Skip to main content

Translate करें.

अपर निदेशक सीमेट शशि चौधरी ने जाखणीधार में नवप्रवेशी बच्चों का जमकर बढाया उत्साह। बच्चों के साथ बांटे अपने अनुभव और अनेक शैक्षिक उपहार।

 

 Report by Sushil Dobhal- सरकारी विद्यालयों में नामांकन दर बढ़ाने और प्रत्येक बच्चे को विद्यालय तक पहुंचाने के उद्देश्य से जनपद टिहरी गढ़वाल के सभी विद्यालयों में प्रवेश एवं स्वागतोत्सव कार्यक्रम का आज धूमधाम से आयोजन किया गया। इस मौके पर अपर निदेशक सीमेट (स्टेट एजुकेशनल मैनेजमेंट एंड ट्रेनिंग) शशि चौधरी ने विकासखंड जाखणीधार के अनेक विद्यालयों में पहुंचकर नवप्रवेशी बच्चों और उनके अभिभावकों का जमकर उत्साह बढ़ाया। उन्होंने नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ अपने अनुभव बांटते हुए उन्हें  उपहार के रूप में शैक्षिक सामग्री भी वितरित की।

     विद्यालय शिक्षा विभाग उत्तराखंड द्वारा सरकारी विद्यालयों में नामांकन दर बढ़ाने और ऐसे सभी बच्चों को स्कूल में नामांकित करने जो किसी भी विद्यालय में नामांकित नहीं है को विद्यालयों में नामांकित करवाने की मुहिम के तहत आयोजित प्रवेश एवं स्वागतोत्सव कार्यक्रम आज जनपद टिहरी गढ़वाल में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। विभाग द्वारा 1 सितंबर से 14 सितंबर तक प्रवेश उत्सव पकवाड़ा और अंत मे 15 सितंबर को नवप्रवेशी बच्चों के लिए स्वागत उत्सव कार्यक्रम का आयोजन करने के निर्देश दिए थे। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभाग द्वारा विद्यालयों के अनुश्रवण के लिए राज्य स्तरीय अधिकारियों को प्रत्येक विकास खंडों के निरीक्षण का दायित्व सौंपा गया था।  इसी क्रम में अपर निदेशक  सीमेट शशि चौधरी ने विकासखंड जाखणीधार के अनेक विद्यालयों का निरीक्षण कर नवीन प्रवेश सहित शैक्षिक गतिविधियों का अनुश्रवण किया। उन्होंने कई विद्यालयों में नवप्रवेशी बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ संवाद कर बच्चों का खूब हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को नामांकन बढ़ाने के साथ ही बच्चों के लिए विद्यालय में रोचकता का माहौल तैयार करने का आवाहन किया। स्वागत उत्सव कार्यक्रम में बतौर मुक्त अतिथि अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार में पहुंचने पर अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। विद्यालय पहुंचने पर अपर निदेशक ने प्रत्येक कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से उनकी शैक्षिक प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद कर अपना अनुभव शेयर करते हुए उनका खूब मनोबल बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार और इस विद्यालय के 5 फीडर विद्यालयों के नवप्रवेशी बच्चों को अपनी तरफ से अनेक शैक्षिक उपहार भी बांटे। स्वागत उत्सव कार्यक्रम के दौरान अपर निदेशक शशि चौधरी ने विद्यालय प्रांगण में पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने साथ लाए आंवले के पौधे का रोपण भी किया। उन्होंने विद्यालय के बच्चों से उनके द्वारा रोपे गए पौधे को हमेशा संरक्षण देने की अपील भी की। उन्होंने कहा है कि गत वर्षों में शिक्षा विभाग द्वारा चलाये गये प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के समस्त अधिकारी , शिक्षक , कार्मिक एवं अभिभावकों द्वारा दिये गये सहयोग से विभाग ने नामांकन वृद्धि में उत्साहजनक सफलता प्राप्त की है व 3 वर्ष से 18 वर्ष के समस्त बालक-बालिकाओं को नामांकित करने के साथ ही उनका विद्यालय में ठहराव सुनिश्चित किया जाना भी महत्वपूर्ण है. 

  अनुश्रवण के दौरान उन्होंने विद्यालय के समस्त अभिलेखों के साथ ही शिक्षक डायरी उपस्थिति पंजिका, संभार पंजिका, सेवा पुस्तिका आदि दस्तावेजों का भी अवलोकन किया। इस मौके पर उन्होंने अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों का भी खूब मनोबल बढ़ाया। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश प्रसाद डंगवाल और समस्त शिक्षकों को शिक्षण के साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों को समस्त कल्याणकारी और हितकारी सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के भी निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर उनके साथ खंड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह भी मौजूद रहे। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अभी कोरोना नामक बीमारी समाप्त नहीं हुई है। इसलिए सभी विद्यार्थी कोविड से बचाव के लिए सभी आवश्यक उपाय अपनाकर अपनी शिक्षा प्रारम्भ करें। उन्होंने अपर निदेशक को विकासखंड के समस्त विद्यालयों में नवप्रवेश की जानकारी दी। इस मौके पर प्रधानाचार्य दिनेश प्रसाद डंगवाल ने विद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों से अपर निदेशक सीमेट, खंड शिक्षा अधिकारी और समस्त अभिभावकों को अवगत करवाया। कार्यक्रम में एसएमसी अध्यक्ष दिनेश चंद्र, पीटीए अध्यक्ष गोविंद राम सेमवाल, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नवाकोट के प्रधान भगवती प्रसाद रतूड़ी, क्षेत्र पंचायत सदस्य बालकृष्ण रतूड़ी, विद्यालय के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों सहित फीडर विद्यालयों के शिक्षक भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन विद्यालय के प्रवक्ता सीएस असवाल ने किया। मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी गढ़वाल शिव प्रसाद सेमवाल, जिला शिक्षा अधिकारी सुदर्शन सिंह बिष्ट तथा डायट नई टिहरी के प्राचार्य चेतन प्रसाद नौटियाल ने भी जनपद के विद्यालयों में पहुँच कर नवप्रवेशी बच्चों और उनके अभिभावकों के शुभकामनाएं दी हैं.


कमेन्ट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य पोस्ट करें.

Comments

  1. डोभाल जी आपको आज के सफल कार्यक्रम की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं आप जैसे सुयोग्य कर्मठ और पूरे जनपदों के समाचार को अपने हिमवंत के द्वारा प्रत्येक स्कूल तक पहुंचाने का जो आपने कार्य किया है इसके लिए विशेष करके मैं आपको हार्दिक बधाई धन्यवाद और आभार व्यक्त करता हूं������������������

    ReplyDelete
    Replies
    1. धन्यवाद भाई साहब। स्वागतोत्सव की आपको भी शुभकामनाएं।

      Delete
  2. अनेकों शुभकामनाएं, सुंदर विश्लेषण... डोभाल जी.....

    ReplyDelete
    Replies
    1. बेहतरीन मार्गदर्शन के लिए आपका आभार व धन्यवाद सर।

      Delete

Post a Comment

पोस्ट पर अपने उपयोगी विचार और सुझाव यहाँ कमेंट करें।

Popular posts from this blog

School prayer: स्कूल के लिए 20 प्रसिद्ध प्रार्थना, जो बना देंगी विद्यार्थियों का जीवन सफल

भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है।    इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।

Pariksha Pe Charcha 2024: PM Modi जनवरी में करेंगे परीक्षा पे चर्चा, आप भी हो सकते हैं शामिल, यहां करना होगा PPC 2024 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

Pariksha Pe Charcha 2024 Pariksha Pe Charcha 2024: देशभर के छात्रों अभिभावकों और शिक्षकों को प्रधानमंत्री मोदी के साथ परीक्षा पे चर्चा में शामिल होने का शानदार मौका मिलने वाला है जी हां, पिछले वर्ष की भांति Board Exam 2024 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर से छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ करेंगे। छात्रों से ही नहीं PM Modi अभिभावकों और शिक्षकों से भी बातें करेंगे। पीएम मोदी के बहुचर्चित कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा के 7वें संस्करण के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 11 दिसंबर 2023 से शुरू हो चुकी है.    अगर आप इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, तो आपको PPC 2024 के लिए 12 जनवरी 2024 तक ऑनलाइन रजिस्टर करना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस भारत सरकार की वेबसाइट mygov.in पर शुरू हो चुकी है। इस कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थी, उनके अभिभावक और शिक्षकों को भी PM Modi से बात करने, और सुझाव लेने का मौका मिलेगा। आइए हिमवंत के इस लेख के द्वारा समझने का प्रयास करते हैं की Pariksha Pe Charcha  यानी PPC 2024 में आप कैसे हो सकते हैं शामिल? Vivo Ignite Award 2023: वीवो इग्न...

NEP 2020: FLN क्या है और इसके क्या उद्देश्य हैं? यहां पढ़ें।

भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पेश की है जिसमें FLN नामक एक कार्यक्रम शामिल है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 3 से 8 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को भाषा और गणित की शिक्षा प्रदान करना है।  एफएलएन मिशन भारत के सभी राज्यों में शुरू किया जा रहा है और इसका लक्ष्य 2025-26 तक छोटे बच्चों के समग्र विकास में मदद करना है। यह मिशन नई शिक्षा नीति की स्किल इंडिया यानी निपुण भारत पहल का हिस्सा है।   FLN मिशन क्या है? FLN भारत सरकार की नई शिक्षा निति का एक हिस्सा है| इसे निपुण योजना के अंतर्गत लागु किया गया है और इसमें 3 वर्ष से लेकर ९ वर्ष के बच्चों का समग्र विकास करना है| FLN का उद्देश्य क्या है? FLN का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे खेल, कहानियों, तुकबंदी, गतिविधियों, स्थानीय कला, शिल्प और संगीत के माध्यम से आनंदपूर्ण तरीके से सीखें और आजीवन सीखने के लिए मजबूत नींव विकसित करें।  FLN मिशन का कार्य है बच्चो को अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा देना है| बच्चो के skill Development के ऊपर काम करना इसका उद्देश्य है| उच्च गुणवत्ता वाले technical सामान से बच्चो को उनके संस्कृति और ...

Followers

Himwant readers