Skip to main content

Translate करें.

'अपणू स्कूल-अपणू प्रमाण' कार्यक्रम के तहत 10वी से 12वीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के स्कूल में बनेंगे आय, जाती और स्थायी प्रमाण-पत्र, टिहरी जिला प्रशासन का अभिनव प्रयास


 जनपद टिहरी के मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार ने आज जिला कलेक्ट्रेट सभागार नई टिहरी में "अपणू स्कूल अपणू प्रमाण” एक नवीन प्रयास के तहत बैठक लेते हुए जनपद के समस्त एसडीएम को निर्देशित किया कि जनपद के सभी स्कूलों में 10वीं 11वीं एवं 12वीं के सभी बच्चों के आय, जाति, स्थायी निवास एवं पर्वतीय प्रमाण पत्र तैयार कर उन्हें उपलब्ध करवाए जाय। उन्होंने कहा कि यह कार्य मिशन मोड में किया जाना है।

 "अपणू स्कूल अपणू प्रमाण" एक नवीन प्रयास के तहत जनपद में 10वी  से 12वीं तक अध्ययनरत छात्रों को स्कूल में ही सभी तरह के आवश्यक प्रमाण पत्र उपलव्ध करवाये जा रहे हैं।  इस कार्यक्रम के तहत स्कूलों में ही बच्चों को आय, जाति, स्थायी निवास एवं पर्वतीय प्रमाण पत्र निर्गत किये गये, जिसकी प्रंशसा मुख्यमंत्री द्वारा आईएस वीक में की गई और इसका अनुकरण अब अन्य जनपद भी कर रहे हैं। इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अधिक छात्रसंख्या वाले स्कूलों की रिपोर्ट एसडीएम को तत्काल उपलब्ध करायें, इसमें सरकारी अनुदान प्राप्त विद्यालयों को भी लेना सुनिश्चित करें। खण्ड विकास अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को इस संबंध में प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिये गये। सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया कि स्कूलों में प्रतिदिन कैम्प लगाकर प्रमाण पत्र निर्गत करना सुनिश्चित करें तथा प्रतिदिन की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। कहा कि शासन-प्रशासन स्तर से इसकी नियमित समीक्षा की जायेगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने अवगत कराया कि एक जनवरी से 14 जनवरी, 2023 तक बच्चों का शरदकालीन अवकाश होगा। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि दो रोस्टर तैयार कर लें, एक 31 दिसम्बर, 2022 तक का तथा एक 14 जनवरी, 2023 के बाद का।

    बैठक एडीएम रामजी शरण शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक वी.के. ढौंडियाल उपस्थित रहे, जबकि एसडीएम धनोल्टी लक्ष्मीराज चौहान, घनसाली के. एन. गोस्वामी, नरेन्द्रनगर देवेन्द्र नेगी, तहसीलदार कीर्तिनगर सुनील राज सहित अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

Comments

Popular posts from this blog

School prayer: स्कूल के लिए 20 प्रसिद्ध प्रार्थना, जो बना देंगी विद्यार्थियों का जीवन सफल

भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है।    इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।

Pariksha Pe Charcha 2024: PM Modi जनवरी में करेंगे परीक्षा पे चर्चा, आप भी हो सकते हैं शामिल, यहां करना होगा PPC 2024 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

Pariksha Pe Charcha 2024 Pariksha Pe Charcha 2024: देशभर के छात्रों अभिभावकों और शिक्षकों को प्रधानमंत्री मोदी के साथ परीक्षा पे चर्चा में शामिल होने का शानदार मौका मिलने वाला है जी हां, पिछले वर्ष की भांति Board Exam 2024 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर से छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ करेंगे। छात्रों से ही नहीं PM Modi अभिभावकों और शिक्षकों से भी बातें करेंगे। पीएम मोदी के बहुचर्चित कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा के 7वें संस्करण के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 11 दिसंबर 2023 से शुरू हो चुकी है.    अगर आप इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, तो आपको PPC 2024 के लिए 12 जनवरी 2024 तक ऑनलाइन रजिस्टर करना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस भारत सरकार की वेबसाइट mygov.in पर शुरू हो चुकी है। इस कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थी, उनके अभिभावक और शिक्षकों को भी PM Modi से बात करने, और सुझाव लेने का मौका मिलेगा। आइए हिमवंत के इस लेख के द्वारा समझने का प्रयास करते हैं की Pariksha Pe Charcha  यानी PPC 2024 में आप कैसे हो सकते हैं शामिल? Vivo Ignite Award 2023: वीवो इग्न...

NEP 2020: FLN क्या है और इसके क्या उद्देश्य हैं? यहां पढ़ें।

भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पेश की है जिसमें FLN नामक एक कार्यक्रम शामिल है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 3 से 8 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को भाषा और गणित की शिक्षा प्रदान करना है।  एफएलएन मिशन भारत के सभी राज्यों में शुरू किया जा रहा है और इसका लक्ष्य 2025-26 तक छोटे बच्चों के समग्र विकास में मदद करना है। यह मिशन नई शिक्षा नीति की स्किल इंडिया यानी निपुण भारत पहल का हिस्सा है।   FLN मिशन क्या है? FLN भारत सरकार की नई शिक्षा निति का एक हिस्सा है| इसे निपुण योजना के अंतर्गत लागु किया गया है और इसमें 3 वर्ष से लेकर ९ वर्ष के बच्चों का समग्र विकास करना है| FLN का उद्देश्य क्या है? FLN का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे खेल, कहानियों, तुकबंदी, गतिविधियों, स्थानीय कला, शिल्प और संगीत के माध्यम से आनंदपूर्ण तरीके से सीखें और आजीवन सीखने के लिए मजबूत नींव विकसित करें।  FLN मिशन का कार्य है बच्चो को अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा देना है| बच्चो के skill Development के ऊपर काम करना इसका उद्देश्य है| उच्च गुणवत्ता वाले technical सामान से बच्चो को उनके संस्कृति और ...

Followers

Himwant readers