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Uttarakhand Board: के मूल्यांकन पैटर्न मैं हुआ बड़ा बदलाव, अब सभी विषयों में होगा 20 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन

 Uttarakhand Board of Education: उत्तराखंड बोर्ड के परीक्षार्थियों के लिए सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन अब सीबीएसई पैटर्न पर किया जाएगा। अब सभी विषयों में बोर्ड परीक्षा के साथ ही आंतरिक मूल्यांकन के अंक भी जुड़ेंगे। इससे परीक्षार्थियों के अंको का स्कोर बढ़ना तय है।

     देर में ही सही लेकिन उत्तराखंड बोर्ड अब मूल्यांकन को लेकर सीबीएसई की राह पर चल पड़ा है। विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से सम्बद्ध सभी माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन पैटर्न में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब हाईस्कूल और इंटर बोर्ड परीक्षा में भाषा सहित सभी विषयों में 20 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन होगा। जबकि बोर्ड की लिखित परीक्षा 80 अंकों की होगी।

   इंटरमीडिएट में पहले से 30 अंकों के प्रयोगात्मक मूल्यांकन को भी अब विभाजित कर दिया गया है इसमें अब 15 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन होगा जबकि 15 अंकों का बाया परीक्षक द्वारा प्रयोगात्मक पूजन किया जाएगा। सीबीएसई और अन्य राज्यों के शिक्षा बोर्डों में यह व्यवस्था कई वर्षों से चली आ रही है। इस अंतर के कारण सीबीएसई और अन्य शिक्षा बोर्ड की तुलना में उत्तराखंड बोर्ड के परीक्षार्थी अंकों के मामले में काफी पीछे रह जाते थे। अब सभी विषयों में 20 अंकों के आंतरिक मूल्यांकन के लाभ मिलने से बोर्ड परीक्षा में बच्चों के अंकों का स्कोर बढ़ना तय माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार यह बदलाव काफी पहले कर लिया जाना चाहिए था। उत्तराखंड बोर्ड से संबद्ध सभी सरकारी, सहायताप्राप्त अशासकीय और निजी विद्यालयों में पाठ्यक्रम तो सीबीएसई के अनुसार बहुत पहले ही लागू किया जा चुका है। बोर्ड एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई करा रहा है। इसके बावजूद बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा के मूल्यांकन का तरीका सीबीएसई के अनुसार लागू नहीं किया गया था। इसे पुराने उत्तर प्रदेश बोर्ड के आधार पर ही क्रियान्वित किया जा रहा था। अब राज्य मंत्रिमंडल ने सीबीएसई पैटर्न पर बोर्ड परीक्षाओं का मूल्यांकन कराने को स्वीकृति दी है।

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