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Retirement: 39 वर्षों की सराहनीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए शिक्षक दिनेश प्रसाद डंगवाल को विद्यालय परिवार ने दी भावभीनी विदाई, विदाई समारोह में उमड़ पड़े स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि, ढोल-दमाऊ और फूल मालाओं से सेवानिवृत्त शिक्षक का किया ऐसा सम्मान कि नम हो गई आखें

   अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार के शिक्षक और राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक संरक्षक दिनेश प्रसाद डंगवाल विद्यालयी शिक्षा विभाग में 39 साल की सराहनीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। जहां विद्यालय परिवार ने उनकी सेवानिवृत्ति पर उनका सम्मान करते हुए भावभीनी विदाई दी है वहीं इस अवसर पर अनेक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और समुदाय से जुड़े दर्जनों लोगों ने उनके कार्यों और योगदान की जमकर सराहना करते हुए विद्यालय पहुंचकर ढोल दमाऊ और फूल मालाओं से उनका जोरदार सम्मान करते हुए उन्हें शानदार विदाई दी है। 

विदाई समारोह की प्रमुख झलकियां
   राजकीय शिक्षक संघ जाखणीधार के ब्लॉक संरक्षक और अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार में सहायक अध्यापक सामान्य के पद पर कार्यरत दिनेश प्रसाद डंगवाल शिक्षा विभाग में विभिन्न विद्यालयों में 39 वर्ष की सेवाएं देने के बाद विगत 31 मार्च को सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के दौरान विद्यालय में उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं संचालित हो रही थी लिहाजा विद्यालय परिवार ने विद्यालय की परंपराओं के अनुसार आज उनके लिए लिए सम्मान एवम् विदाई समारोह आयोजित करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य चंदन सिंह असवाल ने उनके कार्यकाल के दौरान उनके द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि दिनेश प्रसाद डंगवाल न केवल एक बेहतरीन शिक्षक रहे हैं बल्कि एक शानदार सामाजिक कार्यकर्ता भी रहे हैं। उन्होंने कहा है की विद्यालय में करीब 23 सालों तक उन्होंने अपनी अविरल सेवाएं दी हैं और इस दौरान उन्होंने करीब तीन साल तक प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में भी कार्य किया है। उनके कार्य और व्यवहार का स्थानीय समुदाय में भी बड़ा प्रभाव रहा है। 

   शिक्षक दिनेश प्रसाद डंगवाल को क्षेत्र में एक लोकप्रिय शिक्षक के साथ ही एक कुशल सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी जाना जाता रहा है। समाज में अपने कार्यों और व्यवहार के कारण उन्होंने अपना व्यापक प्रभाव बनाया है। यही कारण है कि आज विद्यालय में उनकी विदाई कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उमड़ पड़े। टिहरी के विधायक किशोर उपाध्याय, मुख्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन चमोला, खंड शिक्षा अधिकारी मोनिका बम, निवर्तमान खंड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह, राजकीय शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष श्याम सिंह सरियाल, मंत्री हेमंत पैन्यूली, ब्लॉक अध्यक्ष रजनीश नौटियाल, ब्लॉक मंत्री कुशाल सिंह बगियाल, विद्यालय परिवार के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

 इस अवसर पर सेवानिवृत्त हुए शिक्षक दिनेश प्रसाद डंगवाल ने कहा है कि विद्यालय में लंबे समय तक सेवारत रहने के कारण उनका इस विद्यालय से अटूट नाता बन गया है, और सेवानिवृत्ति के बाद भी जब कभी भी उन्हें अवसर मिलेगा वह विद्यालय पहुंचकर कुछ समय विद्यार्थियों और अपने सहकर्मी रहे शिक्षकों के साथ अवश्य बिताएंगे और सेवानिवृत्ति के बाद भी विद्यालय के विकास में अपना योगदान देते रहेंगे। उन्होंने कहा है कि एक समय में उनके विद्यार्थी रहे स्थानीय निवासियों की बच्चे भी अब इस विद्यालय से इंटरमीडिएट की परीक्षाएं दे चुके हैं। क्षेत्र के प्रत्येक घर और प्रत्येक परिवार से उन्हें हमेशा बहुत प्रेम और सम्मान मिलता रहा है। 

    विद्यालय परिवार की ओर से सेवानिवृत्त हुए शिक्षक दिनेश प्रसाद डंगवाल को विदाई पत्र, स्मृति चिन्ह और शाल भेंट कर सम्मानित किया गया है। इस दौरान उनकी पत्नी और शिक्षिका सविता डंगवाल उनके पुत्र रोहित और मोहित तथा उनके बड़े भाई डीपी डंगवाल को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जेष्ठ प्रमुख जाखणीधार आसाराम थपलियाल , दिनेश चंद्र अध्यक्ष एसएमसी, विमला देवी अध्यक्ष पीटीए, दर्मियान सिंह बिष्ट प्रधानाचार्य इंटर कॉलेज अंजनीसैण, मोहन सिंह पवार प्रधानाचार्य मदन नेगी, तहसीलदार जाखणीधार गंगाराम पेटवाल, राकेश नेगी प्रवक्ता राइका अंजनीसेन, गुरुप्रसाद लसियाल व्यापार मंडल अध्यक्ष, देवी प्रसाद रतूड़ी समाजसेवी, विद्यालय के प्रवक्ता संजीव नेगी, सुशील डोभाल, कपिल देव सेमवाल, योगेश सकलानी, कपिल देव उनियाल, राजेश कुमार उपाध्याय, शिक्षक पंकज डंगवाल, दिनेश रावत, शीशराम पालीवाल, अरविंद उनाल, अरविंद बहुगुणा, शिक्षिका रेखा कंडारी, प्रीति थपलियाल, लक्ष्मी तंवर, प्रशासनिक अधिकारी मुकेश कुमार, विद्यालय के कर्मचारी शांति प्रसाद लसियाल और भजराम पेटवाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, अभिभावक और छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

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