Skip to main content

Translate करें.

INSPIRE Award DLEPC: 22 व 23 दिसम्बर को नरेंद्रनगर में आयोजित होगी Inspire Award DLEPC, टिहरी जिले के 228 चयनित छात्र-छात्राओं के साथ गतवर्ष राज्य के लिए चयनित बाल वैज्ञानिकों को भी किया जाएगा सम्मानित

 

District Level Exhibition and Project Competition, DLEPC

  इंस्पायर अवार्ड योजना के अंतर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल से विद्यालय स्तर पर चयनित बाल वैज्ञानिकों के लिए DLEPC (District Level Exhibition and Project Competition) का आयोजन 22 व 23 दिसम्बर को नरेंद्रनगर में किया जाएग।  उक्त आशय की जानकारी इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के जिला संयोजक अलख नारायण दुबे ने कहा है कि इस कार्यक्रम में टिहरी जिले की विभिन्न विद्यालयों में कक्षा 6 से 10 तक अध्ययनरत और इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय स्तर पर चयनित 228 छात्र-छात्राओं द्वारा अपने मॉडल और प्रोजेक्ट प्रदर्शनी में प्रस्तुत किए जाएंगे। प्रतिभागी छात्र-छात्राओं के साथ ही शैक्षिक सत्र 20-21 में जनपद से राज्य के लिए चयनित हुए सभी बाल वैज्ञानिकों को भी इस कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल से विद्यालय सर पर चयनित बाल वैज्ञानिकों के लिये DLEPC (District Level Exhibition and Project Competition) का आयोजन पूर्व में 19 एवं 20 नवंबर को प्रस्तावित था, किंतु 20 नवंबर को NMMSS छात्रवृत्ति परीक्षा और 23 से 26 नवंबर तक राज्य स्तरीय विज्ञान महोत्सव को ध्यान में रखते हुए इंस्पायर अवार्ड मानक DLEPC को स्थगित किया गया था। इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम के जिला संयोजक अलख नारायण दुबे ने कहा है कि इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय स्तर पर चयनित बाल वैज्ञानिकों का प्रति वर्ष की भांति जनपद स्तरीय प्रदर्शनी और मॉडल प्रतियोगिता अब 22 व 23 दिसंबर को नरेंद्रनगर में आयोजित किया जाएगा। जनपद की टीम ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली है। उन्होंने जनपद के सभी विकासखंडों से चयनित छात्र-छात्राओं और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को इंस्पायर अवार्ड योजना के अंतर्गत पंजीकृत अपने मॉडल और प्रोजेक्ट आदि तैयार करते हुए आगामी DLEPC (District Level Exhibition and Project Competition) में प्रतिभाग की अपील की है।
    टिहरी जिले से इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के अंतर्गत इस वर्ष 228 बाल वैज्ञानिकों की आइडियाज का चयन हुआ है सभी चयनित छात्र छात्राओं को भारत सरकार द्वारा मॉडल और परियोजना कार्य के लिए 10 ₹10000 की अवार्ड राशि बैंक खातों के माध्यम से भेजी गई है इस रकम से बच्चों को DLEPC के लिए मॉडल और प्रोजेक्ट तैयार कर अपने मार्गदर्शक शिक्षको के साथ प्रदर्शनी में निर्णायकों के सम्मुख प्रस्तुत करना है। प्रदर्शनी में सर्वश्रेष्ठ 10% मॉडल्स का राज्य के लिए चयन किया जाएगा।
गत वर्ष राज्य के लिए चयनित हुए बाल वैज्ञानिकों को किया जाएगा सम्मानित
शैक्षिक सत्र 2020 21 में कोरोनावायरस को ध्यान में रखते हुए DLEPC का आयोजन ऑनलाइन माध्यम में किया गया था। कार्यक्रम की समन्वयक अलग नारायण दुबे ने कहा है कि उस दौरान पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम में संपन्न होने के कारण बाल वैज्ञानिकों की उत्साहवर्धन के लिए उन्हें सम्मानित नहीं किया जा सका था। लिहाजा शैक्षिक सत्र 2020 21 में जनपद स्तरीय DLEPC में प्रतिभाग करने के बाद राज्य के लिए चयनित हुए सभी बाल वैज्ञानिकों को भी इस कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। 
अवार्ड राशि के सही उपयोग और मॉडल की गुणवत्ता पर दिया जाएगा विशेष ध्यान
डीएलपीसी में छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले मॉडल्स की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा रखा जाएगा। अक्सर देखा जाता है कि छात्र-छात्राएं बाजार में पहले से तैयार मॉडल्स और सर्किट बोर्ड आदि खरीद कर ले आते हैं और उन्हें प्रदर्शनी में प्रदर्शित कर देते हैं। कार्यक्रम के संयोजक अलख नारायण दुबे ने कहा है की निर्णायक मंडल में शामिल विशेषज्ञ शिक्षक मॉडल की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखेंगे। साथ ही इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा की भारत सरकार द्वारा छात्र-छात्राओं में विज्ञान एवं तकनीकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी गई अवार्ड राशि का संबंधित छात्र ने अपने मार्गदर्शक शिक्षक के निर्देशानुसार सही उपयोग किया है अथवा नहीं।


Comments

Post a Comment

पोस्ट पर अपने उपयोगी विचार और सुझाव यहाँ कमेंट करें।

Popular posts from this blog

School prayer: स्कूल के लिए 20 प्रसिद्ध प्रार्थना, जो बना देंगी विद्यार्थियों का जीवन सफल

भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अहम स्थान हैं। प्रत्येक कार्य के आरंभ में ईश्वर से उस कार्य की सिद्धि हेतु हम सभी प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के बाद ही सभी कार्य आरंभ किये जाते हैं. बच्चें भी जब विद्या अध्ययन के लिए विद्यालय जाते है तो पठन पाठन से पूर्व वे प्रार्थना सभा में ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से मन व ह्रदय को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही यह संसार के रचयिता परम शक्ति सम्पन्न ईश्वर को धन्यवाद अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करने का भी एक माध्यम है। ईश्वर की प्रार्थना से ही मन स्थिर होता है। जिसके कारण बच्चे पढाई मे ज्यादा ध्यान लगा पाते है। सुबह की प्रर्थना आपके पूरे दिन को सकारत्मक बनाती है, ऐसा माना जाता है कि प्रार्थना किसी ‘महान शक्ति’ से सम्बन्ध जोड़ने का एक उचित माध्यम है।    इस लेख मे हम भारत के अधिकांश विद्यालयो मे आयोजित होने वाली इन 20 प्रार्थनाओं पर नजर डालेंगे। स्कूलों के लिए प्रर्थना का यह संकलन आपको कैसा लगा, कृपया कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव अवश्य कमेंट करें।

Pariksha Pe Charcha 2024: PM Modi जनवरी में करेंगे परीक्षा पे चर्चा, आप भी हो सकते हैं शामिल, यहां करना होगा PPC 2024 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

Pariksha Pe Charcha 2024 Pariksha Pe Charcha 2024: देशभर के छात्रों अभिभावकों और शिक्षकों को प्रधानमंत्री मोदी के साथ परीक्षा पे चर्चा में शामिल होने का शानदार मौका मिलने वाला है जी हां, पिछले वर्ष की भांति Board Exam 2024 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर से छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ करेंगे। छात्रों से ही नहीं PM Modi अभिभावकों और शिक्षकों से भी बातें करेंगे। पीएम मोदी के बहुचर्चित कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा के 7वें संस्करण के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 11 दिसंबर 2023 से शुरू हो चुकी है.    अगर आप इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, तो आपको PPC 2024 के लिए 12 जनवरी 2024 तक ऑनलाइन रजिस्टर करना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस भारत सरकार की वेबसाइट mygov.in पर शुरू हो चुकी है। इस कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थी, उनके अभिभावक और शिक्षकों को भी PM Modi से बात करने, और सुझाव लेने का मौका मिलेगा। आइए हिमवंत के इस लेख के द्वारा समझने का प्रयास करते हैं की Pariksha Pe Charcha  यानी PPC 2024 में आप कैसे हो सकते हैं शामिल? Vivo Ignite Award 2023: वीवो इग्न...

NEP 2020: FLN क्या है और इसके क्या उद्देश्य हैं? यहां पढ़ें।

भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पेश की है जिसमें FLN नामक एक कार्यक्रम शामिल है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 3 से 8 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को भाषा और गणित की शिक्षा प्रदान करना है।  एफएलएन मिशन भारत के सभी राज्यों में शुरू किया जा रहा है और इसका लक्ष्य 2025-26 तक छोटे बच्चों के समग्र विकास में मदद करना है। यह मिशन नई शिक्षा नीति की स्किल इंडिया यानी निपुण भारत पहल का हिस्सा है।   FLN मिशन क्या है? FLN भारत सरकार की नई शिक्षा निति का एक हिस्सा है| इसे निपुण योजना के अंतर्गत लागु किया गया है और इसमें 3 वर्ष से लेकर ९ वर्ष के बच्चों का समग्र विकास करना है| FLN का उद्देश्य क्या है? FLN का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे खेल, कहानियों, तुकबंदी, गतिविधियों, स्थानीय कला, शिल्प और संगीत के माध्यम से आनंदपूर्ण तरीके से सीखें और आजीवन सीखने के लिए मजबूत नींव विकसित करें।  FLN मिशन का कार्य है बच्चो को अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा देना है| बच्चो के skill Development के ऊपर काम करना इसका उद्देश्य है| उच्च गुणवत्ता वाले technical सामान से बच्चो को उनके संस्कृति और ...

Followers

Himwant readers