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सीसीआरटी नई दिल्ली और विद्यालयी शिक्षा विभाग उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में "शिक्षा में नाट्यकला" विषय पर पाँच दिवसीय कार्यशाला जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी में हुई शुरू


Himwant Live News: सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र (CCRT New Delhi) संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं विद्यालयी शिक्षा विभाग उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) नई टिहरी में सेवारत शिक्षकों की पांच दिवसीय कार्यशाला बृहस्पतिवार को आरंभ हुई है। कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि और हाल ही में सेवानिवृत्त अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा है कि शिक्षण में नाट्यकला का उपयोग करते हुए बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने अपने संबोधन में अनेक रोचक तथ्य प्रस्तुत किए। यह कार्यशाला दिनांक 7 मई से 11 मई 2026 तक आयोजित की जा रही है, जिसमें जनपद टिहरी गढ़वाल के विभिन्न राजकीय विद्यालयों से 90 से अधिक सेवारत शिक्षक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।

   जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी के सभागार में बृहस्पतिवार को सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र नई दिल्ली (CCRT) संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं विद्यालयी शिक्षा विभाग उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में "शिक्षण में नाट्यकला" विषय पर आधारित पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नाट्यकला के माध्यम से शिक्षण को अधिक प्रभावी, रचनात्मक एवं रोचक बनाने की तकनीकों से परिचित कराना है, ताकि विद्यालयों में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए कला-आधारित शिक्षण पद्धतियों का समुचित उपयोग किया जा सके। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को अभिनय, अभिव्यक्ति, संवाद शैली व नाट्यकला के माध्यम से शिक्षण के विविध आयामों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
   कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि और हाल ही में सेवानिवृत हुए उत्तराखंड के लोकप्रिय शिक्षा अधिकारी व अपर निदेशक गढ़वाल मंडल शिव प्रसाद सेमवाल, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी बीपी सिंह, डायट प्राचार्य दीपक रतूड़ी, सीसीआरटी नई दिल्ली के फील्ड ऑफिसर देवराज मेघवाल, विनोद कुमार, और कार्यक्रम के संयोजक डॉ. वीर सिंह रावत की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलित करते हुए हुआ। इस अवसर पर संस्थान के डीएलएड प्रशिक्षुओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ रोचक ढंग से स्वागत गीत प्रस्तुत किया। 
   इस अवसर पर मुख्य अतिथि अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा (सेवानिवृत्ति) शिव प्रसाद सेमवाल ने जीवन के हर क्षेत्र को रंगमंच से जोड़ते हुए अनेक रोचक जानकारियां प्रतिभागियों की सामने रखी। उन्होंने कहा है कि कक्षाकक्ष भी एक रंगमंच के समान है प्रत्येक बच्चे में अनेक अभिनय कौशल देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा है कि कक्षाकक्ष में नाट्यकला के माध्यम से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। 
  इस मौके पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी वीपी सिंह ने सभी प्रतिभागी शिक्षकों से कार्यशाला में आयोजित होने वाली गतिविधियों में गंभीरता से प्रतिभाग करने और प्राप्त अनुभव का कक्षा कक्ष में इस्तेमाल करने की अपील की है। इस अवसर पर सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र (CCRT) नई दिल्ली के फील्ड ऑफिसर देवराज मेघवाल और विनोद कुमार ने संस्थान के बारे में विस्तार से प्रतिभागियों को जानकारी दी। कार्यशाला के प्रथम दिन डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन अलख नारायण दुबे और रामाश्रय सिंह ने सीसीआरटी के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी देते हुए स्कूली शिक्षा में इसके योगदान से अवगत कराया गया। डीआरपी आलोक नारायण दुबे ने शिक्षण में रंगमंच का योगदान, अभिनय के प्रकार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में नाट्यकला की प्रावधान पर विस्तृत जानकारी दी गई। 
   कार्यक्रम के दौरान डाइट टिहरी गढ़वाल के विद्यार्थियों द्वारा उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति पर आधारित अनेक  सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर डायट प्राचार्य दीपक रतूड़ी, कार्यशाला के संयोजक डॉ. वीर सिंह रावत, राजेंद्र प्रसाद बडोनी, सीमा शर्मा, अनिल कुकरेती, सुशील डोभाल, रणजीत पंवार, मंगल सिंह रावत, सुमन डोभाल और प्रेम प्रकाश जोशी सहित कई शिक्षक मौजूद रहे। 
रिपोर्ट- सुशील डोभाल 
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