टिहरी में मेडिकल कॉलेज स्थान परिवर्तन के खिलाफ भारी जनाक्रोश, 31 जुलाई को जिला मुख्यालय में होगा विशाल जन-आंदोलन
टिहरी जिला मुख्यालय के लिए घोषित मेडिकल कॉलेज को अन्यत्र स्थानांतरित करने की चर्चाओं के बाद जिले में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और नागरिक संगठनों ने एकजुट होकर 'टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संयुक्त संघर्ष समिति' का गठन किया है। समिति ने 31 जुलाई को जिला कार्यालय के बाहर एक विशाल प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है और जनता से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
टिहरी जिला मुख्यालय के लिए घोषित मेडिकल कॉलेज को अन्यत्र स्थानांतरित करने की चर्चाओं के बाद जिले में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और नागरिक संगठनों ने एकजुट होकर 'टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संयुक्त संघर्ष समिति' का गठन किया है। समिति ने 31 जुलाई को जिला कार्यालय के बाहर एक विशाल प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है और जनता से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
नई टिहरी के सुमन पार्क में आयोजित एक प्रेस वार्ता में समिति के पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि टिहरी के लिए मेडिकल कॉलेज की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। ऐसे में इसे किसी अन्य स्थान पर ले जाने की चर्चाएं क्षेत्रवासियों के साथ अन्यायपूर्ण हैं।
पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि मेडिकल कॉलेज सिर्फ एक स्वास्थ्य संस्थान नहीं है। यह पूरे जिले के विकास, शिक्षा, रोजगार के अवसरों और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
संघर्ष समिति के संयोजक डॉ. राकेश भूषण गोदियाल ने स्पष्ट किया कि टिहरी के लिए घोषित मेडिकल कॉलेज को कहीं और स्थानांतरित करने का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। उन्होंने इसे किसी व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे टिहरी जिले के सम्मान और अधिकार की लड़ाई बताया। डॉ. गोदियाल ने 31 जुलाई को होने वाले प्रदर्शन में लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
समिति के संरक्षक और नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने कहा कि टिहरी बांध के निर्माण के लिए जिले के लोगों ने अपने घर, जमीन और आजीविका का बलिदान दिया है। ऐसे में जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना टिहरी की जनता का अधिकार है।
रावत ने मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में जिले के अस्पताल विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक सुविधाओं के अभाव में केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। उनके अनुसार, मेडिकल कॉलेज बनने से गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा और उन्हें देहरादून या अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर गठित 'टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संयुक्त संघर्ष समिति' में डॉ. राकेश भूषण गोदियाल को संयोजक, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत को संरक्षक, व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवान सिंह रावत को सह-संयोजक तथा नरोत्तम जबरमोला को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
प्रेस वार्ता में भगवान सिंह रावत, कमल सिंह महर, शिवराज सिंह सजवाण, गंगा भगत सिंह नेगी, डॉ. उमेद सिंह नेगी, देवेंद्र नौडियाल, नवीन सेमवाल, लखवीर चौहान, राहुल बुटोला, मनोज चमोली, संदीप रावत सहित कई सामाजिक, व्यापारी एवं नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


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