परीक्षा पर-20अंक,02नवम्बर2020सेउपस्थिति एवं आन्तरिक मूल्यांकन पर-20 अंक, कक्षा 10 हेतु- कक्षा 9के परीक्षा परिणाम पर-60 अंक,2021परिषदीय परीक्षा हेतु मुख्य विषयो मे प्रयोगात्मक/प्रोजेक्ट/ख -20 अंक,02नवम्बर-2020उपस्थिति एवं आन्तरिक मूल्यांकन-20 अंक । जे एस गुसांईं रा इ का सरमोला चमोली

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  3. कक्षा10 हेतु कक्षा 9 के परीक्षा परिणाम तथा 12 हेतु कक्षा 11 के परीक्षा परिणाम, ऑनलाइन कक्षाओं में किए गए पठन पाठन तथा आन्तरिक मूल्यांकन को आधार बना जाना चाहिए

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