उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ की इंजीनियर्स संघ में हुई प्रांतीय बैठक में वक्ताओं ने स्थानांतरण अधिनियम में सुगम, दुर्गम के अलावा अति दुर्गम श्रेणी को जोड़ने की मांग की है। संघ ने कहा कि नियमानुसार हुए तबादलों में किसी भी स्तर से कोई प्रशासनिक या अन्य हस्तक्षेप न हो, साथ ही स्थानांतरण के बाद किसी भी दशा में उनको निरस्त न किया जाए।
प्रांतीय अध्यक्ष सीडी सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इंजीनियरों ने कहा कि ई-डीपीआर तैयार करने के लिए अभियंताओं को लैपटॉप उपलब्ध कराया जाए। विभागीय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति को सुचारु रूप से बनाए रखने के लिए मानकानुसार पर्याप्त संख्या में मेट व बेलदार उपलब्ध कराए जाएं। पुरानी पेंशन योजना को प्रदेश के समस्त कार्मिक के लिए लागू की जाए। वक्ताओं ने कहा कि विभागीय यंत्र संयंत्रों के संचालन के लिए चालकों के पद सृजित किए जाएं।
साथ ही जेई को सेवाकाल में तीन अनिवार्य पदोन्नति दी जाए। वक्ताओं ने जांच को लेकर भी बात रखी, उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में प्रशासनिक हस्तक्षेप पर रोक लगाई जाए और विभागीय कार्यों की जांच गैर तकनीकी अधिकारियों से न कराई जाए। बैठक का संचालन प्रांतीय महामंत्री अरविंद प्रताप सिंह ने किया। बैठक में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष आरसी शर्मा, पदाधिकारी विनोद कुमार सनवाल आदि मौजूद रहे।
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