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School Education Uttarakhand: टिहरी जिले के प्रतापनगर क्षेत्र के इस विद्यालय में गणित शिक्षक को विभाग ने किया बर्खास्त,


   जनपद टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर क्षेत्र के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओनालगांव भदूरा में सहायक अध्यापक एलटी गणित विषय के पद पर नियुक्त शिक्षक धनवेश सिंह राठी की लंबे समय से विद्यालय से अनुपस्थित रहने पर विभाग द्वारा सेवाएं समाप्त कर दी गई है। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल महावीर सिंह बिष्ट ने संबंधित शिक्षक की बर्खास्तगी के आदेश जारी किए हैं।

     उत्तराखंड के राजकीय विद्यालयों में विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण में अनेक बार शिक्षकों की अनुपस्थिति के मामले सामने आते रहे हैं। विभागीय नियमों के मुताबिक किसी भी शिक्षक और कर्मचारी को किसी भी प्रकार के अवकाश उपभोग के लिए संस्थाध्यक्ष से पूर्व अनुमति के साथ ही मुख्यालय छोड़ने की भी इजाजत लेने का प्रावधान है। लेकिन अनेक शिक्षक और कर्मचारी विभागीय नियमों को ताक पर रख देते हैं। ऐसा ही एक मामला टिहरी जिले के प्रतापनगर क्षेत्र के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओनालगांव भदूरा से प्रकाश में आया है। यहां सहायक अध्यापक एलटी गणित विषय के पद पर नियुक्त नारसन हरिद्वार निवासी शिक्षक धनवेश कुमार राठी की लंबे समय से विद्यालय से अनुपस्थित रहने पर विभाग द्वारा सेवाएं समाप्त कर दी गई है। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल महावीर सिंह बिष्ट ने संबंधित शिक्षक की बर्खास्तगी के आदेश जारी किए हैं। 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित शिक्षक 1 फरवरी 2019 से लगातार अनुपस्थित था। प्रधानाचार्य सहित विभागीय उच्चाधिकारियों द्वारा अनेक बार शिक्षक धनवेश कुमार राठी को अपने कार्यस्थल विद्यालय पर तैनाती के निर्देश दिए, किंतु शिक्षक द्वारा न तो विद्यालय में वापस कार्यभार ग्रहण किया गया और न हीं अपनी अनुपस्थिति पर प्राप्त विभागीय नोटिस का जवाब दिया। उत्तराखण्ड वित्तीय हस्त पुस्तिका खण्ड 2 (भाग 2 से 4 ) (संशोधन) नियमावली 2020 के मूल नियम 18 (1) के अन्तर्गत अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर विभाग ने शिक्षक की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। समझने वाली बात है कि गणित जैसे महत्वपूर्ण विषय का शिक्षक विद्यालय से लगातार तीन-चार वर्षों तक अनुपस्थित रहा। इस दौरान पद रिक्त भी न होने के कारण गणित विषय के पद पर किसी अन्य शिक्षक की तैनाती भी नहीं हो सकी। सोचने वाली बात है कि इन वर्षों में इस विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की गणित शिक्षण की क्षति की भरपाई किस प्रकार हो पाई होगी?




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