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उत्तराखंड में भूमि संबंधी विवादों का निस्तारण होगा सरल, राजस्व लोक अदालतों की प्रक्रिया बनेगी समयवद्ध और पारदर्शी

 
उत्तराखंड में भूमि संबंधी विवादों में जल्द ही घर बैठे आसानी से केस दर्ज कराया जा सकेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) को आम लोगों के लिए और सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए। उम्मीद की जा रही है एक महीने के भीतर ऑनलाइन केस दर्ज करने की सुविधा शुरू हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में 'राजस्व लोक अदालत' का शुभारंभकिया। सीएम ने अफसरों को केसों का समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था को अधिक सरल, सुलभ एवं प्रभावी बनाया जाए। आम जनमानस को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राजस्व लोक अदालत का आयोजन वर्षों से लंबित राजस्व विवादों के त्वरित, सार्थक समाधान के लिए किया गया है। धामी ने कहा कि राजस्व संबंधी विवाद केवल कागजी प्रक्रिया नहीं होते, बल्कि इनके पीछे किसानों की भूमि, परिवारों की आजीविका और लोगों का आत्म सम्मान जुड़ा होता है।

इस दौरान प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि राजस्व वादों का तेजी से निस्तारण किया जाएगा। पूरे बैकलाग को युद्ध स्तर पर निस्तारित किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारिया को निर्देश दिए किसभी राजस्व वाद को अगले एक माह में प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें। इस अवसर पर राजस्व सचिव रंजना राजगुरु भी उपस्थित रहीं।

विरासत पर तुरंत मिलेगा वारिसाना हकः अविवादित विरासत के मामलों में भू-स्वामी की मृत्यु के बादपरिवार को तेरहवीं, पीपलपानी पर ही नई खतौनी मिल जाएगी। तय समय पर म्यूटेशन केस निस्तारित करने होंगे।

मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि अविवादित विरासत के मामलों में भू-स्वामी की मृत्यु के बाद ही तय समय पर कार्रवाई की जाए। निर्धारित समयसीमा के भीतर नामांतरण सुनिश्चित किया जाए। मृतक की तेहरवी, पीपलपानी तक वारिसों के नाम नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कर नई खतौनी परिवार को उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने विवादित भूमि की पैमाइश और कब्जों से संबंधित मामलों को एक माह के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए। मालूम हो कि डीएम नैनीताल ललित मोहन रयाल मॉडल ने नैनीताल में यह प्रयोग शुरू किया था।

यूं दर्ज होंगे ऑन लाइन केस
राजस्व विभाग के आरसीसीएमएस पोर्टल ऑनलाइन केस दर्ज कराया जा सकेगा। पोर्टल पर इसके लिए अगल विंडो होगी। संबंधित व्यक्ति को आवेदन को खसरा, खतौनी के विवरण के साथ संबंधित कोर्ट चुनते हुए अपलोड करना होगा। कोर्ट के पेशकार इसकी जांच करेंगे। दस्तावेज पूरे होने पर आवेदक को सूचना और वाद फीस के भुगतान का लिंक भेजा जाएगा। दस्तावेज पूरे न होने पर यदि केस स्वीकृत नहीं होता तो आवेदन को उसे अपडेट करने के लिए भी सूचित किया जाएगा।
लोक अदालतों में तुरंत होगा केस का निस्तारण
सीएम ने कहा कि 'न्याय आपके द्वार' की अवधारणा को साकार करते हुए प्रदेश के सभी 13 जनपदों में 210 स्थानों पर एक साथ राजस्व लोक अदालत का आयोजन होगा। इनमें लगभग 6,933 मामलों का तुरंत निस्तारण होगा। इनमें भूमि, आबकारी, खाद्य, स्टांप, सरफेसी एक्ट, गुंडा एक्ट, सीआरपीसी, विद्युत अधिनियम, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम एवं रेंट कंट्रोल एक्ट से संबंधित मामलों का भी समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण होगा।


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