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मजाक बनकर रह गई Uttrakhand school education portal पर मासिक परीक्षाओं के अंक अपलोड करने की प्रक्रिया

 
Uttrakhand school education portal पर मासिक परीक्षाओं के अंक अपलोड करने की प्रक्रिया मजाक बनकर रह गई। कक्षा कक्ष में विषयाध्यापकों का जितना समय शिक्षण कार्य में व्यतीत होता है उसे कई अधिक समय पोर्टल पर मासिक परीक्षाओं के अंक अपलोड करने की असफल कोशिश में बेकार हो रहा है।
   शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में जहां हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है वहां भी विभाग के इस पोर्टल पर जहां एक-एक विद्यार्थी के अंक अपलोड करने में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है वहीं दुर्गम क्षेत्र के विद्यालयों में यह काम कैसे हो पाएगा, इसकी न तो कोई पुख्ता व्यवस्था है और न की कोई प्लानिंग। अप्रैल माह से यह प्रक्रिया ऐसे ही चल रही है। यह सब तब हो रहा जब अधिकारियों से लेकर दर्जनों कर्मचारियों की एक लंबी टीम पोर्टल के काम के नाम पर देहरादून में तैनात है। मासिक परीक्षाओं की माजूदा व्यवस्था न केवल अव्यवहारिक साबित हो रही है बल्कि इससे शिक्षण भी प्रभावित हो रहा है। राजकीय शिक्षक संघ को इस मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। (सुशील डोभाल, नई टिहरी नगर उत्तराखंड)

Comments

  1. पोर्टल पर आजकल विषय ही अपलोड नही हो रहे हैं। शिक्षकों के पोर्टल में भी आगे प्रधानाचार्य की आख्या अपलोड नही हो रही है, ऐसे में कैसे कार्य होंगे। पोर्टल को देख रहे कर्मचारियों को रामनगर बोर्ड से सीख लेनी चाहिए कि किस प्रकार वह्यन कार्य त्वरित गति से होता है। खण्ड शिक्षा अधिकारियों के आदेश ऊपर से अलग कि 15 तक कार्य पूर्ण कीजिये।

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  2. सचमुच एजुकेशन पोर्टल पर मासिक परीक्षाओं के अंको को अद्यतन करना शिक्षकों के लिए एक गंभीर समस्या बन गई है

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